भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर मामला : पटना हाईकोर्ट में पुलिस एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराने हेतु हुई याचिका दायर
Patna : पटना हाईकोर्ट में भोजपुर जिले के शाहपुर थाने के अंतर्गत युवक भरत भूषण तिवारी के तथाकथित पुलिस एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराने के लिए एक जनहित याचिका दायर की गयी है. अधिवक्ता मुकेश कुमार ने इस मामले की जांच एवं दोषी पुलिस पदाधिकारी,जिन्हें सरकारी तंत्र तथाकथित तौर पर बचा रहा,उन्हें कानूनी कटघरे में खड़ा करने हेतु एक जनहित याचिका दायर की गई है.
इस जनहित मामले की त्वरित सुनवाई के लिए उन्होंने चीफ जस्टिस मीनाक्षी मदन राय की खंडपीठ के समक्ष गुहार लगाई गई है. अधिवक्ता मुकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि पूरे घटनाक्रम में एक ओर स्थानीय पुलिस भरत तिवारी के हाथ में पिस्तौल चमकाने का वीडियो बना कर अपनी निष्क्रियता स्पष्ट रूप से दिखाया है,जिसका वीडियो आज तक सोशल मीडिया पर दौड़ रहा है.
अधिवकता मुकेश कुमार का कहना है कि न तो उसकी कोई गिरफ्तारी होती है और न कोई हथियार जब्त होता है. अचानक अगले दिन उसका तथाकथित इनकाउंटर हो जाता है. यह प्रथम दृष्टया हत्या का मामला है,जिस पर न कोई कानूनी कार्रवाई या निष्पक्ष जांच सरकारी तंत्र की तरफ से किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण को पुलिस द्वारा गोली चलाया जाना निश्चित रूप से हत्या है. इसके जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि उनके द्वारा पीआइएल दायर करने के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच का आदेश गत शनिवार को दिया,लेकिन अभी तक अधिसूचना नहीं जारी की गयी. उन्होंने पीडित परिवार के लिए सुरक्षा मुहैय्या कराने की मांग की.
गौरतलब है कि ये घटना बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर के बिलौती गांव में घटी,जहां 17 जून,2026 को एक तथाकथित पुलिस एनकाउंटर में एक युवक भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई.
युवक तिवारी के परिजनों का दावा है कि फर्जी एनकाउंटर था. उनके पास घटना के समय कोई हथियार नहीं था. उन्होंने घटना का विरोध किया,पुलिस ने भरत भूषण तिवारी के पिता,भाई व अन्य स्थानीय लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर दिया.
दूसरी ओर,पुलिस का कहना है कि दस बारह राउंड फायरिंग के बाद आत्मरक्षार्थ गोली चलानी पडी,भरत भूषण तिवारी की मृत्यु हो गई. इस घटना में शामिल चार पुलिसकर्मियों को आरम्भिक रूप में निलम्बित कर दिया गया. साथ ही एसएचओ,शाहपुर को भी निलम्बित कर दिया गया है.
साथ ही राज्य सरकार एक रिटायर्ड हाईकोर्ट जज से मामले की जांच कराए जाने की बात कही है. लेकिन अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट--





