
शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
Liveपटना:भोजपुरी के शेक्सपियर,महान कवि,गीतकार एवं लोकगायक,नाई समाज की आन-बान-शान और बिहार के गौरव श्रद्धेय भिखारी ठाकुर जी के पौत्र सुशील कुमार ठाकुर जी को लोकभवन की नौकरी से हटाए जाने के मामले को लेकर विधान पार्षद डॉ. उर्मिला ठाकुर ने शुक्रवार को लोकभवन में महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन साहब से मिलकर भिखारी ठाकुर के पौत्र को पुनः लोक भवन की नौकरी में रखे जाने की मांग की जिससे कि भिखारी ठाकुर जी का सम्मान बना रहे और उनके परिवार पर जो संकट की स्थिति आ गई है उससे उन्हें मुक्ति मिल सके. इस संबंध में पत्र लिखकर उन्हें न्याय देने की मांग की है. इस दौरान डॉ. उर्मिला ठाकुर ने महामहिम राज्यपाल को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा सुशील कुमार ठाकुर जी को मानवीय दृष्टिकोण से उन्हें फिर से नौकरी में बहाल करने की मांग की. साथ ही इस मामले में न्यायसंगत एवं संवेदनशील पहल करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर जी ने अपनी कला,साहित्य और लोकसंस्कृति के माध्यम से बिहार को देश-दुनिया में बिहार का नाम गौरवान्वित किया है. ऐसे महान विभूति के परिवार को उचित सम्मान और न्याय मिलना चाहिए.भिखारी ठाकुर जी की विरासत का सम्मान और उनके परिवार को न्याय दिलाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है. इस लड़ाई में हम पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं.
पटना:बिहार में खरीफ विपणन मौसम2026-27के तहत धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है. सहकारिता विभाग के अनुसार, उत्तर बिहार में1नवंबर और दक्षिण बिहार में15नवंबर से धान की खरीद शुरू करने की तैयारी है. सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है.सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि धान अधिप्राप्ति की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी. किसानों की सुविधा और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. विभाग ने अधिप्राप्ति के बाद किसानों को48घंटे के अंदर भुगतान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है.भारत सरकार की ओर से खरीफ विपणन मौसम2026-27के लिए सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)2,441रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. वहीं, ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य2,461रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. इससे किसानों को अपनी उपज का निर्धारित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी.इस बार धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया में किसानों के एग्री स्टैक डाटा का उपयोग किया जाएगा. सहकारिता विभाग ने धान बेचने के इच्छुक किसानों से समय रहते अपनी एग्री स्टैक आईडी बनवाने की अपील की है. इस कार्य में पैक्स और व्यापार मंडलों के अध्यक्षों, प्रबंधकों तथा अन्य पदाधिकारियों का सहयोग भी लिया जा सकता है.विभाग के अनुसार, धान बिक्री के लिए आवेदन की प्रक्रिया20अगस्त2026से हीesahkari.bihar.gov.in पोर्टल पर शुरू की जा चुकी है. इच्छुक किसान पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.सहकारिता विभाग धान खरीद को सुचारू और किसान हितैषी बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है, ताकि किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो और उन्हें समय पर भुगतान मिल सके.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
Patna: पटना हाईकोर्ट ने द्वेषपूर्ण अनावश्यक मुकदमेबाजी पर कड़ा रुख अपनाया है. जस्टिस सोनी श्रीवास्तव ने द्वेषपूर्ण आपराधिक कार्रवाई को रद्द किया. व्यक्तिगत रंजिश के लिए आपराधिक न्यायशास्त्र के दुरुपयोग के खिलाफ एक कड़ा संदेश देते हुए,हाईकोर्ट ने एक शिकायत मामले से उत्पन्न संपूर्ण आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है.कोर्ट ने यांत्रिक न्यायिक कार्रवाइयों और पूर्व-संज्ञान वैधानिक सुरक्षा उपायों का पालन न करने की कड़ी निंदा की है.राकेश कुमार तिवारी बनाम बिहार राज्य व अन्य (आपराधिक विविध सं. 60085/2023) मामले में अपना विस्तृतCAVफैसला सुनाते हुए जस्टिस सोनी श्रीवास्तव ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी,पटना द्वारा पारित 5 मई,2025 के संज्ञान आदेश को निरस्त कर दिया. हाईकोर्ट ने पाया कि यह अभियोजन स्पष्ट रूप से निरर्थक,परेशान करने वाला और दुर्भावनापूर्ण था. इस विवाद की शुरुआत पुलिस जांच से लेकर विरोध याचिका तक कानूनी लड़ाई की शुरुआत विरोधी पक्ष संख्या 2 (शिकायतकर्ता) शीला तिवारी द्वारा 20 अक्टूबर,2022 को दर्ज कराई गई एक शिकायत से हुई थी. इसे बाद में सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत जांच के लिए भेजा गया और कदमकुआं थाना कांड संख्या 281/2023 दर्ज किया गया.हालांकि, एफिडेविट दर्ज होने के महज एक महीने के भीतर शिकायतकर्ता ने अपनी पुरानी शिकायतों का हूबहू दोहराव करते हुए एक विरोध याचिका दायर की. हाईकोर्ट के समक्ष मामला रद्द संबंधित याचिका के लंबित रहने के दौरान,पुलिस ने 30 अप्रैल,2024 को अंतिम रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) सौंप दी,जिसमें मामले को झूठा पाया गया.निचली अदालत ने इस रिपोर्ट को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया. हालांकि,इसके साथ ही निचली अदालत ने लंबित विरोध याचिका को शिकायत मानकर बयान दर्ज किए और 5 मई,2025 को आईपीसी की धारा 384 (रंगदारी/extortion)के तहत संज्ञान ले लिया. तकनीकी बाधाओं को खारिज कर न्याय को प्राथमिकतासुनवाई के दौरान,विपरीत पक्ष द्वारा बाद के संज्ञान आदेश को चुनौती देने के लिए दायर अंतरिम आवेदन की पोषणीयता पर एक प्रारंभिक आपत्ति उठाई गई. तर्क दिया गया कि मूल एफआईआर की चुनौती अब निष्प्रभावी हो चुका है,इसलिए नई याचिका दायर की जानी चाहिए थी.सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक सिद्धांतों—जैसे सुगंधा बनाम पी. राजकुमार ((2020) 10SCC706) और कलेक्टर (LA)बनाम कातीजी ((1987) 2SCC107) का हवाला देते हुए जस्टिस श्रीवास्तव ने इस तकनीकी आपत्ति को खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता को सीआरपीसी की धारा 482 / बीएनएसएस की धारा 528 के तहत एक नया आवेदन दायर करने के लिए मजबूर करने से केवल मुकदमों की संख्या बढ़ेगी,कीमती न्यायिक समय नष्ट होगा और प्रक्रियात्मक देरी होगी,जबकि अदालत पहले से ही इस मामले पर गहराई से विचार कर रही थी.कोर्ट ने बेतुके आरोप और निर्दोषता का साक्ष्यमामलें के तथ्यों पर जस्टिस श्रीवास्तव ने याचिकाकर्ता राकेश कुमार तिवारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पूरी तरह से असंभावना को उजागर किया.शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना कांड संख्या 27/2022 की जांच के दौरान उसके पति के कार्यालय में तोड़फोड़ करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह आरोप पूरी तरह से सुदूर और काल्पनिक है,क्योंकि दिल्ली पुलिस दिल्ली में शुरू हुए एक अलग आपराधिक मामले में अपने स्वतंत्र वैधानिक कर्तव्यों का पालन कर रही थी.सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि अदालत ने रेखांकित किया कि घटना के समय याचिकाकर्ता न तो घटनास्थल पर उपस्थित थे और न ही पटना में थे. वह बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)की नामांकन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए मुंबई में मौजूद थे. कोर्ट ने नोट किया कि आईपीसी की धारा 384 (संपत्ति देने के लिए किसी व्यक्ति को नुकसान के भय में डालना) के मूल तत्व पूरी तरह से गायब थे,और यह धारा मूल प्राथमिकी का हिस्सा भी नहीं थी.इसके अलावा,निचली अदालत द्वारा जांचे गए गवाह पूरी तरह से मामले से जुड़े/हितबद्ध पक्ष थे—विशेष रूप से शिकायतकर्ता के पति और उनके कर्मचारी.जस्टिस श्रीवास्तव के निर्णय का एक मुख्य पहलू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)की धारा 223(1) के प्रावधानों के पूर्ण वैधानिक जनादेश पर केंद्रित था. उमर व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2026INSC1058) और कुशल कुमार अग्रवाल बनाम प्रवर्तन निदेशालय (2025SCC OnLine SC1221) में सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णयों का हवाला देते हुए,कोर्ट ने जोर दिया कि बीएनएसएस ने शिकायत पर संज्ञान लेने से पहले आरोपी को नोटिस जारी करने और सुनवाई का अवसर देने का एक महत्वपूर्ण वैधानिक प्रावधान पेश किया है.निचली अदालत से मँगवाई गई स्थिति रिपोर्ट से स्पष्ट रूप से यह सत्यापित हुआ कि 5 मई,2025 के संज्ञान आदेश से पहले याचिकाकर्ता को कोई नोटिस या समन जारी नहीं किया गया था. जस्टिस श्रीवास्तव ने फैसला सुनाया कि इस अनिवार्य प्रावधान को दरकिनार करना एक "गंभीर त्रुटि" है,जो प्राकृतिक न्याय और विधायी मंशा पर चोट करती है,जिससे यह आदेश प्रक्रियात्मक अनियमितता के बजाय कानूनी रूप से अमान्य हो जाता है.फ़ालतू मुकदमों को शुरुआत में ही कुचल दिया जाना चाहिएपेप्सी फूड्स लिमिटेड बनाम न्यायिक मजिस्ट्रेट ((1998) 5SCC749) और कृष्ण लाल चावला बनाम यूपी राज्य ((2021) 5SCC435) के ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए,कोर्ट ने इस बात की कड़ी आलोचना की कि किस तरह विरोधियों को परेशान करने और व्यक्तिगत बदले लेने के लिए आपराधिक कानून मशीनरी का दुरुपयोग किया जाता है.सुब्रत रॉय सहारा बनाम भारत संघ का विस्तृत उल्लेख करते हुए जस्टिस श्रीवास्तव ने दोहराया कि जब कोई निर्दोष नागरिक अर्थहीन आपराधिक मुकदमों के जाल में फंसता है,तो उसे गहरा मानसिक,सामाजिक और वित्तीय कष्ट सहना पड़ता है.हरियाणा राज्य बनाम भजन लाल (1992Supp (1)SCC335) के लैंडमार्क मापदंडों—विशेष रूप से श्रेणियों (1), (5),और (7)—का उपयोग करते हुए,पटना हाईकोर्ट ने माना कि अभियोजन को आगे बढ़ाने की अनुमति देना अदालत की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग होगा.यह निष्कर्ष निकालते हुए कि इस कार्यवाही को जारी रखने से न्यायिक समय की बर्बादी के अलावा कोई अन्य उद्देश्य पूरा नहीं होगा. जस्टिस श्रीवास्तव ने "...याचिकाकर्ता के खिलाफ पूरी आपराधिक कार्यवाही,जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट,प्रथम श्रेणी,पटना द्वारा शिकायत मामला संख्या 15721(C)/2024 के संबंध में पारित आदेश दिनांक 05.05.2025 शामिल है,को एतद्द्वारा रद्द (quash)किया जाता है. तदनुसार, I.A. No.01of2025 के साथ यह वर्तमान आवेदन स्वीकार किया जाता है."पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना: ग्रामीण विकास विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री एवं जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार शुक्रवार को खगड़िया में स्वर्गीय इंजीनियर अवधेश कुमार सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए. मानसी स्थित पैतृक आवास पर उन्होंने स्वर्गीय अवधेश जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की.मंत्री ने कहा कि अवधेश जी का निधन सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है. वे समता पार्टी के स्थापना काल से ही संगठन से जुड़े रहे और अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में पार्टी तथा समाज के प्रति समर्पित भूमिका निभाई. संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और सामाजिक सरोकार सदैव स्मरणीय रहेंगे.मंत्री ने स्वर्गीय अवधेश कुमार सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके सामाजिक योगदान, जनसेवा के प्रति समर्पण और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका को याद किया. कहा कि अवधेश जी ने इंजीनियरिंग की शिक्षा लेने के बाद अपने सामने एक उज्ज्वल पेशेवर जीवन का अवसर होने के बावजूद सामाजिक कार्यों और जनसेवा को विशेष महत्व दिया. उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़कर काम किया. उनका जीवन उदाहरण है कि शिक्षा, योग्यता और अनुभव का वास्तविक महत्व तब ही है, जब उनका उपयोग समाज के हित के लिए किया जाए.श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अवधेश जी के सामाजिक जीवन, विचारों और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को याद किया गया. उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके सामाजिक योगदान को याद किया तथा शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.
पटना:बिहार में अब लोगों को सुधा बूथ की तर्ज पर साफ-सुथरे काउंटर पर ताजी मछली उपलब्ध कराने की तैयारी है. राज्य सरकार की ओर से सात निश्चय-3के तहत प्रदेश में100फ्रेश कैच कियोस्क स्थापित किए जाएंगे. इस योजना पर अधिकतम10.56करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसका उद्देश्य शहरी उपभोक्ताओं को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण मछली उपलब्ध कराने के साथ मछली पालकों को बेहतर बाजार मुहैया कराना है.पहले चरण में30कियोस्कयोजना के पहले चरण में30कियोस्क का निर्माण किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में70कियोस्क स्थापित किए जाएंगे. पहले चरण में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, बेगूसराय, मोतिहारी, बेतिया, हाजीपुर, किशनगंज, कटिहार और मुंगेर समेत प्रमुख शहरों में कियोस्क खोले जाएंगे.इस योजना का क्रियान्वयन डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत मत्स्य निदेशालय और बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा.आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे कियोस्कफ्रेश कैच कियोस्क में मछलियों के सुरक्षित भंडारण और बिक्री के लिए कोल्ड चेन, डीप फ्रीजर, डिस्प्ले काउंटर, स्वच्छ जल, बिजली, जल निकासी और बैकअप जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी. डिजिटल भुगतान और अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था भी की जाएगी. इससे मछलियों की गुणवत्ता और ताजगी बनाए रखने में मदद मिलेगी.निर्माण लागत का80प्रतिशत तक अनुदानयोजना के तहत एक कियोस्क की निर्धारित इकाई लागत11लाख रुपये है. सरकार निर्धारित लागत के80प्रतिशत या वास्तविक निर्माण लागत, दोनों में से जो भी कम होगा, उसका वहन करेगी.मछली पालकों को मिलेगा लाभइस पहल से मछली पालकों, मत्स्य सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों को अपने उत्पाद बेचने के बेहतर अवसर मिलेंगे. साथ ही कियोस्क के संचालन से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. संचालकों के प्रशिक्षण और व्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला पर भी जोर दिया जाएगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आगामी1नवंबर को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के प्रस्तावित दौरे को लेकर जदयू पार्टी की तैयारियां चल रही है. सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री और जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने शुक्रवार को इसका जायजा लिया. उन्होंने वाराणसी के लोहता बाजार स्थित शगुन पैलेस मैरिज हॉल में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की. उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी और कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के वाराणसी दौरे से जदयू संगठन को और मजबूती मिलेगी.इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल, उपाध्यक्ष सुशील कश्यप, कल्पनाथ वर्मा, रजनीश पटेल, शालिनी सिंह पटेल, महासचिव सुशील पटेल, अभिषेक राय, सुभाष पाठक, हरिशंकर पटेल, अवधेश पटेल, संजय सिंह पटेल, सचिव संतोष पटेल, अजय चौधरी, जय प्रकाश पटेल, अतुल प्रताप सिंह, प्रवीण पटेल, नौशाद खान, प्रदेश कार्यालय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा, प्रदेश प्रवक्ता विनीत तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष प्रबुद्ध प्रकोष्ठ ओम प्रकाश उपाध्याय, वाराणसी के जिला अध्यक्ष सच्चिदानंद ब्रह्मचारी, जिला अध्यक्ष रामेश्वर पटेल (मिर्जापुर), जिला अध्यक्ष सचिन पटेल (सोनभ्रद), जिला अध्यक्ष साहब लाल पटेल (जौनपुर), जिला अध्यक्ष राजेश चौधरी (बस्ती), जिला अध्यक्ष सर्वेश राय (भदोही), जिला अध्यक्ष किसान प्रकोष्ठ शैलेंद्र राय, चंदौली के जिला संयोजक संजय सिन्हा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे.
पटना : समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत संचालित विभिन्न बाल देखरेख संस्थानों, यथा बाल गृह, बालिका गृह, पर्यवेक्षण गृह, विशेष गृह एवं सुरक्षित स्थान में आवासित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है. इस पहल के अंतर्गत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) के ACCREDITION CENTRE (अध्ययन केंद्र) स्थापित करने हेतु वर्तमान में कुल 62 केंद्रों के लिए अनुमति प्रदान की गई है.इस पहल के माध्यम से बाल देखरेख संस्थानों में आवासित बच्चों का शैक्षणिक नामांकन सुनिश्चित करने, उन्हें उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने तथा शिक्षा जारी रखने के लिए आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जाएगा.इस व्यवस्था से ऐसे बच्चों को,जो विभिन्न परिस्थितियों के कारण नियमित विद्यालयी शिक्षा से वंचित रह गए हैं अथवा जिनकी पढ़ाई बाधित हुई है,पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा. साथ ही,बच्चों की आयु,शैक्षणिक स्तर एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में सहायता मिलेगी.NIOSकेACCREDITION CENTREके माध्यम से बच्चों को मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत अध्ययन करने,निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार परीक्षा में सम्मिलित होने तथा अपनी शैक्षणिक योग्यता विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा. इससे बाल देखरेख संस्थानों में आवासित बच्चों के शैक्षणिक विकास,आत्मनिर्भरता एवं भविष्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी.समाज कल्याण विभाग की इस पहल का उ‌द्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाल देखरेख संस्थानों में आवासित कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे तथा प्रत्येक बच्चे को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
बिहटा: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर शुक्रवार को राजधानी पटना के बिहटा पहुंचे. यहां उन्होंने पटना स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से जन सुराज समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की. उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. अनुज सिंह और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. दिव्या ज्योति के लिए वोट मांगा. इस दौरान उन्होंने बिहार की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था और नेताओं के रवैये पर भी सवाल उठाए.प्रशांत किशोर ने नेताओं के अहंकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को इतना अहंकार हो गया है कि वे कहते हैं कि कुत्ता-बिल्ली को भी वोट दे देंगे, फिर भी जनता उन्हें ही वोट देगी. उन्होंने कहा कि जब ऐसे नेता चुनाव हार जाएंगे, तो अपनी बात से मुकर जाएंगे और कहेंगे कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा था.उन्होंने धार्मिक भावनाओं और राजनीतिक बयानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के राम मंदिर से संबंधित कथित बयान पर भी टिप्पणी की.प्रशांत किशोर ने कहा कि आज नेताओं में इतना अहंकार आ गया है कि वे भगवान राम और हनुमान जी के नाम का इस्तेमाल भी राजनीतिक संदेश देने के लिए कर रहे हैं.व्यवस्था बदलने के लिए है चुनावप्रशांत किशोर ने कहा कि पटना स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव किसी को सरकार बनाने या सरकार को हटाने के लिए नहीं है. यह चुनाव वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को जवाब देने और उसमें बदलाव लाने का अवसर है. पिछले30-40वर्षों से स्नातक बेरोजगारों और शिक्षकों की जो समस्याएं बनी हुई हैं, उनका समाधान निकालना जरूरी है.उन्होंने कहा कि जन सुराज का एजेंडा स्पष्ट है. स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. अनुज सिंह की जीत होने पर पटना क्षेत्र के10हजार बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा.एमएलसी चुनाव में पारदर्शिता का मुद्दा उठायाप्रशांत किशोर ने कहा कि अब तक एमएलसी चुनाव चोरी-छिपे और सीमित चर्चा के बीच होते रहे हैं. जन सुराज इस चुनाव को आम मतदाताओं के मुद्दों से जोड़ना चाहता है, ताकि बेरोजगारी, शिक्षकों की समस्याओं और व्यवस्था में सुधार जैसे सवालों पर खुलकर चर्चा हो सके.उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे जाति और राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर प्रत्याशियों के काम, एजेंडे और भविष्य की योजनाओं के आधार पर मतदान करें.बिहटा से राकेश कुमार की रिपोर्ट -
पटना:भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी त्यागराजन एस.एम. को केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी मिली है. उन्हें केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय में निदेशक नियुक्त किया गया है. उनकी इस नियुक्ति के बाद बिहार से लेकर केंद्र सरकार तक के उनके प्रशासनिक सफर की चर्चा हो रही है.त्यागराजन एस.एम. बिहार में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. राज्य में कार्य करने के दौरान उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न दायित्वों को निभाने का अनुभव प्राप्त हुआ. अब केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके प्रशासनिक अनुभव का उपयोग सहकारिता क्षेत्र से संबंधित कार्यों में किया जाएगा.सहकारिता मंत्रालय में निभाएंगे नई भूमिकाकेंद्रीय सहकारिता मंत्रालय देश में सहकारी संस्थाओं के विकास, उनके कामकाज को बेहतर बनाने और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर कार्य करता है. ऐसे में मंत्रालय में निदेशक का पद महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा है. इस पद पर रहते हुए संबंधित अधिकारी को मंत्रालय के निर्धारित कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भूमिका निभानी होती है.त्यागराजन एस.एम. की नियुक्ति बिहार के प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है. राज्य में सेवाएं देने के बाद केंद्र सरकार के मंत्रालय में जिम्मेदारी मिलना उनके प्रशासनिक करियर का नया पड़ाव है.बिहार से केंद्र तक का सफरत्यागराजन एस.एम. का प्रशासनिक सफर राज्य स्तर से केंद्रीय स्तर तक पहुंचा है. उनकी नई नियुक्ति के साथ अब सहकारिता मंत्रालय में उनकी भूमिका पर नजर रहेगी. हालांकि, उनके कार्यभार संभालने की तारीख, नियुक्ति की अवधि और नई जिम्मेदारी से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि नियुक्ति आदेश से की जानी चाहिए.केंद्र सरकार में यह नई जिम्मेदारी उनके प्रशासनिक करियर में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखी जा रही है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है. इसी बीच मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने एक सनसनीखेज बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार के साथ रहते हुए उन्होंने पार्टी के लिए नौ लोगों की हत्या करवाई थी. उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में विवाद बढ़ने की संभावना है.अनंत सिंह ने कहा कि जब नीतीश कुमार के पास सत्ता नहीं थी और वे इधर-उधर घूमते रहते थे, तब भी वह उनके साथ खड़े थे. विधायक ने दावा किया कि उन्होंने उस समय पार्टी के लिए बड़ी कुर्बानी दी थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद उनके घर पर गोलियां चलवाई गई थीं.अनंत सिंह ने कहा कि वह आज भी जेडीयू के साथ हैं और मरते दम तक पार्टी के साथ रहेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी उन्हें अपना मानती है या नहीं, यह पार्टी का विषय है, लेकिन वह अपनी बात जरूर रखेंगे.निशांत कुमार के प्रचार पर भी उठाए सवालएमएलसी चुनाव में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार कर रहे बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को लेकर भी अनंत सिंह ने टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि निशांत कुमार को चुनाव प्रचार में नहीं उतरना चाहिए था और सवाल उठाया कि यह आखिर किस तरह का चुनाव है.अनुज सिंह के समर्थन में प्रचारअनंत सिंह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं. वह लगातार अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अब भी जेडीयू के विधायक हैं और पार्टी को अपना मानते हैं.अनंत सिंह के नौ लोगों की हत्या करवाने संबंधी दावे पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का इंतजार है. उनके बयान से एमएलसी चुनाव के बीच सियासी विवाद और गहरा सकता है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित'संकल्प'सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की. बैठक में राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ,गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा की गई. इस पहल के तहत उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का लाभ उठाने पर विचार किया गया.बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रस्तावित व्यवस्था में सरकारी स्वामित्व और जनहित से जुड़े प्रावधानों की सुरक्षा महत्वपूर्ण होगी. अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा तथा इनके निजीकरण या स्वामित्व हस्तांतरण का प्रावधान नहीं होगा. अनुबंध के अंतर्गत सरकार और निजी भागीदार की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएंगी,ताकि संचालन में जवाबदेही एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके.स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेज का सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल में संचालन संबंधित प्रस्ताव को लेकर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अस्पतालों में निर्धारित शुल्क,मरीजों की पात्रता,बिस्तरों की श्रेणियों तथा मरीजों के अधिकारों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां अस्पताल परिसर और ऑनलाइन माध्यम पर हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रदर्शित करने का प्रावधान होगा. इससे मरीजों और उनके परिजनों को सेवाओं,शुल्क एवं उपलब्ध सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी.मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करते हुए सरकारी स्वामित्व,विद्यार्थियों के हितों,मरीजों के अधिकारों और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सुरक्षित रखना है. सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल से संबंधित प्रस्तावों में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किया जाय. प्रस्तावित मॉडल से सरकारी संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की दक्षता बढ़ाने में मदद मिल सकती है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत ब्राउन फील्ड मेडिकल कॉलेजों में बिहार के निवेशकों को प्रीफ्रेंस मिले,हमारा उद्देश्य है बिहार के लोगों को लाभ हो. बिहार के चिकित्सक जो इसमें भागीदारी करना चाहते हैं उन्हें प्राथमिकता मिले. स्टेक होल्डर को पब्लिक इंट्रेस्ट में काम करना होगा.बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के महत्व पर बल दिया. सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेजों के विकास एवं संचालन की संभावनाओं पर व्यवस्थित रूप से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेजों से संबंधित प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई करते समय आधारभूत संरचना,संचालन व्यवस्था,शैक्षणिक गुणवत्ता तथा आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाय.मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मुख्यालय के अस्पतालों को उन्नत एवं मजबूत बनाना है. मरीजों को वहां आधुनिक एवं सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो. पटना के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल को और आधुनिक बनाने के लिए काम करें,देश के बड़े आयुर्वेद संस्थानों से इसे जोड़े. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में प्रतिबद्ध है. इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न संभावनाओं का आकलन करते हुए जनहित को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है.बैठक में स्वास्थ्य मंत्री निशांत,मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत,विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह,वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार,मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह,स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि,मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह,स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा,बिहार चिकित्सा सेवायें एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन,बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक नवल किशोर चौधरी सहित अन्य वरीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार के जमुई जिले में स्थित सिमुलतला आवासीय विद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. C-Fore School Ranking 2026 में विद्यालय को देशभर में दूसरा स्थान मिलने की जानकारी सामने आई है. जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए इसे पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय बताया. उन्होंने विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और राज्यवासियों को बधाई दी.नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर हुई स्थापनासंजय झा ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय की स्थापना की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए बताया कि कभी नेतरहाट विद्यालय संयुक्त बिहार की शैक्षणिक पहचान हुआ करता था. वर्ष1954में स्थापित इस विद्यालय में पढ़ना मेधावी विद्यार्थियों का सपना माना जाता था. वर्ष2000में बिहार के विभाजन के बाद नेतरहाट विद्यालय झारखंड में चला गया. इसके बाद बिहार में भी इसी तर्ज पर एक उत्कृष्ट आवासीय विद्यालय स्थापित करने की जरूरत महसूस की गई.9 अगस्त 2010 को हुआ था उद्घाटनसंजय झा के अनुसार, वर्ष2005में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई पहल की गईं. इसी क्रम में जमुई जिले के सिमुलतला में नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर आवासीय विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया. सिमुलतला आवासीय विद्यालय का उद्घाटन9अगस्त2010को हुआ था.डेढ़ दशक में बनाई राष्ट्रीय पहचानस्थापना के लगभग डेढ़ दशक के भीतर विद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनने को बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस उपलब्धि से विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों का उत्साह बढ़ने की उम्मीद है. संजय झा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार शिक्षा के विकास और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.सिमुलतला आवासीय विद्यालय को मिली इस रैंकिंग से बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर चर्चा तेज हो सकती है. हालांकि, रैंकिंग जारी करने वाली संस्था के आधिकारिक विवरण और मूल्यांकन मानकों की पुष्टि होने पर ही इस उपलब्धि के पूरे संदर्भ को स्पष्ट रूप से समझा जा सकेगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार सरकार ने वर्ष2027के लिए सरकारी कर्मचारियों के अवकाश का कैलेंडर जारी कर दिया है. इसमें सामान्य अवकाश, ऐच्छिक छुट्टियों और निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत घोषित छुट्टियों की अलग-अलग सूची शामिल है. जारी जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों को ऐच्छिक अवकाश की सूची में से अधिकतम तीन छुट्टियां चुनने का विकल्प मिलेगा.सरकारी कैलेंडर में सामान्य अवकाश की संख्या12बताई गई है. इसके अतिरिक्त विभिन्न त्योहारों, महापुरुषों की जयंती और धार्मिक अवसरों के लिए ऐच्छिक अवकाश निर्धारित किए गए हैं. कर्मचारियों को छुट्टी की योजना बनाने से पहले संबंधित अवकाश की श्रेणी और विभागीय नियमों की जानकारी लेनी होगी.जनवरी से जून तक कई त्योहारों पर छुट्टीकैलेंडर में साल के शुरुआती महीनों में गुरु गोविंद सिंह जयंती, शब-ए-बरात, वसंत पंचमी और संत रविदास जयंती जैसे अवसरों का उल्लेख है. इसके अलावा महाशिवरात्रि, वीर कुंवर सिंह जयंती, जानकी नवमी और कबीर जयंती समेत कई महत्वपूर्ण तिथियां भी सूची में शामिल हैं.दुर्गा पूजा और छठ पर रहेगी नजरबिहार में दुर्गा पूजा और छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने की योजना बनाते हैं. कैलेंडर में दुर्गा पूजा के कलश स्थापन के लिए1अक्टूबर, दुर्गा पूजा एकादशी के लिए10अक्टूबर और छठ पूजा के खरना के लिए3नवंबर की तारीख दी गई है.बैंकों के लिए भी निर्धारित हुई छुट्टियांसरकार ने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881के तहत भी2027के लिए24छुट्टियां निर्धारित की हैं. ये छुट्टियां सरकारी कार्यालयों के सामान्य अवकाश से अलग हैं. इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष के वार्षिक लेखा-जोखा से जुड़े कार्यों के लिए1अप्रैल2027को अवकाश का उल्लेख है.कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि छुट्टी की अंतिम योजना बनाने से पहले बिहार सरकार की आधिकारिक अधिसूचना से तारीखों और अवकाश की श्रेणी का मिलान कर लें.नोट:38 छुट्टियों की कुल संख्या और कैलेंडर में दी गई तारीखों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से की जानी चाहिए.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थितIGIMS पहुंचकर वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।मुख्यमंत्री ने वशिष्ठ नारायण सिंह के बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की प्रार्थना की। वशिष्ठ नारायण सिंह बिहार की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं। राज्य की राजनीति में उनका लंबा अनुभव और योगदान रहा है।मुख्यमंत्री की इस मुलाकात को वरिष्ठ नेता के प्रति सम्मान और संवेदना के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उनके स्वास्थ्य को लेकर शुभकामनाएं व्यक्त कीं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।वशिष्ठ नारायण सिंह के स्वास्थ्य को लेकर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों की नजर बनी हुई है। उनके जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौटने की कामना की जा रही है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में पटना स्नातक विधान परिषद चुनाव को लेकर जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार और विधायक अनंत सिंह के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. अनंत सिंह के पुदीना सिंह और गैस निकाल देने वाले बयान पर नीरज कुमार ने पलटवार करते हुए2019के लोकसभा चुनाव का जिक्र किया.गुरुवार को बाढ़ में नीरज कुमार के समर्थन में एनडीए की जनसभा आयोजित की गई. इसमें निशांत कुमार समेत बीजेपी और जेडीयू के कई नेता शामिल हुए. सभा के दौरान नीरज कुमार ने अनंत सिंह का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा. उन्होंने हथियार बरामदगी के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि कोई व्यक्ति किसी के फंसाने से नहीं, बल्कि अपने कर्मों की वजह से फंसता है.सभा के बाद पत्रकारों से बातचीत में नीरज कुमार ने अनंत सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि2019में लोकसभा चुनाव के समय उन्होंने जो नाम दिया था, अनंत सिंह अब उसी को स्वीकार कर रहे हैं. नीरज ने पत्रकारों से भी उसी नाम से संबोधित करने की बात कही.नीरज कुमार ने कहा कि वह चरित्र हनन की राजनीति बर्दाश्त नहीं कर सकते. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने नीतीश कुमार की पाठशाला में राजनीति सीखी है. उनके अनुसार, 2019में उनके खिलाफ गलत मुकदमा दर्ज कराया गया था, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ.नीरज कुमार ने आगामी एमएलसी चुनाव में अपनी जीत का भरोसा जताया. उन्होंने सम्राट चौधरी और निशांत कुमार की जोड़ी का भी जिक्र किया.वहीं, अनंत सिंह ने पहले नीरज कुमार पर तंज कसते हुए कहा था कि23अक्टूबर को उनका पूरा गैस निकल जाएगा. उन्होंने अनुज सिंह की जीत का दावा करते हुए कहा था कि विरोधियों की जमानत जब्त हो जाएगी.दोनों नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी से पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह के अस्वस्थ होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लोगों के उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने का सिलसिला जारी है. इसी क्रम में बिहार की भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने पटना स्थितIGIMS पहुंचकर वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली.मंत्री लेसी सिंह ने मुलाकात के बाद वशिष्ठ नारायण सिंह के प्रति अपनी आत्मीयता व्यक्त करते हुए कहा कि वशिष्ठ बाबू हम सभी के अभिभावक हैं. उनका स्नेह, मार्गदर्शन और संगठन के प्रति समर्पण हमेशा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा है. उन्होंने कहा कि वशिष्ठ नारायण सिंह का राजनीतिक और संगठनात्मक जीवन से जुड़ा अनुभव कार्यकर्ताओं एवं पार्टी के लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहा है.लेसी सिंह ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें जल्द पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिले और वे स्वस्थ एवं दीर्घायु रहें.मंत्री ने कहा कि वशिष्ठ बाबू के प्रति सभी के मन में सम्मान और आत्मीयता का भाव है. उनके अस्वस्थ होने की खबर से उनके शुभचिंतक चिंतित हैं और सभी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.फिलहाल वशिष्ठ नारायण सिंह का स्वास्थ्य कैसा है, इस संबंध में चिकित्सकों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना : बिहार के शिक्षा विभाग में सरकारी राशि के गबन का बड़ा मामला सामने आया है. पटना जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की मेकर लॉगइन आईडी का कथित दुरुपयोग कर 76 लाख 71 हजार 983 रुपये की अवैध निकासी किए जाने का आरोप है. मामले में एफएनएस उच्च विद्यालय, गुलजारबाग में कार्यरत लिपिक विजय कृष्ण विद्यार्थी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, संबंधित लिपिक पर कार्यालय की आंतरिक डिजिटल प्रणाली का बिना अनुमति इस्तेमाल करने और सरकारी राशि का गलत तरीके से भुगतान प्राप्त करने तथा कराने का आरोप लगाया गया है. विभाग ने इस मामले को वित्तीय अनियमितता, डिजिटल हेराफेरी, धोखाधड़ी और सरकारी राशि के दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर मामला माना है.अन्य लोगों की भूमिका की भी जांचइस मामले में विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है. इतनी बड़ी राशि की कथित अवैध निकासी में अन्य लोगों की भूमिका होने की आशंका भी जताई जा रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. आरोपी लिपिक के खिलाफ आरोप पत्र अलग से जारी किया जा रहा है.निलंबन अवधि के दौरान लिपिक का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, घोसवरी निर्धारित किया गया है. नियमानुसार उपस्थिति विवरण के आधार पर उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी गड़बड़ीइधर, बिहार में शिक्षकों के वेतन भुगतान में अनियमितता का मामला भी सामने आया है. जानकारी के अनुसार, कई शिक्षकों के खातों में कुछ महीनों का वेतन दो बार भेज दिया गया. कुछ शिक्षकों ने अतिरिक्त राशि वापस कर दी, जबकि कई शिक्षकों द्वारा राशि नहीं लौटाने की बात सामने आई है. इस मामले में भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई और पटना साइबर थाना की टीम ने संगठित साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं. कार्रवाई के दौरान 2 लाख 86 हजार 400 रुपये नकद भी जब्त किए गए. बिहार पुलिस की 15 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस को 6 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि अगमकुआं थाना क्षेत्र के शीतलानगर नहर रोड स्थित एक मकान में किराये पर रह रहे कुछ लोग साइबर अपराध में शामिल है. सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने स्थानीय अगमकुआं थाना के सहयोग से मकान के तीसरे तल पर स्थित दो फ्लैटों में छापेमारी की.दो फ्लैटों में छापेमारी, नौ लोग पकड़े गए पुलिस ने दोनों फ्लैटों की तलाशी के दौरान पहले फ्लैट से पांच और दूसरे फ्लैट से चार लोगों को पकड़ा. तलाशी में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, सिम कार्ड और अलग-अलग व्यक्तियों की पहचान से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए. इसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया.बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम निकालने का आरोपपुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर अलग-अलग लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे. इन खातों से संबंधित पासबुक, चेकबुक और एटीएम या डेबिट कार्ड जुटाए जाते थे. इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम लेने और उसे आगे ट्रांसफर करने के लिए किए जाने का आरोप है. रकम निकालने के लिए एटीएम, यूपीआई और चेक का इस्तेमाल किया जाता था. कमीशन के आधार पर रकम बांटने और खाताधारकों को भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है.47मोबाइल और89एटीएम कार्ड समेत बड़ी बरामदगीपुलिस की ओर से जारी बरामदगी के समेकित आंकड़ों के मुताबिक, कार्रवाई में निम्नलिखित सामान जब्त किया गया-मोबाइल फोन:47लैपटॉप:1सीपीयू:एटीएम कार्ड:89चेकबुक:82पासबुक:76सिम कार्ड:9पैन कार्ड:9आधार कार्ड:17नकद राशि:2,86,400रुपयेइसके अतिरिक्त ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज भी बरामद किए गए.सीएसपी संचालक पर भी कार्रवाईप्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस7अक्टूबर को पटना सिटी के बनवारी टोला स्थित सदर गली पहुंची. यहां मोहम्मद इरफान नामक व्यक्ति से पूछताछ की गई. पुलिस के मुताबिक, वह पहले साइबर कैफे चलाता था और वर्तमान में सीएसपी संचालित कर रहा था.आरोप है कि वह कुछ लोगों के आधार कार्ड पर पटना का पता दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवासीय प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज कथित तौर पर फर्जी तरीके से तैयार करता था. इसके बदले पता बदलने के लिए500रुपये और मोबाइल नंबर जोड़ने के लिए300रुपये लेने की बात सामने आई है.कई राज्यों से जुड़े मामलों की जांचपुलिस ने बरामद बैंकिंग दस्तावेजों और चेकबुक से संबंधित खातों की एनसीआरपी/समन्वय पोर्टल पर जांच की. इसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते से संबंधित341शिकायतें, केनरा बैंक के एक खाते से संबंधित पांच शिकायतें और भारतीय स्टेट बैंक के एक खाते से संबंधित चार शिकायतें दर्ज पाई गईं. पुलिस के अनुसार, अन्य बैंक खातों को लेकर भी अलग-अलग राज्यों से शिकायतें मिली है. गिरोह के कथित सहयोगियों, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है. बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सामग्री के तकनीकी विश्लेषण के जरिए ठगी की रकम, पीड़ितों और दूसरे संभावित मामलों के बीच संबंध स्थापित करने की कोशिश की जा रही है.गिरफ्तार आरोपियों के नामप्रेस विज्ञप्ति में गिरफ्तारआरोपियों के नाम इस प्रकार दिए गए हैंराहुल कुमार'कुलदीप सिंह' राजू कुमार'कन्हैया कुमार'शिशुपा सिंह,विष्णु कुमार,राहुल धनराज कुमार, शादिक आलम मोहम्मद इरफानबिहार पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम या डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, ओटीपी अथवा बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी उपलब्ध न कराएं. किसी संदिग्ध साइबर वित्तीय गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित पुलिस थाने या साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर1930 पर दें.पटना से विवेक कुमार रॉय की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में शिक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. एजी की ऑडिट रिपोर्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद राज्य के वित्त विभाग ने जांच पूरी होने तक वेतन भुगतान पर फिलहाल रोक लगाने का निर्णय लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से करीब9लाख शिक्षा कर्मियों और1लाख30हजार पुलिसकर्मियों का वेतन प्रभावित हो सकता है.मिली जानकारी के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि एजी की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के बाद वेतन जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. वित्त सचिव विनय कुमार ने शिक्षा और पुलिस विभाग को पत्र भेजकर मामले की गहन जांच करने का निर्देश दिया है.वेतन भुगतान में गड़बड़ी का आरोपरिपोर्ट के अनुसार, एजी की जांच में एचआरएमएस और सीएफएमएस पोर्टल पर वेतन संबंधी अनियमितताओं केमामले सामने आए हैं. आरोप है कि कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति के समय ही पोर्टल पर वेतन की गलत राशि दर्ज की गई. इसके अलावा, फर्जी बिलों के माध्यम से भुगतान किए जाने की भी बात सामने आई है.पटना सिटी के फतह नारायण सिंह अकादमी स्कूल में76.71लाख रुपये की कथित गड़बड़ी का उल्लेख किया गया है. वहीं, सुपौल में11शिक्षकों की फर्जी आईडी बनाकर1.83करोड़ रुपये कथित तौर पर रिश्तेदारों के खातों में हस्तांतरित किए जाने का मामला भी सामने आया है.पांच साल के वेतन खातों की होगी जांचवित्त विभाग के निर्देश पर कर्मचारियों की सैलरी स्लिप का ट्रेजरी रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में पिछले पांच वर्षों के वेतन खातों की जांच की जा रही है.सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल, इस फैसले से प्रभावित कर्मचारियों के बीच वेतन भुगतान को लेकर चिंता बढ़ गई है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-