
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
Liveपटना: खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता,स्वच्छता एवं सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य संरक्षा विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पटना के मौजा जैथुली एवं दीदारगंज स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड के दो प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान खाद्य संरक्षा मानकों से संबंधित कई अनियमितताएं पाई गईं। इस पर संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम,2006 की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी करते हुए 14 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है।मौजा जेठूली स्थित वेयरहाउस में मिली खामियांरिलायंस रिटेल लिमिटेड के वेयरहाउस,ऑपोजिट छपाक वाटर पार्क,मौजा जेठूली,पटना सिटी के निरीक्षण के दौरान कोल्ड स्टोरेज में खाद्य पदार्थ खुले स्थान पर रखे पाए गए। इसके अतिरिक्त फर्श पर गंदगी तथा स्टोर में कबूतर की मौजूदगी और उसके कारण गंदगी पाए जाने की स्थिति सामने आई। ये अनियमितताएं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम,2006 की धारा 26 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लाइसेंसिंग एवं पंजीकरण) विनियमों के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं।खाद्य संरक्षा विभाग द्वारा मलाई पनीर का सैंपल लिया गया एवं जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया।दीदारगंज स्थित प्रतिष्ठान में खाद्य एवं अखाद्य सामग्री एक साथ मिलीरिलायंस रिटेल लिमिटेड,दीदारगंज,गौरीचक,पटना के निरीक्षण के दौरान खाद्य एवं अखाद्य पदार्थों को एक साथ रखा पाया गया। प्रतिष्ठान में खाद्य पदार्थों के भंडारण के लिए स्वच्छ वातावरण का अभाव भी सामने आया। हल्दी पाउडर एवं तीखी मिर्च पाउडर का सैंपल लिया गया एवं जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया।14 दिनों के भीतर कमियां दूर करने का निर्देशदोनों प्रतिष्ठानों को जारी सुधार नोटिस में निर्देश दिया गया है कि निर्धारित 14 दिनों के भीतर सभी अनियमितताओं को दूर कर अनुपालन से संबंधित प्रमाण अभिहित पदाधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करें। निर्धारित अवधि में कमियों का निराकरण नहीं करने अथवा अनुपालन प्रमाण प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए जा सकते हैं। इसके बाद नियमानुसार लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।फ्लिपकार्ट वेयरहाउस,बिहटा में कार्रवाईबिहटा स्थित फ्लिपकार्ट वेयरहाउस के निरीक्षण के दौरान टाटा टी गोल्ड 500 ग्राम के पैकेटों पर अंकित बैच नंबर और कार्टन पर अंकित बैच नंबर में अंतर पाया गया। इस अनियमितता के मद्देनजर ऐसे 293 पैकेटों की बिक्री पर रोक लगा दी गई। इन पैकेटों की कुल अनुमानित कीमत 84,970 रुपये है। साथ ही,चायपत्ती की गुणवत्ता की जांच के लिए वैधानिक नमूना संग्रहित कर खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया।निरीक्षण के दौरान निर्धारित एवं उपयुक्त भंडारण व्यवस्था के अभाव में केक-पेस्ट्री के 31 पीस,आटा के 170 पैकेट,कुकीज के 70 पैकेट,कॉफी के 60 पैकेट,चिप्स के 24 पैकेट तथा सीरियल फ्लेक्स सहित विभिन्न खाद्य पदार्थ पाए गए। इन खाद्य पदार्थों को संबंधित एजेंसी द्वारा अधिकृत कंपनी को विनष्टीकरण के लिए सौंप दिया गया। इनकी कुल अनुमानित कीमत 48,210 रुपये है।इसके अतिरिक्त,550 टोट बॉक्स (सर्विस बॉक्स) गंदे एवं क्षतिग्रस्त पाए गए। इनके उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई। इनकी कुल अनुमानित कीमत 2,67,500 रुपये है।उक्त प्रतिष्ठान से टाटा टी गोल्ड चायपत्ती एवं टाटा हल्दी पाउडर के नमूने भी संग्रहित किए गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।बिग बास्केट वेयरहाउस,मंहगूपुर चिरौरा,पटनापटना के मंहगूपुर चिरौरा स्थित बिग बास्केट वेयरहाउस का भी खाद्य संरक्षा अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान वेगन टोफू गोल्ड,बारबेक्यू सॉस एवं जीरा पाउडर के नमूने संग्रहित कर गुणवत्ता जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए।निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस में कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं पाए गए। साथ ही,जल निकासी की समुचित व्यवस्था का भी अभाव पाया गया। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए अभिहित अधिकारी द्वारा प्रतिष्ठान को 14 दिनों का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है।खाद्य संरक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण,स्वच्छता और गुणवत्ता से संबंधित मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सभी खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है। विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना:बिहार सरकार औरSEBIने राज्य में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने,सुरक्षित निवेश पद्धतियों को विकसित करने और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से नागरिकों को बचाने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है. इस संबंध में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई,जिसमें बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार की प्रति व्यक्ति आय में लगातार सुधार हो रहा है और इसकी विकास दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है. हालांकि,म्यूचुअल फंड और प्रतिभूति बाजार में राज्य की भागीदारी अभी भी राष्ट्रीय औसत से पीछे है.इस पहल को तेजी से और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि संबंधित विभागों द्वारा जल्द ही एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाए. मुख्य सचिव ने विशेष रूप से सुझाव दिया कि इस अभियान की शुरुआत सबसे पहले'जीविका' (स्वयं सहायता समूहों) के साथ की जाए और इसके बाद दूसरे चरण में बिहार के प्रोबेशनर अधिकारियों को इसके तहत प्रशिक्षित किया जाए,ताकि यह कार्यक्रम जमीनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर मजबूती से अपनी पकड़ बना सके.इसके अतिरिक्त उन्होंने निम्नलिखित निर्देश भी दिए:बैठक में सेबी द्वारा प्रोजेक्ट जागरूक के तहत राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किए गए अभियान "समझ से इन्वेस्टिंग सिंपल" को बिहार में जमीनी स्तर पर लागू करने का प्रस्ताव रखा गया. इसके तहत राज्य सरकार पर बिना किसी वित्तीय बोझ के,सेबी और उसके सहयोगी संस्थान (SMPsवNISM)हिन्दी भाषा में पूरी अध्ययन सामग्री और प्रशिक्षण ढांचा उपलब्ध कराएंगे.बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य में जागरूकता फैलाने के लिए दो अलग-अलग रणनीतियों (प्लेबुक) पर काम किया जाएगा:ग्रामीण क्षेत्र (पहुंच और भरोसा): ग्राम पंचायतों,स्वयं सहायता समूहों (SHGs),जीविका दीदियों और ग्रामीण हाटों के माध्यम से किसानों,युवाओं और महिलाओं को जागरूक किया जाएगा. उन्हें "पैसा दोगुना करने" वाले फर्जी वादों की पहचान करना,सुरक्षित केवाईसी (KYC)और धोखाधड़ी की रिपोर्ट करना सिखाया जाएगा.शहरी क्षेत्र (जागरूकता से सही निवेश): पटना,गया,मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे प्रमुख शहरों में कॉलेजों,विश्वविद्यालयों (MUSTकार्यक्रम के तहत) और कामकाजी स्थानों पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी.युवाओं और पेशेवरों को फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स और सोशल मीडिया या'फिनफ्लूएंसर्स'के भ्रामक टिप्स से बचने के तरीके बताए जाएंगे.साइबर धोखाधड़ी पर कड़ा प्रहार: बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार,देश के साथ-साथ बिहार में भी साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है. एनसीआरबी (NCRB)2024 के आंकड़ों के हवाले से बताया गया कि राज्य में अधिकांश साइबर अपराधों का मकसद धोखाधड़ी ही होता है. इस अभियान के जरिए नागरिकों को सेबी के शिकायत निवारण पोर्टल और अन्य आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करना सिखाया जाएगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार सरकार बाढ़ से प्रभावित किसानों को फसल क्षति की भरपाई के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सहायता राशि देगी. सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण आई बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कृषि विभाग ने आवेदन आमंत्रित किए हैं. पात्र किसान 25 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. राज्य के नौ जिलों के 43 प्रखंडों की 289 पंचायतों के प्रभावित किसानों को योजना का लाभ मिलेगा. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बाढ़ से फसल क्षति झेलने वाले किसानों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है. कृषि इनपुट अनुदान योजना के माध्यम से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी,ताकि वे फसल क्षति से हुए नुकसान की भरपाई कर सकें और आगामी कृषि कार्यों को जारी रख सकें. पात्र किसान निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं.इस दर से मिलेगा अनुदानकृषि मंत्री ने बताया कि योजना के तहत वर्षाश्रित (असिंचित) फसल क्षेत्र के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर,सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और शाश्वत एवं बहुवर्षीय फसलों,जिनमें गन्ना भी शामिल है,के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा. यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए देय होगी. न्यूनतम अनुदान राशि असिंचित क्षेत्र के लिए 1,000 रुपये,सिंचित क्षेत्र के लिए 2,000 रुपये और शाश्वत एवं बहुवर्षीय फसलों के लिए 2,500 रुपये निर्धारित है. योजना के तहत दरभंगा,गोपालगंज,मुजफ्फरपुर,पश्चिम चंपारण,पूर्वी चंपारण,वैशाली,सारण,कटिहार और पटना जिले के चिह्नित प्रखंडों एवं पंचायतों के प्रभावित किसान आवेदन कर सकते हैं.रैयत और गैर-रैयत किसान भी पात्रकृषि मंत्री ने बताया कि योजना का लाभ पंजीकृत रैयत और गैर-रैयत किसानों को दिया जाएगा. किसान परिवार की परिभाषा में पति,पत्नी और अवयस्क बच्चे शामिल हैं. आवेदन के दौरान आधार सत्यापन के साथ परिवार का विवरण देना अनिवार्य होगा. विवरण में अनियमितता पाए जाने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है. रैयत किसानों को अद्यतन अथवा वित्तीय वर्ष 2023-24,2024-25 या 2025-26 की एलपीसी (भूमि कब्जा प्रमाणपत्र) या लगान रसीद प्रस्तुत करनी होगी. वहीं,गैर-रैयत किसानों को वार्ड सदस्य,मुखिया या सरपंच तथा कृषि समन्वयक से प्रमाणित स्वघोषणा प्रमाणपत्र देना होगा. प्रमाणपत्र का प्रारूप डीबीटी पोर्टल पर उपलब्ध है.ऑनलाइन ऐसे करें आवेदनमंत्री ने बताया कि इच्छुक किसान कृषि विभाग की वेबसाइटhttps://state.bihar.gov.in/krishi/CitizenHome.htmlपर उपलब्ध लिंक अथवा डीबीटी कृषि पोर्टलhttps://dbtagriculture.bihar.gov.inके माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या आवश्यक होगी. प्रभावित प्रखंडों एवं पंचायतों की सूची भी डीबीटी पोर्टल पर उपलब्ध है.योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क किया जा सकता है. इसके अलावा किसान संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई और नीरज कुमार के बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उन्हें इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता. शायराना अंदाज में अनंत सिंह ने कहा, “न मरने का गम है,न जीने की खुशी.”उन्होंने जनता को अपना भगवान बताते हुए कहा कि वही उनकी मालिक है और जनता ही उन्हें वोट देगी.अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि कौन क्या बोल रहा है,इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने पार्टी पर उनके साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप भी लगाया. अनंत सिंह ने दावा किया कि उनके साथ चार बार धोखा हुआ,जबकि ललन सिंह को कई बार मौका मिला. हालांकि,उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति अपना समर्थन जारी रखने की बात कही.समर्थकों की हिरासत पर भी दी प्रतिक्रियाअनंत सिंह ने अपने समर्थक छोटू सिंह को पुलिस द्वारा थाने में बैठाए जाने के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनके लोगों को परेशान कर रही है. साथ ही दावा किया कि ऐसी कार्रवाई से उनके पक्ष में समर्थन बढ़ रहा है. ये आरोप अनंत सिंह के बयान पर आधारित हैं.पटना स्नातक सीट पर त्रिकोणीय मुकाबलाबिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर शुक्रवार को मतदान संपन्न हो गया. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू के नीरज कुमार,जन सुराज के अनुज सिंह और आरजेडी के दिलीप कुमार के बीच मुकाबला है. अनंत सिंह द्वारा अनुज सिंह को समर्थन दिए जाने से चुनावी समीकरण को लेकर चर्चा तेज है.अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार,27 अक्टूबर को मतगणना होगी. उसी दिन चुनावी मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट होगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है. वर्ष 2025 से अब तक यहां 1 लाख 21 हजार 863 करोड़ के 1,091 निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इनसे 68 हजार 807 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है. पात्र निवेशकों को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (बीआईपीपी) के तहत मुफ्त भूमि भी दी जा रही है. यह जानकारी उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने शुक्रवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित विभागीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार निवेशक-अनुकूल नीतियों,बुनियादी ढांचे के विस्तार,भूमि की उपलब्धता,एमएसएमई को मजबूत करने और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे रही है.14,600 एकड़ नई औद्योगिक भूमि तैयारमंत्री ने बताया कि बिहार के विभिन्न हिस्सों में उद्योगों के लिए 14,600 एकड़ से अधिक नई औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराने पर काम चल रहा है. भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 25 जिलों में 28 जगहों पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है. बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से अब तक 521 इकाइयों को 727 एकड़ भूमि आवंटित की है. इससे 18 हजार 380 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 49 हजार 167 नए रोजगार के अवसर बनेंगे.32 लाख वर्ग फीट प्लग एंड प्ले सुविधाराज्य में 94 औद्योगिक क्षेत्रों का नेटवर्क विकसित किया गया है. उद्यमियों के लिए तुरंत काम शुरू करने के उद्देशय से 32 लाख वर्ग फीट से अधिक प्लग एंड प्ले संरचना मौजूद है. इन क्षेत्रों में सड़क,बिजली,पानी और सुरक्षा जैसी सभी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता का ध्यान रखा गया है.डोभी में सीएम करेंगे मैन्युफैक्चरिंग सिटी के पोर्टल का शुभारंभमंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार (24 अक्टूबर) को गया जी के डोभी में 1,670 एकड़ में बनने वाले बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (बीआईएमसीजीएल) के वेब पोर्टल का शुभारंभ करेंगे. इसके बाद भूमि आंवटन की प्रक्रिया शुरू होगी. देश में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी बनाने की योजना है,जिसमें बिहार तेजी से काम कर रहा है.विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि इस परियोजना में विनिर्माण के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी,जिससे यह एक औद्योगिक शहर के रूप में विकसित करेगा. यहां प्रदूषण नियंत्रण के लिए साझा अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (सीईटीपी) और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) भी होगा. इससे बिहार के औ‌द्योगिक परिदृश्य को नई दिशा मिलेगी.सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी की ओर कदममंत्री ने आगे कहा कि बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 के जरिए राज्य में उच्च तकनीक वाले उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है. पटना में 171 करोड़ रुपये के निवेश से 15 एकड़ में एक नया प्रौद्योगिकी केंद्र बनाया जा रहा है. साथ ही राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी विकसित करने का प्रस्ताव भी जल्द कैबिनेट को भेजा जाएगा.उद्यमी और स्टार्टअप योजनाओं में प्रगति- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 6 उप-योजनाओं में 4,075 लाभार्थियों को 3,414 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि दी गई है.- बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत 71,740 लाभार्थियों को 581 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं.- स्टार्टअप बिहार के तहत 1,762 स्टार्टअप पंजीकृत हैं और 103 करोड़ रुपये की फंडिंग दी गई है.- राज्य में 22 इन्क्यूबेशन सेंटर,47 स्टार्टअप सेल और तीन बी-हब को-वर्किंग स्पेस बनाए गए हैं. इस व्यवस्था से नए उद्यमियों को मार्गदर्शन,नेटवर्किंग,कार्यस्थल और वित्तीय सहायता मिल रही है.मौके पर हथकरघा और रेशम निदेशक डॉ. विद्यानंद सिंह एवं एमएसएमई निदेशक अमन समीर भी मौजूद थे.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना:जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग,पटना ने अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सेवा उपलब्ध नहीं कराने से संबंधित मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए भारती टेलीमीडिया लिमिटेड एवं एयरटेल स्टोर को शिकायतकर्ताओं को कुल 1,25,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है. आयोग ने सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए दोनों विपक्षी पक्षों को संयुक्त रूप से उत्तरदायी ठहराया है.प्राप्त जानकारी के अनुसार,परिवाद संख्या 80/2016 में शिकायतकर्ता पुष्कर शर्मा एवं दीप्ति शर्मा ने आरोप लगाया था कि जनवरी 2016 में विदेश यात्रा के दौरान उन्हें मोबाइल नंबर पर अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था,लेकिन मलेशिया के कुआलालंपुर में रहने के दौरान यह सेवा काम नहीं कर सकी. शिकायतकर्ताओं ने इस संबंध में कई बार शिकायत भी दर्ज कराई,लेकिन समस्या का प्रभावी समाधान नहीं किया गया.शिकायतकर्ताओं ने सेवा में कमी के कारण हुई असुविधा,मानसिक परेशानी एवं उत्पीड़न के लिए मुआवजे की मांग की थी. मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों के तर्कों,प्रस्तुत दस्तावेजों,एसएमएस संवादों एवं शिकायतों से संबंधित साक्ष्यों पर विचार किया. आयोग ने पाया कि अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद सेवा प्रभावी रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई. इसे सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया.आयोग ने अपने आदेश में दोनों विपक्षी पक्षों को शिकायतकर्ताओं को असुविधा,उत्पीड़न एवं मानसिक परेशानी के लिए 1,00,000 रुपये मुआवजा तथा मुकदमे के खर्च के रूप में 25,000 रुपये,कुल 1,25,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है. आदेश के अनुसार,निर्धारित राशि का भुगतान आदेश की प्रति प्राप्त होने के 60 दिनों के भीतर करना होगा. निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किए जाने पर बकाया राशि पर भुगतान होने तक 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा.यह निर्णय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग,पटना के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्र एवं सदस्य रजनीश कुमार द्वारा पारित किया गया.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना:बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए शुक्रवार को हो रहे चुनाव में दोपहर बाद मतदान की रफ्तार में तेजी देखने को मिली। शाम चार बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार,चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल43.87प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया,जबकि चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मतदान प्रतिशत74.55रहा। हालांकि,ये आंकड़े अंतरिम हैं और इन्हें अंतिम मतदान प्रतिशत नहीं माना जाना चाहिए।स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोसी सबसे आगेशाम चार बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार,स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोसी में सबसे अधिक52.51प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं,तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में42.15प्रतिशत और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में42प्रतिशत मतदान हुआ। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत36.19रहा,जो इन चारों क्षेत्रों में सबसे कम है।स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोसी में मतदाताओं की भागीदारी अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक रही। वहीं,पटना में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया।शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सारण अव्वलशिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत स्नातक क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक रहा। शाम चार बजे तक सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक87.16प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में79प्रतिशत,तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में78.10प्रतिशत और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में56.89प्रतिशत मतदान हुआ।इन आंकड़ों के अनुसार,शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सारण सबसे आगे रहा,जबकि पटना में मतदान की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही।अंतिम आंकड़ों का इंतजारबिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों पर मतदान को लेकर राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की निगाहें मतदाताओं की भागीदारी पर टिकी हैं। मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को निर्धारित वज्रगृह में सुरक्षित रखा जाएगा। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतगणना होगी।महत्वपूर्ण: शाम चार बजे तक के ये आंकड़े प्रारंभिक रिपोर्ट पर आधारित हैं। मतदान समाप्त होने के बाद निर्वाचन विभाग की ओर से जारी अंतिम आंकड़ों में बदलाव संभव है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : कई छात्र डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं,लेकिन नीट यूजी और जेईई जैसी परीक्षाओं की महंगी कोचिंग फीस कई बार उनकी पहुंच से बाहर होती है. आर्थिक तंगी के कारण कई प्रतिभाशाली छात्रों को अपनी क्षमता के अनुरूप अवसर नहीं मिल पाते,जिसके कारण उन्हें अपने सपनों से समझौता करना पड़ता है. ऐसे में बिहार सरकार ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार विद्या साथी ऐप के जरिए डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है. इसके माध्यम से छात्र अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी और कहीं से भी पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे.क्या कहते हैं छात्र और शिक्षककक्षा10वीं के छात्र तनिश वर्मा बताते हैं कि जबसे उनके विद्यालय का चयन सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल के रूप में किया गया है. इसके बाद से उनके विद्यालय में शैक्षणिक सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है. पहले उनके विद्यालय की साइंस लैब में पर्याप्त उपकरण नहीं थे,जिसके कारण वे कई वैज्ञानिक प्रयोग नहीं कर पाते थे. लेकिन अब साइंस लैब में नए-नए उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं. साथ ही,मैथ्स लैब और आईसीटी लैब जैसी सुविधाएं भी मिली हैं,जिससे उन्हें पढ़ाई को बेहतर तरीके से समझने और प्रैक्टिकल के माध्यम से सीखने का अवसर मिल रहा है.आगे वह बताते हैं कि इसके अलावा बिहार विद्या साथी के माध्यम से उन्हें फिलो ऐप की सुविधा भी दी गई है. इसके माध्यम से किसी भी समय अपने सवालों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं. इससे उनकी पढ़ाई और भी आसान हो गई है. अब उन्हें स्कूल के बाद बाहर ट्यूशन लेने की भी जरूरत नहीं है. इससे अभिभावक के पैसे भी बच रहे हैं. वहीं,पिछले दो से ढाई महीनों में उनके विद्यालय में काफी बदलाव आए हैं. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में उनका विद्यालय और बेहतर बनेगा तथा सभी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी. इसके लिए वह मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने उनके विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की पहल की.विज्ञान विषय के शिक्षक संजय शरद बताते हैं कि मॉडल स्कूल बनने के बाद उनके विद्यालय में साइंस लैब,कंप्यूटर लैब,खेलकूद और भवन सहित कई सुविधाओं का विस्तार हुआ है. अब छात्र आधुनिक उपकरणों और नई तकनीकों से लैब में अवगत हो रहे हैं,जिससे उन्हें काफी लाभ मिल रहा है. मॉडल स्कूल बनाने के लिए वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहते हैं कि उन्होंने ऐसी कल्पना की और इसे हकीकत में तब्दील किया.वह कहते हैं कि गरीब परिवारों के छात्र पहले कभी ऐसा सपना नहीं देख पाते थे कि उनके विद्यालयों में भी निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं होंगी. अब सरकारी स्कूलों में भी ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हो रही है. उनके विद्यालय में अब निजी स्कूलों से नाम कटवाकर छात्र पढ़ने के लिए आ रहे हैं. वहीं,विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है और शिक्षकों को भी पढ़ाने में सहूलियत हो रही है.38जिलों में700मॉडल स्कूलप्राप्त जानकारी के मुताबिक,राज्य के38जिलों में700मॉडल विद्यालयों में कक्षा9वीं से12वीं तक के3लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई में मदद ले रहे हैं. छात्राओं के लिए24x7वन-टू-वन लाइव ट्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए75हजार शिक्षक उपलब्ध हैं. वहीं,जेईई और नीट की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी सुविधा है. एआई आधारित डिजिटल अध्ययन और प्रैक्टिस सामग्री मुफ्त उपलब्ध है.
पटना:बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के लिए शुक्रवार,23 अक्टूबर को मतदान जारी रहा. इस बीच राजद नेता तेजस्वी यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सभी आठ सीटों पर जीत हासिल करेगी. उन्होंने कहा कि पार्टी को उम्मीदवारों के पक्ष में सकारात्मक फीडबैक मिल रहा है.तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए फर्जी मतदाताओं और बोगस मतदान का आरोप भी लगाया. उन्होंने दावा किया कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए पैसे और सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि,इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.चुनाव के लिए कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. निर्वाचन संबंधी आंकड़ों के अनुसार,कुल 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पंजीकृत हैं. इनमें 3,86,199 पुरुष,1,46,611 महिलाएं और 37 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. आठ सीटों के लिए कुल 150 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं.मतदान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं. दोपहर दो बजे तक स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 29.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया,जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का औसत 57.20 प्रतिशत रहा. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में दरभंगा 67 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रहा.वहीं,पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने कुछ मतदान केंद्रों पर कथित फर्जी मतदान का आरोप लगाया. उन्होंने धनरुआ समेत अन्य स्थानों पर संदिग्ध मतदाताओं के पकड़े जाने का दावा किया. हालांकि,इन आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.चुनाव के दौरान कुछ स्थानों पर समर्थकों के बीच विवाद और हंगामे की खबरें भी सामने आईं. प्रशासन की ओर से निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है. अब सभी की नजरें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं,जिससे आठों सीटों पर प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना:बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर शुक्रवार को हो रहे मतदान के बीच पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सियासी घमासान तेज हो गया है. जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार ने विक्ट्री साइन दिखाकर अपनी जीत का दावा किया,वहीं मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह के सरकारी आवास के बाहर उनके समर्थकों ने आतिशबाजी कर जन सुराज समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह की जीत का दावा किया. इस दौरान पुलिस ने बिहार राज्य नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव छोटू सिंह को हिरासत में ले लिया.अनंत सिंह के आवास पर जश्नपटना में शुक्रवार को अनंत सिंह के सरकारी आवास के बाहर समर्थकों ने पटाखे फोड़े और अनुज सिंह की जीत को लेकर उत्साह जताया. अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें अपने उम्मीदवार की जीत का भरोसा है,इसलिए समर्थक पहले से जश्न मना रहे हैं. उन्होंने कहा कि जनता मालिक है और उन्हें जीत की उम्मीद है. जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार की ओर से नीरज कुमार को जीत का आशीर्वाद दिए जाने पर अनंत सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार उनके गुरु हैं.छोटू सिंह को पुलिस ने हिरासत में लियाचुनाव के बीच पुलिस ने छोटू सिंह को पटना के जक्कनपुर इलाके से हिरासत में लिया. उन्हें जक्कनपुर थाने में रखा गया. छोटू सिंह चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह के साथ नजर आए थे और अनुज सिंह के समर्थन में वोट मांग रहे थे. अनंत सिंह ने थाने में मौजूद छोटू सिंह से फोन पर बातचीत भी की. हालांकि,हिरासत में लिए जाने के कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.मोकामा में समर्थकों के बीच झड़पमतदान शुरू होने के बाद मोकामा प्रखंड कार्यालय के पास अनंत सिंह और नीरज कुमार के समर्थक आमने-सामने आ गए. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. एसडीपीओ रामकृष्ण ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग कराया.चुनाव की मतगणना 27 अक्टूबर को होगी. फिलहाल,दोनों पक्षों के दावों के बीच नतीजों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान जारी है. इसी बीच पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कथित फर्जी मतदान को लेकर विवाद खड़ा हो गया. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने कई मतदान केंद्रों पर बोगस वोटिंग होने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि धनरुआ समेत विभिन्न स्थानों पर22से27संदिग्ध मतदाताओं को पकड़ा गया है. हालांकि,इन आरोपों की प्रशासन या किसी स्वतंत्र स्रोत से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.मतदान सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुआ. निर्वाचन प्रक्रिया के तहत राज्य के933मतदान केंद्रों पर कुल5,32,847मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. इनमें3,86,199पुरुष, 1,46,611महिलाएं और37थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. आठ सीटों के लिए कुल150प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं.चुनाव के दौरान मुजफ्फरपुर में भी कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति उत्पन्न हुई. समाहरणालय परिसर में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशियों के कैंप को खाली कराने के मुद्दे पर मजिस्ट्रेट और भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों के बीच नोकझोंक हुई. प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभाली गई.वहीं,मोकामा में मतदान शुरू होने के साथ जदयू और जनसुराज समर्थकों के बीच बहस की सूचना मिली. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीन लोगों को हिरासत में लिया. दूसरी ओर,पटना जिले में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए42फ्लाइंग स्क्वायड टीमों सहित अन्य अधिकारियों को तैनात किया गया है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना:बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए मतदान जारी है. दोपहर2बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार,शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में57.20प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया,जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में29.32प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान प्रतिशत में लगभग27.88प्रतिशत अंकों का अंतर है. आंकड़े बताते हैं कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की गति स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में अधिक रही है.शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में दरभंगा सबसे आगेशिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के आंकड़ों में दरभंगा सबसे आगे रहा,जहां दोपहर2बजे तक67प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. यह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के कुल मतदान प्रतिशत57.20से9.80प्रतिशत अंक अधिक है. वहीं,सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में58.98प्रतिशत मतदान हुआ. सारण का मतदान प्रतिशत भी कुल औसत से अधिक रहा. इससे संकेत मिलता है कि इन क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी अपेक्षाकृत मजबूत रही है.स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कोसी आगेस्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कोसी ने सबसे अधिक मतदान दर्ज किया. यहां दोपहर2बजे तक34.03प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला. यह स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के कुल औसत29.32प्रतिशत से4.71प्रतिशत अंक अधिक है.राजधानी पटना की बात करें तो पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में25.93प्रतिशत मतदान हुआ,जबकि पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में51.79प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई. इस प्रकार पटना में भी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का मतदान प्रतिशत स्नातक की तुलना में काफी अधिक रहा.आंकड़े क्या संकेत देते हैं?अब तक के आंकड़े शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक मतदान और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कम भागीदारी दर्शाते हैं. हालांकि,केवल मतदान प्रतिशत के आधार पर किसी प्रत्याशी की बढ़त या जीत का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा. इसके लिए प्रत्याशियों के समर्थन,मतदाताओं के रुझान और मतगणना के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे.दोपहर2बजे तक के ये आंकड़े मतदान की स्थिति बताते हैं. अंतिम मतदान प्रतिशत में बदलाव संभव है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार विधान परिषद की8सीटों के लिए मतदान लगातार जारी है.इस बीच पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित मिलर स्कूल मतदान केंद्र पर पहचान पत्र में छेड़छाड़ कर मतदान करने की कोशिश के आरोप में तीन लोगों को पकड़ा गया है.मजिस्ट्रेट ने तीनों को पकड़ा,जिसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.मतदान केंद्रों पर प्रशासन और पुलिस की निगरानी बनी हुई है.अधिकारियों की ओर से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है.फिलहाल,मिलर स्कूल बूथ पर पकड़े गए तीनों लोगों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतदान जारी है. मतदान केंद्रों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंच रहे हैं. इसी क्रम में मंत्री अशोक चौधरी पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान करने मिलर स्कूल पहुंचे.मतदान के बाद अशोक चौधरी ने कहा कि फिलहाल मतदान की शुरुआत हुई है और धीरे-धीरे इसमें तेजी आ रही है. उन्हें उम्मीद है कि मतदान प्रतिशत बेहतर रहेगा.वहीं,जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार की जीत को लेकर अशोक चौधरी ने कहा कि पार्टी ने जीत के लिए पूरी मेहनत की है. हालांकि,उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में आखिरी फैसला मतदाताओं के हाथ में होता है. कई बार चुनाव के दिन तक जीत की उम्मीद रहती है,लेकिन नतीजे इसके उलट आते हैं. इसलिए मतदाता ही असली मालिक हैं.वहीं,डॉ. संजीव कुमार के घर पुलिस के पहुंचने के सवाल पर अशोक चौधरी ने कहा कि उन्हें इस मामले में ज्यादा जानकारी नहीं है. पुलिस अपना काम करती है.पटना से अंकित कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार विधान परिषद 2026 की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की 8 सीटों पर शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतदान जारी है. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए दोपहर 12 बजे तक 30.19% मतदान हुआ है. वहीं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए दोपहर 12 बजे तक 12.88% वोटिंग हुई है.बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए जारी मतदान में दोपहर 12 बजे तक के आंकड़े सामने आ चुके हैं. आंकडों के अनुसार शिक्षकों में मतदान को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है. वहीं स्नातक क्षेत्रों में वोटिंग की रफ्तार तुलनात्मक रुप से धीमी बनी हुई है.अब तक मतदान प्रतिशत इस प्रकार है--शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: दोपहर12बजे तक30.19%मतदानस्नातक निर्वाचन क्षेत्र: दोपहर12बजे तक12.88%मतदानस्नातक में कोसी सबसे आगे:17.94%मतदानपटना स्नातक क्षेत्र:15.02%मतदानदरभंगा स्नातक क्षेत्र:13%मतदानतिरहुत स्नातक क्षेत्र:5.55%मतदानशिक्षक क्षेत्र में सारण सबसे आगे:42.55%मतदानदरभंगा शिक्षक क्षेत्र:37.50%मतदानपटना शिक्षक क्षेत्र:30.06%मतदानतिरहुत शिक्षक क्षेत्र: 10.64% मतदानपटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से मतदान जारी है. चुनाव में कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं. इनमें स्नातक कोटे की चार सीटों के लिए 90 और शिक्षक कोटे की सीटों के लिए 60 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. मतदान शाम चार बजे तक निर्धारित है.चुनाव के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों से मतदान,सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी खबरें सामने आ रही है. इसी बीच पटना के जक्कनपुर इलाके से जदयू से निष्कासित छोटू सिंह को एसटीएफ ने हिरासत में लिया है. रिपोर्ट के अनुसार,एसटीएफ और सेल की टीम ने करबिगहिया के पास उन्हें हिरासत में लिया. हालांकि,इस कार्रवाई के विस्तृत कारणों की जानकारी सामने नहीं आई है.मोकामा में समर्थकों के बीच झड़पमोकामा में मतदान शुरू होने के साथ ही जदयू और जन सुराज समर्थकों के बीच बहस और झड़प की स्थिति उत्पन्न हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक,अनंत सिंह के समर्थक राजेश सिंह और नीरज कुमार के समर्थक राहुल रंजन के बीच विवाद हुआ. सूचना मिलने पर डीएसपी मौके पर पहुंचे. तनाव बढ़ने के बाद पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया.सारण में आफाक अहमद पर प्राथमिकीसारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी आफाक अहमद के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह कार्रवाई पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर प्रकाशित एक पोस्ट को लेकर हुई. पोस्ट में शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाने और आफाक अहमद को भारी मतों से जिताने की अपील की गई थी.5.32 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदानचुनाव में कुल 5,32,847 मतदाता पंजीकृत हैं. इनमें 3,86,199 पुरुष,1,46,611 महिलाएं और 37 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. मतगणना 27 अक्टूबर को होगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दिए निर्देश,प्रखंड मुख्यालय के नजदीक जमीन चयन और आधुनिक सुविधाओं वाले कॉलेज भवनों के निर्माण पर जोरपटना: बिहार में शिक्षा व्यवस्था के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने नई कार्ययोजना पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने2,996विद्यालयों के नए भवनों और उनमें16,440कक्षाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। साथ ही,राज्य के211नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों के स्थायी कैंपस आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किए जाएंगे।211डिग्री कॉलेजों में बनेंगे आधुनिक कैंपसमुख्यमंत्री ने पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की बैठक के दौरान कॉलेजों के स्थायी कैंपस की योजना की समीक्षा की। अधिकारियों ने भवनों के डिजाइन,साइट प्लान,फ्लोर प्लान और जमीन की उपलब्धता से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की।प्रस्तावित कैंपस में आधुनिक क्लासरूम,केमिस्ट्री और जूलॉजी लैब,कंप्यूटर लैब,लेक्चर थिएटर,साइंस ब्लॉक,आर्ट ब्लॉक,लाइब्रेरी और किचन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाने की भी योजना है।G+5भवन निर्माण का भी होगा विकल्पमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि211डिग्री कॉलेजों के स्थायी कैंपस का निर्माण जल्द शुरू कराने के लिए जरूरी तैयारियां प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं। भवनों का डिजाइन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए और इसमेंG+5भवन निर्माण का विकल्प भी रखा जाए।उन्होंने कॉलेजों के लिए जमीन चयन के दौरान प्रखंड मुख्यालय के नजदीक स्थित स्थलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया,ताकि विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सके।स्कूल भवन और कक्षाओं का निर्माण समय पर पूरा करने का निर्देशबैठक में विद्यालय भवनों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार2,996नए विद्यालय भवनों और कुल16,440कक्षाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने का निर्देश दिया।सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।15जुलाई से211कॉलेजों में शुरू हुई पढ़ाईमुख्यमंत्री ने बताया कि15जुलाई2026को एक साथ211डिग्री महाविद्यालयों में पठन-पाठन की शुरुआत कराई गई,ताकि विद्यार्थियों को अपने ही प्रखंड में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले। अब इन कॉलेजों के स्थायी कैंपस विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन और बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक अभिषेक पलासिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना: ब्लिंकिट समेत कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा,एक्सपायरी सामान नष्टपटना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुरुवार,22 अक्टूबर को विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों,ब्लिंकिट स्टोर और 9to9 सुपर मार्केट में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में खाद्य पदार्थों के भंडारण,साफ-सफाई और गुणवत्ता की जांच की गई। अनियमितताएं मिलने पर कई प्रतिष्ठानों को 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया।ब्लिंकिट वेयरहाउस में 2.13 करोड़ की सामग्री पर रोकनसीरपुर,ताजपुर,बायपास रोड स्थित ब्लिंकिट वेयरहाउस में जांच के दौरान होल फॉर्म ब्रांड की 276 प्रकार की खाद्य सामग्रियों के लगभग 25 टन वितरण पर रोक लगाई गई। इसके अलावा बेसिक ब्रांड की 3,102 किलोग्राम दाल और 190 किलोग्राम नट्स की बिक्री भी रोक दी गई। इन खाद्य सामग्रियों का कुल अनुमानित मूल्य 2,13,99,535 रुपये बताया गया है।एक्सपायरी और क्षतिग्रस्त सामान नष्टएसके नगर स्थित 9to9 स्टोर में 14,740 रुपये मूल्य के एक्सपायरी और क्षतिग्रस्त खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए। इनमें सत्तू,सूजी,बेसन,आटा,मैदा और मसाले शामिल थे। वहीं,इंद्रपुरी स्थित ब्लिंकिट स्टोर में 49.5 लीटर एक्सपायरी अमूल दूध मिला। चावल,घी,सूजी,अचार,ग्लूकोंडी और चीनी के छह नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।स्वच्छता में कमी,प्रतिष्ठानों को नोटिसआनंदपुरी स्थित ब्लिंकिट स्टोर में धूल और गंदगी मिली। फ्रोजन रूम में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे गए थे। यहां लगभग 190 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई,जिसकी कीमत करीब 16 हजार रुपये है।कंकड़बाग और सादिकपुर स्थित प्रतिष्ठानों में भी खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आईं। रामनगरी मोड़ स्थित आदित्य 9to9 सुपर मार्केट औरYOChina Restaurantमें भी अनियमितताएं मिलीं।विभाग ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को स्वच्छता,सुरक्षित भंडारण और लाइसेंस संबंधी कमियां दूर करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निलंबन सहित नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना: बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर23अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव प्रचार थमने के बाद अब सभी उम्मीदवार अंतिम दौर में मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। मतगणना27अक्टूबर को होगी।चुनाव में कुल5,32,847मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसके लिए933मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस बार मुकाबला एनडीए और महागठबंधन तक सीमित नहीं है। जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारकर चुनावी समीकरण को बहुकोणीय बना दिया है।पटना स्नातक सीट पर सबकी नजरपटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच मुकाबला चर्चा में है। राजद के दिलीप कुमार,कांग्रेस के असदुल्लाह खान और आम आदमी पार्टी के हिमांशु पटेल भी मैदान में हैं। जदयू विधायक अनंत सिंह द्वारा जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किए जाने से इस सीट की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।अन्य सीटों पर भी बहुकोणीय मुकाबलापटना शिक्षक सीट पर भाजपा के नवल किशोर यादव के सामने राजद,कांग्रेस और जन सुराज के उम्मीदवार हैं। दरभंगा स्नातक और शिक्षक तथा तिरहुत स्नातक और शिक्षक सीटों पर भी विभिन्न दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। कोसी स्नातक और सारण शिक्षक सीट पर भी मुकाबला अहम माना जा रहा है।अब सभी की नजरें 23 अक्टूबर के मतदान और 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।