

रविवार, 18 अक्टूबर 2026
Liveकोलकाता:बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कोलकाता स्थित पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (EZCC)में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में बिहार की समृद्ध कला,सांस्कृतिक परंपराओं एवं ऐतिहासिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाने तथा राज्य की सांस्कृतिक गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई.बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान बिहार में आगामी 10 सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए. इन प्रस्तावों में नाटक एवं रंगमंच से संबंधित कार्यक्रमों के साथ-साथ संगीत,सांस्कृतिक उत्सवों और महोत्सवों के आयोजन को विशेष महत्व दिया गया. कार्यक्रमों के माध्यम से बिहार की लोककलाओं,पारंपरिक संगीत,नाट्य परंपराओं और स्थानीय कलाकारों को व्यापक मंच उपलब्ध कराने तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर भी विचार-विमर्श हुआ.इस अवसर पर मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार की कला और संस्कृति हमारी गौरवशाली सभ्यता,ऐतिहासिक परंपराओं और सामाजिक चेतना की पहचान है. राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना,कलाकारों को प्रोत्साहित करना और बिहार की कला को देशभर में नई पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है. आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से कलाकारों को अवसर प्रदान करने के साथ बिहार की सांस्कृतिक समृद्धि को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. बैठक मेंEZCCके निदेशक सुदेश शर्मा,उप निदेशक (कार्यक्रम) डॉ. तपस कुमार सामंतराय समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.बैठक के उपरांत मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने इंडियन म्यूजियम एवं एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स का भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने कला,संस्कृति,कलात्मक अभिव्यक्ति एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रूपी सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने हेमंत सोरेन,कल्पना सोरेन और पूरे परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संथाली भाषा में एक्स पर पोस्ट कर रूपी सोरेन के निधन पर दुख जताया. उन्होंने रूपी सोरेन के जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए किए गए कार्यों को याद किया और उनके निधन को दुखद बताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि शोक की इस घड़ी में उनकी संवेदनाएं हेमन्त सोरेन,कल्पना सोरेन और उनके परिजनों के साथ है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "रूपी सोरेन जी के निधन से बहुत दुख हुआ है. उन्होंने सदैव जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किए. शोक की इस घड़ी में हेमन्त सोरेन जी,कल्पना जी और उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं." प्रधानमंत्री के शोक संदेश में रूपी सोरेन के सामाजिक योगदान के साथ-साथ सोरेन परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की गई है. उन्होंने इस दुख की घड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,कल्पना सोरेन और उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई है.राजेश पाठक की रिपोर्ट--
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से 24वीं किस्त जारी करने की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में किसानों को किसी भी वायरल मैसेज या तारीख के दावे पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी, जिसमें 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी गई थी।24वीं किस्त का लाभ लेने के लिए किसानों का e-KYC पूरा होना जरूरी है। इसके साथ बैंक खाता आधार से लिंक और DBT के लिए सक्रिय होना चाहिए। भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन भी योजना के तहत महत्वपूर्ण है। आधार, बैंक खाते या जमीन के रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर भुगतान अटक सकता है।किसान अपनी स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प चुनना होगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा दर्ज कर OTP वेरिफिकेशन करना होगा। स्क्रीन पर पात्रता, e-KYC और भुगतान से जुड़ी जानकारी दिखाई देगी। उपलब्ध होने पर भुगतान की तारीख और UTR नंबर भी देखा जा सकता है।किसानों को सलाह है कि अगली किस्त से पहले सभी जरूरी रिकॉर्ड और e-KYC की स्थिति जरूर जांच लें।
वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बीच भारत में निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें शनिवार के शुरुआती घंटों से तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नायरा एनर्जी देशभर में 7,108 पेट्रोल पंप संचालित करती है। कंपनी की ओर से कीमत बढ़ाने के कारणों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। बताया गया है कि ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के कारण ईंधन खुदरा विक्रेताओं पर दबाव बढ़ा है।इस साल मार्च में भी नायरा ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पांच और तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। बाद में पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद कंपनी ने एक जुलाई को यह बढ़ोतरी वापस लेते हुए दोनों ईंधनों के दाम घटा दिए थे।इधर, देश में डीजल की बिक्री सीमा को लेकर भी चर्चा चल रही है। पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने कहा है कि किसी को भी पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित करने की अनुमति नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब जियो-बीपी और नायरा एनर्जी के कुछ पंपों पर डीजल की खरीद की सीमा लगाए जाने की खबरें सामने आई हैं।रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा और थोक डीजल कीमतों में बड़ा अंतर होने से कुछ औद्योगिक उपभोक्ता खुदरा पंपों से बड़ी मात्रा में डीजल खरीद रहे हैं। इससे कुछ पंपों के स्टॉक पर दबाव पड़ रहा है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
Delhi :दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट मेंIRCTC होटल टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपी पेश हुए. हालांकि, आरोप तय करने की औपचारिक कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी. अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है.मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे. जांच एजेंसियों का आरोप है कि रेलवे के रांची और पुरी स्थितBNR होटलों के संचालन और रखरखाव का ठेका सुजाता होटल्स को देने में कथित अनियमितताएं हुईं. एजेंसियों के अनुसार, इसके बदले पटना में जमीन से जुड़े लेन-देन किए गए.ED की जांच में जमीन और उससे जुड़ी कंपनी के शेयरों के हस्तांतरण को भी मामले से जोड़ा गया है. एजेंसी का आरोप है कि बाद में संबंधित कंपनी पर राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का नियंत्रण हुआ.कोर्ट ने 10 सितंबर को कुल 16 आरोपियों में से नौ के खिलाफPMLA के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था. इनमें लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव के अलावा प्रेम चंद गुप्ता, सरला गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स, सुजाता होटल्स, विनय कोचर और विजय कोचर शामिल हैं. सात आरोपियों को डिस्चार्ज किया गया था.लालू परिवार आरोपों से इनकार करता रहा है. आरोप तय करने का आदेश दोषसिद्धि नहीं है. मामले मेंCBI औरED की जांच अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ रही है.संजय कुमार की रिपोर्ट
दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई दिल्ली में श्रीलंका की सत्ताधारी पार्टी जनता विमुक्ति पेरामुना(जेवीपी) के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. इस मौके पर दोनों देशों के बीच गहरे सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों खासकर उनकी साझा बौद्ध विरासत पर बातचीत हुई.श्रीलंका की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी के महासचिव तिलविन सिल्वा कर रहे थे. यह टीम 27 सितंबर को भारत आया था. यात्रा के अंतिम दिन भाजपा मुख्यालय में जेवीपी के प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से कई मुद्दों पर चर्चा की. पार्टी प्रमुख ने उम्मीद की है कि प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से नियमित संस्थागत बातचीत की शुरुआत होगी और उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भारत की अपनी अगली यात्रा के दौरान बिहार आने का न्योता भी दिया.भाजपा अध्यक्ष ने श्रीलंकाई दल को भाजपा की संगठनात्मक यात्रा , जमीनी पकड़ और नेतृत्व की अगली पीढ़ी के बारे में भी जानकारी दी. पार्टी के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल से पीएम नरेंद्र मोदी के महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने,कौशल विकास,उद्यमिता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में भी जानकारी दी .
दिल्ली:भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई दिल्ली स्थित बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में सभी प्रदेशों के प्रभारी और सह-प्रभारियों की पहली महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित किया. बैठक में विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा संगठन के कामकाज को गति देने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई.नितिन नवीन ने अपने संबोधन में संगठन को मजबूत और प्रभावी बनाने पर जोर दिया. उन्होंने विभिन्न प्रदेशों में चल रहे संगठनात्मक कार्यों की गति बढ़ाने और पार्टी के कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया.बैठक में बिहार और झारखंड समेत विभिन्न प्रदेशों के संगठन से जुड़े पदाधिकारी और प्रभारी शामिल हुए. झारखंड की सह-प्रभारी एवं बिहार विधान परिषद सदस्य निवेदिता सिंह ने भी बैठक में हिस्सा लिया. उन्होंने बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का मार्गदर्शन संगठन को और अधिक मजबूत बनाने में कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है.बीजेपी की ओर से संगठन के विस्तार,मजबूती और जनसेवा से जुड़े संकल्प को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है. बैठक में प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक कार्यों को गति देने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय के विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया.नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों के साथ यह पहली महत्वपूर्ण बैठक बताई गई है. पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन की मजबूती और विस्तार के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास जारी रहेंगे.संजय कुमार की रिपोर्ट-
यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों और देश के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय सूचना आयोग यानी CIC ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को एक ऐतिहासिक निर्देश दिया है। इसके तहत अब 2018 से 2023 तक के चयनित उम्मीदवारों के पेपर-वाइज़ (Paper-wise) नंबर यानी हर जीएस पेपर, वैकल्पिक विषय और पर्सनैलिटी टेस्ट के अंक सार्वजनिक करने होंगे.मामले की शुरुआत नवंबर 2024 में हुई, जब एक उम्मीदवार, अनिकेत कुमार गुप्ता ने आरटीआई (RTI) के ज़रिए पिछले 10 सालों के चयनित उम्मीदवारों के पेपर-वाइज़ अंकों का ब्योरा मांगा था।आपको बता दें कि साल 2017 तक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के पेपर-वाइज़ नंबर पब्लिक किए जाते थे, लेकिन 2018 से यह व्यवस्था अचानक बंद कर दी गई थी और सिर्फ कुल (Total) अंक ही बताए जाते थे।जब सीआईसी ने इस मामले की सुनवाई की, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। DoPT और यूपीएससी के पास ऐसा कोई भी लिखित रिकॉर्ड या सरकारी आदेश नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि 2017 के बाद पेपरवार अंक देने की व्यवस्था किस आधार पर बंद की गई थी!सुनवाई के दौरान DoPT ने यह डर जरूर जताया कि पेपर-वाइज़ नंबर पब्लिश होने से कोचिंग संस्थान ऑप्शनल सब्जेक्ट्स का कमर्शियल इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन, आयोग ने इस दलील को खारिज कर दिया क्योंकि इस फैसले के समर्थन में कोई आधिकारिक पॉलिसी डॉक्यूमेंट मौजूद नहीं था।सीआईसी ने साफ कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। चूंकि चयनित कैंडिडेट्स के नाम, कैटेगरी और टोटल मार्क्स पहले से ही पब्लिक डोमेन में हैं, इसलिए डिटेल्ड मार्क्स मिलने से चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और मजबूत होगी।केंद्रीय सूचना आयोग ने आदेश दिया है कि आदेश मिलने के तीन हफ्ते के भीतर साल 2018 से 2023 के बीच चुने गए उम्मीदवारों के विस्तृत अंक आवेदक को उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, आरटीआई एक्ट की धारा 25(5) के तहत यह सलाह भी दी गई है कि भविष्य के लिए पेपर-वाइज़ नंबर पब्लिश करने की पुरानी व्यवस्था को फिर से बहाल किया जाए।इस फैसले से यूपीएससी परीक्षा प्रणाली में और अधिक पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
नई दिल्ली : भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन “विकसित भारत की यात्रा के वित्तपोषण” में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के हितों को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए दलीय राजनीति से ऊपर उठकर आर्थिक रूप से पिछड़े राज्यों को विशेष सहयोग देना अनिवार्य है. यह सम्मेलन 18–19 सितंबर को केंद्रीय वित्त मंत्री एवं सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की उपस्थिति में आयोजित हुआ.वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष2047तक विकसित भारत का लक्ष्य केवल मजबूत अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण भी इसका आधार होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रति व्यक्ति आय, जीडीपी, विनिर्माण उत्पादन और वित्तीय आंकड़े तब तक सार्थक नहीं हैं जब तक समाज की वास्तविक आर्थिक और सामाजिक स्थिति का समुचित आकलन न हो.उन्होंने वर्तमान राजनीति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जाति और धर्म के आधार पर विभाजन देश के समग्र विकास में बाधा है. भारत की प्रति व्यक्ति आय अभी भी वैश्विक शीर्ष देशों से काफी कम है और आय वितरण की असमानता एक बड़ी चुनौती है. नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन के दावे जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी होने चाहिए.कृषि क्षेत्र पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि देश की70%आबादी गांवों में रहती है और आधी खेती वर्षा पर निर्भर है. ऐसे में सिंचाई, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में वित्तपोषण बढ़ाना जरूरी है. साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में निवेश को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई.झारखंड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियों के कारण राज्य को20,000से22,000करोड़ रुपये तक की संभावित आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है. खनिज क्षेत्र में संशोधनों और कर नीतियों ने राज्य के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है.हालांकि, झारखंड की वित्तीय उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य नीति आयोग की‘अचीवर’ श्रेणी में शामिल है, राजस्व संग्रह मजबूत है, राजकोषीय घाटा नियंत्रित है और पूंजीगत व्यय उच्च स्तर पर बना हुआ है.अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखीं—खनन पर सेस लगाने का अधिकार पुनर्बहाल किया जाए, जीएसटी से हुई क्षति की भरपाई की जाए और जी-राम-जी योजना में90:10का अनुपात बहाल किया जाए. उन्होंने कहा कि राज्यों के सशक्त होने से ही भारत विकसित बन सकेगा.विकसित भारत की यात्रा के वित्तपोषण” कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधिमंडल में झारखंड वित्त सचिव प्रशांत कुमार, अपर सचिव कर्ण सत्यार्थी, चन्द्रभूषण प्रसाद, संयुक्त सचिव, अनिरबान आईच, मंत्री के आप्त सचिव, नरेन्द्र कुमार, मंत्री के आप्त सचिव उपस्थित रहे.राजेश पाठक की रिपोर्ट-
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को20वें रोजगार मेले के दौरान युवाओं को संबोधित किया. देशभर में आयोजित रोजगार मेले के45स्थानों पर51हजार से अधिक नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए. प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में हिस्सा लिया और नए नियुक्त कर्मचारियों को संबोधित किया.प्रधानमंत्री ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हर मोर्चे पर काम कर रही है. प्रधानमंत्री ने नए नियुक्त सरकारी कर्मचारियों से नागरिकों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया और कहा कि“नागरिक देवो भवः” हर सरकारी कर्मचारी का मंत्र होना चाहिए.20वें रोजगार मेले में नियुक्त होने वाले युवा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अपनी सेवाएं देंगे. इनमें राजस्व विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वित्तीय सेवा विभाग और रक्षा मंत्रालय सहित कई विभाग शामिल हैं.PIB के अनुसार, 20वें रोजगार मेले के साथ अब तक रोजगार मेलों के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में करीब12.75लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं. रोजगार मेले का उद्देश्य सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया को तेज करना और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है.सरकार के मुताबिक, रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने के साथ-साथ कौशल विकास और करियर से जुड़े अवसरों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.संजय कुमार की रिपोर्ट-
दिल्ली: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना से पटना-थावे इंटरसिटी के परिचालन समय में बदलाव और यात्रा अवधि घटाने का आग्रह किया है. दिल्ली प्रवास के दौरान बुधवार को मिथिलेश तिवारी ने रेल भवन में सोमन्ना से मुलाकात की. उन्होंने इस ट्रेन का परिचालन पटना जंक्शन से सुबह5बजे और थावे जंक्शन से शाम7बजे सुनिश्चित करने की मांग की. अभी यह ट्रेन पटना से दोपहर12.10बजे खुलती है और शाम7बजे थावे पहुंचती है. वापसी में रात8.05बजे थावे से खुल कर तड़के3.20बजे पटना पहुंचती है. तिवारी ने बताया कि प्रतिकूल समय और यात्रा अवधि ज्यादा होने से यात्रियों को भी काफी परेशानी होती है. दोनों मंत्रियों के बीच गोपालगंज में रेल सुविधाओं के विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर भी विमर्श हुआ. तिवारी ने गोपालगंज से दिल्ली सहित प्रमुख महानगरों के लिए नई रेल सेवाएं शुरू करने का आग्रह किया. उन्होंने गोरखपुर-गोपालगंज-मशरख होते हुए पटना के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग भी रखी. इसके अलावा ताप्ती-गंगा एक्सप्रेस का सिधवलिया स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने,अमृत भारत योजना के तहत बैकुंठपुर और सिधवलिया रेलवे स्टेशनों का विकास,दिघवा दुबौली में आरओबी व आरयूबी निर्माण के कार्य में तेजी लाने का भी अनुरोध किया. शिक्षा मंत्री ने गोपालगंज के सिधवलिया रेलवे स्टेशन पर नवनिर्मित रैक प्वाइंट के उद्घाटन के लिए रेल राज्य मंत्री को आमंत्रित किया. सोमन्ना ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया. शिक्षा मंत्री तिवारी ने कहा कि गोपालगंज और बैकुंठपुर की जनता की रेल सुविधाओं से जुड़ी अपेक्षाओं को पूरा कराने के लिए मैं निरंतर प्रयासरत हूं. क्षेत्र के विकास,व्यापार,रोजगार,शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी बहुत जरूरी है. क्षेत्रवासियों को सुगम और बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है.
दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में संभावित मंत्रिमंडल बदलाव को लेकर बिहार की सियासत में हलचल तेज है. इसी बीच जनता दल यूनाइटेड यानीJDU को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. नवभारत टाइम्स की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी कैबिनेट सेJDU के किसी मौजूदा मंत्री को हटाए जाने की संभावना नहीं है. इसके उलट पार्टी ने केंद्र में तीसरे मंत्री पद की मांग कर दी है.सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है किJDU फिलहाल केंद्र सरकार में दो मंत्रियों के साथ है और अब एक और मंत्रालय चाहती है. पार्टी की ओर से यह मांग राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के संदर्भ में की गई है.JDU का तर्क है कि हरिवंश की स्थिति में बदलाव के बाद पार्टी के कोटे में एक और मंत्री पद होना चाहिए.दरअसल, पिछले कुछ दिनों से मोदी मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार या फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं. इसी क्रम मेंJDU के भीतर भी अलग-अलग नामों और संभावित बदलाव को लेकर अटकलें सामने आई थीं. हालांकि, ताजा रिपोर्ट इन अटकलों के बीचJDU के लिए राहत देने वाली है.सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अपने मौजूदा मंत्रियों को बनाए रखने के साथ केंद्र में अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश में है. तीसरे मंत्री पद की मांग कोJDU के प्रभाव औरNDA में उसकी भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है.यानी फिलहालJDU के किसी केंद्रीय मंत्री की छुट्टी की बात सामने नहीं आई है. बल्कि पार्टी ने तीसरे मंत्रालय की मांग रखकर साफ संकेत दिया है कि वह केंद्र में अपनी हिस्सेदारी और प्रभाव को और मजबूत करना चाहती है.संजय कुमार की रिपोर्ट---
नई दिल्ली : बिहार के खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे से मुलाकात कर बिहार में खनन क्षेत्र के संबंध में कई महत्वपूर्ण विषयों पर एक अहम बैठक की.भागलपुर के कोल (Coal) रिजर्व क्षेत्र में खनन से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा हुई. इसके अलावा पत्थर भूखंडों की नीलामी, खनन के क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने और आगामी दिनों में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (जीएसआई) के साथ मीटिंग करने आदि विषय शामिल रहे. बैठक में केंद्र सरकार के खनन सचिव, सहायक सचिव समेत बिहार सरकार के सचिव अवनीश कुमार भी शामिल हुए.राजीव रंजन की रिपोर्ट-
Delhi : दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट नेIRCTCमनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव,राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत9आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है.मामला उस कथित अनियमितता से जुड़ा है,जिसमें रांची और पुरी स्थितIRCTCके होटलों के रखरखाव का ठेका देने में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि रेल मंत्री रहते लालू प्रसाद यादव ने पद का कथित दुरुपयोग करते हुए होटल टेंडर में अनियमितता की. इसी मामले में कथित बेनामी संपत्ति और लेन-देन को लेकर भी जांच हुई है. लालू प्रसाद यादव इस मामले में प्रमुख आरोपी हैं. उनके साथ बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी आरोपी बनाए गए हैं.कोर्ट के आदेश के मुताबिक,कुल9आरोपियों के खिलाफ अब मामले में आगे कानूनी कार्रवाई चलेगी.वहीं, 7अन्य आरोपियों को कोर्ट ने डिस्चार्ज कर दिया है. अब इस मामले में अगली अहम तारीख3अक्टूबर होगी.3अक्टूबर को आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएंगे. इसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी. हालांकि,आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है.अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को अपने आरोप साबित करने होंगे और आरोपियों को अपना पक्ष रखने का पूरा कानूनी अधिकार होगा.IRCTCहोटल टेंडर से जुड़े इस मामले में कोर्ट के ताजा आदेश के बाद लालू परिवार की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं.संजय कुमार की रिपोर्ट-
भुवनेश्वर: जानी-मानी आध्यात्मिक गुरु साध्वी ऋतम्भरा ने मंगलवार कोKIIT औरKISS के कैंपस का दौरा किया. उन्होंने संस्थान को'असाधारण' बताया और कहा कि इसमें सभी तीर्थस्थलों की पवित्रता समाहित है.उन्होंने छात्राओं को आशीर्वाद दिया और कहा कि वह कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही हैं. हालांकि, शिक्षाविद और समाजसेवी डॉ. अच्युत सामंत द्वारा स्थापितKISS देश का एक असाधारण संस्थान है.उन्होंने कहा, "यहां आकर मुझे इतनी खुशी हुई है कि इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.KISS में सभी तीर्थस्थलों की पवित्रता और सभी देवताओं की दिव्यता समाहित है."KIIT औरKISS के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत के काम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, "KISS एक व्यक्ति के समर्पण और तपस्या को दर्शाता है. आज मैंने यहां देखा है कि तपस्या, कड़ी मेहनत और समर्पण का असल अर्थ क्या होता है."KISS में बच्चों के अनुशासन और मूल्यों को देखकर उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि "यही असली भारत है." उन्होंने कहा किKISS के छात्रों को गर्व महसूस करना चाहिए क्योंकि वे डॉ. सामंत के मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं.उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि लोगों को केवल सलाह देने के बजाय दूसरों की मदद करनी चाहिए. उन्होंने कहा, "यहां बच्चों को न केवल आत्म-सम्मान के साथ जीना सिखाया जाता है, बल्कि आत्मनिर्भर बनना भी सिखाया जाता है. कोई व्यक्ति तभी आत्म-सम्मान के साथ जी सकता है जब वह आत्मनिर्भर हो."डॉ. सामंत ने स्वागत भाषण दिया, जबकि KISS के वाइस चांसलर प्रो. सरनजीत सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया. जाने-माने शिक्षाविद अशोक पांडे ने अतिथियों का परिचय कराया.
दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट्स एक्ट,1961 के तहत स्टेट बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पुनर्गठन को लेकर को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. भारतके चीफ जस्टिस सूर्यकांत,जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने यह आदेश जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य निर्देश में2 सप्ताह में को-ऑप्शन प्रक्रिया पूरा करने का अनुरोध है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से कहा है कि वे नए चुने गए सदस्यों के साथ परामर्श कर दो महिला सदस्यों (पूर्व महिला न्यायाधीश या वरिष्ठ महिला वकील) के नॉमिनेशन (Co-option)का काम 2 सप्ताह के भीतर पूरा करें. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हर स्टेट बार काउंसिल में महिलाओं का 30% प्रतिनिधित्व अनिवार्य है. इसमें से 20% सदस्य सीधे चुनाव द्वारा चुनी गई हैं और शेष 10% सदस्य को-ऑप्शन के जरिए तय की जा रही हैं. को-ऑप्शन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 1 सप्ताह के भीतर स्टेट बार काउंसिल की नई संरचना (composition)को अधिसूचित करने के निर्देश दिए गए हैं. गठन अधिसूचित होने के 2 सप्ताह के भीतर सभी स्टेट बार काउंसिल अपने अध्यक्ष,उपाध्यक्ष,अन्य पदाधिकारियों और बार काउंसिल ऑफ इंडिया बार काउंसिल ऑफ इंडिया के लिए अपने 1-1 प्रतिनिधि का चुनाव करेंगी. जब तक नई बार काउंसिल ऑफ इंडिया का गठन नहीं हो जाता,तब तक किसी भी बड़े नीतिगत फैसले में भारत के अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को सक्रिय रूप से शामिल रखा जाएगा. सभी राज्यों की बार काउंसिल को इस प्रक्रिया पर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई 23 सितंबर,2026 को करेगा.आनंद वर्मा की रिपोर्ट--
दिल्ली: बिहार कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावारु के नेतृत्व को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दिल्ली तक पहुंच गया है. पार्टी के भीतर नाराज और समर्थक खेमे आमने-सामने हैं. मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्यालय इंदिरा भवन के बाहर करीब तीन दर्जन निष्कासित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना देकर दोनों नेताओं को पद से हटाने की मांग की.प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा. साथ ही निलंबित और निष्कासित नेताओं के मामलों की समीक्षा की मांग भी उठाई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिहार कांग्रेस में लंबे समय से संगठनात्मक समस्याएं बनी हुई है. नेताओं ने हाथों में‘डरो मत’ लिखी तख्तियां लेकर प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई.विरोध के बीच राजेश राम और कृष्णा अल्लावारु के समर्थन में दलित मिशन भी सामने आया है. संगठन की ओर से पोस्टर जारी कर दोनों नेताओं के समर्थन में एकजुटता की अपील की गई. पोस्टर में विरोध कर रहे नेताओं से सवाल पूछा गया कि राहुल गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार, मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान और सदाकत आश्रम पर हुए हमले के समय उनका रुख क्या था.दलित मिशन ने सरकार के खिलाफ हुए आंदोलनों में विरोधी नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाया है. पोस्टर में कहा गया कि दलित, पिछड़े, वंचित और युवा कार्यकर्ताओं की भागीदारी को सामाजिक न्याय से जोड़कर देखा जाना चाहिए.इस घटनाक्रम से बिहार कांग्रेस का अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है और आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर इसका असर दिखने की संभावना है.संजय कुमार की रिपोर्ट--
बेंगलुरु: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर,बेंगलुरु में आयोजित बिहार महोत्सव 2026 के समापन के अवसर पर कहा कि यह महोत्सव बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत,जीवटता और उज्ज्वल भविष्य का उत्सव के साथ साथ प्रवासी बिहारियों को अपने जड़ों से जुड़े रहने का बहुत ही महत्वपूर्ण एवं सफल प्रयास है.उन्होंने कहा कि बिहार केवल इतिहास की भूमि नहीं,बल्कि भविष्य की भी भूमि है. कृषि क्षेत्र में बिहार नई क्रांति की ओर अग्रसर है. किसानों की आय बढ़ाने,प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने,आधुनिक कृषि तकनीक,कृषि यंत्रीकरण,सिंचाई तथा डिजिटल कृषि के विस्तार पर सरकार निरंतर कार्य कर रही है.सिन्हा ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में मखाना,लीची,जर्दालु आम और कतरनी चावल जैसे बिहार के पारंपरिक उत्पाद आज जीआई टैग के माध्यम से देश-दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं. मखाना को वैश्विक बाजार में बिहार की समृद्धि का प्रतीक बनाने का प्रयास किया जा रहा है.उन्होंने बेंगलुरु में रह रहे बिहारवासियों से बिहार के नवनिर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया तथा गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी और आर्ट ऑफ लिविंग परिवार के प्रति बिहार महोत्सव के आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया.राजीव रंजन की रिपोर्ट--
नेपाल में तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ की चपेट में आने से कई गांव और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साइट्स के बहने की खबर है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की आशंका जताई है।सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में नेपाल का पहाड़ी जिला रसुवा बताया जा रहा है। यहां स्याप्रु बेसी और तिमुरे इलाके बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अचानक आई बाढ़ के कारण कई जगहों पर संपर्क भी प्रभावित हुआ है। वहीं, बाढ़ में 28 पुलिसकर्मियों के लापता होने की सूचना सामने आई है।प्रशासन ने भोटे कोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। लोगों से नदी के आसपास के इलाकों को छोड़कर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है। अधिकारियों को आशंका है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में हालात और गंभीर हो सकते हैं।रसुवा के जिला प्रशासक नरेंद्र परियार ने बताया कि गांवों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साइट्स के बह जाने की खबरें मिली हैं। हालांकि, फिलहाल जान-माल के नुकसान का पुख्ता आकलन नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि नुकसान काफी बड़ा हो सकता है, लेकिन अभी निश्चित तौर पर कुछ कहना संभव नहीं है।बाढ़ के बाद स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाने और लापता पुलिसकर्मियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है।