
रविवार, 18 अक्टूबर 2026
Liveपटना : नवरात्र के पावन अवसर पर शनिवार को नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव पटना सिटी स्थित तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचे. यहां उन्होंने गुरु दरबार में हाजिरी लगाई और मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया. इस दौरान गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा.महामहिम के आगमन पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से उनका स्वागत और अभिनंदन किया गया. कमेटी के अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें सम्मान स्वरूप शस्त्र भेंट किया. इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे.पटना साहिब सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली होने के कारण देश-दुनिया के सिख श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है. यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर गुरु दरबार में मत्था टेकते हैं और गुरु साहिब की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हैं. नवरात्र के अवसर पर महामहिम का गुरुद्वारा पहुंचना धार्मिक सौहार्द और विभिन्न आस्थाओं के प्रति सम्मान के भाव को भी दर्शाता है.गुरु दरबार में हाजिरी लगाने के बाद महामहिम नंदकिशोर यादव ने नवरात्र के पावन पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने इस अवसर पर सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की. नवरात्र का पर्व शक्ति की आराधना, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक माना जाता है. इन दिनों देशभर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है.नागालैंड के राज्यपाल के पटना साहिब आगमन के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही द्वारा किया गया स्वागत कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा. धार्मिक स्थल पर मत्था टेकने और देशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं देने के साथ उनका यह दौरा संपन्न हुआ.पटना से उमेश चौबे की रिपोर्ट-
पटना:बिहार के जदयू विधायक अनंत सिंह नवरात्र के अवसर पर राजधानी पटना के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों का भ्रमण कर रहे हैं. इस दौरान वे मां दुर्गा के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं.पूजा पंडालों के भ्रमण के दौरान अनंत सिंह ने चुनावी माहौल को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वे मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं. इसके साथ ही उन्होंने अनुज सिंह की जीत का दावा करते हुए कहा कि विरोधियों की जमानत जब्त हो जाएगी.अनंत सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. नवरात्र के धार्मिक माहौल के बीच उनका यह बयान चुनावी सियासत से भी जुड़ गया है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना सिटी: नवरात्र के पावन अवसर पर चैलीटाल स्थित श्री मनोरंजन दुर्गा समिति की ओर से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां वर्ष1933से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा चली आ रही है। नौ दशक से अधिक पुरानी यह परंपरा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनी हुई है। नवरात्र के दौरान पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भक्त मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।मधुबनी पेंटिंग से सजा तोरण द्वार बना आकर्षणइस वर्ष दुर्गापूजा के आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। आर्ट कॉलेज के छात्रों ने मधुबनी पेंटिंग से आकर्षक तोरण द्वार तैयार किया है। पारंपरिक मिथिला चित्रकला से सजे इस द्वार पर बिहार की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई दे रही है। इसकी कलात्मक सजावट श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।राज्यपाल नंदकिशोर यादव ने की पूजा-अर्चनाशनिवार को नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव चैलीटाल स्थित पूजा स्थल पहुंचे। उन्होंने मां दुर्गा के दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देशवासियों की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान पटना साहिब के विधायक रत्नेश कुमार भी उनके साथ मौजूद रहे।पूजा समिति और प्रबंधक मंडल के सदस्यों ने राज्यपाल को मां दुर्गा की चुनरी भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पटना की मेयर सीता साहू,डिप्टी मेयर रश्मि चंद्रवंशी,पूर्व पार्षद प्रमोद गुप्ता,भारत अकादमी के अध्यक्ष नागेंद्र पांडे तथा समिति के सदस्य दीपू रंजन उर्फ राजू पप्पू मेहता समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।आस्था के साथ लोककला को भी मिल रहा बढ़ावापूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है। वर्ष 1933 से चली आ रही दुर्गापूजा की परंपरा इस आयोजन को ऐतिहासिक पहचान देती है, वहीं मधुबनी पेंटिंग से सजा तोरण द्वार इसकी सांस्कृतिक खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है। श्री मनोरंजन दुर्गा समिति का यह आयोजन धार्मिक परंपराओं को सहेजने के साथ स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का भी प्रयास है।पटना सिटी से उमेश चौबे की रिपोर्ट
किशनगंज: विदेश में नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर सीमांचल के बेरोजगार युवाओं से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी करने और अवैध तरीके से विदेश भेजने के मामले में किशनगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एसटीएफ के सहयोग से पटना में छापेमारी कर दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पूर्णिया जिले के रौटा निवासी हाजी नाहिद गनी और अनगढ़ निवासी मोहम्मद तवरेज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ किशनगंज और पूर्णिया जिले के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। आरोप है कि हाजी नाहिद गनी प्राइवेट लिमिटेड और ताइबा इंटरनेशनल टूर एंड ट्रैवल्स के माध्यम से युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने की कार्रवाईपुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने एसटीएफ की मदद से दोनों आरोपितों को पटना से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, हाजी नाहिद गनी के खिलाफ किशनगंज और पूर्णिया जिले में विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर ठगी के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।मामले में एसडीपीओ खुसरु सिराज ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।दुबई,सऊदी अरब,थाईलैंड और मलेशिया में नौकरी का दिया जाता था प्रलोभनपुलिस के अनुसार, आरोपितों पर सीमांचल के हजारों बेरोजगार युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देने का आरोप है। युवाओं को दुबई, सऊदी अरब, थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों में रोजगार दिलाने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।पुलिस को आशंका है कि इस कथित नेटवर्क के जरिए मलेशिया में सक्रिय एजेंटों के साथ मिलकर युवाओं को डंकी रूट से अवैध तरीके से विदेश भेजा जाता था। विदेश पहुंचने के बाद कुछ युवाओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध दूसरे कामों में लगाए जाने और उनके साथ धोखाधड़ी किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवाओं को विदेश भेजने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी और इस कथित नेटवर्क का संचालन किन-किन स्थानों से किया जा रहा था।नूरजफर को थाईलैंड भेजने के नाम पर लिए गए थे1.80लाख रुपयेविशनपुर थाना में दर्ज कांड संख्या47/26 में विदेश भेजने के नाम पर रकम लेने से जुड़ा एक मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता मोहम्मद सुलेमान ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र नूरजफर को विदेश भेजने के लिए1 लाख80 हजार रुपये लिए गए थे।शिकायत के मुताबिक, 9 सितंबर2026 को नूरजफर को पटना से दिल्ली और फिर दिल्ली से थाईलैंड के क्राबी भेजा गया। इसके बाद18 सितंबर को उसे कथित तौर पर डंकी रूट के माध्यम से अवैध तरीके से मलेशिया में प्रवेश कराया गया।एसडीपीओ खुसरु सिराज के अनुसार, मलेशिया पहुंचने के बाद नूरजफर को कई अन्य युवकों के साथ एक कमरे में बंद कर दिया गया। बाद में उसे जोहोर स्थित बायोसीन एसडीएन बीएचडी नामक कंपनी में काम पर लगाया गया। पुलिस इन आरोपों और विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है।इमिग्रेशन की छापेमारी के दौरान कई युवक पकड़े गएपुलिस के मुताबिक, मलेशियाई इमिग्रेशन पुलिस ने छापेमारी के दौरान कई युवकों को गिरफ्तार किया था। इसी दौरान नूरजफर जंगल में छिपकर गिरफ्तारी से बचने में सफल रहा। इसके बाद वह स्थानीय एजेंट की मदद से भारत लौट आया।इस घटनाक्रम के बाद पुलिस विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर रकम वसूलने, युवाओं को कथित तौर पर अवैध तरीके से दूसरे देश में प्रवेश कराने और वहां उनके साथ किए गए व्यवहार से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य इस पूरे मामले में शामिल लोगों और उनके नेटवर्क की पहचान करना है।कोचाधामन,बहादुरगंज और पूर्णिया में भी दर्ज हैं मामलेपुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपितों से जुड़े मामलों का उल्लेख कोचाधामन, बहादुरगंज, विशनपुर और पूर्णिया जिले के रौटा थाना में दर्ज कांडों के रूप में किया गया है। इन मामलों में धोखाधड़ी, मानव तस्करी से जुड़े आरोपों और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।कथित अपराध से अर्जित संपत्ति की भी होगी जांचएसडीपीओ खुसरु सिराज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही, कथित अपराध से अर्जित संपत्ति का पता लगाने और नियमानुसार उसे जब्त करने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस इस मामले में अन्य संभावित आरोपितों की पहचान करने के साथ ही पूरे नेटवर्क की गतिविधियों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गयाजी : शारदीय नवरात्र के अवसर पर गया जिले के कुजापी गांव में इस बार श्रद्धालुओं को वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर की झलक देखने को मिलेगी. करीब 70 वर्षों से चली आ रही पूजा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नवयुग कला परिषद प्रेम मंदिर की थीम पर भव्य पूजा पंडाल का निर्माण करा रही है. पंडाल को आकर्षक स्वरूप देने के लिए कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं. रंगीन रोशनी और कलात्मक सजावट इसकी भव्यता में चार चांद लगाएगी.महासप्तमी को पट खुलने के साथ ही पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. कुजापी के अलावा पंचानपुर, कोच, मानपुर, पटवा टोली और शहर के विभिन्न मोहल्लों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे. श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ पंडाल की भव्यता का आनंद ले सकेंगे.हर साल अलग थीम पर बनता है पंडालनवयुग कला परिषद की ओर से हर वर्ष पूजा पंडाल को विशेष स्वरूप दिया जाता है. पिछले दो वर्षों में वैष्णो देवी की थीम पर गुफा का निर्माण कराया गया था, जिसे देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. इस बार प्रेम मंदिर की थीम चुनी गई है.सामूहिक प्रयास से हो रही तैयारीपरिषद के अध्यक्ष राजेश कुशवाहा के नेतृत्व में आयोजन की तैयारियां चल रही हैं. रवि कुमार, पप्पू कुमार, राजेश कुमार, शुभम कुमार, मुकेश कुमार, प्रदीप कुमार और लड्डू केलवे समेत दर्जनों सदस्य व्यवस्था में जुटे हैं.गयाजी से प्रदीप कुमार सिंह की रिपोर्ट-
खगड़िया : बिहार के खगड़िया में करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के लिए एक जीवित महिला को सरकारी न्यायिक प्रक्रिया में मृत घोषित किए जाने का मामला सामने आया है. बछौता गांव की रहने वाली 70 वर्षीय विधवा रीना रानी प्रभाकर को 19 नवंबर 2025 को एडीएम न्यायालय में दायर एक मामले में मृत बताया गया. मामले के उजागर होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है.रीना रानी प्रभाकर वरीय अधिवक्ता स्वर्गीय परमानंद प्रसाद प्रभाकर की पत्नी हैं. उनके अनुसार,पति और बेटे-बेटी की मृत्यु के बाद वह अपनी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर पहले से परेशान हैं. अब उन्हें कागजों में मृत घोषित किए जाने से वह हैरान हैं. उन्होंने इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है.जिंदा महिला ने जमीन बेची, 20 लाख रुपये दान किएमामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस महिला को न्यायालय में मृत बताया गया,उन्होंने8अगस्त2026को जिला अवर निबंधक कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी जमीन की रजिस्ट्री कराई. इसी दिन उन्होंने अपने दिवंगत पति की स्मृति में खगड़िया अधिवक्ता संघ को पुस्तकालय निर्माण के लिए20लाख रुपये दान भी दिए थे. इस अवसर पर व्यवहार न्यायालय परिसर में समारोह आयोजित किया गया था.शपथपत्र के आधार पर दायर हुआ मामलाजानकारी के अनुसार,बछौता गांव के राजेंद्र प्रसाद जायसवाल और उनके पुत्र अमित कुमार ने एडीएम न्यायालय में दाखिल-खारिज पुनरीक्षण वाद संख्या67/25-26दायर किया था. इसमें रीना रानी प्रभाकर को मृत बताया गया. संबंधित शपथपत्र भी मामले के साथ संलग्न किया गया था. बाद में जमीन की दाखिल-खारिज प्रक्रिया के दौरान इस मामले को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई.वरीय अधिवक्ता अजिताभ सिन्हा ने इसे गंभीर मामला बताया. वहीं,अंचलाधिकारी पुनीत कुमार कौशल ने कहा कि दोबारा सुनवाई होगी और फर्जीवाड़े के पुख्ता प्रमाण मिलने पर जांच के साथ कार्रवाई की जाएगी.संजय कुमार की रिपोर्ट-
मुजफ्फरपुर : शारदीय नवरात्र में चारों तरफ भक्तिमय माहौल है. मां दुर्गा की मंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ रही है. मुजफ्फरपुर के कटरा स्थित मां चामुंडा मंदिर में भी रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं.जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर बागमती नदी के किनारे स्थित इस मंदिर को लेकर कई पौराणिक मान्यताएं प्रचलित हैं. मान्यता है कि यहां माता सती का स्कंध यानी कंधा गिरा था. वहीं,पौराणिक कथाओं के अनुसार,मां चामुंडा राजा जनक के भाई कुशध्वज की कुलदेवी थी. कहा जाता है कि माता ने चंड-मुंड नामक राक्षसों का वध किया था. मंदिर के आसपास दानव वन से जुड़ी मान्यताएं भी प्रचलित हैं.इस मंदिर में कई प्रमुख हस्तियां भी पूजा-अर्चना कर चुकी हैं. मंदिर प्रबंधन के अनुसार,पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर यहां दर्शन के लिए पहुंचे थे. वहीं,वर्ष 2010 में सीपी राधाकृष्णन ने सांसद रहते हुए मां चामुंडा की पूजा की थी. वर्ष 2025 में उपराष्ट्रपति बनने के बाद बिहार दौरे के दौरान उनके यहां पहुंचकर पूजा करने की भी जानकारी दी गई है.मंदिर न्यास समिति के सचिव सुरेश प्रसाद साह के मुताबिक,सामान्य दिनों में भी दूर-दराज से सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं,जबकि नवरात्र के दौरान भक्तों की संख्या बढ़कर हजारों में पहुंच जाती है.मुजफ्फरपुर से रविरंजन कुमार की रिपोर्ट-
पटना : भोजपुरी संगीत प्रेमियों के लिए अक्टूबर का आखिरी सप्ताह खास होने वाला है. राजधानी पटना के बापू सभागार में26अक्टूबर कोIVY भोजपुरी म्यूजिक अवॉर्ड्स2026का आयोजन किया जाएगा. इस समारोह में भोजपुरी सिनेमा और संगीत जगत की कई चर्चित हस्तियां शामिल होंगी. कार्यक्रम में पवन सिंह, मनोज तिवारी और दिनेश लाल यादव निरहुआ समेत कई बड़े कलाकारों के पहुंचने की जानकारी दी गई है.याशी फिल्म्स की ओर से आयोजित इस समारोह का उद्देश्य भोजपुरी संगीत की प्रतिभाओं को सम्मानित करना और क्षेत्रीय संगीत को व्यापक पहचान दिलाना है. आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में गायकों के साथ संगीतकारों, गीतकारों और भोजपुरी मनोरंजन जगत से जुड़ी अन्य प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा.एक मंच पर जुटेंगे भोजपुरी सितारेसमारोह में अरविंद अकेला कल्लू, रितेश पांडेय, राकेश मिश्रा, प्रमोद प्रेमी, गुंजन सिंह और रौशन रोही सहित कई लोकप्रिय कलाकारों के शामिल होने की संभावना है. वहीं, मोनालिसा, आस्था सिंह, नीलम गिरी, सपना चौहान, मेघा श्री और डिम्पल सिंह जैसी हस्तियां भी कार्यक्रम का हिस्सा बन सकती हैं. गायिका शिल्पी राज की मौजूदगी से भी आयोजन की रौनक बढ़ने की उम्मीद है.20श्रेणियों में मिलेंगे पुरस्कारIVY भोजपुरी म्यूजिक अवॉर्ड्स2026में अधिकतम20पुरस्कार दिए जाने की योजना है. इसमें भक्ति गीतों, लोक संगीत, लोकप्रिय डांस नंबरों और सोशल मीडिया पर चर्चित गानों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा. इसके जरिए भोजपुरी संगीत के अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को पहचान मिलेगी.टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारणआयोजकों के मुताबिक, समारोह का डिजिटल प्रीमियरIVY के प्लेटफॉर्म पर होगा. इसके बादB4U भोजपुरी चैनल पर इसका प्रसारण किया जाएगा. इससे देश-विदेश में रहने वाले भोजपुरी दर्शक भी कार्यक्रम का आनंद ले सकेंगे. पटना में होने वाले इस आयोजन से भोजपुरी संगीत जगत को नया मंच मिलने की उम्मीद है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
आरा : इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के भोजपुर से है जहां नवरात्रि की धूम के बीच जिले से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है. संदेश थाना क्षेत्र के तीर्थ कौल गांव के पास शनिवार को सोन नदी में नहाने के दौरान डूबने से 3 बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई. घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है. मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन बच्चे सोन नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. बच्चों को डूबता देख लगभग25वर्षीय एक युवक उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़ा. हालांकि, पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह भी डूब गया. इस प्रकार तीन बच्चों को बचाने के प्रयास में युवक की भी जान चली गई.घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस एवं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. काफी मशक्कत के बाद नदी से चारों के शव बरामद किए गए. हादसे की खबर फैलते ही मृतकों के स्वजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए.मृतकों में10से15वर्ष की आयु के तीन बच्चे और लगभग25वर्षीय एक युवक शामिल है. मृतकों की विस्तृत पहचान की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है.हादसे की गंभीरता को देखते हुए संदेश प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) बिनेश कुमार और संदेश थानाध्यक्ष संजीव कुमार घटनास्थल पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.सोन नदी में हुए इस दर्दनाक हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन ली. जिन घरों में कुछ समय पहले तक सामान्य माहौल था, वहां अब चीख-पुकार मची हुई है. एक साथ चार लोगों की मौत से तीर्थ कौल गांव और आसपास के क्षेत्रों में मातम पसरा हुआ है. नवरात्रि के उत्सवी माहौल के बीच हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.आरा से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट
पटना : राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा. श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट की ओर से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है. लगातार 71 वर्षों से चली आ रही रावण दहन की परंपरा इस बार भी भव्य रूप में देखने को मिलेगी. आयोजन को लेकर ट्रस्ट के अध्यक्ष कमल निपानी और अरुण कुमार समेत कमेटी के सदस्यों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी दी.देश का दूसरा सबसे ऊंचा रावण बनाने की तैयारीआयोजकों के मुताबिक, इस बार90फीट ऊंचा रावण का पुतला आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा. पुतले के निर्माण की जिम्मेदारी आगरा की टीम को दी गई है. बारिश से पुतले को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए निर्माण में स्टील पाइप का इस्तेमाल किया जा रहा है. आयोजन समिति का प्रयास है कि इस बार भी रावण दहन कार्यक्रम को भव्य और यादगार बनाया जाए.आधे घंटे तक होगी इको-फ्रेंडली आतिशबाजीरावण दहन के बाद दर्शकों के लिए करीब आधे घंटे तक इको-फ्रेंडली आतिशबाजी की व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा गांधी मैदान में मां पटन देवी के विग्रह की झलक भी देखने को मिलेगी. आयोजकों के अनुसार, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े इस आयोजन में हर साल बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं.हिंदू-मुस्लिम एकजुटता की दिखेगी मिसालइस बार के आयोजन की खास बात सामाजिक सद्भाव भी है. दशहरा कार्यक्रम की तैयारियों में हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर सहयोग कर रहे हैं. आयोजन समिति का कहना है कि यह कार्यक्रम धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश भी देता है.गांधी मैदान के 12 गेटों पर तैनात होंगे मजिस्ट्रेटदशहरा के दिन उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. गांधी मैदान के सभी12गेटों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे. महिलाओं के लिए अलग दीर्घा बनाई जाएगी. इसके साथ ही बिजली, अग्निशमन और एम्बुलेंस जैसी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके.बच्चों की जेब में नाम-पता और मोबाइल नंबर की पर्ची रखने की अपीलश्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट के चेयरमैन कमल निपानी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को लेकर गांधी मैदान आएं तो उनकी जेब में नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखी पर्ची जरूर रखें. इससे भीड़ में परिवार से बिछड़ने की स्थिति में बच्चों की पहचान करने और उन्हें परिजनों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.आस्था, परंपरा और भाईचारे का संगमगांधी मैदान में होने वाला दशहरा आयोजन एक बार फिर धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सद्भाव का संगम बनेगा.90 फीट ऊंचे रावण का दहन, इको-फ्रेंडली आतिशबाजी और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था इस बार के आयोजन की प्रमुख विशेषताएं होंगी.71 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट भव्य आयोजन की तैयारी में जुटा है.पटना से अंकिता सिंह की रिपोर्ट-
पटना:पाकिस्तान और नेपाल के रास्ते भारत में नकली भारतीय करेंसी की तस्करी से जुड़े मामले में पटना हाईकोर्ट ने आरोपी मोहम्मद वारिस की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामला पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी स्थित बंजरिया थाना क्षेत्र में नकली नोटों की बरामदगी से जुड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई थी।मामले में आरोप है कि नकली भारतीय करेंसी की खेप पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत लाई जाती थी और फिर देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाई जाती थी। अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े आरोपों और कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर विचार किया गया।बिना नंबर प्लेट की बाइक से पकड़े गए थे तीन आरोपीमामला मोतिहारी के बंजरिया थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-28A (NH-28A) पर खरवा पुल के पास का है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी की थी। इस दौरान बिना नंबर प्लेट की लाल बाइक पर सवार तीन संदिग्धों को पकड़ा गया।पुलिस की तलाशी में आरोपियों के पास से500 रुपये के कुल390 जाली नोट बरामद किए गए। इन नोटों का कुल मूल्य1 लाख95 हजार रुपये बताया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद वारिस, मोहम्मद नजर सद्दाम और मोहम्मद जाकिर हुसैन के रूप में हुई।पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते नकली नोट लाने का आरोपजांच से जुड़े विवरण के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों पर पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत में नकली नोट लाने और उनकी खेप आगे पहुंचाने में शामिल होने का आरोप लगा। कथित तौर पर नकली नोटों को दिल्ली के रास्ते जम्मू-कश्मीर में सरफराज उर्फ मुजफ्फर अहमद तक पहुंचाया जाना था।हालांकि, इस कथित नेटवर्क और उसमें शामिल लोगों की भूमिका से संबंधित आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर की जानी है।गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA को सौंपी गई जांचमामले को देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला मानते हुए इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी कथित नकली करेंसी नेटवर्क, नोटों की आपूर्ति के स्रोत और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिकामामले में मोहम्मद वारिस को पटना हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। जमानत याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति सुनील दत्ता मिश्रा की पीठ में हुई।अदालत ने मामले की गंभीरता और देश की अर्थव्यवस्था एवं सुरक्षा पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद आरोपी को फिलहाल जमानत नहीं मिल सकी है। मामले की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट
पटना : बिहार कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी राहुल कुमार को केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने उन्हें सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली में निदेशक के पद पर नियुक्त किया है. इस नियुक्ति के बाद राहुल कुमार अब केंद्रीय स्तर पर अपनी प्रशासनिक सेवाएं देंगे.राहुल कुमार बिहार कैडर के2011बैच केIAS अधिकारी हैं. उनका जन्म3जून, 1987को हुआ था. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), दिल्ली से कला विषय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है. प्रशासनिक सेवा में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं.फिलहाल बिजली वितरण कंपनी के एमडी हैं राहुल कुमारकेंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति से पहले राहुल कुमार बिहार में बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह2जून, 2025से नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत हैं. इस पद पर रहते हुए वे कंपनी के प्रशासनिक कार्यों और विद्युत वितरण व्यवस्था से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.कई महत्वपूर्ण पदों पर कर चुके हैं कामराहुल कुमार अपने प्रशासनिक करियर में विशेष सचिव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और निदेशक जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं. विभिन्न विभागों में कार्य करने के दौरान उन्हें प्रशासनिक प्रबंधन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का अनुभव मिला है.केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय में निदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति को उनके प्रशासनिक करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. अब वे केंद्र सरकार के स्तर पर मंत्रालय से जुड़े कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
बिहर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ श्री कृष्ण सिंह के जयंती समारोह को भव्य रूप से पटना में मानाने को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह मोतिहारी पहुचे जहाँ उन्होंने दिल्ली में हो रहे आंदोलन को लेकर कहा कि जीन लोगो का वोटर लिस्ट से नाम कटा है वो भारत के ही नागरिक है और जबतक इसमे सुधार नहीं होता तबतक आंदोलन होगा ।केन्दीय कोयोला मंत्री किशन रेड्डी के द्वारा राहुल गांधी को गैरजिमेराना विपक्षी नेता बनाने को लेकर अखिलेश सिंह ने कहा कि अपने प्राधान मंत्री से कह कर एस आई आर में सुधार करा दे तब कोई बात करें ।राजनाथ सिंह ने भी राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे युवाओं को भड़का रहे है । इसको लेकर भी अखिलेश सिंह ने तंज कसा.परिसिमन विधायक को लेकर सांसद अखिलेश सिंह ने भी कहा कि जबतक सब का समर्थन नहीं लेंगे तबतक विधयक पास नहीं होने दिया जायेगा.एमएलसी चुनाव को लेकर नीरज कुमार और अनंत सिंह विबाद पर अखिलेश सिंह ने कहा कि छोटे छोटे लोगो की बात हम नहीं करते .
पटना : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर 10 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे. पहले अपने आवास गए. इसके बाद उन्होंने सबसे पहले जेडीयू के वरिष्ठतम नेता वशिष्ठ नारायण सिंह को देखने इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में जाकर मिले. नितिन नवीन ने उनसे कुशलक्षेम पूछा और उनके स्वास्थ्य की जानकारी चिकित्सकों से ली. बशिष्ठ जी 90 वर्ष की सीमा पार कर चुके हैं और कुछ दिनों से अस्वस्थ चले रहे थे. अभी दो दिन पहले ही उन्हें IGIMS में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. बशिष्ठ बाबू नीतीश कुमार के काफी करीबी और बिहार में एनडीए के सबसे वयोवृद्ध नेता हैं. ये तीन बार संसद भी रहे हैं. नीतीश कुमार इनको बशिष्ठ दादा बुलाते रहे हैं.पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट-
पटना:शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर महासप्तमी के दिन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजधानी पटना के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों का भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. मुख्यमंत्री के पूजा पंडालों में पहुंचने पर श्रद्धालुओं और आयोजकों में उत्साह का माहौल रहा.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मां दुर्गा के चरणों में शीश नवाकर बिहार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की. महासप्तमी के अवसर पर राजधानी के विभिन्न इलाकों में भव्य दुर्गा पूजा पंडाल सजाए गए हैं. इन पंडालों में मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. पूजा पंडालों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है और पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है.मुख्यमंत्री ने नवरात्र के महत्व को देखते हुए मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की. दुर्गा पूजा बिहार सहित पूरे देश में आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रमुख पर्व है. इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना कर परिवार और समाज की मंगलकामना करते हैं.महासप्तमी के दिन मुख्यमंत्री का पूजा पंडालों में पहुंचना नवरात्र के उत्सवी माहौल का हिस्सा रहा. राजधानी पटना में दुर्गा पूजा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई है. विभिन्न पूजा समितियों की ओर से पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
हाजीपुरः शारदीय नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान के साथ की जा रही है। इस अवसर पर बिहार के इकलौते मां कालरात्रि मंदिर के रूप में प्रसिद्ध सारण जिले के सोनपुर अंतर्गत नया गांव के डुमरी बुजुर्ग स्थित मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही माता के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज रहा है।मां कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्वधार्मिक मान्यताओं के अनुसार,मां कालरात्रि अपने भक्तों के भय,दुख और संकटों को दूर करती हैं। उन्हें नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। यही वजह है कि नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है।इस दिन श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि,शांति और खुशहाली की कामना करते हैं। मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया है।कई जिलों से दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालुडुमरी बुजुर्ग स्थित मां कालरात्रि मंदिर की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई है। माता के दर्शन और मन्नत मांगने के लिए सारण के अलावा वैशाली,पटना,मुजफ्फरपुर और आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।नवरात्र के अवसर पर मंदिर में भक्तों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। भक्त कतारबद्ध होकर माता के दर्शन कर रहे हैं और पूजा-अर्चना के बाद सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।नवरात्र की सप्तमी पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ क्षेत्र में मां कालरात्रि के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शा रही है।हाजीपुर से पंकज चौहान की रिपोर्ट
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शनिवार को लोक सेवक आवास में प्रख्यात पर्यावरणविद् पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने बिहार में विकास योजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया. उन्होंने जल संरक्षण, वनों के विस्तार और नदियों के पुनर्जीवन को राज्य के विकास मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का सुझाव दिया.डॉ. जोशी ने कहा कि विकास का आकलन केवल आर्थिक प्रगति और सकल घरेलू उत्पाद (GDP)के आधार पर नहीं होना चाहिए,बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि विकास योजनाओं से पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को कितना लाभ मिल रहा है. उन्होंने उत्तराखंड की तर्ज पर बिहार में भी ग्रास एनवायरनमेंट प्रोडक्ट (GEP)की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया. इससे आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण की स्थिति में होने वाले बदलावों का भी आकलन किया जा सकेगा.बिहार डेवलपमेंट डायलॉग का सुझावमुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान डॉ. जोशी ने‘बिहार डेवलपमेंट डायलॉग’शुरू करने का सुझाव दिया. इसके माध्यम से विभिन्न संस्थानों,विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों को एक मंच पर लाकर राज्य के विकास की प्राथमिकताओं तथा पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा की जा सकती है. इससे विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी.जल संरक्षण और जनभागीदारी पर जोरडॉ. जोशी ने बिहार यात्रा के दौरान बांका की सफाई व्यवस्था की सराहना की. उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए आम लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है. छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं.गौरतलब है कि डॉ. अनिल प्रकाश जोशी दो अक्टूबर को नेपाल के जनकपुर धाम से 16 सदस्यीय दल के साथ साइकिल यात्रा पर निकले हैं.‘प्रकृति ही प्रभु है’संदेश के साथ शुरू हुई लगभग तीन हजार किलोमीटर की यह यात्रा पर्यावरण,हिमालय और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पूर्णिया: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के उद्यमिता प्रकोष्ठ (E-Cell) की राष्ट्रीय उद्यमिता प्रतियोगिता (NEC Junior 2026) के अंतर्गत विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल, परोरा में स्टार्ट-अप मेला एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्णिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 डॉ. गौरव कुमार और विद्यालय के सचिव अभियंता राजेश चंद्र मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया।कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच, नवाचार और उद्यमशीलता का प्रदर्शन किया। मेले में विद्यार्थियों द्वारा संचालित व्यावसायिक स्टॉल, हस्तनिर्मित उत्पाद, मनोरंजक खेल और तकनीकी परियोजनाएं आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं।स्टार्ट-अप मेले में विद्यार्थियों ने दिखाई व्यावसायिक प्रतिभामेले में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों, आकर्षक उत्पादों और रचनात्मक वस्तुओं के स्टॉल लगाए। शाइनी स्टार, क्रेविंग्स एंड कैंडल्स, स्वीटटूथ, चटोरी अड्डा, कोसारा, द स्वीट एंड डिलिशियस बाइट्स तथा स्वीट-स्पाइसी खड़के ग्लास जैसे स्टॉलों पर विद्यार्थियों ने अपने उत्पादों की प्रस्तुति और बिक्री की।इस दौरान विद्यार्थियों ने उत्पाद तैयार करने, लागत का आकलन करने, मूल्य निर्धारित करने, ग्राहकों से संवाद करने और बिक्री प्रबंधन जैसी गतिविधियों में भाग लिया। इससे उन्हें व्यावसायिक प्रक्रियाओं और वित्तीय प्रबंधन को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।खेल और मनोरंजक गतिविधियां भी रहीं आकर्षण का केंद्रमेले में ओपी, माइंड क्राफ्ट–कार रेसिंग चैलेंज, लकी स्लाइड–विन प्राइज, एडवेंचरर्स और ब्रेन बज जैसे स्टॉलों पर मनोरंजक खेल एवं चुनौतीपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं। इन स्टॉलों के संचालन में विद्यार्थियों ने टीमवर्क, प्रबंधन क्षमता और संवाद कौशल का परिचय दिया।वहीं, क्रिएटिव कॉर्नर, चेरिश 2.0, द आर्टफुल ऑरा, श्रीधा, कलाकृति और रंगरेज जैसे स्टॉलों पर विद्यार्थियों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों, सजावटी वस्तुओं और कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने कला को उद्यमिता और स्वरोजगार से जोड़ने की संभावनाएं भी प्रदर्शित कीं।रोबोटिक्स और स्मार्ट सिंचाई परियोजनाओं ने खींचा ध्यानप्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और स्वचालन पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने आगंतुकों को अपनी परियोजनाओं की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक जिज्ञासा, तकनीकी दक्षता और वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता देखने को मिली। परियोजनाओं के माध्यम से उन्होंने यह दिखाया कि तकनीकी ज्ञान का उपयोग दैनिक जीवन की चुनौतियों के समाधान में किस तरह किया जा सकता है।शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं : राजेश चंद्र मिश्राविद्यालय के सचिव अभियंता राजेश चंद्र मिश्रा ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से सोचने, नए विचार विकसित करने, प्रयोग करने और अपनी गलतियों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। विद्यार्थियों को कम उम्र से ही उद्यमशीलता, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना आवश्यक है।उन्होंने आईआईटी बॉम्बे के ई-सेल की एनईसी जूनियर जैसी पहलों को विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।डॉ. गौरव कुमार ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साहकार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गौरव कुमार ने मेले के विभिन्न स्टॉलों और तकनीकी परियोजनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके उत्पादों, व्यावसायिक विचारों और तकनीकी मॉडलों के संबंध में बातचीत की तथा उनके प्रयासों की सराहना की।उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, नए प्रयोग करने, अपनी गलतियों से सीखने और समाज के लिए उपयोगी कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिज्ञासा, अनुशासन, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए महत्वपूर्ण बताया।विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक अनुभवएनईसी जूनियर 2026 के अंतर्गत आयोजित इस मेले में विद्यार्थियों को उत्पाद निर्माण, लागत निर्धारण, विपणन, बिक्री, वित्तीय प्रबंधन और प्रस्तुतीकरण जैसी प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला। इसके साथ ही उन्होंने टीम भावना, समय प्रबंधन, निर्णय क्षमता और समस्या समाधान जैसे जीवन कौशलों का भी अनुभव प्राप्त किया।विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम अनुभव आधारित शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। मेले ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और भविष्य में उद्यमिता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।पूर्णिया से जेपी मिश्रा की रिपोर्ट
पटना:भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार को पटना पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पटना के शिवपुरी इलाके में स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में माता दुर्गा के दर्शन करने पहुंचे. यहां उन्होंने माता रानी की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया.दुर्गा पूजा पंडाल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी मौजूद रहे. दोनों नेताओं ने एक साथ पूजा पंडाल पहुंचकर माता दुर्गा के दर्शन किए. इस दौरान पूजा पंडाल में धार्मिक माहौल देखने को मिला.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-