
रविवार, 18 अक्टूबर 2026
Liveबेगूसराय:नवरात्र में जहां भक्ति, शक्ति और साधना का अद्भुत संगम देखने को मिलता है.वो स्थान बेगूसराय के बखरी का प्राचीन पुरानी दुर्गा मंदिर शक्तिपीठ है. यहां मां भगवती नगर की रक्षा करने वाली नगरक्षिका के रूप में पूजी जाती हैं, जहां अष्टभुजी माता की स्वर्ण प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं.ऐसी मान्यता है कि मां भगवती अपने भक्तों की पुकार सुनती हैं और सच्चे मन से की गई आराधना से भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.करीब500से600वर्ष पुराने इस मंदिर के प्रति लोगों की अटूट आस्था है. उतरप्रदेशकेवाराणसीएवंबिहार के अलग-अलग जिलों के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु यहां मां के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों के लिए मां भगवती केवल आराध्य देवी नहीं, बल्कि नगर की रक्षक और संकटों से उबारने वाली शक्ति हैं.स्वर्ण प्रतिमा से जुड़ी है मां की महिमा की अनूठी मान्यताइस प्राचीन शक्तिपीठ में अष्टभुजी मां दुर्गा की स्वर्ण प्रतिमा विराजमान है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, परमार वंश के राजाओं को यह प्रतिमा मुंगेर के कष्टहरणी घाट पर स्नान के दौरान प्राप्त हुई थी. कहा जाता है कि इसके बाद परमार वंश के लोगों ने मध्य प्रदेश के थार क्षेत्र से आकर यहां मंदिर की स्थापना कराई. तभी से यह स्थान मां भगवती की आराधना का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. मां के आठ हाथ शक्ति, साहस और दुष्ट शक्तियों पर विजय के प्रतीक माने जाते हैं.गणेश चतुर्थी से ही शुरू हो जाती है मां के आगमन की तैयारीबखरी के इस मंदिर में नवरात्र की तैयारियां भी अपनी विशेष परंपरा के साथ शुरू होती हैं. गणेश चतुर्थी से ही दुर्गा प्रतिमा के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हो जाती है. जैसे-जैसे नवरात्र आगे बढ़ता है, मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल गहराता जाता है. पहली पूजा से शुरू होने वाली भव्य संध्या आरती यहां के धार्मिक आकर्षण का प्रमुख केंद्र है.वाराणसी के अस्सी घाट की तर्ज पर होने वाली इस आरती में वैदिक मंगलाचरण, शंखनाद और मां भगवती की स्तुति वातावरण को भक्तिमय बना देती है. स्थानीय दावों के मुताबिक, प्रतिदिन15हजार से अधिक श्रद्धालु इस आरती में शामिल होते हैं. मां की आरती के दौरान गूंजते जयकारे और शंखनाद भक्तों के मन में श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं.महाअष्टमी की मध्यरात्रि में विशेष आराधनामंदिर में महाअष्टमी की मध्यरात्रि को विशेष पूजा-अर्चना की परंपरा है. इसके साथ ही परंपरागत रूप से छागर की बलि दी जाती है, जबकि नवमी के दिन हजारों छागरों की बलि चढ़ाने की प्रथा बताई जाती है. मंदिर की पहचान तंत्र साधना की प्राचीन परंपराओं से भी जुड़ी हुई है. श्रद्धालुओं के लिए ये अनुष्ठान मां भगवती की शक्ति और परंपरागत उपासना पद्धति के प्रतीक हैं.विजयादशमी पर नीलकंठ की परंपरा, सुख-समृद्धि की कामनाविजयादशमी के दिन परमार वंश के लोग भव्य शोभायात्रा निकालते हैं. इस दौरान नीलकंठ पक्षी को उड़ाने की परंपरा भी निभाई जाती है. धार्मिक मान्यता में नीलकंठ के दर्शन को शुभ माना जाता है. इस परंपरा के माध्यम से लोग मां भगवती से परिवार, समाज और पूरे नगर की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.मां की महिमा से जुड़ी है पीढ़ियों की आस्थाबखरी का पुरानी दुर्गा मंदिर शक्तिपीठ आज भी अपनी प्राचीन परंपराओं, स्वर्ण प्रतिमा, भव्य संध्या आरती और विशिष्ट धार्मिक अनुष्ठानों के कारण श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहां मां भगवती को नगरक्षिका के रूप में पूजने की परंपरा इस मंदिर को विशेष पहचान देती है.नवरात्र में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़, मां के जयकारे और आरती की दिव्यता इस बात को दर्शाते हैं कि सदियों से चली आ रही आस्था आज भी लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा है. भक्तों के विश्वास में मां भगवती शक्ति भी हैं, सुरक्षा भी और उम्मीद की किरण भी.अंकिता सिंह की रिपोर्ट
पटना:जिओ हॉटस्टार पर आई वेब सीरीज‘ठुकरा के मेरा प्यार-2’में दयानिधि प्रसाद उर्फ‘दद्दू’का किरदार निभाकर पूर्णिया के अभिनेता रवि साह एक बार फिर चर्चा में हैं. पर्दे पर उनका किरदार राजनीतिक दांव-पेंच खेलने वाले एक ऐसे शख्स का हैं,जिसमें विलेन वाला अंदाज तो है,लेकिन उसकी बोलचाल,गतिविधियां और व्यवहार दर्शकों को हंसने पर भी मजबूर करते हैं और यही मिक्सचर‘दद्दू’के किरदार को पर्दे पर दिलचस्प बनाता है.अभिनेता रवि साह खुद भी दद्दू के इसी अंदाज को उसकी खासियत मानते हैं. वह कहते हैं, “दद्दू कॉमेडियन नहीं है,वह है ही ऐसा. उसके नेचर में यह शामिल है. वह विलेन भी है और उसकी एक्टिविटीज देखकर हंसी भी आती है. यही उसे ज्यादा खतरनाक विलेन बनाता है.”रवि कहते हैं कि किसी भी कहानी में कॉन्फ्लिक्ट यानी टकराव बेहद जरूरी होता है. अलग-अलग किरदारों के बीच पैदा होने वाले टकराव ही कहानी में ट्विस्ट और टर्न लेकर आते हैं. वह कहते हैं, “विदाउट कॉन्फ्लिक्ट देयर इज नो स्टोरी.”उनके मुताबिक कहानी में हर कलाकार की अपनी भूमिका और अहमियत होती है और सभी के योगदान से कहानी आगे बढ़ती है.पर्दे पर द्दू की सफलता सिर्फ मेरी नहीं,पूरी टीम की हैकई बड़ी फिल्मों और सीरीज में काम कर चुके रवि साह अपनी सफलता का पूरा श्रेय खुद लेने के बजाय इसका बड़ा हिस्सा अपनी टीम और दर्शकों को देते हैं. उनका मानना है कि किसी किरदार को दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाने में सिर्फ अभिनेता ही नहीं,बल्कि लेखक,क्रिएटर,प्रोड्यूसर और सबसे बढ़कर दर्शकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. संजीत मिश्रा से बातचीत में रवि ने कहा कि लेखक ने दद्दू के किरदार को गढ़ा,मेकर्स ने उन्हें उस किरदार को निभाने का मौका दिया और दर्शकों ने उसे स्वीकार किया. यही वजह है कि वह दद्दू की सफलता को पूरी टीम के प्रयास और दर्शकों के प्यार का नतीजा मानते हैं.कई नए चेहरों ने पर्दे पर किरदारों को बनाया ज्यादा रियल‘ठुकरा के मेरा प्यार-2’के किरदारों के रियलिस्टिक लगने की एक वजह रवि साह कई नए चेहरों की मौजूदगी को भी मानते हैं. वह बताते हैं कि जब किसी स्थापित कलाकार को किसी नए किरदार में देखा जाता है तो दर्शकों के दिमाग में उसके पिछले किरदारों की छवि भी रहती है. ऐसे में वे नए किरदार को भी अभिनेता के पुराने काम से जोड़कर देखने लगते हैं.‘ठुकरा के मेरा प्यार-2’में ज्यादातर कलाकार नए हैं,इसलिए दर्शकों के पास उनके पुराने किरदारों का कोई रेफरेंस नहीं है. रवि के मुताबिक यही वजह है कि दर्शक कलाकार को उसके निभाए किरदार के साथ सीधे जोड़ लेते हैं और किरदार ज्यादा रियल नजर आता है.‘बिहार का हूं,इसलिए दद्दू के लिए अलग से ज्यादा तैयारी नहीं करनी पड़ी’‘दद्दू’जैसे राजनीतिक किरदार को पर्दे पर निभाने के लिए उन्हें कितनी तैयारी करनी पड़ी,इस सवाल पर रवि साह कहते हैं कि उन्हें इसके लिए बहुत ज्यादा अलग से रिसर्च नहीं करनी पड़ी. रवि कहते हैं, “मैं खुद बिहारी हूं. ऐसे माहौल में पला-बढ़ा हूं. बिहार में राजनीति रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है. ऐसे किरदार आसपास मिल जाते हैं.”रवि के मुताबिक बिहार में गली-मोहल्लों से लेकर चौक-चौराहों तक राजनीति पर चर्चा होती रहती है. बचपन से नेताओं को सुनते और देखते आए हैं,इसलिए इस किरदार की बॉडी लैंग्वेज और माहौल उनके लिए पूरी तरह अनजान नहीं था. उनका कहना है कि कई लोगों ने उनसे यहां तक कहा कि वह नेता के किरदार में बिल्कुल फिट बैठते हैं और ऐसा लगता है जैसे वह वास्तव में विधायक हों. हालांकि,रवि इसे दर्शकों का प्यार मानते हैं.पर्दे का‘दद्दू’क्या असल राजनीति में भी उतरेगा?पर्दे पर एक नेता का किरदार निभाने के बाद जब रवि साह से पूछा गया कि क्या भविष्य में वह खुद भी असली राजनीति में कदम रख सकते हैं,तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह पूरी तरह परिस्थितियों पर निर्भर करता है. रवि के मुताबिक फिलहाल उनका पूरा फोकस अपने करियर पर है. हालांकि,आने वाले समय में अगर उन्हें जनता का समर्थन मिला,लोगों की मांग रही और कोई अच्छा अवसर मिला,तो इस दिशा में सोचा जा सकता है. वह कहते हैं कि कई कलाकारों ने अभिनय के बाद राजनीति में कदम रखा है और अच्छा काम भी किया है. ऐसे में भविष्य की संभावनाओं से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता.अब मुख्य और बड़े किरदारों की ओर बढ़ना चाहते हैं रवि साहआगे किस तरह के किरदार निभाना चाहते हैं,इस सवाल पर रवि साह कहते हैं कि अब उनकी रुचि मुख्य और मजबूत किरदारों की ओर ज्यादा है. वह बताते हैं कि उन्होंने अपने करियर में छोटे रोल भी किए हैं,लेकिन अब उन्हें लगता है कि एक मजबूत और पूरे विस्तार वाला किरदार ही अभिनेता की असली क्षमता को सामने लाता है. जब किसी कलाकार को पूरा किरदार मिलता है तो वह उसे बेहतर तरीके से निभा पाता है और दर्शकों को भी उसकी अभिनय क्षमता की पूरी रेंज देखने का मौका मिलता है. रवि कहते हैं, “इतने साल काम करने के बाद अब लगता है कि जो भी चैलेंजिंग रोल मिलेगा,उसे बखूबी निभाने की कोशिश करूंगा,जैसा अब तक करते आया हूं.” ‘ठुकरा के मेरा प्यार-2’में मिले रिस्पॉन्स को लेकर वह कहते हैं कि इस बार उन्हें एक पूरा और मजबूत किरदार मिला. इसी वजह से वह अपनी क्षमता को बेहतर तरीके से दिखा पाए. अगर किरदार में सिर्फ कुछ ही दृश्य होते तो शायद उतना प्रभाव नहीं बन पाता. अब रवि अपने पहले के अभिनय के दायरे से बाहर निकलकर बड़े और चुनौतीपूर्ण किरदार करना चाहते हैं.दद्दू के बाद अब‘भैरव’के रूप में नजर आएंगे रवि साह‘दद्दू प्रसाद’के बाद रवि साह के प्रशंसकों के लिए एक और नया प्रोजेक्ट आने वाला है. रवि के मुताबिक अक्टूबर में एमएक्स अमेजॉन पर एक नया शो आने वाला है,जिसमें वह एक नए और दमदार किरदार में नजर आएंगे. इस शो में भी वह फुल-फ्लेज्ड कैरेक्टर में दिखाई देंगे. रवि कहते हैं कि‘ठुकरा के मेरा प्यार’में लोगों ने उन्हें दद्दू प्रसाद के रूप में पसंद किया और अब भगवान की कृपा तथा दर्शकों का ऐसा ही प्यार मिला तो‘भैरव’को लोग दद्दू से भी ज्यादा प्यार देंगे. हालांकि,उन्होंने इस अपकमिंग शो के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी साझा करने से इनकार किया. उनका कहना है कि अभी वह शो को लेकर ज्यादा कुछ नहीं बता सकते,लेकिन उम्मीद है कि दर्शक इसे भी उतना ही प्यार देंगे.तीसरे सीजन पर अभी कुछ तय नहीं‘ठुकरा के मेरा प्यार’के पहले और दूसरे सीजन की सफलता के बाद तीसरे सीजन की संभावना को लेकर भी रवि साह ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अभी तीसरे सीजन को लेकर कुछ भी तय नहीं है. रवि के मुताबिक सीरीज को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और दर्शकों की डिमांड भी है. ऐसे में आगे संभावनाएं बनी हुई हैं,लेकिन फिलहाल इस बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं दी जा सकती. वह कहते हैं कि अभी दर्शक दूसरा सीजन देख रहे हैं,इसलिए तीसरे सीजन को लेकर फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.दद्दू से भैरव तक,नए किरदारों की ओर रवि साह‘ठुकरा के मेरा प्यार-2’में दयानिधि प्रसाद उर्फ दद्दू के रूप में रवि साह ने विलेन,राजनीति और कॉमेडी के अलग-अलग रंगों को एक ही किरदार में पेश किया है. अब दद्दू के बाद वह‘भैरव’के रूप में नए अंदाज में दर्शकों के सामने आने वाले हैं. अक्टूबर में आने वाले इस नए प्रोजेक्ट से रवि साह को काफी उम्मीदें हैं. वहीं, ‘ठुकरा के मेरा प्यार’के तीसरे सीजन को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है,लेकिन रवि के मुताबिक दर्शकों की मांग और सीरीज को मिल रहे रिस्पॉन्स के कारण आगे की संभावनाएं बनी हुई हैं.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
झारखंड के लिए गर्व का ऐतिहासिक क्षण है.जमशेदपुर के करीम सिटी कॉलेज के जनसंचार विभाग के पूर्व छात्र रवि राज मुर्मू ने राष्ट्रीय पटल पर झारखंड का मान बढ़ाया है!वर्ष 2011 से 2014 सत्र के छात्र रहे रवि राज मुर्मू को उनकी चर्चित संताली फिल्म ‘आंगेन’ के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में 'गैर-फीचर फिल्म के सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक' के राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। यह सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि झारखंड की माटी और संताली सिनेमा की एक बड़ी जीत है!गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में आयोजित भव्य 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों रवि राज मुर्मू ने यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया। इस ऐतिहासिक समारोह में देश भर के दिग्गज फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और तकनीशियनों की मौजूदगी रही।रवि राज मुर्मू की फिल्म ‘आंगेन’ कोई आम फिल्म नहीं है; यह संताली समाज, उसकी संस्कृति और स्थानीय जीवन के अनछुए पहलुओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण कृति है। इस फिल्म के जरिए उन्होंने संताली भाषा और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक नया आयाम दिया है, जिससे पूरे देश में संताली सिनेमा का डंका बजा है।"कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रियाज ने रवि राज मुर्मू को हार्दिक बधाई देते हुए कहा है कि— 'हमारे पूर्व छात्र का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना पूरे संस्थान के लिए गौरव की बात है, और यह आज के विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत है।'वहीं, जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा तिवारी ने गर्व महसूस करते हुए कहा— 'रवि ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा से संताली संस्कृति की स्थानीय कहानी को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया है। यह हमारे पूरे विभाग के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है।
पटना:अगर आप फिल्म निर्माण, निर्देशन, अभिनय या कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. पटना में पहली बार एफटीआईआई,पुणे की आधिकारिक 'स्क्रिप्ट टू स्क्रीन' फिल्म निर्माण कार्यशाला आयोजित होने जा रही है. यह 8 दिवसीय कार्यशाला 5 अगस्त से 11 अगस्त 2026 तक चलेगी. हाउस ऑफ़ वेराइटी, द हब, प्रथम तल, रीजेंट सिनेमा परिसर, ईस्ट गांधी मैदान, पटना में आयोजित होगा. सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा.बिहार में कला और संस्कृति के संवर्धन,स्थानीय प्रतिभाओं के विकास और उन्हें राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए हाउस ऑफ़ वेराइटी और नाट्य दल दस्तक एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहे हैं.यह कार्यशाला उन विद्यार्थियों, कलाकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और सिनेमा प्रेमियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है,जो फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया को केवल सैद्धांतिक रूप से नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से सीखना चाहते हैं. इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को किसी विचार या कहानी के जन्म से लेकर उसे एक पूर्ण फिल्म के रूप में पर्दे तक पहुँचाने की सम्पूर्ण रचनात्मक एवं तकनीकी प्रक्रिया से परिचित कराना है.'Script to Screen' एक पूर्णतः हैंड्स-ऑन (Hands-on) प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें प्रतिभागी स्वयं फिल्म निर्माण की प्रत्येक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेंगे. कार्यशाला के दौरान उन्हें कहानी के चयन एवं विकास, पटकथा लेखन, दृश्य संरचना, संवाद लेखन तथा स्क्रिप्ट निर्माण की बुनियादी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा.प्री-प्रोडक्शन सत्रों में स्क्रिप्ट ब्रेकडाउन, शूटिंग प्लान एवं शेड्यूल तैयार करना, लोकेशन चयन, कास्टिंग, ऑडिशन तथा प्रोडक्शन मैनेजमेंट की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी.निर्देशन संबंधी सत्रों में निर्देशक की भूमिका, शॉट डिवीजन, कलाकारों के साथ कार्य करने की प्रक्रिया तथा विजुअल स्टोरीटेलिंग की तकनीकों पर विस्तार से प्रशिक्षण होगा.सिनेमैटोग्राफी के अंतर्गत कैमरे की मूलभूत समझ, कैमरा एंगल, कैमरा मूवमेंट, फ्रेमिंग, कम्पोज़िशन और लाइटिंग के व्यावहारिक प्रयोग सिखाए जाएंगे। वहीं साउंड विभाग में संवाद रिकॉर्डिंग, एम्बिएंस रिकॉर्डिंग तथा साउंड डिज़ाइन की बुनियादी समझ विकसित की जाएगी.कार्यशाला में अभिनय प्रशिक्षण भी शामिल होगा, जिसमें कैमरे के सामने अभिनय की तकनीक, अभिनेता एवं निर्देशक के बीच समन्वय, दृश्य की तैयारी तथा रिहर्सल की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को एडिटिंग के सिद्धांत, फुटेज चयन, कहानी को प्रभावी ढंग से संपादित करने की तकनीक तथा एडिटिंग सॉफ़्टवेयर का परिचय भी कराया जाएगा.पोस्ट-प्रोडक्शन चरण में बैकग्राउंड म्यूज़िक, साउंड मिक्सिंग, कलर करेक्शन तथा अंतिम फिल्म तैयार करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला के अंतिम चरण में प्रतिभागी समूह बनाकर एक लघु फिल्म का निर्माण करेंगे। वे स्वयं उसकी योजना बनाएंगे, शूटिंग करेंगे, संपादन करेंगे तथा अंत में अपनी तैयार फिल्म का प्रदर्शन भी करेंगे. स्क्रीनिंग के पश्चात FTII के संकाय सदस्यों द्वारा फिल्मों की विस्तृत समीक्षा, फीडबैक और सुधार संबंधी सुझाव दिए जाएंगे.इस कार्यशाला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल व्याख्यान आधारित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि वास्तविक फिल्म निर्माण प्रक्रिया का अनुभव प्रदान करती है। प्रतिभागी प्रशिक्षण के दौरान स्वयं फिल्म बनाकर सीखेंगे. यही इसकी अवधारणा 'Script to Screen' को सार्थक बनाती है-अर्थात् कहानी की पहली पंक्ति से लेकर उसके पर्दे पर प्रदर्शन तक की सम्पूर्ण यात्रा.यह कार्यशाला विशेष रूप से उन युवाओं के लिए उपयोगी होगी जो निर्देशन, पटकथा लेखन, सिनेमैटोग्राफी, अभिनय, कंटेंट क्रिएशन, यूट्यूब वीडियो निर्माण अथवा स्वतंत्र फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं. इस कार्यशाला के कोर्स डायरेक्टर प्रख्यात फिल्म शिक्षाविद् गिरिश जोटवाणी होंगे, जो अपने व्यापक अनुभव के आधार पर प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण देंगे.उल्लेखनीय है कि पटना में पहली बार FTII, पुणे की आधिकारिक कार्यशाला आयोजित की जा रही है. आयोजकों का मानना है कि यदि इस पहल को अपेक्षित सफलता मिलती है, तो भविष्य में भी FTII के सहयोग से ऐसी अनेक उन्नत फिल्म प्रशिक्षण कार्यशालाएं पटना में आयोजित की जाएँगी, जिससे बिहार के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर का फिल्म शिक्षण अपने ही शहर में उपलब्ध हो सके.कार्यशाला की सबसे खास बात यह है कि प्रतिभागी खुद एक शॉर्ट फिल्म बनाएंगे और उसकी स्क्रीनिंग के बाद एफटीआईआई के विशेषज्ञों से फीडबैक भी मिलेगा. इस कार्यशाला के कोर्स डायरेक्टर फिल्म शिक्षाविद् गिरिश जोटवाणी होंगे. कार्यशाला का शुल्क 12,600 रुपये रखा गया है. इच्छुक प्रतिभागी 7209621567 पर संपर्क कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं.अधिक जानकारी एवं पंजीकरण हेतु-मोबाइल: 7209621567ईमेल: info@houseofvariety.orgरजिस्ट्रेशन लिंक - https://onlinesbi.sbi.bank.in/sbicollect/icollecthome.htm?corpID=807844&categoryName=A121%20Workshop%20on%20Script%20to%20Screen%20in%20Patna
"झारखंड के रामगढ़ के पतरातू लेक रिजॉर्ट की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है! जी हां, प्रकृति की गोद में बसे इस सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल को अब एक भव्य और राज्यस्तरीय 'टूरिज्म हब' बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। हाल ही में नवनियुक्त पर्यटन सचिव मुकेश कुमार ने पूरे इलाके का दौरा किया और यहां के बुनियादी ढांचे में एक बहुत बड़े विस्तार की घोषणा की है।""झारखंड सरकार अब पर्यटन को राज्य के आर्थिक विकास का नया इंजन बनाने जा रही है। पतरातू में पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए JTDC की जमीन पर 100 से अधिक नए लग्जरी कमरों का निर्माण किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले लोगों को वर्ल्ड-क्लास ठहरने की सुविधा मिल सके।लेकिन रुकिए, रोमांच यहीं खत्म नहीं होता! रिजॉर्ट के ठीक सामने आवंटित 25 एकड़ के विशाल क्षेत्र में एक अत्याधुनिक वॉटर पार्क (Water Park) स्थापित करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है।""पर्यटन सचिव मुकेश कुमार का मानना है कि बेहतर आवास और मनोरंजन की व्यवस्था से स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी। जब देश-विदेश से पर्यटक यहां रुकेंगे, तो इसका सीधा फायदा हमारे स्थानीय युवाओं को मिलेगा।छोटे होटल, बोट संचालक, गाइड, ट्रांसपोर्ट, लोकल हस्तशिल्प और बाजारों की आमदनी बढ़ेगी, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए अब पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही, पार्क के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और डैम टापू को भी नए सिरे से संवारा जा रहा है।""अगर ये सभी योजनाएं समय पर पूरी हो गईं, तो पतरातू सिर्फ रामगढ़ का ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड का सबसे बड़ा टूरिज्म ब्रांड बनकर उभरेगा। प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक सुविधाओं का यह अनूठा संगम राज्य के भविष्य को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा।
NEWS DESK : वाराणसी में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान भोजपुरी संगीत जगत को एक नई सौगात मिली,जब पा रा म्यूजिक ने अपने नए भोजपुरी म्यूजिक वर्टिकल‘भोजपुरी धूम’का शानदार शुभारंभ किया. इस नई पहल का आगाज़ भोजपुरी सुपरस्टार अरविंद अकेला कल्लू और लोकप्रिय गायिका शिल्पी राज की आवाज़ में रिलीज़ हुए गीत‘राउंड राउंड’से हुआ. रिलीज़ के साथ ही यह गीत सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है तथा दर्शकों का जबरदस्त प्रतिसाद प्राप्त कर रहा है.‘राउंड राउंड’में अरविंद अकेला कल्लू का बिल्कुल नया और स्टाइलिश अंदाज़ देखने को मिल रहा है. दमदार संगीत,आकर्षक लोकेशन,भव्य फिल्मांकन और कल्लू की ऊर्जावान प्रस्तुति ने इस गीत को खास बना दिया है. गीत में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और परफॉर्मेंस दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर रही है. वहीं शिल्पी राज की आवाज़ ने गीत में चार चांद लगा दिए हैं. म्यूजिक वीडियो में एंजेल लिज़ा की ग्लैमरस मौजूदगी भी दर्शकों को खूब आकर्षित कर रही है.लिंक : https://www.youtube.com/watch?v=tCPEWY2Curoगीत की सफलता पर खुशी जताते हुए अरविंद अकेला कल्लू ने कहा कि‘राउंड राउंड’पूरी तरह से मनोरंजन से भरपूर गीत है,जिसे हर वर्ग के श्रोता पसंद करेंगे. उन्होंने कहा कि भोजपुरी संगीत अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है और ऐसे गीतों के माध्यम से इसे और मजबूती मिलेगी. वहीं शिल्पी राज ने भी विश्वास जताया कि यह गीत शादी,पार्टी और उत्सवों की पहली पसंद बनने वाला है. रिलीज़ के कुछ ही समय में गीत को मिल रहे सकारात्मक रिस्पॉन्स ने पूरी टीम का उत्साह बढ़ा दिया है.पा रा म्यूजिक की सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक राशना पोचकनावाला ने कहा कि ‘भोजपुरी धूम’ का उद्देश्य भोजपुरी दर्शकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला और मौलिक कंटेंट उपलब्ध कराना है. वहीं सह-संस्थापक पवन सूद ने इसे भोजपुरी संगीत उद्योग में दीर्घकालिक निवेश और रचनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. गीत के बोल अभिनव प्रताप सिंह ने लिखे हैं, संगीत प्रियांशु सिंह ने दिया है तथा वीडियो का निर्देशन बद्री नाथ झा ने किया है. पीआरओ रंजन सिन्हा ने बताया कि ‘राउंड राउंड’ को जिस तरह का प्यार मिल रहा है, उसे देखते हुए यह गीत आने वाले दिनों में भोजपुरी संगीत जगत का बड़ा हिट साबित हो सकता है.
पटना- फिल्म ‘द इंडियन लेनिन बाबू जगदेव’ आगामी 29 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। इसकी जानकारी फिल्म के निर्माता सुभाष कुमार और सिद्धार्थ कुमार ने दी।उन्होंने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद बिहार के सर्वमान्य जननेता थे, जिन्होंने दलित, अति पिछड़ा, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज के लोगों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। फिल्म में उनके संघर्ष, विचार और सामाजिक आंदोलन को प्रमुखता से दिखाया गया है।फिल्म की शूटिंग जहानाबाद के कुर्था इलाके तथा झारखंड के कई क्षेत्रों में की गई थी। फिल्म में छुआछूत, अंधविश्वास, अमीरी-गरीबी और ऊंच-नीच जैसी सामाजिक विसंगतियों को भी प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।निर्माताओं का कहना है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का भी काम करेगी। फिल्म को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।पटना से नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट
पटना: राजधानी पटना में एक प्रेम कहानी ने उस वक्त फिल्मी मोड़ ले लिया,जब बिहार राज्य महिला आयोग का दफ्तर ही शादी का मंडप बन गया. किराएदारी से शुरु हुई यह कहानी दोस्ती,फिर प्यार और आखिरकार शादी तक पहुंची,लेकिन इस पूरे सफर में परिवार का विरोध सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया.मामला उस समय सुर्खियों में आया जब प्रेमी जोड़ा अपनी समस्या लेकर महिला आयोग पहुंचा. दोनों पहले ही 2 जुलाई 2025 को कोर्ट मैरिज कर चुके थे,लेकिन लड़के का परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने को तैयार नहीं था. परिवार की नाराजगी इतनी बढ़ गई कि लड़के को घर और संपत्ति से बेदखल तक कर दिया गया.करीब दो घंटे तक आयोग में हंगामा,बहस और समझाने-बुझाने का दौर चलता रहा. हालात को संभालने के लिए डायल 112 की टीम को भी मौके पर बुलाना पड़ा. आयोग की अध्यक्ष और सदस्यों ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की,लेकिन जब कोई रास्ता नहीं निकला,तो अंत में वहीं बड़ा फैसला लिया गया.सभी के सामने लड़के ने लड़की की मांग में सिंदूर भर दिया और इस रिश्ते को सामाजिक मान्यता दे दी. इस पूरे घटनाक्रम ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया और माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह फिल्मी हो गया.जानकारी के अनुसार,लड़की करीब ढाई साल पहले लड़के के घर किराएदार बनकर रहने आई थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्यार में बदल गया. तमाम विरोध और दबाव के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया.फिलहाल,दोनों ने अलग किराए के घर में नई जिंदगी शुरू करने का निर्णय लिया है. महिला आयोग भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है. यह कहानी एक बार फिर दिखाती है कि जब इरादे मजबूत हों,तो प्यार हर मुश्किल को पार कर सकता है.पटना से SANJAY KUMAR की रिपोर्ट--
दानापुर : राजधानी पटना से सटे दानापुर के सगुना मोड़ स्थित नवनिर्मित सगुना चिल्ड्रन पार्क का शुक्रवार को विधिवत उद्घाटन किया गया. इस अवसर पर दानापुर नगर परिषद की अध्यक्ष शिल्पी कुमारी ने फीता काटकर पार्क का शुभारंभ किया.यह पार्क दानापुर नगर परिषद द्वारा क्षेत्र का पहला ऐसा पार्क है,जहां स्थानीय लोगों को सुबह-शाम टहलने,बैठने और बच्चों को खेलने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी. पार्क के निर्माण से आसपास के निवासियों में खासा उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला. इस पार्क में छोटा सा ओपन जिम की भी व्यवस्था की गई है.उद्घाटन समारोह में नगर परिषद के कई वार्ड पार्षद भी मौजूद रहे और सभी ने इस पहल की सराहना की है. वहीं,इस पार्क के निर्माण में भाजपा नेता शंकर सिंह का विशेष योगदान रहा,जिनके प्रयासों से यह सुविधा क्षेत्रवासियों को मिल सकी.स्थानीय लोगों ने कहा कि इस पार्क के बनने से न केवल बच्चों को खेलने का सुरक्षित स्थान मिलेगा,बल्कि बुजुर्गों और युवाओं के लिए भी यह एक बेहतर सुकून भरा वातावरण प्रदान करेगा.दानापुर से अभय राज की रिपोर्ट--
पटना : बिहार में 45 फिल्मों की शूटिंग को मंजूरी मिली है. ये फिल्में भोजपुरी,हिन्दी,मगही और हिन्दी-मैथिली जैसी कई भाषाओं में बनाई जा रही है. इनमें 22 हिन्दी,19 भोजपुरी,1 मगही,1 इंग्लिश एवं भोजपुरी,1 हिन्दी एवं मैथिली फिल्में शामिल हैं.बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड की ओर से वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए जारी सूची के अनुसार कुल 45 फिल्मों/प्रोजेक्ट्स की शूटिंग बिहार में की जा रही है. इनमें 38 फीचर फिल्में,6 डॉक्यूमेंट्री और 1 वेब सीरीज हैं. इन सभी फिल्मों को राज्य सरकार की बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत सब्सिडी और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं. वर्ष 2024 के जुलाई से अब तक कुल 39 फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है जबकि बाकि फिल्मों की शूटिंग चल रही है.कौन-कौन से फिल्मों की हो रही शूटिंगसूची में शामिल प्रमुख फिल्मों में संघतिया,द लॉन्ग जर्नी होम,बिहार का जलवा,सुहागिन के सेनुर,लार्इफ लीला,जिंदगी बितवनी तोहरे प्यार में,घर का बंटवारा,नारी,रजनी की बारात,ओह माय डॉग,टिया,सुगनी,पतिदान,छठ,पेन ब्रश,बिहान,अनमोल घड़ी,बंटवारा,अंबे है मेरी मां,बेटी बनल विजेता,अखंड भेदम,बिहारी भौजी,वृहस्पति व्रत कथा,जय मईया शारदा भवानी,जिंदगी एक प्रेम कथा,मईया थावे वाली,मगध पुत्र,आखिरी लेसन,इकोस ऑफ द एबसेंट,चंपारण सत्याग्रह,डोंट टर्न,हालात,आदि शक्ति मुंडेश्वरी,जीवन की शतरंज,बोध गया का महाबोधि मंदिर,अंधेरे में रोशनी की किरण,डिजिटल युग का संस्कार,बजरंगी,गुंबद,प्यार त पागल होला,बिहार लेजिस्लेटिव असेंबली चेयरमैन अपटू 2025,ऑफलाइन,आईडल,मिस बिहार और द आउट कास्ट बड शामिल हैं.फिल्मों की शूटिंग राज्य के विभिन्न प्रमुख स्थलों जैसे राजगीर,बोधगया,पटना,गया,मुंगेर और चंपारण में हो रही है. इन लोकेशनों के माध्यम से बिहार की ऐतिहासिक धरोहर,धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जा रहा है.सरकार की फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत निर्माताओं को सब्सिडी, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और प्रशासनिक सहयोग मिल रहा है.
पटना: भोजपुरी सिनेमा के दर्शकों के लिए बहुप्रतीक्षित फिल्म‘प्रेम विवाह’का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया और यूट्यूब पर चर्चा का विषय बन गया है. एसआरके म्यूजिक प्रा. लि. प्रस्तुत इस फिल्म में सुपरस्टार अरविंद अकेला कल्लू और चर्चित अभिनेत्री काजल राघवानी की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर रोमांस,पारिवारिक भावनाओं और सामाजिक संदेश के साथ नजर आने वाली है. ट्रेलर में प्रेम,रिश्तों,पारिवारिक टकराव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव का ऐसा मिश्रण देखने को मिला है,जिसने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है.फिल्म‘प्रेम विवाह’के ट्रेलर में जहां एक ओर कल्लू और काजल राघवानी की दमदार केमिस्ट्री देखने को मिल रही है,वहीं दूसरी ओर कहानी में पारिवारिक मान-सम्मान,सामाजिक सोच और रिश्तों की अहमियत को भी खूबसूरती से पिरोया गया है. ट्रेलर में रोमांस,इमोशन,कॉमेडी और ड्रामा का संतुलित मेल दिखाई दे रहा है,जो इसे एक सम्पूर्ण पारिवारिक मनोरंजन फिल्म बनाता है. फिल्म में समर्थ चतुर्वेदी,संजय पांडेय,रीना रानी,विनोद मिश्रा,श्रद्धा नवल,अनीता रावत समेत कई कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं.लिंक :https://www.youtube.com/watch?v=E4tQuHP2BQMफिल्म के निर्माता रौशन सिंह और सह-निर्माता शर्मिला आर सिंह हैं,जबकि निर्देशन की कमान संजय श्रीवास्तव ने संभाली है. निर्माता रौशन सिंह ने ट्रेलर को लेकर कहा कि "‘प्रेम विवाह’सिर्फ एक फिल्म नहीं,बल्कि रिश्तों,प्रेम,परिवार और सामाजिक मूल्यों से जुड़ी एक खूबसूरत कहानी है. हमें पूरा विश्वास है कि इसका ट्रेलर दर्शकों को जरूर पसंद आएगा. इस फिल्म को हमने पूरी ईमानदारी और भव्यता के साथ बनाया है,ताकि भोजपुरी दर्शकों को एक साफ-सुथरी,पारिवारिक और मनोरंजक फिल्म मिल सके. अरविंद अकेला कल्लू और काजल राघवानी की जोड़ी के साथ पूरी टीम ने शानदार काम किया है. हमें उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म को अपना भरपूर प्यार और आशीर्वाद देंगे."निर्देशक संजय श्रीवास्तव ने कहा कि "‘प्रेम विवाह’ एक ऐसी फिल्म है, जिसमें प्यार, परिवार, भावनाएं और समाज की सच्चाई— एक साथ देखने को मिलेगा. हमने कोशिश की है कि दर्शकों को एक ऐसी कहानी दें, जिससे वे खुद को जोड़ सकें. ट्रेलर फिल्म की सिर्फ एक झलक है, असली भावनात्मक और मनोरंजक सफर तो पूरी फिल्म में देखने को मिलेगा."अभिनेता अरविंद अकेला कल्लू ने कहा कि "यह फिल्म मेरे दिल के बहुत करीब है.‘प्रेम विवाह’में दर्शकों को मेरा एक अलग अंदाज देखने को मिलेगा. कहानी बहुत खूबसूरत है और इसमें मनोरंजन के साथ-साथ एक मजबूत संदेश भी है. मुझे उम्मीद है कि ट्रेलर की तरह फिल्म को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिलेगा."अभिनेत्री काजल राघवानी ने कहा कि "‘प्रेम विवाह’एक बेहद प्यारी और पारिवारिक फिल्म है. इस फिल्म में मेरा किरदार बहुत खास और भावनात्मक है. मुझे पूरा विश्वास है कि दर्शक इस कहानी और हमारे काम को जरूर पसंद करेंगे. ट्रेलर को देखकर जो प्यार मिल रहा है,वह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है." फिल्म की कहानी प्राण नाथ ने लिखी है,जो ट्रेलर से ही काफी प्रभावशाली और दर्शकों से जुड़ने वाली प्रतीत हो रही है. फिल्म का संगीत भी इसकी बड़ी ताकत माना जा रहा है,जिसे प्रियांशु सिंह,रौशन सिंह,आर आर पंकज और सरगम आकाश ने तैयार किया है. वहीं गीतों को सुमित सिंह चंद्रवंशी,आशुतोष तिवारी,मनोज भावुक,छोटू यादव और अन्य गीतकारों ने लिखा है.तकनीकी पक्ष की बात करें तो फिल्म की सिनेमैटोग्राफी सिद्धार्थ सिंह,एडिटिंग जितेंद्र सिंह‘जीतू’,कोरियोग्राफी कानू मुखर्जी और बैकग्राउंड स्कोर असलम सुरती ने किया है. ट्रेलर रिलीज के बाद दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि‘प्रेम विवाह’भोजपुरी सिनेमा की एक और बड़ी पारिवारिक हिट साबित हो सकती है. फिल्म के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी पीआरओ रंजन सिन्हा संभाल रहे हैं.
पटना : बिहार अब इको टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है. प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर ये स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं और आने वाले समय में बिहार देश के प्रमुख इको टूरिज्म गंतव्यों में शामिल हो सकता है. राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित वन्यजीव अभ्यारण्य,झील,जलप्रपात,पहाड़ और बांध अब इको टूरिज्म के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं.टूरिस्ट्स का बढ़ता क्रेज राज्य सरकार की ओर से इन इको टूरिज्म स्थलों पर आधारभूत संरचना,सड़क,आवास और अन्य सुविधाओं का लगातार विकास किया जा रहा है.झील-झरने और जंगल बना रहे पहचानपश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व राज्य का प्रमुख इको टूरिज्म स्थल है. लगभग 901 वर्ग किलोमीटर में फैले इस वन क्षेत्र में बंगाल टाइगर,तेंदुआ,भालू,हिरण,नीलगाय सहित 250 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं. इसके अलावा अमवा मन झील और उदयपुर वन्यजीव अभ्यारण्य भी प्राकृतिक सुंदरता और पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.प्रकृति की ओर बढ़ा पर्यटकों का रुझान भागलपुर का विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभ्यारण्य गंगा डॉल्फिन संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है,जहां पर्यटक डॉल्फिन को प्राकृतिक आवास में देख सकते हैं. वहीं मुंगेर का भीमबांध वन्यजीव अभ्यारण्य अपने घने जंगल,पहाड़ियों और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है.नालंदा जिले का राजगीर नेचर सफारी और जू सफारी तथा घोड़ा कटोरा झील पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. राजगीर में देश का पहला ग्लास स्काई वॉक भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है. नवादा का ककोलत जलप्रपात,रोहतास के तुतला भवानी जलप्रपात,मांझर कुंड,धुआं कुंड और इंद्रपुरी बैराज भी प्राकृतिक पर्यटन के महत्वपूर्ण स्थल हैं.जमुई जिले के नागी-नकटी पक्षी अभ्यारण्य,गढ़ी बांध,बांका का ओढ़नी बांध,कैमूर का कैमूर वन्यजीव अभ्यारण्य,तेलहर कुंड और करकटगढ़ जलप्रपात इको टूरिज्म के रूप में तेजी से विकसित हो रहे हैं. बेगूसराय की कांवर झील और दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पक्षी अभ्यारण्य प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध हैं,जहां सर्दियों में बड़ी संख्या में दूर देशों से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर प्रवासी पक्षी आते हैं.इसके अलावा गया का गौतम बुद्ध वन्यजीव अभ्यारण्य और पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान भी इको टूरिज्म के महत्वपूर्ण केंद्र हैं, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं.
गोपालगंज : रामनवमी के पावन अवसर पर गोपालगंज में भव्य और शांतिपूर्ण माहौल में शोभायात्रा का सफल आयोजन किया गया. भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में निकाली गई इस शोभायात्रा में पूरे जिले के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. जय श्रीराम के नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा, वहीं भक्तिमय माहौल ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया. इस दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. जिला पदाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर मजिस्ट्रेट के साथ भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. सुरक्षा व्यवस्था इतनी सुदृढ़ थी कि पूरे कार्यक्रम के दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या अशांति की खबर नहीं आई. शोभायात्रा के दौरान सदर एसडीपीओ, एसडीएम और नगर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रभाकर स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते नजर आए. प्रशासन की सक्रियता और सजगता ने इस आयोजन को पूरी तरह सफल और शांतिपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.कार्यक्रम के संयोजक पलतू कुमार ने बताया कि रामनवमी के पावन अवसर पर निकाली गई इस शोभायात्रा को जिलेवासियों का भरपूर सहयोग मिला. उन्होंने कहा कि न सिर्फ आम जनता, बल्कि जनप्रतिनिधियों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसके लिए वे सभी के प्रति तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि “मैं पूरे जिलेवासियों का धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने अपना कीमती समय निकालकर इस शोभायात्रा में भाग लिया और इसे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सहयोग दिया. मेरी भगवान श्रीराम से यही प्रार्थना है कि वे सभी को स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रखें और पूरे जिले में शांति और भाईचारे का माहौल बनाए रखें.” कुल मिलाकर, गोपालगंज में आयोजित यह रामनवमी शोभायात्रा श्रद्धा, उत्साह और प्रशासनिक सतर्कता का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई, जिसने सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का मजबूत संदेश दिया.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट--
पटना:बिहार में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भोजपुरी मिस बिहार की शूटिंग का शुभारंभ किया गया है. फिल्म की कहानी महिला सशक्तिकरण व देशप्रेमी महिला की बहादुरी पर आधारित है. मिस बिहार फिल्म के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह फिल्म एक महिला पर आधारित है जो मिस बिहार बनते ही एक मासूम लड़की असामाजिक तत्वों के चंगुल में फंस जाती है और फिर अपने साथी के साथ मिलकर किस तरह बिहार सरकार की सहायता से भारतवर्ष के दुश्मनों का सफाया करती है. फिल्म निगम के अधिकारियों ने बताया कि संजय कुमार और प्रो. अरविंद रंजन दास इस फिल्म के निर्माता के तौर जुड़े हुए है. वहीं फिल्म का निर्देशन,लेखक,गीतकार बिहार स्टेट फिल्म डेवलपमेंट एंड कॉपरेशन लिमिटेड के अधिकारी अरविंद दास ने किया है.6-7 महीनों में फिल्म को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारितइस विषय पर अधिक जानकारी देते हुए फिल्म निर्देशक व अधिकारी अरविंद रंजन दास ने कहा कि महिला सशक्तिकरण पर आधारित फिल्म मिस बिहार को 6-7 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वहीं फिल्म में मुख्य भूमिका के तौर पर अभिनेत्री सिमरन तिवारी निभा रही है. अभिनय जगत में वे इस फिल्म से कदम रखने जा रही है साथ में अभिनेता गौरव झा,अवधेश मिश्रा,गिरीश शर्मा,माया यादव,के के गोस्वामी,प्रेमलता मिश्र'प्रेम'.मटरू,संजय कुमार,पुष्पराज गुंजन,पूनम विश्वकर्मा व अन्य कई कलाकारों शामिल हैं. विशेष भूमिका के तौर वर आलोक राज (पूर्व डी आईजी और पटना साइंस कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल अतुल आदित्य पांडेय भी शामिल हैं.100 प्रतिशत बिहार में पूरी होगी शूटिंगफिल्म निगम के अधिकारी अरविंद दास ने कहा कि इस फिल्म की शूटिंग पूरी तरह से बिहार में ही पूरा किया जायेगा. साथ ही फिल्म में प्रदेश के प्रमुख स्थान पटना, गया व अन्य पर्यटनस्थलों पर शूट किया जायेगा. उन्होंने यह भी बताया कि बिहार के रीति-रिवाज, परंपरा व त्योहारों को इस फिल्म में प्रमुखता से दिखाया गया है.
जहानाबाद : चार दिनों तक चलने वाले सूर्य उपासना के महापर्व चैती छठ पूजा के तीसरे दिन जहानाबाद के संगम घाट पर हजारों की संख्या में छठ व्रतियों ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया.आपको बता दें कि चैती पर्व की शुरुआत नहाय खाए से की जाती है. इसके बाद खरना किया जाता है. उसके बाद पहले दिन सभी छठव्रती अपने नजदीकी नदियों में जाकर भगवान भास्कर को अर्ध अर्पित करते हैं. इसी क्रम में जहानाबाद नगर परिषद क्षेत्र में कई जगहों पर छठ घाट का निर्माण कराया गया जो मुख्य छठ घाट जहानाबाद नगर परिषद क्षेत्र के संगम घाट पर मंगलवार को हजारों हजार की संख्या में छठ व्रती पहुंचक कर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित किये.जहानाबाद से चन्दन मिश्रा की रिपोर्ट--
पटना : बिहार दिवस आयोजित के अंतिम दिन पटना के गांधी मैदान के पास मौजूद श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया. इसके भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी की भरतनाट्यम प्रस्तुति आकर्षण का मुख्य केंद्र रही. उनकी प्रस्तुति ने अलग ही शमां बांध दिया,जिसमें शक्ति,अराधना और देशभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला.नृत्य में भक्ति,मंच पर जादू डॉ. विजयलक्ष्मी का व्यक्तित्व प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का अद्वितीय उदाहरण है. बचपन से ही भरतनाट्यम के प्रति उनका गहरा रूझान रहा है,जिसे उन्होंने अपने व्यस्त प्रशासनिक दायित्वों के साथ निरंतर साधना के तौर पर बनाए रखा. विभिन्न मंचों पर उनकी प्रस्तुतियां भारतीय शास्त्रीय कला की गरिमा को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती रही हैं.घुंघरुओं की थिरकन में भक्ति और देशभक्ति की गूंजउन्होंने चैत्र नवरात्रि के इस पावन पर्व पर मां दुर्गा को समर्पित विशेष प्रस्तुति दी. उनकी एकल नृत्य प्रस्तुति श्री राजा राजेश्वरी अष्टकम पर आधारित थी, जिसकी रचना आदि शंकराचार्य ने की थी. इसके बाद अंबा स्तुति और मां दुर्गा स्तुति की भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया. यह प्रस्तुति शक्ति उपासना और सांस्कृतिक समर्पण का अद्भुत संगम रहा, जिसे दर्शकों ने अत्यंत सराहा, सभी दर्शकगण नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गए.मंच पर उतरी साधना,दर्शकों ने महसूस की दिव्यताकार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् की150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष समूह नृत्य की विशेष प्रस्तुति से हुआ. इसमें डॉ. विजयलक्ष्मी स्वयं भी सहभागी रहीं और साथी कलाकारों का मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने अलग तरह की प्रस्तुति से सभी को सम्मोहित कर दिया. इस आयोजन में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के पाठ की प्रस्तुति की गई. इसका संपूर्ण ध्यान रखते हुए उन्होंने कला प्रेमी के साथ साथ एक अच्छे लोक सेवक का भी नायाब उदाहरण पेश किया.उल्लेखनीय है कि डॉ. विजयलक्ष्मी पूर्व में भी बुद्ध महोत्सव,राजगीर महोत्सव,बिहार दिवस समारोह तथा अन्य राज्य स्तरीय सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियां दे चुकी हैं. विशेष रूप से उन्होंने पिछले वर्ष बिहार दिवस के अवसर पर यशोधरा पर आधारित अपनी नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था. इन मंचों के माध्यम से उन्होंने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाई है.इस सांस्कृतिक प्रस्तुति के दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि,अधिकारी,कलाकार एवं नागरिक उपस्थित रहे. कार्यक्रम ने न केवल बिहार दिवस के उत्सव को गरिमा प्रदान की,बल्कि कला और संस्कृति के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश भी प्रसारित किया.
रांची : राजधानी रांची में आंध्र प्रदेश के लोगों ने उगादी (तेलुगु नव वर्ष) का त्योहार बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया. इस शुभ अवसर पर, 'तेलुगु कम्युनिटी वेलफेयर एसोसिएशन' (TCWA) द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया.यह रांची में रहने वाले तेलुगु समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाला एक सक्रिय संगठन है. जहाँ विभिन्न शहरों में तेलुगु भाषी लोग इस त्योहार को मनाते हैं, वहीं इस वर्ष रांची में यह कार्यक्रम 'वेदिका बैंक्वेट हॉल' (सेक्टर 2 में पुरानी विधानसभा भवन के पास स्थित) में आयोजित किया गया था, जिसमें रांची में रहने वाले आंध्र प्रदेश के बड़ी संख्या में तेलुगु भाषियों ने अपने परिवारों के साथ भाग लिया.कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के.के. राव (रजिस्ट्रार, केंद्रीय विश्वविद्यालय) ने किया, जिन्होंने पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित किया. मंच पर उनके साथ डॉ. एन. हरि बाबू (प्रिंसिपल, RTC इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) और डॉ. वी.एस.एन. पिनाकापानी (सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक, MECON) भी उपस्थित थे.रांची के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले आंध्र प्रदेश के लगभग 32 परिवारों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे कुल उपस्थिति 125 लोगों तक पहुँच गई. यह उल्लेखनीय है कि 'तेलुगु कम्युनिटी वेलफेयर एसोसिएशन' पिछले दो वर्षों से लगातार इस उगादी उत्सव का आयोजन कर रहा है, और इस वर्ष संगठन ने अपनी तीसरी वर्षगांठ मनाई. सुबह से शाम तक चले इस पूरे कार्यक्रम में, बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सहित सभी ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया. विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पारिवारिक गतिविधियों और सामाजिक मेलजोल के मिश्रण ने वास्तव में इस कार्यक्रम को एक यादगार अवसर बना दिया.
भागलपुर : बिहार के भागलपुर में ईद पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. मुस्लिम समाज के लोगों ने शनिवार सुबह से ही जिले के विभिन्न मस्जिदों में नमाज़ अदा कर एक दूसरे के गले लगाकर बधाई दिया. लोगों ने गले मिलकर भाईचारे का संदेश दिया.इस मौके पर मौलना ने कहा कि ईद पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा है. यह पर्व भाईचारे और आपसी एकता का मिशाल कायम करता है. मस्जिदों में नवाज पढ़कर देश की तरक्की, खुशहाली एवं अमन चैन की दुआ मांगी गई.वहीं जिला प्रशासन के निर्देश पर सभी मस्जिदों व ईदगाह पर पुलिस बल, महिला पुलिस बल के साथ साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी. वहीं थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु एएसपी सयाम रजा ने क्षेत्र का भ्रमण किया.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट--
पटना: कला एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड तथा बिहार संग्रहालय के संयुक्त सहयोग से रविवार को संगीतकार रवि की जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में“एक शाम सुर-सम्राट रवि के नाम”कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दूसरे दिन विशेष म्यूजिकल क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.इस प्रतियोगिता में महान संगीतकार रवि के जीवन,उनके संगीत सफर तथा उनके कालजयी गीतों से जुड़े दृश्य और तथ्यों पर आधारित प्रश्न पूछे गए. प्रतियोगिता में चार समूह,टीम ए,टीम बी,टीम सी और टीम डी ने भाग लिया.प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम बी विजेता रही. इस अवसर पर वर्तमान रेरा के अध्यक्ष सह सदस्य विवेक कुमार सिंह ने अपने संगीत संबंधी गहन ज्ञान से सभी को चकित कर दिया.विजेता टीम को पुरस्कार स्वरूप देश के प्रख्यात इतिहासकार एवं लेखक मानेक प्रेमचंद ने महान संगीतकार रवि के जीवन पर आधारित अपनी पुस्तक“सोल्फुली योर्स”भेंट की.कार्यक्रम का संचालन मुंबई से आए देश के प्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन एवं गायक डॉ. मुकुंद जगन्नाथन ने किया. इस अवसर पर मुंबई से आए प्रोफेसर सह ऑडियो-वीडियो कंसल्टेंट कमल मल्होत्रा, रेरा अध्यक्ष सह सदस्य विवेक कुमार सिंह, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रूबी, बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के फिल्म सलाहकार अरविंद रंजन दास, विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रोता एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे.