
शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
Liveबोकारो में शादी का झांसा देकर महिला का कथित यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी और पीड़िता दोनों सहकर्मी हैं। इस मामले में पीड़िता ने महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।पूरा मामला बोकारो के बालीडीह थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां संतोष कुमार नामक युवक पर उसकी महिला सहकर्मी ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने पुलिस की कार्रवाई की जानकारी दी है।
भागलपुर: बिहार के भागलपुर रेलवे स्टेशन पर बुजुर्ग महिला यात्री की सोने की चेन काटने के मामले में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है. संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए खगड़िया गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों के पास से धारदार ब्लेड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. इस कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी करने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसने की उम्मीद है.मामले में रेल डीएसपी आलोक कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले भागलपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान एक बुजुर्ग महिला यात्री की सोने की चेन काटे जाने की शिकायत मिली थी. घटना के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की. जांच के दौरान घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की गई जिसके बाद खगड़िया गिरोह के छह सदस्यों को पकड़ा गया. गिरफ्तार सदस्यों के पास से धारदार ब्लेड और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं.रेल डीएसपी के मुताबिक गिरफ्तार युवकों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गिरोह की गतिविधियों से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही है.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट-
राजधानी रांची में अपराधियों के हौसले इन दिनों पूरी तरह बुलंद हैं। ताजा मामला रांची के कांके थाना क्षेत्र के रिंग रोड इलाके का है, जहाँ एक तीन मंजिला मकान में बेखौफ अपराधियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। यह मकान कृषि विभाग में कार्यरत रामाशंकर प्रसाद का है। बीती रात, हथियारों से लैस 05 अपराधी जबरन उनके घर में दाखिल हुए और इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। अपराधियों ने घर में रखे कीमती गहने और नकदी पर हाथ साफ किया और बड़े आराम से मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही कांके थाना पुलिस, टेक्निकल सेल और डॉग स्क्वॉयड की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और छानबीन शुरू कर दी।हालांकि, हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस के हाथ अब तक डकैतों का कोई सुराग नहीं लगा है। फिलहाल, पुलिस घर के सदस्यों से पूछताछ कर रही है और हर एंगल से मामले की जाँच की जा रही है।गौरतलब है कि इस बड़ी घटना से ठीक पहले, रविवार की रात इसी कांके थाना क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के बाहर अपराधियों ने चार राउंड फायरिंग की थी। पुलिस उस मामले की गुत्थी सुलझा भी नहीं पाई थी कि अपराधियों ने इस दूसरी बड़ी घटना को अंजाम देकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।अब देखना यह होगा कि राजधानी की कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले ये शातिर अपराधी कब तक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं।
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच अब अपने अंतिम और निर्णायक दौर में पहुँच चुकी है। CID की जांच में यह साफ हो गया है कि परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी।जांच एजेंसियों के हाथ कई पुख्ता सुराग लगे हैं। आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन के मिलान से यह स्पष्ट हो गया है कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा गिरोह काम कर रहा था। यह सिंडिकेट छोटे-छोटे समूहों में बंटा हुआ था, जो अभ्यर्थियों की तलाश कर उन्हें पैसे लेकर पास कराता था। जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मुन्ना सिंह ने कबूला है कि उसने जनवरी 2026 में अभ्यर्थियों से अपने खाते में 5 लाख रुपये लिए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को बोकारो के दुग्धा, पटना, कोलकाता, आसनसोल, दुर्गापुर और नेपाल के होटलों में ले जाकर उत्तर रटवाए गए थे। इस गिरोह में अमित सिंह, कुंदन कुमार और अमित लकड़ा जैसे कई नाम शामिल हैं। हाल ही में CID ने संदीप कुमार और राजेश प्रसाद यादव को भी गिरफ्तार किया है।दूसरी तरफ, झारखंड हाईकोर्ट से जेपीएससी अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने जेपीएससी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग वाली रिट याचिकाओं को अपील याचिका के साथ जोड़ने का विशेष आग्रह खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि एकल पीठ में मामले की सुनवाई अंतिम चरण में है, ऐसे में नियमों के खिलाफ जाकर रिट याचिकाओं को सीधे खंडपीठ में ट्रांसफर करना उचित नहीं होगा।उधर, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा गड़बड़ी मामले में निचली अदालत ने आरोपी मिथिलेश कुमार पांडेय और मनु कुमार सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इन दोनों पर धनबाद और बोकारो के परीक्षार्थियों के साथ सेटिंग करने और उन्हें प्रश्न-उत्तर रटवाने का गंभीर आरोप है।
मणिपुर के कांग्रेस सांसद सह JNU प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर चतरा में भाजपा महिला मोर्चा ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह भोक्ता, पार्टी के नेता समेत बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं।प्रदर्शनकारियों ने मामले को लेकर आक्रोश जताया और आरोपी सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। रैली के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने पीड़ित युवतियों को न्याय दिलाने की आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने दोषी पाए जाने पर आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग की।भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ यौन अपराध गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए। प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की।
गिरिडीह में उपायुक्त रामनिवास यादव के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाने और साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में खुशी रानी शर्मा से 20 हजार रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी मिली है। घटना को गंभीरता से लेते हुए साइबर थाना में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।जिला प्रशासन के अनुसार, मामले की जांच जारी है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है। दोषी की पहचान होने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी अधिकारी के नाम, फोटो या पदनाम से WhatsApp अथवा सोशल मीडिया पर संदेश मिलने पर उसकी सत्यता की पुष्टि जरूर करें। किसी अनजान नंबर से पैसे मांगे जाने पर बिना आधिकारिक सत्यापन के राशि ट्रांसफर न करें।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
बिहार के भोजपुर जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर लड़कियों को बुलाकर बंधक बनाने और जबरन नर्तकी का काम कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने ऑपरेशन नया सवेरा 3.0 के तहत कार्रवाई करते हुए धोबहा थाना क्षेत्र के धोबहा बागीचे में छापेमारी कर 12 लड़कियों को मुक्त कराया। इनमें नौ नाबालिग और तीन बालिग बताई गई हैं। मामले में उत्तर प्रदेश की एक महिला समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।सदर एसडीपीओ वन सुशील कुमार के अनुसार, रविवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली थी कि धोबहा बागीचे में करकट और टिन से बने एक मकान में कुछ लड़कियों को जबरन बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की और मौके पर पहुंचकर सभी 12 लड़कियों को मुक्त कराया।पुलिस की पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि उन्हें रोजगार दिलाने का झांसा देकर वहां बुलाया गया था। इसके बाद उनसे उनकी इच्छा के विरुद्ध नर्तकी का काम कराया जा रहा था। मुक्त कराई गई लड़कियां बिहार के सीतामढ़ी, रोहतास, बक्सर और भोजपुर जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल तथा छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं।इस मामले में उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की जुली कुमारी और भोजपुर के बबुरा गांव निवासी मुकेश कुमार पासवान को गिरफ्तार किया गया है। लड़कियों ने पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं। पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है।मामले में पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और बाल श्रम से संबंधित प्रावधानों सहित अन्य सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।छापेमारी दल में महिला थानाध्यक्ष नीतू कुमारी, एएचटीयू शाखा की दारोगा गुड़िया कुमारी और धोबहा थानाध्यक्ष वर्षा रानी समेत अन्य महिला पुलिसकर्मी शामिल थीं। इससे पहले भी जिले के मुफस्सिल और उदवंतनगर थाना क्षेत्रों में इसी अभियान के तहत कार्रवाई की गई थी। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
कोडरमा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां पुलिसकर्मी बनकर दो ठगों ने एक बुजुर्ग महिला को अपना शिकार बनाया। सुरक्षा का झांसा देकर महिला के गले से सोने की चेन उतरवाई और कागज की पुड़िया में पत्थर थमा कर फरार हो गए। मामला डोमचांच थाना क्षेत्र के कोठियाराबर गांव का है। पीड़िता शांति देवी अपने घर के बाहर बैठी थीं। तभी बाइक सवार दो अज्ञात युवक पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताया। ठगों ने कहा - सोने की चेन पहनकर बाहर बैठना खतरे से खाली नहीं है, छिनतई हो सकती है। चेन उतारकर सुरक्षित रख लीजिए। महिला ने जैसे ही चेन उतारी, ठगों ने एक कागज दिया और उसी में लपेटकर रखने को कहा।इसी दौरान हाथ की सफाई दिखाते हुए उन्होंने सोने की चेन निकाल ली और कागज में पत्थर रख दिया। पुड़िया को कपड़े में बांधकर सुरक्षित रखने की सलाह देकर दोनों फरार हो गए। शाम को जब महिला ने पुड़िया खोली तो उसमें चेन की जगह पत्थर मिला। तब जाकर ठगी का पता चला। सूचना मिलते ही डोमचांच पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि खुद को पुलिसकर्मी बताकर गहने उतारने को कहने वाले अनजान लोगों से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत डायल 112 पर सूचना दें।
पटना: राजधानी पटना में पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है. अगमकुआं थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना की पुलिस ने एक फ्लैट में छापेमारी कर 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. वहीं पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दूसरे फ्लैट में भी छापेमारी की,जहां से 4 और साइबर अपराधियों को दबोचा गया.पटना पश्चिमी एसपी संकेत कुमार के मुताबिक,गिरफ्तार आरोपियों में राहुल इस गिरोह का सरगना है. पुलिस के अनुसार राहुल का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है.पूछताछ में राहुल ने खुलासा किया कि साल 2023 में बिहार आर्थिक अपराध इकाई यानीEOUने उसे हरियाणा से गिरफ्तार कर जेल भेजा था. राहुल मूल रूप से पटना सिटी इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है.पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस साइबर गैंग के तार बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश,पश्चिम बंगाल,दिल्ली और हरियाणा तक जुड़े हुए हैं. अलग-अलग राज्यों के सदस्य मिलकर इस गिरोह को संचालित कर रहे थे.छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन,एक लैपटॉप,30 एटीएम कार्ड,49 पासबुक,36 चेकबुक और 2 लाख 86 हजार 400 रुपये कैश बरामद किए हैं.फिलहाल साइबर थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इसके नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं.पटना में साइबर अपराध के इस बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद पुलिस की जांच लगातार जारी है. अब पुलिस की नजर इस गैंग के दूसरे राज्यों में फैले नेटवर्क और इनके बैंकिंग कनेक्शन पर है.पटना से विवेक कुमार रॉय की रिपोर्ट-
झारखंड हाईकोर्ट ने एक नाबालिग को अवैध हिरासत में रखने के मामले में बड़ा रुख अपनाते हुए राज्य के गृह सचिव और डीजीपी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब कर लिया है! मामला रांची के डोरंडा थाना का है। फिरोज नाम के शख्स ने हाईकोर्ट में एक हेवियस कॉर्पस यानी 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' याचिका दाखिल की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि पुलिस ने उनके 17 साल के नाबालिग बेटे को 4 सितंबर 2026 से बिना किसी एफआईआर के अवैध रूप से थाने में बंधक बनाकर रखा।परिवार की ओर से कोर्ट में जन्म प्रमाण पत्र पेश किया गया, जिसमें साबित हुआ कि लड़के की जन्मतिथि 21 अप्रैल 2009 है और वह नाबालिग है। लेकिन आरोप है कि पुलिस ने सारे कागजात ताक पर रख दिए, उसकी उम्र 19 साल बताकर उसे बालिग करार दिया और चुपचाप न्यायिक हिरासत यानी जेल भेज दिया।जब इस मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई, तो अदालत ने सच्चाई सामने लाने के लिए डोरंडा थाना परिसर का सीसीटीवी फुटेज मांगा। लेकिन थाना प्रभारी फुटेज पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहे!इस पर अदालत का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। हाईकोर्ट ने रांची में खराब और बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों की स्थिति पर तीखा सवाल उठाया। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि शहर की सड़कों और चौराहों पर सीसीटीवी का चालू रहना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि रांची एसएसपी को पहले ही सभी थानों के सीसीटीवी दुरुस्त करने का आदेश दिया गया था, जिसकी रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।पुलिस की इस लापरवाही और मनमानी पर कड़ा संज्ञान लेते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने अब राज्य के गृह सचिव और डीजीपी को आगामी 12 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का सख्त निर्देश दिया है।
देवघर: गणेश पूजा के दौरान हुए गोलीकांड के मामले में देवघर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। नगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शिवगंगा क्षेत्र में छापेमारी कर अंकित झा उर्फ ब्रुशली (24 वर्ष) को पकड़ा।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के पास से एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। बरामद हथियार को पुलिस ने जब्त कर लिया है।बताया गया कि नगर थाना कांड संख्या 389/26 में आरोपी नामजद था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी शिवगंगा क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद विशेष टीम और रात्रि गश्ती दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे शिवगंगा स्थित मस्जिद के पास से गिरफ्तार किया।हथियार बरामदगी को लेकर नगर थाना कांड संख्या 396/269, दिनांक 06 अक्टूबर 2026, के तहत बीएनएस एवं आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ नगर थाना में वर्ष 2023 में मामला दर्ज है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और गोलीकांड में उसकी भूमिका के साथ-साथ हथियार के स्रोत का भी पता लगाने में जुटी है।
जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा में गड़बड़ी के मामले से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है। इस मामले के आरोपी अभय तिवारी, समीर कुमार और राहुल कुमार को अदालत से बड़ा झटका लगा है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अभय तिवारी और समीर कुमार ने 28 अगस्त को, जबकि राहुल कुमार ने 29 सितंबर को जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया है।इस पूरे मामले पर सीआईडी (CID) का बड़ा खुलासा सामने आया है। सीआईडी के अनुसार, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किसी एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि एक संगठित सिंडिकेट के जरिए की गई थी। जांच में यह बात सामने आई है कि इसमें सिर्फ सफल अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि कुछ कोचिंग संचालक और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी के लोग भी शामिल थे।जांच एजेंसी के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के दौरान सीआईडी के हाथ कई बेहद अहम और चौंकाने वाले सुराग लगे हैं।सीआईडी की जांच का दायरा अब और भी बड़ा हो गया है। पूछताछ से मिली जानकारियों के आधार पर अब 100 से अधिक अभ्यर्थी सीधे तौर पर जांच के घेरे में आ चुके हैं।सीआईडी इन संदिग्ध अभ्यर्थियों और इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
हजारीबाग के लाखे दुर्गा मंदिर के सामने डीएवी की सेवानिवृत्त शिक्षिका सुषमा मिश्रा के घर में रात के वक्त चोरी की वारदात सामने आई है। चोरों ने घर के पीछे की खिड़की को क्षतिग्रस्त कर अंदर प्रवेश किया और गोदरेज अलमारी व बक्से को खंगालकर नकदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया।बताया गया कि चोर घर से एक सोने की चेन, दो कान की बालियां, दो अंगूठियां, तीन घड़ियां, पायल और करीब 20 हजार रुपये नकद ले गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद घर में हड़कंप मच गया।सुषमा मिश्रा के मुताबिक, इससे पहले दिसंबर 2019 में भी उनके घर में चोरी की घटना हो चुकी है। दोबारा चोरी की वारदात से परिवार में चिंता का माहौल है।घटना की सूचना पुलिस को दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और चोरी की वारदात को लेकर आसपास के इलाके में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
गढ़वा जिला मुख्यालय के रंका मोड़ स्थित होटल उजाला के एक कमरे में मंगलवार को अचानक उस वक्त सनसनी फैल गई, जब 32 वर्षीय राजन तिवारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ओड़नार गांव का रहने वाला राजन वाहन सीज करने का काम करता था। घटना की भनक लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया और होटल के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।जानकारी के मुताबिक, राजन तिवारी अपने साले पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत करसो गांव निवासी संजय तिवारी और दो अन्य सहयोगियों गढ़वा थाना क्षेत्र के पोटमा गांव के शुभम तिवारी व खजूरी गांव के सूरज पासवान के साथ सोमवार की रात होटल उजाला में ठहरा था। कमरे के भीतर देर रात तक जाम छलके और शराब की महफिल सजी। इसके बाद सभी गहरी नींद में सो गए। लेकिन सुबह का सूरज निकले ही होटल के उस कमरे में खौफनाक मोड़ आ गया।सुबह जब संजय तिवारी की आंख खुली, तो कमरे का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। बिस्तर पर राजन अचेत पड़ा हुआ था, जबकि रात में साथ सोए बाकी दो साथी कमरे से गायब थे। संजय ने राजन को झकझोर कर उठाने की काफी कोशिश की, लेकिन उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। अनहोनी की आशंका होते ही उसने तुरंत स्वजन और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गढ़वा थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और कमरे को सील करते हुए तफ्तीश शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज कर पोस्टमार्टम कराया। रात की शराब पार्टी के बाद दो साथियों का अचानक गायब होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मौत की असली वजह जहरीली शराब है, कोई अंदरूनी बीमारी या फिर कोई गहरी साजिश, पुलिस हर पहलू पर तफ्तीश आगे बढ़ा रही है।
मोकामा में शराब माफिया ने पुलिस से बचने के लिए ऐसा तरीका अपनाया कि पुलिस भी देखकर हैरान रह गई। जमीन और पानी के बाद अब पेड़ों पर देसी शराब की भट्ठियां सजाकर शराब बनाने का मामला सामने आया है। मोकामा पुलिस ने सुल्तानपुर दियारा में कार्रवाई करते हुए शराब तस्करों के इस नए ठिकाने का खुलासा किया है।प्रभारी मेकरा ओपी अध्यक्ष नवनीत कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने सोमवार को दियारा इलाके में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस की नजर सूखे पेड़ों पर बनाए गए मचान पर पड़ी। जब पुलिस वहां पहुंची तो पेड़ के ऊपर बाकायदा देसी शराब की भट्ठियां जलती मिलीं। यानी तस्करों ने जमीन पर पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए अपना ‘कारखाना’ ही पेड़ पर शिफ्ट कर दिया था।पुलिस के मुताबिक कम से कम चार सूखे पेड़ों पर मचान बनाकर शराब तैयार की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान करीब 1000 लीटर अर्धनिर्मित देसी शराब बरामद हुई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पुलिस ने पेड़ों पर चल रही चारों भट्ठियों को भी ध्वस्त कर दिया। सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस ने मौके से एक नामी शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। इससे तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।मोकामा पुलिस का कहना है कि शराब माफिया लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। पहले जल और थल में शराब बनाने के मामले सामने आए, लेकिन अब तस्करों ने ‘नभ’ को भी अपना ठिकाना बना लिया। पुलिस का कहना है कि तस्करों के इस नए हथकंडे के बाद कार्रवाई की रणनीति भी बदली जा रही है।यानी शराबबंदी के बीच मोकामा में माफिया का नया जुगाड़—पेड़ पर मचान, ऊपर भट्ठी और नीचे पुलिस से बचने की तैयारी! पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
कोयला चोरी एवं अवैध भंडारण के विरुद्ध सीआईएसएफ द्वारा सीसीएल करगली परियोजना क्षेत्र में लगातार सघन जांच, निगरानी एवं छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। सीआईएसएफ की लगातार कार्रवाई से अवैध कोयला कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।अभियान के दौरान सीआईएसएफ द्वारा ड्रोन सर्विलांस एवं छापेमारी के माध्यम से भी अवैध कोयला गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में आज अहले सुबह सीसीएल बीएंडके प्रक्षेत्र के खासमहाल रेलवे साइडिंग बरवाबेडा के पास बड़ी कारवाई की गई। जंहा अवैध कोयला ढुलाई में संलिप्त दर्जनों मोटरसाइकिल जप्त किया गया है। उक्त कारवाई से कोयला के अवैध ढुलाई में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गई है। फिलहाल कारवाई जारी है कितना मोटरसाइकिल और कितना कोयला जप्त किया गया इसकी स्पष्ट जानकारी अभियान पूर्ण होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिल पायेगी।लेकिन जिस तरह से तस्वीरें सामने आ रही वह भी हैरत कर देने वाली है कि सीआईएसएफ की लगातार कार्रवाई के बाद भी धड़ल्ले से कोयला ढुलाई जारी है।और तस्वीरें बंया कर रही है कि कोयला चोरों का मनोबल कितना बढ़ा हुआ है। मानों कोयला चोरी में संलिप्त लोग भी सीआईएसएफ को चुनौती दे रहे हैं।और तुम डाल डाल तो हम पात पात की कहावत चरितार्थ करती तस्वीरें सामने आ रही है।अब देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि क्या बेरमो में पूर्ण रूप से कोयला चोरी रूक पायेगा।यह बड़ा सवाल वंही जंहा ये कारवाई की गई वह गांधीनगर ओपी थाना क्षेत्र पड़ता है।अब सवाल उठता है स्थानीय थाना उक्त मामले में क्यों मूकदर्शक बनी। अवैध कोयला ढुलाई पर अंकुश लगाने को लेकर क्यों नहीं ठोस कार्रवाई स्थानीय थाना द्वारा की जाती है। जबकि कई बार सीआईएसएफ की कार्रवाई ने थाना क्षेत्र में चल रही अवैध कोयला ढुलाई और भण्डारण का भंडाफोड़ किया है।ये सवाल बुद्धिजीवियों के मन में उठना स्वाभाविक है
जहानाबाद के मखदुमपुर थाना क्षेत्र के कचनावा गांव में कमलेश कुमार हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश मृतक की पत्नी ने अपने भाई और अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर रची थी। मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके साले समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, शनिवार रात कमलेश कुमार की नुकीले लोहे के रॉड से हमला कर हत्या कर दी गई थी। रविवार सुबह घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मानवीय सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।जांच में सबसे पहले मृतक के साले चंदन कुमार को गया के खरखुरा से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और जांच के दौरान हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान हुई। पुलिस ने गया जिले के पिंटू कुमार, श्रवण कुमार, मृतक के साढ़ू रवि कुमार, रंजन कुमार और मृतक की पत्नी को भी गिरफ्तार किया।पुलिस के मुताबिक, पत्नी को शक था कि उसके पति का किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध था। आरोप है कि इसी बात को लेकर कमलेश अपनी पत्नी के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार करता था। लगातार कथित प्रताड़ना से परेशान होकर पत्नी ने अपने भाई को इसकी जानकारी दी। इसके बाद भाई ने अपने रिश्तेदारों और सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल नुकीला लोहे का रॉड, दो मोटरसाइकिल और आठ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
चिरा चास थाना क्षेत्र के डेमूडीह गांव में चोरों ने एक बंद घर को बीती रात निशाना बनाया। चोरों ने घर के दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और अलमारी में रखे जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। परिजनों के मुताबिक चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये है, जिसमें सोना-चांदी के जेवरात के साथ 50 हजार रुपये नकद शामिल हैं।जानकारी के मुताबिक घर की मालकिन देवंती देवी पिंडदान के लिए गया गई हुई थीं। घर में उनका बेटा और बहू रह रहे थे। कल शाम बहू की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद परिवार के लोग अस्पताल चले गए। इसी दौरान चोरों ने बंद घर को निशाना बनाया। आज सुबह जब देवंती देवी घर पहुंचीं, तो उन्हें चोरी की जानकारी मिली।घटना के बाद देवंती देवी काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि वह विधवा हैं और उनकी पूरी जमा-पूंजी चोर ले गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके।
पटना जिले के पुनपुन थाना क्षेत्र के बेहरावां चकिया गांव में शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर लगातार दूसरे दिन हमला किया गया। रविवार को हुई कार्रवाई के दौरान अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। हमले में पुलिस की छह गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हालांकि, गोलीबारी में किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है।मसौढ़ी डीएसपी-1 राघव दयाल के नेतृत्व में चार थानों की पुलिस गांव और पुनपुन नदी के आसपास पहुंची थी। पुलिस टीम दो दिन पहले हुई कार्रवाई के दौरान हमले के बाद अवैध शराब निर्माण और तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चला रही थी।पुलिस को देखते ही शराब निर्माण और तस्करी में शामिल लोग भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर करीब 30 से 35 लोगों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपित पुनपुन नदी में कूदकर फरार होने में सफल रहे।छापेमारी के दौरान पुलिस ने रवि मांझी के घर से एक देशी कट्टा और तीन कारतूस बरामद किए। इसके साथ ही इलाके में संचालित अवैध देसी शराब की भट्ठियों को नष्ट किया गया। पुलिस ने शराब निर्माण से जुड़े सामान और ठिकानों की भी जांच की।बताया गया कि कार्रवाई के दौरान तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद उपद्रवियों ने पुलिस की आधा दर्जन गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद बेहरावां चकिया और आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।दो दिन पहले पुलिस टीम पर हुए हमले को लेकर दर्ज प्राथमिकी के आधार पर भी आरोपितों की गिरफ्तारी की जा रही है। पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में सघन छापेमारी कर रही है। इलाके में स्थिति पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट