

बुधवार, 16 सितंबर 2026
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देवघर:जसीडीह थाना क्षेत्र के मानिकपुर सरासनी गांव में बुधवार को पारिवारिक विवाद ने ऐसा खूनी रूप लिया कि एक मां की जान चली गई,जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए. आरोप है कि परिवार में विवाद के दौरान बेटे ने गुस्से में आकर अपने ही माता-पिता पर जोरदार हमला कर दिया.घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल है.बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच विवाद हुआ. इसी दौरान बेटे ने कथित तौर पर माता-पिता के साथ मारपीट शुरू कर दी. हमले में मां गंभीर रूप से घायल हो गईं थी, उनकी हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई. वहीं,पिता भी हमले में घायल हुए हैं,जिन्हें इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया.घटना की सूचना मिलते ही जसीडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाने के साथ ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ की है. पुलिस अब विवाद के वास्तविक कारण और हमले की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है. पुलिस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटी है.
रांची: शहर में चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. धुर्वा थाना क्षेत्र के सेक्टर-3 मार्केट में चोरों ने एक साथ तीन दुकानों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया,जबकि दो अन्य दुकानों में चोरी का प्रयास किया गया. चोरों ने दुकानों से नगद के साथ-साथ कीमती सामान लेकर फरार हो गये. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है.तस्वीरें रांची के धुर्वा सेक्टर- मार्केट की हैं,जहां रात के अंधेरे में अज्ञात चोरों ने दुकानों को निशाना बनाया.चोरों ने तीन दुकानों के ताले तोड़कर अंदर रखे नगद और कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया. वहीं,दो अन्य दुकानों में भी चोरी का प्रयास किया गया. चोरों ने दुकानों में रखी नगद के साथ सामान तक नहीं छोड़ी. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और दुकानदारों में भी नाराजगी है. वारदात की जानकारी मिलने के बाद धुर्वा थाना पुलिस मौके पर पहुंची. फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं. फिलहाल पुलिस आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अज्ञात चोरों की पहचान में जुटी गई है.
गिरिडीह: जिले के गांडेय प्रखंड के मेढ़ो गांव के पास जयंती नदी में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई है. हादसा मंगलवार देर शाम हुआ है. घटना की जानकारी मिलते ही गांधीनगर और आस-पास के क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है. बताया गया कि गांधीनगर निवासी चार बच्चे दो साइकिलों से घूमने निकले थे. शाम करीब सात बजे ग्रामीणों ने नदी के दोनों किनारों पर दो साइकिलें खड़ी देखी. पास में बच्चों के कपड़े और चप्पल पड़े थे.वहीं, शाम तक बच्चों के घर नहीं लौटने और नदी के पास बच्चों को देखे जाने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चों के कपड़े,साइकिल की पहचान के बाद नदी में बच्चों की तलाश शुरू की गई.घटना की सूचना पर गांडेय थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की टीम को बुलाया,गोताखोरों ने रात में नदी में तलाश शुरू की और करीब आधा घण्टे की मशक्कत के बाद तीन बच्चों के शव बरामद किए. तीनों बच्चे गांडेय के गांधी नगर के रहने वाले थे. मृतकों की पहचान अंश,आदित्य और श्रेयांश के रूप में हुई है. तीनों बच्चों की उम्र 12 से 15 वर्ष के बीच बताई जा रही है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है.
रांची : भारत के महान इंजीनियर और भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन के अवसर पर अभियंता दिवस के रूप में मनाया जाता है. राजधानी के स्टेशन रोड रांची स्थित होटल में मंगलवार को अभियंता दिवस को लेकर झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ के तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री दीपिका सिंह पांडे शामिल हुई.कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के द्वारा दीप जलाकर किया गया. कार्यक्रम में सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग अबु इमरान भी शामिल हुए.इस मौके पर मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि राज्य के विकास में अभियंताओं की काफी अहम भूमिका है. राज्य के अभियंता काफी अच्छा काम कर रहे हैं. सरकार इनके साथ हमेशा खड़ी है. देश में अभियंता दिवस पहली बार वर्ष 1968 में मनाया गया था. यह दिन देश के विकास, तकनीकी प्रगति और बुनियादी ढांचे (डैम, पुल आदि) में इंजीनियरों के योगदान को सम्मानित करता है. रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट--
हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग की दो युवा एथलीट पृथ्वी उरांव और अनौखी कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. दोनों खिलाड़ियों का चयन अंडर-17 विश्व विद्यालयीन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए झारखंड की टीम में हुआ है. प्रतियोगिता आगामी 3 से 8 दिसंबर तक ब्राजील में आयोजित होगी.पृथ्वी उरांव लंबी कूद और अनौखी कुमारी400मीटर बाधा दौड़ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी. प्रतियोगिता के लिए झारखंड के कुल11खिलाड़ियों का चयन किया गया है.किसान परिवार से आती हैं दोनों खिलाड़ीगुमला की रहने वाली पृथ्वी उरांव पिछले करीब तीन वर्षों से हजारीबाग में रहकर लंबी कूद का प्रशिक्षण ले रही हैं. उनके पिता किसान और मां गृहिणी हैं. वहीं रांची की अनौखी कुमारी के पिता कृषि कार्य से जुड़े हैं और मां गृहिणी हैं. दोनों खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है.दोनों खिलाड़ियों की सफलता में उनके प्रशिक्षक नीरज रॉय और अनुकंपा रूंडा की भी अहम भूमिका रही है. प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने तकनीक,फिटनेस,गति और प्रदर्शन को लगातार बेहतर किया.गोवा में होगा विशेष प्रशिक्षण शिविरब्राजील रवाना होने से पहले दोनों खिलाड़ियों के लिए गोवा में करीब ढाई महीने का विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा. यहां अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए उनकी फिटनेस,तकनीक और प्रदर्शन को और निखारा जाएगा.हर्ष अजमेरा ने किया सम्मानितहजारीबाग ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सह युवा समाजसेवी हर्ष अजमेरा ने अपने कार्यालय परिसर में दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि हजारीबाग में प्रशिक्षण लेकर दो बेटियों का अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन होना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है.उन्होंने कहा, “हजारीबाग की बेटियों का ब्राजील तक पहुंचना गर्व की बात है. उनके सपनों को पूरा करने में हरसंभव सहयोग करेंगे.”हर्ष अजमेरा ने कहा कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती. जरूरत है प्रतिभाओं को सही दिशा,बेहतर प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देने की. उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं.पृथ्वी की लंबी छलांग और अनौखी की बाधा दौड़ की रफ्तार अब ब्राजील के अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर नजर आएगी. दोनों खिलाड़ियों का लक्ष्य शानदार प्रदर्शन कर देश और झारखंड का नाम रोशन करना है.राजीव मोहन श्रीवास्तव की रिपोर्ट-
रांची: प्रस्तावित परिसीमन से झारखंड में आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर परिसीमन, जनसांख्यिकीय बदलाव, विस्थापन, पलायन और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की.पांचवीं अनुसूची की भावना के अनुरूप परिसीमन की मांगप्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झारखंड के पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में प्रस्तावित परिसीमन को केवल मौजूदा जनसंख्या के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए. ऐतिहासिक परिस्थितियों, आदिवासी क्षेत्रों की भौगोलिक और सामाजिक संरचना, विकास परियोजनाओं से हुए विस्थापन, पलायन और दशकों में हुए जनसांख्यिकीय बदलाव को भी परिसीमन के दौरान ध्यान में रखा जाना चाहिए. प्रतिनिधिमंडल ने आशंका जताई कि प्रस्तावित परिसीमन से विधानसभा और लोकसभा सीटों के अनुपात में बदलाव हो सकता है, जिसका असर आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ सकता है. मांग की गई कि आदिवासी समाज का मौजूदा राजनीतिक प्रतिनिधित्व कम नहीं होना चाहिए और सीटों में वृद्धि होने पर ST और SC आरक्षित सीटों में भी वर्तमान अनुपात के अनुसार वृद्धि सुनिश्चित की जानी चाहिए.राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से चर्चा और विशेष सत्र का दिया सुझाववार्ता के दौरान राज्यपाल ने सुझाव दिया कि प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों और चिंताओं को मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखे. उन्होंने इस विषय पर गंभीर चर्चा के बाद झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर परिसीमन से संबंधित स्पष्ट प्रस्ताव पारित करने और उस प्रस्ताव को राज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजने की दिशा में पहल करने की बात कही. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के इस सुझाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि परिसीमन जैसे दीर्घकालिक प्रभाव वाले विषय पर राज्य सरकार, विधानसभा और केंद्र सरकार के स्तर पर व्यापक विमर्श जरूरी है.राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजने की मांगप्रतिनिधिमंडल ने संविधान की पांचवीं अनुसूची के पैरा-3 के तहत राज्यपाल से राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजने की मांग की. इसमें पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में हुए जनसांख्यिकीय परिवर्तन, विस्थापन और पलायन के साथ प्रस्तावित परिसीमन से आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का तथ्यात्मक आकलन शामिल करने का आग्रह किया गया. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्यपाल की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट में पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का व्यापक मूल्यांकन होना चाहिए और परिसीमन के संभावित प्रभाव को भी गंभीरता से शामिल किया जाना चाहिए.परिसीमन के प्रभाव के अध्ययन के लिए उच्चस्तरीय समिति की मांगप्रतिनिधिमंडल ने पूर्व राज्यपाल और वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों से जुड़े विषयों के लिए 8 मार्च 2019 को अधिसूचना संख्या 616 के तहत गठित उच्चस्तरीय समिति की तर्ज पर परिसीमन के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए विशेष उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि समिति की रिपोर्ट को पांचवीं अनुसूची के पैरा-3 के तहत राज्यपाल की वार्षिक रिपोर्ट में शामिल कर राष्ट्रपति को भेजा जाना चाहिए.विस्थापन और पलायन से जनसांख्यिकीय बदलाव का मुद्दा उठायाप्रतिनिधिमंडल ने कहा कि खनन, बांध, उद्योग, विद्युत परियोजनाओं, सड़क और रेल समेत विभिन्न विकास परियोजनाओं के कारण पिछले कई दशकों में बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार विस्थापित हुए हैं. रोजगार और आजीविका की तलाश में आदिवासी युवाओं और परिवारों के पलायन से भी जनसांख्यिकीय बदलाव हुआ है. प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कई आदिवासी क्षेत्रों में बाहरी आबादी के आगमन और CNT-SPT एक्ट के उल्लंघन के कारण भी बसावट की स्थिति बनी है. प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इन ऐतिहासिक और वर्तमान परिस्थितियों का अध्ययन किए बिना केवल जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करना आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए चुनौती बन सकता है. इसके साथ ही छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908 और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम, 1949 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आदिवासी भूमि की सुरक्षा और भूमि वापसी से जुड़े प्रावधानों को लागू करने की मांग भी रखी गई.अनुच्छेद 330(2) और 332(3) में संशोधन की मांगप्रतिनिधिमंडल ने संविधान के अनुच्छेद 330(2) और 332(3) के संदर्भ में भी अपनी मांग रखी. प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों, ऐतिहासिक विस्थापन और जनसांख्यिकीय बदलाव को देखते हुए आदिवासी समाज के मौजूदा राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए संवैधानिक प्रावधानों की समीक्षा जरूरी है.प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि परिसीमन के बाद सदनों में कुल सीटों की संख्या बढ़ती है, तो अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटों में भी वर्तमान अनुपात के अनुसार वृद्धि सुनिश्चित की जानी चाहिए.
जमशेदपुर:पोटका के कोवाली थाना क्षेत्र के हल्दीपोखर हृदय नगर में शातिर चोरों नेअधिवक्ता के घर को निशाना बनाया. चोरों ने 17 लाख के जेवरात व नगद पर हाथ साफ कर दिया.देर रात अज्ञात चोरों ने अधिवक्ता जावेद जमाल के घर में चोरी की बड़ी घटना को अंजाम दिया. चोर घर के बाहर का ग्रिल तोड़कर अंदर घुसे और गोदरेज का ताला तोड़कर करीब 16 लाख के जेवरात और 95 हजार नगद लेकर फरार हो गए. चोरी की पूरी घटना घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई.अधिवक्ता जावेद जमाल ने बताया कि रात करीब दो से तीन बजे के बीच चोरों ने घर में प्रवेश किया. रात करीब 3:10 बजे उनकी नींद खुली तो आंखों में तेज जलन महसूस हुई. हॉल का दरवाजा खुला देखकर उन्हें संदेह हुआ. बाहर का मुख्य गेट भी खुला था. जांच करने पर पिता के कमरे में रखा गोदरेज टूटा हुआ मिला और उसमें रखे करीब 16 लाख रुपये के जेवरात और 95 हजार नगद गायब था. घटना की सूचना मिलते ही कोवाली पुलिस अधिवक्ता के घर पहुंची और जांच शुरू की. सीसीटीवी फुटेज में पांच की संख्या में संदिग्ध चोर घर के आस-पास दिखाई दे रहे हैं. इधर,पुलिस फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है.जावेद जमाल ने बताया कि करीब ढाई वर्ष पहले भी उनके घर में चोरी की घटना हो चुकी है। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है.
बोकारो: जिले में होमगार्ड और चौकीदार के रिक्त पड़े 189 पदों पर जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर युवाओं ने 28 जुलाई को आंदोलन कर डीसी को ज्ञापन सौंपा. उस समय डीसी ने 45 दिनों के अंदर कार्रवाई का आश्वासन दिया था,लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं होने पर युवाओं ने एक बार फिर बोकारो डीसी अजयनाथ झा से उनके कार्यालय में मुलाकात की. इस दौरान डीसी ने आश्वासन दिया कि दुर्गा पूजा और दीपावली के बीच 189 रिक्त पदों पर बहाली के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा.डीसी से मिलने पहुंचे युवाओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में युवा इस बहाली की तैयारी कर रहे हैं. बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। युवाओं ने मांग की कि बहाली प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिल सके.
चतरा: भ्रष्टाचार के खिलाफ हजारीबाग एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने मंगलवार को चतरा में बड़ी कार्रवाई की है. हजारीबाग एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाया.चतरा सदर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कर्मचारी भवन में छापेमारी कर एसीबी ने राजस्व कर्मचारी सतीश प्रसाद को कथित रूप से 30 हजार घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. जानकारी के अनुसार, किसी राजस्व संबंधी काम के निष्पादन के एवज में कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी, जिसकी शिकायत मिलने पर एसीबी ने मामले का सत्यापन कर यह कार्रवाई की.गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी कर्मचारी के कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और संबंधित अभिलेखों को गहनता से खंगाल रही है. प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अचानक हुई इस कार्रवाई से हड़कंप का माहौल है और अन्य कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई. एसीबी के अधिकारी फाइलों और कागजातों की बारीकी से जांच कर रहे हैं.
रांची:जिलेके सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत बूटी मोड़ स्थित टंगराटोली में चोरों ने देवघर में पोस्टेड एक दरोगा के आवास को अपना निशाना बनाया. अपराधियों ने घर में अकेली मौजूद पुलिसकर्मी की पुत्री को बंधक बनाकर लगभग 30 लाख रुपये नगद और लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया.बाजार गई थी मां,घर में अकेली थी बेटीजानकारी के अनुसार, घटना के समय दरोगा की पत्नी किसी काम से बाजार गई हुई थीं और उनकी बेटी घर में अकेली थी. इसी का फायदा उठाकर शातिर चोर ने घर में प्रवेश किया. चोरों ने युवती को डरा-धमकाकर एक कमरे में बंधक बना लिया, ताकि वह शोर न मचा सके. इसके बाद अपराधियों ने अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे 30 लाख रुपये नगद और कीमती गहने समेटे और मौके से फरार हो गए.जमीन खरीदने के लिए जमा किए गए थे पैसेघटना के बाद पीड़ित परिवार की ओर से सदर थाने में लिखित आवेदन दिया गया है. दर्ज शिकायत के अनुसार, अलमारी में रखे 30 लाख रुपये दरोगा और उनके भाइयों द्वारा संयुक्त रूप से जमीन खरीदने के उद्देश्य से इकट्ठा किए गए थे. परिवार के सदस्य जमीन की डील पूरी करने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही अपराधियों ने इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया.
रांची: शहर के रातू थाना क्षेत्र में एक महिला को वीडियो कॉल पर अश्लील हरकत करने, नग्न शरीर दिखाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अभद्र बातें करने का गंभीर मामला सामने आया है. पीड़िता स्वास्थ्य मंत्री के पूर्व आवास में तैनात सुरक्षा गार्ड की पत्नी है. आपसी रंजिश के चलते साजिश के तहत अज्ञात नंबरों से वीडियो कॉल कर महिला को परेशान किया जा रहा था. पीड़िता की लिखित शिकायत पर रातू थाना पुलिस ने नामजद महिला सहित तीन मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.पारिवारिक नाराजगी के बाद शुरू हुआ कॉल्स का सिलसिलाप्राथमिकी के अनुसार, रातू थाना क्षेत्र के सुंडिल बसाईर टोली (कमड़े) निवासी पीड़िता के पति पुलिस विभाग में हैं और वर्तमान में रांची स्थित स्वास्थ्य मंत्री के पुराने आवास में गार्ड के पद पर प्रतिनियुक्त हैं. पीड़िता का एक महिला के साथ किसी घरेलू बात को लेकर विवाद और नाराजगी चल रही थी. विवाद सुलझाने के लिए पीड़िता आरोपी के गांव गई थी और उसकी सास से मिलकर आरोपी महिला को समझाने-बुझाने की बात कही थी. आरोप है कि इसके तीन-चार दिन बाद से ही पीड़िता के मोबाइल नंबर पर अज्ञात नंबर (90381—0) से कॉल्स आने लगे,जिस पर बात करने वाला शख्स बेहद भद्दी और अश्लील बातें कर उसे मानसिक रूप से परेशान करने लगा.कॉल पर नग्न वीडियो दिखाया,साजिश का आरोपपीड़िता ने बताया कि 7 सितंबर को आरोपी के साथ उसकी फिर से कहासुनी हुई थी. इसके ठीक अगले दिन यानी 8 सितंबर को उसके मोबाइल पर एक अन्य अज्ञात नंबर (8877—-64) से सीधे वीडियो कॉल आया. कॉल रिसीव करते ही स्क्रीन पर सामने वाला व्यक्ति अपना नग्न शरीर और अश्लील हरकतें दिखाने लगा. लगातार हो रही इस हरकत से पीड़िता सहम गई. पीड़िता का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपी महिला ही इन अज्ञात नंबरों के जरिए उसे बदनाम और प्रताड़ित करवा रही है.
रांची: DPS के आस-पास अरगोड़ा और बिरसा चौक रोड के किनारे बसी HEC की जमीन पर अवैध बस्तियों को हटाने पहुंची नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा. इन बस्तियों में रह रहे हजारों की संख्या में लोगों ने अरगोड़ा और बिरसा चौक रोड को जाम कर दिया. जिससे घंटे वाहनों का आवागम बाधित रहा. हालांकि, नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से अवैध तरीके से बस्तियों को तोड़ने का काम जारी है. इसके साथ ही बस्तियों में रह रहे लोगों का कहना है कि कई सालों से वह लोग इन्हीं बस्तियों में रह रहे हैं और जब जिला प्रशासन कार्रवाई कर रहा है तो बस्तियों के लोग कार्रवाई का विरोध कर रहे. सड़क जामकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे.
रांची:झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने MMDR कानून में किए गए संशोधन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार किसी मांग को लेकर नहीं,बल्कि न्याय की मांग को लेकर आगे बढ़ रही है. वित्त मंत्री के ने कहा कि केंद्र सरकार के MMDR संशोधन से झारखंड को करीब 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है. उन्होंने कहा कि केंद्र की अन्य नीतियों की वजह से रेशनलाइजेशन और मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ किए जाने से भी राज्य को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.राधाकृष्ण किशोर ने बताया विकसित भारत के तहत 18 और 19 तारीख को दिल्ली में सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों और वित्त सचिवों की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में झारखंड का पक्ष रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि झारखंड एक पिछड़ा राज्य है और ऐसे कानूनों एवं नीतियों से राज्य की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है.
रांची: भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष रंजय भारती का कार्यभार ग्रहण सह अभिनंदन समारोह प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय,प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी,अनुसूचित जाति मोर्चा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष किशुन दास सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ. उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष का अभिनंदन करते हुए उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं.प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय ने पदग्रहण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि संगठन में पद केवल प्रतिष्ठा नहीं होता है बल्कि यह एक दायित्व है. उन्होंने संगठन के सभी नए एवं पुराने कार्यकर्ताओं का समन्वय बनाकर साथ लेकर चलने का सुझाव दिया. उन्होंने मोर्चा के कार्यकताओं से आग्रह करते हुए कहा कि2029चुनाव को लक्ष्य बनाकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने के लिए अनुसूचित जाति के लोगों को संगठन से जोड़ने की जरूरत है.प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार की अनुसूचित जाति के लिए लागू किये गए सभी योजनाओं की जानकारी समाज के लोगों को दें. तथा इसका लाभ उठाने में समाज की मदद करें.प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी ने कहा कि अनुसूचित जाति मोर्चा नहीं बल्कि एक परिवार है और इसे सशक्त और मजबूत बनाना हम सबका दायित्व है. उन्होंने नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष से आग्रह करते हुए कहा कि आपके नेतृत्व में यह मोर्चा समाज के हर परिवार के साथ सुख और दुख में खड़ा रहना चाहिए. तभी यह समाज आपके साथ जुड़ेगा.निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष किशुन दास ने कहा कि उनके कार्यकाल में अनुसूचित जाति मोर्चा के संगठन का विस्तार गांव तक मजबूती के साथ किया गया. उन्होंने नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष को हर कदम पर मदद करने का भरोसा दिया.झारखंड भाजपा अनुसुचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रंजय भारती ने केंद्र और राज्य के नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां एक छोटा से छोटा कार्यकर्ता भी बड़ा से बड़ा पद ग्रहण कर सकता है. पार्टी ने मुझ जैसे एक छोटे गांव से निकले अदना कार्यकर्ता को अनुसूचित जाति मोर्चा के संगठन को पूरे राज्य में संभालने की महत्ती जिम्मेदारी दी है. मैं अपनी तरफ से मोर्चा को मजबूत करने की दिशा में कोई कोर कसर नहीं छोडूंगा और अपनी पूरी ऊर्जा झोंक दूंगा.उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के आदर्शों को मानते हुए अनुसूचित जाति के लिए अनेक कार्य किये हैं. पीएम मोदी ने भीमराव अंबेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों जन्मभूमि महू,शिक्षा भूमि लंदन,महापरिनिर्वाण स्थल दिल्ली,दीक्षा भूमि नागपुर और चैत्य भूमि मुंबई को'पंचतीर्थ'के रूप में विकसित किया है. स्टैंड-अप इंडिया (Stand-Up India)योजना के तहत एससी/एसटी उद्यमियों को बैंक ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि वे बिजनेस शुरू कर सकें. इसके अलावा छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं का दायरा बढ़ाया गया है. केंद्र की सरकार ने संसद और विभिन्न मंचों पर हमेशा यह स्पष्ट किया है कि एससी,एसटी और ओबीसी आरक्षण के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी और यह पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने अनुसूचित जाति समाज की तरफ से नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और भरोसा दिलाया कि आगामी2029की लोकसभा और विधानसभा की चुनाव में झारखंड अनुसूचित जाति परिवार का एक एक सदस्य भाजपा को वोट करेगा.आज के पदग्रहण कार्यक्रम का संचालन प्रभात भुइयां ने तथा धन्यवाद ज्ञापन विशाल बाल्मीकि ने किया.कार्यक्रम में मुख्य रूप से ब्रज मोहन राम,नीरज पासवान,भगत बाल्मीकि,राजेन्द्र पासवान,राकेश राम,रंजन पासवान,कमलेश दास,सूरज दास,विशाल बाल्मीकि,सीमा पासवान,शंकर रजक,संदीप कुमार,रंजीत विनोद,राम लगन,उपेंद्र रजक,सुरेंद्र राजवंशी,समीर बाउरी सहित अनुसूचित जाति मोर्चा एवं पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे.रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट-
रांची: भाजपा प्रदेश कार्यालय स्थित सभागार में किसान मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन सिंह का पदभार ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया. इस दौरान अर्जुन सिंह ने विधिवत किसान मोर्चा के अध्यक्ष के रुप में कार्यभार संभाला. कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई.पदभार ग्रहण सह अभिनंदन समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय ने अर्जुन सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपके नेतृत्व में किसान मोर्चा और मजबूत और सशक्त होगी,इस बात का पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि जब किसान विकसित होगा तभी भारत विकसित होगा. जब किसान आत्मनिर्भर होगा तभी भारत आत्मनिर्भर होगा. उन्होंने किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं से आग्रह करते हुए कहा कि पार्टी को मजबूत करने हेतु हम सब को पार्टी के अधिवक्ता के रूप में काम करना चाहिए और पार्टी के पक्ष को अच्छी तरह से जनता के बीच रखना चाहिए.उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने नारा दिया था जय जवान,जय किसान. उसके बाद अटल बिहारी बाजपेयी ने नारा दिया कि जय जवान,जय किसान और जय विज्ञान और जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने नारा दिया कि जय जवान,जय किसान,जय विज्ञान और जय अनुसंधान. कृषि के क्षेत्र में आज उन्नत खेती और उपज प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान की बहुत जरूरत है. भाजपा के शासनकाल में सदैव किसानों के हित में अनेक योजनायें बनाई गई.उन्होंने मोर्चा के अध्यक्ष से2029के विधानसभा चुनाव को लक्ष्य में रखकर काम करने और राज्य के किसानों के हित की लड़ाई लड़ते हुए अधिक से अधिक संख्या में उन्हें अपने साथ जोड़ने की बात कही.वहीं नवनियुक्त अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने झारखंड राज्य में गठित किसान मोर्चा की चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा किसान मोर्चा किसानों के हक और अधिकार को लेकर हमेशा आवाज उठाते रहा है. आज पार्टी ने जो विश्वास उन पर व्यक्त किया है उसके लिए वे आभार प्रकट करते हुए पार्टी के विश्वास पर खरा उतरने का वे पूरा प्रयास करेंगे.उन्होंने कहा कि किसानों की कोई जाति नहीं होती है,इस देश में हर नागरिक किसान है. सबसे ज्यादा मेहनत हम किसान मोर्चा को करना होगा. किसान मोर्चा प्रदेश स्तर से लेकर हर बूथ तक पहुंचेगा और किसान मोर्चा को पहले से और अधिक मजबूत करना पहली प्राथमिकता है.उन्होंने राज्य की हेमन्त सरकार के द्वारा चुनाव के वक्त किये गये वादे को याद करते हुए कहा कि सरकार ने274रु. प्रति किलो यूरिया उपलब्ध कराने का वादा किया था लेकिन किसानों को आज1200रु प्रति किलो यूरिया मिल रहा है, 3200रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदने का वादा था लेकिन खरीद हो रही है2400रु प्रति क्विंटल. राज्य सरकार की इस वादाखिलाफी के ख़िलाफ़ किसान मोर्चा आंदोलन तेज करेगा.प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि निश्चित रुप से किसान मोर्चा के द्वारा जो मजबूत नींव खड़ा किया गया है उस पर अर्जुन सिंह एक मजबूत इमारत खड़ा करेंगे जो किसानों के हित में काम करेगी. हमारी सरकार ने झारखंड में किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं बनाई थी.उन्होंने प्रदेश किसान मोर्चा से आह्वान करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के लिए जितनी भी केंद्रीय योजनाओं को लागू किया है उसकी जानकारी प्रदेश के किसानों को आप अवश्य दें. अर्जुन सिंह के हाथों को सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर मजबूत करना होगा तभी उनकी देखरेख में किसान मोर्चा सफल होगा.प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि अर्जुन सिंह काफी अनुभवी हैं. उन्होंने कई वर्षों से लगातार काम किया है. उस अनुभव का उपयोग करते हुए किसान मोर्चा को सफल बनाने के लिए ये उचित निर्णय लेंगे. पूरे देश के अर्थव्यवस्था का भार किसानों पर ही होता है. किसान मोर्चा गेट वे ऑफ पार्टी होती है. वर्तमान किसान विरोधी सरकार के द्वारा भाजपा सरकार के द्वारा शुरू किया गया किसान निधि योजना का समाप्त कर दिया गया. नव नियुक्त अध्यक्ष के नेतृत्व में राज्य की किसान विरोधी सरकार के खिलाफ पुरजोर आवाज बुलंद कर किसानों के हित की लड़ाई पूरी मजबूती से मोर्चा लड़ेगा,ऐसा पूरा विश्वास है. प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने अर्जुन सिंह के सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन्होंने जिला से लेकर मंडल तक संगठन में सेवा दी है. प्रवास के माध्यम से संगठन को गढ़ने का काम किया है. मन समर्पित,तन समर्पित की भावना से काम किया है. यह देश किसानों का है,उसी प्रकार यह राज्य भी किसानों का है. अर्जुन सिंह संगठन के माध्यम से किसानों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने हेतु एक धारदार संगठन बनाकर काम करेंगे,यह उम्मीद करते हैं.किसान मोर्चा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू ने कहा कि किसान मोर्चा संगठन का एक अहम मोर्चा होता है. अगर यह मोर्चा मजबूत होगा तो पूरा संगठन मजबूत होगा. पंचायत तक संगठन को ले जाना है. राज्य सरकार के द्वारा यहां के किसानों की हमेशा ठगने का काम किया जाता है. यह टीम सशक्त बनेगा और इस टीम के द्वारा किसानों की सब्जी समस्या का समाधान करने की पूरी कोशिश होगी.कार्यक्रम का मंच संचालन विक्रांत उपाध्याय ने किया. जबकि धन्यवाद ज्ञापन अजय मुंडा ने किया.जबकि कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय,प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा,अमर कुमार बाउरी,मनोज सिंह,प्रदेश मंत्री अमरदीप यादव,बजरंगी प्रसाद यादव,निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू,राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अशोक सिंह,राजेश कुशवाहा,ऋषिकेश राणा,राजीव शाहदेव,बिनोद ठाकुर सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे.रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट-
रांची : हिन्दी दिवस के अवसर पर सोमवार को दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के प्रमंडलीय राजभाषा कार्यालय की ओर से कार्यालय सभागार में हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने किया.कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हिन्दी कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक पूरे देश को एकसूत्र में पिरोती है. यह केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और भावात्मक एकजुटता की सशक्त अभिव्यक्ति है. उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने राजभाषा हिन्दी के महत्व, संरक्षण और प्रचार प्रसार पर विशेष बल देते हुए सभी को हिन्दी के व्यापक उपयोग के लिए प्रेरित किया. मातृभाषा में अध्ययन और पठन के महत्व पर उपायुक्त ने कहा कि इससे किशोरों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलता है. एआई युग की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज मौलिक सोच और भाषा की समृद्धि बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है. इसलिए हिन्दी को विज्ञान, नवाचार, शोध और रोजगारपरक बनाने पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है. इसके बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. जंग बहादुर पांडेय, डॉ. राजश्री जयंती, डॉ. सुरिंदर कौर 'नीलम', नसीर अफसर, नरेश कुमार बंका, शालिनी नायक, सदानंद सिंह यादव, सूरज श्रीवास्तव, डॉ. रजनी शर्मा चंदा और डॉ. विनोद सिंह गहरवार ने अपनी कविताओं का भावपूर्ण पाठ किया. कार्यक्रम का समापन आयुक्त के सचिव रविंद्र कुमार गगराई ने किया. यह कार्यक्रम राजभाषा हिन्दी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ. मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) धनंजय, अपर समाहर्ता राम नारायण सिंह, उप परिवहन आयुक्त सह सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार अजय कुमार रजक, उप निर्वाचन पदाधिकारी विवेक सुमन और आयुक्त कार्यालय के अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे.रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट-
रांची : कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड सरकार की ओर से सोमवार को हिन्दी दिवस के अवसर पर एटीआई सभागार में भव्य व्याख्यान एवं काव्यपाठ समारोह का आयोजन किया गया. विभागीय सचिव प्रवीण टोप्पो ने कहा कि सुशासन की असली पहचान सरल हिन्दी, सुगम प्रक्रियाएं और पारदर्शी व्यवस्था से होती है. जब सरकारी भाषा आमजन की समझ में आती है, तब योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता है. उन्होंने जोर दिया कि कार्यालयों में अनावश्यक जटिल शब्दों और प्रक्रियाओं को कम कर नागरिकों के लिए काम को आसान बनाया जाए.सचिव ने कहा कि तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता बढ़ाई जा रही है, जिससे हर निर्णय और प्रक्रिया स्पष्ट और जवाबदेह बने. ऑनलाइन सेवाएं, समयबद्ध निस्तारण और शिकायतों की निगरानी से जनता का भरोसा मजबूत होता है. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए सरल भाषा और स्पष्ट कार्यशैली अपनाएं, ताकि शासन वास्तव में जनता के करीब और भरोसेमंद बन सके. कार्यक्रम में हिन्दी पट्टी के कई प्रख्यात कवियों और विद्वानों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिन्दी की समृद्धि, संवेदनशीलता और व्यापकता को रेखांकित किया.समारोह में उपस्थित साहित्यकारों, अधिकारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि जनसरोकार और सांस्कृतिक एकता का सशक्त माध्यम है. उन्होंने हिन्दी को“बोली और भाषा के बीच का आत्मसमर्पण” बताते हुए कहा कि यह भाषा देश की विविध लोकभाषाओं और बोलियों को आत्मसात कर निरंतर समृद्ध होती रही है. हिन्दी की यही विशेषता उसे जन-जन की भाषा बनाती है. काव्यपाठ के दौरान कवियों ने सामाजिक सरोकार, राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक विविधता और समकालीन मुद्दों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा. विद्वानों ने इस बात पर जोर दिया कि हिन्दी ने स्वतंत्रता आंदोलन में केंद्रीय भूमिका निभाई थी और आज भी यह देश को एकसूत्र में बांधने का कार्य कर रही है. कार्यक्रम में काव्यपाठ करने आए विद्वानों में मुख्यरूप से डॉक्टर जिंदर सिंह मुंडा - अध्यक्ष, स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, डॉ केदार सिंह - सेवानिवृत प्राध्यापक - विनोबा भावे विश्वविद्यालय, डॉ. वन्दना टेटे - प्रख्यात कवियित्री लेखिका, डॉ. सावित्री बड़ाईक-सहायक प्राध्यापक - एसएस मेमोरियल महाविद्यालय, डॉ. कुमारी उर्वशी सहित कई हिन्दी के प्रख्यात विद्वान उपस्थित थे. रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट--
रांची: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा प्रखंड अंतर्गत क्यूड़ा पंचायत में सड़क निर्माण कार्य को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन संयुक्त सचिव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिकायत की है. संयुक्त सचिव ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से कराए गए सड़क निर्माण कार्यों में डुप्लिकेसी और ओवरलैपिंग की आशंका है. पार्टी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ संबंधित संवेदक और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. कांग्रेस के संयुक्त सचिव सौरभ अग्रवाल की ओर से 29 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2023 में REO चक्रधरपुर की ओर से क्यूड़ा से मेदालबुरु तक करीब एक किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए टेंडर निकाला गया था. इसके बाद वर्ष 2024 में इसी क्षेत्र और मार्ग से संबंधित एक अन्य सड़क कार्य को अलग टेंडर के माध्यम से लिया गया. इसमें सड़क की लंबाई बढ़ाकर क्यूड़ा से हाथीबुरु तक करीब 25 किलोमीटर कर दी गई और यह कार्य राय कंस्ट्रक्शन को आवंटित किया गया.कांग्रेस ने दस्तावेजों और मौके का मिलान कराने की मांग कीकांग्रेस ने मुख्यमंत्री से दोनों सड़क कार्यों के डीपीआर, प्राक्कलन, टेंडर, कार्यादेश, एमबी, भुगतान और पूर्णता प्रमाण-पत्र का मिलान कराने की मांग की है. साथ ही स्थल की वास्तविक स्थिति की भी जांच कराने को कहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पहले से स्वीकृत या निर्मित सड़क के किसी हिस्से को दोबारा दूसरे कार्य में शामिल तो नहीं किया गया. कांग्रेस का कहना है कि यदि जांच में डुप्लिकेसी या ओवरलैपिंग की पुष्टि होती है, तो यह सरकारी राशि के दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला हो सकता है. पार्टी ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में राय कंस्ट्रक्शन को आवंटित अन्य सड़क और विकास कार्यों की भी जांच कराने की मांग की है.2023 में कुईरा पंचायत में सड़क का टेंडरदस्तावेजों के मुताबिक ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल चक्रधरपुर की ओर से 4 मार्च 2023 को एक अल्पकालीन पुनर्निविदा आमंत्रित की गई थी. इसमें कुईरा पंचायत अंतर्गत गोईलकेरा प्रखंड में एसएफ से मेरालगड़ा तक करीब एक किलोमीटर पीसीसी सड़क निर्माण का कार्य शामिल था. इस कार्य की अनुमानित राशि करीब 49.57 लाख रुपये दर्ज है. निविदा के लिए 16 मार्च 2023 तक आवेदन की अंतिम तिथि रखी गई थी. टेंडर दस्तावेज में यह भी उल्लेख है कि एक संवेदक को दो कार्य से अधिक का परिमाण विपत्र निर्गत नहीं किया जाएगा और निविदा प्रक्रिया से जुड़ी निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा.2024 में कुईरा से हाथीबुरु तक करीब 25 किमी सड़क का कामवहीं, ग्रामीण कार्य विभाग के दूसरे दस्तावेज में कुईरा से हाथीबुरु और हुसीपी से बोड़ाम भागया होते हुए मरादिरी तक सड़क निर्माण कार्य का उल्लेख है. इसकी लंबाई करीब 24.940 किलोमीटर दर्ज है. विभागीय पत्र के मुताबिक इस कार्य के लिए न्यूनतम वैध दरदाता के रूप में मेसर्स राय कंस्ट्रक्शन, मानगो, जमशेदपुर का चयन किया गया. कार्य की लागत करीब 35.37 करोड़ रुपये बताई गई है और कार्य पूरा करने की अवधि 15 कैलेंडर माह निर्धारित की गई. विभाग ने कार्य शुरू करने से पहले सड़क की वर्तमान स्थिति का वीडियो और जियोटैग फोटोग्राफ लेने की शर्त भी रखी थी. साथ ही कार्य पूरा होने के बाद निर्मित सड़क का वीडियो और जियोटैग फोटोग्राफ संचिका में संलग्न करने का निर्देश दिया गया था.टेंडर में राय कंस्ट्रक्शन की सबसे कम दरविभागीय टेंडर दस्तावेज में कुईरा से हाथीबुरु, हुसीपी से सोराम वाया मरादिरी तक 24.940 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य के लिए अलग-अलग बोली लगाने वाले संवेदकों का विवरण है. इसमें राय कंस्ट्रक्शन की बोली सबसे कम दर्ज की गई है. दस्तावेज में उसे Lowest Amount Quoted के रूप में दर्शाया गया है.रांची से संवाददाता राहुल कुमार की रिपोर्ट
रांची: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान अब निर्णायक दौर में पहुंचता दिख रहा है।अभियान के बीच पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में तीन बड़े नक्सलियों का एके-47 के साथ आत्मसमर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मानी जा रही है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार पलामू से लेकर दलमा क्षेत्र में मात्र चार नक्सली बचे हुए हैं जिनकी तलाश जारी है।वही आखिरी एक करोड़ का इनामी असीम मंडल बंगाल भाग चुका है।बंगाल में तीन का सरेंडरझारखंड में नक्सलवाद की लड़ाई अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है अब यह कहा जा सकता है कि अगले एक महीने या 15 दिनों के भीतर ही नक्सलियों का अंतिम अध्याय भी खत्म हो जाएगा। शुक्रवार को एक साथ तीन नक्सलियो के बंगाल में आत्मसमपर्ण ने इस कहानी को निर्णायक मोड़ पर ला दिया है।आत्मसमर्पण करने वालों में 15 लाख रुपये का इनामी रीजनल कमेटी मेंबर (RCM) सचिन मार्डी उर्फ रामप्रसाद मार्डी, उसकी पत्नी 10 लाख रुपये की इनामी जोनल कमेटी मेंबर (ZCM) मीता उर्फ नैनतारा और एक लाख रुपये की इनामी गौरी उर्फ बल्लू शामिल हैं। गौरी नक्सली मदन महतो की पत्नी है।आईजी अभियान नरेंद्र सिंह ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले तीन नक्सलियों में से दो पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। इनका संबंध नंदीग्राम और पश्चिम मिदनापुर से है, जबकि सचिन मार्डी उर्फ रामप्रसाद मार्डी जमशेदपुर का रहने वाला है। तीनों ने बांकुड़ा में आत्मसमर्पण किया। सचिन मार्डी ने एके-47 राइफल के साथ सरेंडर किया।दलमा क्षेत्र में अब सिर्फ मंगल सिंह और उसकी पत्नी मांती,असीमतीन बड़े नक्सलियों के सरेंडर के बाद दलमा-जमशेदपुर क्षेत्र में अब केवल दो प्रमुख नक्सलियों के बचे होने की बात आईजी अभियान ने कही है। इनमें मंगल सिंह सरदार और उसकी पत्नी मांती शामिल हैं। पुलिस दोनों तक पहुंचने के लिए लगातार अभियान चला रही है।वहीं, एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असीम मंडल के बंगाल भाग जाने की सूचना भी पुलिस को मिली है।सरेंडर करने की तैयारी मेंअसीमपुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार एक करोड़ का इनामी असीम मंडल फिलहाल बंगाल में एक सुरक्षित स्थान पर छुपा हुआ है और बंगाल पुलिस से समर्पण को लेकर गुहार लगा रहा है। झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार असीम मंडल भी जल्द बंगाल में ही आत्मसमर्पण करेगा।