
शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
Liveझारखंड हाईकोर्ट से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अदालत ने मनरेगा घोटाले से जुड़े एक मामले में तत्कालीन ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर को बड़ा झटका दिया है। झारखंड हाईकोर्ट ने मनरेगा योजना के तहत तीन लाख से अधिक के कथित गबन के मामले में तत्कालीन ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर सुष्मिता प्रिया (उर्फ सुष्मिता गुप्ता) को राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय की अदालत ने उनकी आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा है। साल 2018 में मांडर थाने में कांड संख्या 109/2018 के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि मनरेगा के तहत जलेश्वर लोहरा की जमीन पर ट्यूबवेल निर्माण के लिए 3 लाख 11 हजार 244 रुपये स्वीकृत किए गए थे। लेकिन, निर्धारित स्थान पर काम न करवाकर राशि का दुरुपयोग किया गया। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और ट्रायल कोर्ट ने आईपीसी की धाराओं के तहत इसका संज्ञान लिया था। अदालत में बचाव पक्ष के वकील मुकेश कुमार सिन्हा ने दलील दी कि सुष्मिता प्रिया मार्च 2010 से सितंबर 2012 तक संविदा पर तैनात थीं। उनका तर्क था कि स्थल निरीक्षण, जमीन की पहचान और सत्यापन की मुख्य जिम्मेदारी जूनियर इंजीनियर, हल्का कर्मचारी और मेट की होती है। याचिकाकर्ता की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी और नियमों के तहत गलत जगह निर्माण होने पर राशि वसूली का प्रावधान है, इसलिए उन्हें आपराधिक मुकदमे से मुक्त किया जाना चाहिए।वहीं, राज्य सरकार के वकील ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर होने के नाते वे परियोजना की मुख्य निगरानी अधिकारी थीं।केस डायरी और संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने यह माना कि ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर के दायित्वों में चल रही परियोजनाओं की नियमित निगरानी करना शामिल है, जिसका निर्वहन नहीं किया गया। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद बयानों और साक्ष्यों से उनकी भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आती है, और इसी के साथ अदालत ने उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी।
मामला जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र का है, जहां ब्लॉक के पीछे अनाज गोदाम के पास ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री और सेवन की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान पांच युवकों को पकड़ा गया, जिनके पास से ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थ की कुल 80 पुड़िया बरामद की गई हैं। बरामद मादक पदार्थ का कुल वजन कागज सहित 15.76 ग्राम बताया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई किया हैं.पुलिस को 15 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि परसुडीह ब्लॉक के पीछे अनाज गोदाम के पास कुछ युवक ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री और सेवन कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने छापेमारी टीम गठित कर मौके पर कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने गौतम कुमार सिंह, शिवम कुमार सिंह, सूरज कुमार तिवारी, अमरजीत कुमार सिंह और छोटा गोविंदपुर निवासी अजय यादव को पकड़ा। तलाशी के क्रम में पांचों के पास से अलग-अलग पुड़ियों में रखा ब्राउन शुगर जैसा मादक पदार्थ बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, कुल 80 पुड़ियों में बरामद मादक पदार्थ का वजन कागज सहित 15.76 ग्राम है।
शुक्रवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पैतृक गांव नेमरा में सैकड़ों स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इलाके के अलग-अलग गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं और समाधान की गुहार लगाई।दोपहर करीब साढ़े बारह बजे, सीएम हेमंत सोरेन टावर चौक के पास बनाए गए पंडाल में पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से एक-एक कर मुलाकात की, उनकी बातें बेहद गौर से सुनीं और कई लोगों से उनकी परेशानियों से जुड़े लिखित आवेदन भी स्वीकार किए। ग्रामीणों ने अपने व्यक्तिगत, सामाजिक और जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दे उनके सामने रखे। सीधे राज्य के मुखिया तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिलने से आम जनता में एक नई उम्मीद जगी है।गौर करने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माताजी रूपी सोरेन के निधन के बाद से, वे गत 8 अक्टूबर से अपने पैतृक गांव नेमरा में ही हैं। यहां वे पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अपनी माता के श्राद्ध कर्म और तमाम पारिवारिक परंपराओं को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।परिवार पर आए इस गहरे दुख और व्यस्त धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भी मुख्यमंत्री का इस तरह आम जनता से मिलना और उनकी समस्याएं सुनना इलाके में खासी चर्चा का केंद्र बन गया है। यह वाकया साफ तौर पर दर्शाता है कि एक तरफ जहां वे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हट रहे हैं।व्यक्तिगत दुखों से ऊपर उठकर जनता के बीच रहना और उनकी सुधि लेना वाकई एक मिसाल है। झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इस जन-सरोकार की शैली की सराहना हो रही है।
झारखंड में इन दिनों मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का महा-अभियान चल रहा है! मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बीएलओ (Booth Level Officer) से संपर्क कर मतदाता सूची में दर्ज अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच जरूर करवा लें। यह आपकी अपनी सूची है, इसे त्रुटिरहित बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।लेकिन कई बार बीएलओ के घर-घर जाने पर मतदाताओं के नहीं मिलने या अपरिचित नंबर से आने वाली कॉल्स को रिसीव न करने के कारण सत्यापन में अड़चन आ रही है।अगर आपके पास भी बीएलओ का फोन नहीं है या आप उनसे संपर्क करना चाहते हैं, तो घबराइए मत! इसके लिए बस आपको 'ECINET' ऐप डाउनलोड करना है।ऐप खोलेंबीएलओ से संपर्क करने वाले विकल्प को चुनेंअपनी विधानसभा और मतदान केंद्र की जानकारी दर्ज करेंआपके संबंधित बीएलओ का मोबाइल नंबर आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा। इसे तुरंत अपने फोन में सुरक्षित (Save) कर लें ताकि पहचान में आसानी हो। ऐप पर 'Book a Call with BLO' की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसकी मदद से आप अपनी सुविधानुसार उनसे संपर्क कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बीएलओ को भी निर्देश दिए हैं कि यदि घर पर मुलाकात न हो या फोन कॉल का जवाब न मिले, तो वे WhatsApp के माध्यम से टेक्स्ट या वॉयस मैसेज भेजें। मैसेज में अपना परिचय और नंबर जरूर दें, ताकि आप बिना किसी हिचकिचाहट के कॉल बैक कर सकें।
चाईबासा के चक्रधरपुर में स्थित रश्मि इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान में हुए सनसनीखेज मोबाइल चोरी मामले का पुलिस ने आखिरकार सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस बड़ी वारदात में शामिल 3 अपराधियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से चोरी गए 21 महंगे मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। इस खुलासे के साथ ही पुलिस प्रशासन और स्थानीय व्यापारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है। बीते 5 अक्टूबर 2026 की रात, अज्ञात चोरों ने चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के रेशमी इलेक्ट्रॉनिक्स का शटर उठाकर विभिन्न कंपनियों के कुल 52 महंगे मोबाइल फोन चोरी कर लिए थे। इस संबंध में चक्रधरपुर थाना कांड संख्या 111/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। खास बात यह है कि पिछले दो महीनों के भीतर इस दुकान में लगातार दो बार बड़े पैमाने पर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, जिससे जिला पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती और सिरदर्द बन गया था।मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, चक्रधरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सह सहायक पुलिस अधीक्षक डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी और चक्रधरपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। इतना ही नहीं, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने के लिए सीआईडी (CID) से फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया था।तकनीकी सर्विलांस और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने इस पूरी वारदात में कुल 5 अपराधियों की संलिप्तता का खुलासा किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इनमें से तीन आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है:नितेश पटेल, पिता - रामबिलास राउत, निवासी - घोड़ासहन, जिला - मोतिहारी, बिहार।जितेन्द्र साह उर्फ चोना, पिता - शंकर साह, निवासी - आश्रम रोड, रक्सौल, पूर्वी चंपारण, बिहार।गोविन्द चौधरी, पिता - स्व. मिश्रीलाल चौधरी, निवासी - धरम्पट्टी, सुपौल, बिहार।पुलिस के अनुसार, इन सभी गिरफ्तार अपराधियों का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। वहीं, इस कांड में शामिल अन्य दो आरोपी—मोतिहारी के रहने वाले शेराज और संजय सहनी की गिरफ्तारी तथा बाकी बचे मोबाइलों की बरामदगी के लिए पुलिस की छापेमारी अभी भी लगातार जारी है।इस सफल उद्भेदन में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार, थाना प्रभारी अवधेश कुमार, पु.अ.नि. रमेश गिरि, रंजीत उरांव, सुनील कुमार पाण्डेय और राज किशोर तिवारी की टीम ने अहम भूमिका निभाई है।
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया शुक्रवार को देवघर पहुंचे। देवघर परिसदन में उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। राज्यपाल के आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक गतिविधियां देखी गईं। देवघर पहुंचने के बाद राज्यपाल श्री कटारिया ने सपरिवार बाबा बैद्यनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और बाबा का आशीर्वाद लिया।पूजा-अर्चना के बाद राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि वह सम्मेद शिखरजी पहले भी कई बार आ चुके हैं, लेकिन बाबा बैद्यनाथ धाम में दर्शन करने के लिए पहली बार देवघर पहुंचे हैं। उन्होंने बाबा बैद्यनाथ से राज्य में खुशहाली और परिवार के सभी सदस्यों के सुखी एवं समृद्ध रहने की कामना की।बाबा के दरबार में राज्य की खुशहाली की कामनाबाबा बैद्यनाथ धाम में सपरिवार पूजा-अर्चना कर राज्यपाल ने अपनी आस्था प्रकट की। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रतिष्ठित बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। राज्यपाल का पहली बार बाबा मंदिर पहुंचना इस यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहा। उन्होंने बाबा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने का आशीर्वाद मांगा।
बोकारो में शादी का झांसा देकर महिला का कथित यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी और पीड़िता दोनों सहकर्मी हैं। इस मामले में पीड़िता ने महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।पूरा मामला बोकारो के बालीडीह थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां संतोष कुमार नामक युवक पर उसकी महिला सहकर्मी ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने पुलिस की कार्रवाई की जानकारी दी है।
वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से 10 से 12 दिसंबर तक तीन दिवसीय नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस (NFC-2026) का आयोजन मोरहाबादी स्थित स्कीपा (SKIPA) सभागार में किया जाएगा। वन भवन मुख्यालय में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय सम्मेलन की रूपरेखा, आधिकारिक ब्रोशर और वेब पोर्टल का अनावरण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने सम्मेलन के उद्देश्यों, तकनीकी सत्रों और झारखंड के वानिकी परिदृश्य पर चर्चा की।उन्होंने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पावन भूमि का लगभग एक तिहाई भूभाग वनों से आच्छादित है। राष्ट्रीय वानिकी कांग्रेस 2026 की मेजबानी करना झारखंड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।यह राष्ट्रीय मंच वन संरक्षण, जैव विविधता सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन और वनों पर निर्भर समुदायों की आजीविका को सशक्त बनाकर देश की प्राकृतिक संपदा के सतत प्रबंधन के लिए एक नई दिशा तय करेगा।
अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर 108 एंबुलेंस कर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था, जिसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। लेकिन, सरकार और कर्मियों के दावों में बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है।एक तरफ जहां 108 एंबुलेंस कर्मियों का यह कहना है कि प्रशासन ने उनकी सिर्फ एक ही मांग मानी है, वहीं दूसरी तरफ सरकार का यह दावा है कि कुल दो मांगों पर सहमति बन चुकी है।लेकिन, इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि कर्मियों की एक प्रमुख मांग—जिसके तहत सदर अस्पताल के सिविल सर्जन के अधीन 108 एंबुलेंस का संचालन किए जाने की बात थी—उसे कानून के खिलाफ बताते हुए सीधे तौर पर खारिज कर दिया गया है।प्रशासनिक रुख साफ होने के बावजूद, हालांकि मांगों पर पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है, फिर भी एंबुलेंस कर्मियों ने फिलहाल अपनी एक दिवसीय हड़ताल को स्थगित कर दिया है।लेकिन राहत की यह सांस शायद ज़्यादा लंबी न हो। कर्मियों ने यह साफ कर दिया है कि जब तक उनकी बाकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। यानी आने वाले दिनों में यह विवाद एक बार फिर तूल पकड़ सकता है।
रांची में आज दोपहर अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। दोपहर करीब 12:40 बजे शहर में अचानक जोरदार बारिश शुरू हो गई.अचानक हुई इस बारिश की वजह से सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। चल रहे लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। खुद को भीगने से बचाने के लिए लोग सड़क किनारे दुकानों और शेड के नीचे शरण लेते नजर आए। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में पहले ही चेतावनी दी थी कि 15 अक्टूबर के बाद राजधानी के मौसम में बदलाव आ सकता है और बारिश की संभावना बन सकती है। आज की इस झमाझम बारिश के बाद शहर के तापमान में भारी गिरावट और ठंड बढ़ने की पूरी संभावना है।आइए जानते हैं आज और आने वाले दिनों में रांची का मौसम कैसा रहने वाला है।आज रांची का अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिनभर बादल छाए रहने और बारिश की वजह से अब शाम ढलते ही सिहरन और ठंडक काफी बढ़ जाएगी।अगर बात आने वाले दिनों की करें, तो 17 और 18 अक्टूबर को भी अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास ही बने रहने की संभावना है। वहीं, 19 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान गिरकर 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यानी साफ है कि अब सुबह और रात के समय हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम में हो रहे इस अचानक बदलाव को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
झारखंड हाईकोर्ट ने राजधानी रांची के एक प्रतिष्ठित स्कूल और उसके छात्रावास की बदहाल स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई है। अदालत ने राज्य सरकार को कड़ा निर्देश देते हुए 28 अक्टूबर तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।मामला रांची के अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव सीएम स्कूल ऑफ एक्सलेंस यानी जिला स्कूल का है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एमएस सोनक की अगुवाई वाली खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान स्कूल की खस्ताहाल तस्वीरों को देखा। कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि 'सीएम स्कूल ऑफ एक्सलेंस' अपने नाम के अनुरूप उत्कृष्ट होना चाहिए, लेकिन इसके भवन और छात्रावास की स्थिति बेहद पीड़ादायक है।सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी, अधिवक्ता दुर्गेश अग्रवाल ने अदालत के समक्ष मामले का पक्ष रखा।रिपोर्ट में मुख्य रूप से यह उजागर किया गया था कि स्कूल भवन के जीर्णोद्धार से जुड़ी फाइल लंबे समय से लंबित है। वहीं, दूसरी ओर जर्जर हो चुके छात्रावास में करीब 100 बच्चे रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं। बच्चों की सुरक्षा और स्कूल की इस दयनीय स्थिति को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 28 अक्टूबर तक अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का कड़ा निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 29 नवंबर को तय की गई है।
आधुनिकता की चकाचौंध के बीच जब 80-90 के दशक की सादगी और ग्रामीण संस्कृति के दर्शन एक साथ हो जाएं तो मन पुरानी यादों में खो जाता है। कुछ ऐसा ही अनूठा दृश्य इस बार आदित्यपुर के सालडीह स्थित आपजन क्लब के पूजा पंडाल में देखने को मिल रहा है।वर्ष 2004 से लगातार पूजा का आयोजन कर रही यह संस्था इस बार श्रद्धालुओं को सीधे 80-90 के दशक के ग्रामीण जीवन से रूबरू करा रही है।युवाओं ने खुद अपने हाथों से बनाया पंडाल क्लब के अध्यक्ष एवं वार्ड 13 के पार्षद शांतनु घोष ने बताया कि बदलती जीवनशैली के बीच पुरानी सांस्कृतिक विरासत और गांव का सहज रहन-सहन कहीं खोता जा रहा है.उन्होंने कहा, हमने 80-90 के दशक के ग्रामीण परिवेश, तत्कालीन बोलचाल और संस्कृति को पंडाल में जीवंत करने का प्रयास किया है। सबसे खास बात यह है कि बिना किसी बाहरी कारीगर की मदद के, कमेटी के ही होनहार युवकों ने दिन-रात एक कर खुद अपने हाथों से पूरा पंडाल और शो-पीस तैयार किया है। वहीं मां की मनोहारी प्रतिमा बांधा नगर के कारीगर द्वारा गढ़ी गई है। हम पूरे आदित्यपुर वासियों को इस अनुपम छटा को देखने का निमंत्रण देते हैं।"समाजसेवी ने की सराहनासमारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाजसेवी सत्येंद्र कुमार शुक्ला ने युवाओं के इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि कमेटी के सदस्यों ने अपनी कल्पना और मेहनत से जो थीम खुद विकसित की है, वह बेहद काबिले-तारीफ है। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शांतनु घोष, गोपाल घोष और पूरी टीम को बधाई दी।
झारखंड की राजधानी रांची में प्रस्तावित 10 लेन स्मार्ट रोड परियोजना को लेकर पेड़ों के संरक्षण का मुद्दा उठाया गया है. रांची के नागरिक शैलेश कृष्णा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यालय में 15 अक्टूबर को एक प्रतिवेदन सौंपकर सड़क निर्माण के दौरान मौजूदा पेड़ों को बचाने की मांग की है. उन्होंने परियोजना की डिजाइन और अलाइनमेंट में आवश्यक बदलाव करने का आग्रह किया है, ताकि विकास कार्य के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके. आवेदन के अनुसार, प्रस्तावित 10 लेन स्मार्ट रोड कॉरिडोर विवेकानंद स्कूल मोड़ से रिंग रोड तक बनाया जाना है. यह सड़क झारखंड हाईकोर्ट और विधानसभा होते हुए गुजरेगी. परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई की आशंका को देखते हुए शैलेश कृष्णा ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है.पेड़ों को बचाने के लिए संयुक्त निरीक्षण की मांगशैलेश कृष्णा ने प्रस्तावित सड़क मार्ग का संयुक्त स्थल निरीक्षण कराने और प्रभावित पेड़ों की सूची तैयार करने का आग्रह किया है. उन्होंने विशेष रूप से पुराने, फलदार और पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण पेड़ों को संरक्षित करने पर जोर दिया है. उनका कहना है कि सड़क निर्माण की योजना तैयार करते समय ऐसे विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए, जिनसे पेड़ों को कम से कम नुकसान पहुंचे.कटाई से पहले नियमों की जांच करने का आग्रहप्रतिवेदन में पेड़ों की कटाई से पहले जरूरी कानूनी अनुमतियों और पर्यावरण संबंधी नियमों की जांच करने की मांग भी की गई है. इसके साथ ही सड़क की डिजाइन और अलाइनमेंट में संभावित बदलावों पर विचार करने का आग्रह किया गया है, ताकि विकास परियोजना के साथ हरित क्षेत्र का संरक्षण भी हो सके.विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोरइस मांग के जरिए प्रस्तावित स्मार्ट रोड परियोजना में पर्यावरणीय पहलुओं को प्राथमिकता देने की बात उठाई गई है. अब इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी.
खलारी,फुलबसिया के चामातू स्थित गोली टांड़ चेक पोस्ट पर CISF द्वारा चलाए जा रहे वाहन जांच के दौरान दो अवैध कोयला लदे हाइवा को जब्त किया गया। दोनों वाहनों के पास आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं थे। कार्रवाई के दौरान दोनों वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए। जांच के दौरान एक खाली वाहन (JH19B-0677) तथा पांच अन्य खाली वाहन भी बिना आवश्यक कागजात के आवागमन करते पाए गए। कार्रवाई के तुरंत बाद CISF द्वारा स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। इसी बीच कुछ स्थानीय लोगों ने मौके पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए जब्त वाहनों को छुड़ाने का प्रयास किया। जिसके बाद CISF की टीम ने तत्परता से स्थिति को संभाला। मामला गुरुवार देर रात का है।बाद में स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण, किंतु नियंत्रण में है। CISF एवं स्थानीय पुलिस द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए जांच अभियान जारी है।वर्तमान में गोली टांड़ क्षेत्र में सड़क से गुजरने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है, ताकि बिना वैध कागजात के कोयले का परिवहन रोका जा सके।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बावजूद क्या झारखंड के पुलिस थाने अब भी महफूज नहीं हैं? थानों में सीसीटीवी कैमरे न लगाने पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है.मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ कर रही है। अदालत ने सरकार से थानों में सीसीटीवी लगाने के लिए जारी टेंडर पर अब तक की प्रगति का विस्तृत जवाब मांगा है। साथ ही, डीजीपी को अगले आदेश तक व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। सुनवाई के दौरान न्याय मित्र अधिवक्ता रितेश कुमार महतो ने कोर्ट को बताया कि ईचागढ़ से जेएलकेएम के प्रत्याशी रहे तरुण महतो को जब न्यायिक हिरासत में लिया गया, तो उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।वहीं, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहित राय ने पक्ष रखते हुए कहा कि थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। पूरा मामला 19 नवंबर 2025 की रात का है। आरोप है कि तरुण महतो को पुलिस हिरासत में बेरहमी से प्रताड़ित किया गया, जिससे उनकी सेहत बिगड़ गई। इस दर्दनाक घटना से आहत उनकी पत्नी ने सीधे झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया और इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया। अब देखना यह होगा कि 4 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में सरकार क्या जवाब देती है और क्या थानों की सुरक्षा व्यवस्था सुधर पाती है।
झारखंड में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने और चार्जिंग की समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी—यानी जेरेडा (JREDA), केंद्र सरकार की 'पीएम ई-ड्राइव योजना' के तहत राज्यभर में करीब 1,000 नए सार्वजनिक (Public) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी कर रही है। ये स्टेशन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मोड पर बनेंगे, जिनका संचालन निजी कंपनियां या व्यक्ति करेंगे और जेरेडा इसमें पूरी सहायता देगा। आपको बता दें कि केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच सालों में झारखंड में पहले ही 353 चार्जिंग स्टेशन लग चुके हैं, और अब इस नई योजना से पूरे राज्य में चार्जिंग नेटवर्क का दायरा और भी ज्यादा बड़ा हो जाएगा। इस योजना के तहत पूरे देश में चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत लोकेशन के हिसाब से सब्सिडी भी मिलेगी। बात करें झारखंड की, तो यहां पहले से ही 90 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 56 से 60 परसेंट इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स यानी ई-रिक्शा का है, लगभग 35 प्रतिशत टू-व्हीलर्स और करीब 5 प्रतिशत इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर्स शामिल हैं।इन 1000 नए चार्जिंग स्टेशनों के बनने से आम जनता को कई बड़े फायदे मिलेंगे:प्रदूषण में कमी: पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियां बढ़ने से प्रदूषण घटेगा।आसान लंबी यात्राएं: शहरों और हाइवे पर स्टेशन होने से लंबी दूरी का सफर अब बिना किसी टेंशन के तय किया जा सकेगा।रोजगार के अवसर: चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण, संचालन और रखरखाव से राज्य में नए रोजगार भी पैदा होंगे।
पलामू जिले के रतनाग अपग्रेड राजकीयकृत 10+2 हाई स्कूल के अधूरे भवन निर्माण का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है। पिछले करीब 16 वर्षों से लंबित इस निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए जिला अनाबद्ध योजना मद से 37 लाख 93 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस मामले को दिशा कमिटी की बैठक में प्रमुखता से उठाया गया था, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर पहल करते हुए राशि स्वीकृत की गई।दरअसल, रतनाग हाई स्कूल के भवन निर्माण का कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा था, जिससे विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक आधारभूत सुविधाओं की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस मामले को दिशा कमिटी, पलामू की बैठक में कमिटी सदस्य सह वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मदेव सिंह यादव ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद दिशा कमिटी के अध्यक्ष सह पलामू सांसद विष्णु दयाल राम और उपायुक्त सह कमिटी के सचिव दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मामले को प्राथमिकता दी। इसके परिणामस्वरूप जिला अनाबद्ध योजना मद से भवन निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए 37 लाख 93 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।इस स्वीकृति से वर्षों से अधूरे पड़े भवन निर्माण कार्य को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इस पहल के लिए सांसद विष्णु दयाल राम, उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और जिला योजना पदाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।16 वर्षों से लंबित इस मामले में मिली प्रशासनिक स्वीकृति से अब विद्यालय भवन निर्माण पूरा होने की उम्मीद जगी है। हालांकि, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के लिए निर्माण कार्य का समय पर पूरा होना अहम होगा।
दुर्गा पूजा की आस्था, शक्ति उपासना और झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को खास पहचान देने की पहल की गई है। रांची जीपीओ परिसर में भारतीय डाक विभाग के झारखंड परिमंडल की ओर से दुर्गा पूजा पर आधारित विशेष आवरण का विमोचन किया गया। इस विशेष आवरण के जरिए दुर्गोत्सव की परंपरा और सांस्कृतिक महत्ता को संरक्षित करने का प्रयास किया गया है।रांची जीपीओ परिसर में 15 अक्टूबर को आयोजित समारोह में दुर्गा पूजा पर आधारित विशेष आवरण का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे झारखंड परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री संजीव रंजन ने अपने कर-कमलों से विशेष आवरण जारी किया।पोस्ट मास्टर जनरल ने बताया डाक विभाग की इस पहल का उद्देश्य झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और दुर्गोत्सव की अनूठी परंपराओं को डाक माध्यम के जरिए संरक्षित करना और व्यापक पहचान दिलाना है।यह विशेष आवरण फिलाटेली यानी डाक टिकट संग्रह के शौकीनों के साथ-साथ शोधकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए भी खास महत्व रखता है। आस्था और संस्कृति को डाक संग्रह से जोड़ने वाली यह पहल दुर्गा पूजा की परंपरा को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कोडरमा :इस वक्त की बड़ी खबर कोडरमा से है जहां जिले के प्रसिद्ध तिलैया डैम में गुरुवार शाम नहाने के दौरान डूबने से दो युवकों की मौत हो गई. दोनों की उम्र 21 से 25 वर्ष के बीच का बताया जा रहा है. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच कर दोनों शव को डैम से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.जानकारी के अनुसार,बिहारशरीफ और पटना से पांच युवक अपने एक दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए तिलैया डैम घूमने आए थे. बताया जा रहा है कि पांचों युवक ट्रेन से कोडरमा स्टेशन पर उतरकर टोटो से तिलैया डैम पहुंचे थे जहाँ जन्मदिन की पार्टी मनाने के बाद सभी पांचों युवक डैम के पानी में नहाने चले गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक नशे की हालत में थे. नहाने के दौरान चार युवक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. शोर सुनकर मौके पर मौजूद मछुआरों ने तत्परता दिखाते हुए दो युवकों को बचा लिया,लेकिन दो युवक गहरे पानी में डूब गए और उनकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों शवों को पानी से बाहर निकलवाया और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है और मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है. मृतकों की पहचान बिहार निवासी के रूप में हुई है.