
सोमवार, 02 नवंबर 2026
Liveपटना : 42 वर्षों से सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) द्वारा आयोजित पटना पुस्तक मेला 4-15 दिसम्बर, 2026 तक गाँधी मैदान में होने जा रहा है. यह भारत के तीन सबसे बड़े पुस्तक मेलों में से एक साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक उत्सव है. बिहार का लोक उत्सव पटना पुस्तक मेला, आमजन में न केवल पढ़ने की अभिरुचि विकसित करता है बल्कि अपनी थीम से नवीन सन्देश भी देता है. इस बार की थीम है- जॉय ऑफ़ रीडिंग, बियोंड बुक्स. इस बार बिहार गीत के रचयिता, लोककवि सत्यनारायण को पटना पुस्तक मेला समर्पित होगा. यह जानकारी सीआरडी पटना पुस्तक मेला के अध्यक्ष एवं चर्चित साहित्यकार रत्नेश्वर ने दी.पटना पुस्तक मेला में इस बार साढ़े तीन सौ से भी अधिक नए कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाएंगे. चिट्ठियाँ, शब्दांकुर, काव्यकथा, यूथ पोडियम, हुनर, कवि सम्मलेन, ज्ञान-रोजगार, युवा स्वर, स्वास्थ्य-संवाद, नयी किताब, सिनेमा-उनेमा, कला दीर्घा, जनसंवाद, कथा पाटलिपुत्र, नुक्कड़ के रंग, कोचिंग मास्टर, स्कूल उत्सव, स्वाद विहार, बिहार संवादी आदि प्रमुख कार्यक्रम होंगे.इस बार युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम रखा गया है. “चिट्ठियाँ”, इसमें पढ़ी जाएँगी कुछ चिट्ठियाँ, जो लिखी गईं, पढ़ी गयीं पर भूली न जा सकीं. डॉ. विमलेन्दु से सुनी जाएँगी. कुछ मशहूर चिट्ठियाँ और शहर के नौजवान, युवतियाँ पढ़ेंगे वो चिट्ठियाँ जिनका असर उन पर हुआ, या वो चिट्ठियाँ जो उन्होंने लिखीं लेकिन किसी पते पर भेज नहीं पाये.डॉ. वरुण के संयोजन में यूथ पोडियम कार्यक्रम होगा. इसमें देश दुनिया की बातें होगी, युवाओं के साथ. इसके अंतर्गत राजनीति, कला, साहित्य, संस्कृति तथा गतिशील परिवेश में युवा स्मिता के बहुआयामी सरोकारों पर अत्यंत गहन, विचारोत्तेजक और सारगर्भित संवाद होगा.इस बार उत्कर्ष आनंद के संयोजन में युवाओं को ध्यान में रखकर ‘शब्दांकुर’ कार्यक्रम रखा गया है. इसके अंतर्गत युवा अपनी कविता, कहानी, व्यंग्य रचनाएँ सुनाएँगे. इनमें से चुने हुए रचनाकार को शब्दांकुर पुरस्कार दिया जाएगा. इस चुनाव प्रक्रिया में तीन जज होंगे और साथ ही ऑडिएंस पोल भी होगा.आशीष कुमार के संयोजन में इस बार ‘स्वाद विहार’का एक विशेष आयोजन होने जा रहा है. इसमें बिहार के विविध व्यंजन तो होंगे ही, देश के कुछ चुनिन्दा व्यंजन परोसे जाएँगे. इसमें एक फूड लाउंज भी होगा, जहाँ पुस्तक प्रेमी बैठकर चाय पीते हुए किताब पढ़ने का लुफ्त भी उठाएँगे.स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए हुनर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. अंजनी धर के संयोजन में प्रत्येक दिन विविध प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी. इन प्रतियोगिताओं में कहानीकार, माइम शो, वेस्ट क्राफ्ट, सेल्फी चैलेंज, कलर लस्ट, ब्रेन ड्रेन, जैम गेम आदि प्रमुख हैं. इसमें 70 से भी अधिक स्कूलों के लगभग पांच हजार बच्चों के भाग लेने की संभावना है.सिनेमा-उनेमा फिल्म फेस्टिवल के लिए एक सिनेमा हॉल निर्मित किया जाएगा. कुमार रविकांत के संयोजन में प्रत्येक दिन फीचर फिल्म, शार्ट फिल्म और वृतचित्र दिखाया जाएगा. प्रत्येक दिन फिल्म के विविध विषयों पर संवाद होगा. जिसमें देश भर के सिने कलाकार और विशेषज्ञ भाग लेंगे. आमजन उनसे सीधा संवाद कर सकेंगे. सिनेमा से जुड़े प्रमुख लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा. विविध क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्ति को प्रथम दर्शक के रूप में आमंत्रित किया जाएगा.पिछले साल की अपार सफलता के बाद इस बार पुनः डॉक्टर विकास शंकर के संयोजन में देश के प्रमुख डॉक्टर हिस्सा लेंगे. इसमें विशेषज्ञ डॉक्टर का श्रोताओं से सीधा संवाद होगा.पटना पुस्तक मेला में भव्य कवि सम्मलेन का आयोजन होगा. इसमें चंदन द्विवेदी, रजत आदि भाग लेंगेएक भव्य कला दीर्घा का निर्माण होगा. मुकेश कुमार के संयोजन में कला प्रदर्शनी होगी. इसके तहत युवा कलाकारों की प्रदर्शनी, बिहार के युवा लोक कलाकारों की प्रदर्शनी, बिहार के वरिष्ठ कलाकारों की प्रदर्शनी और बिहार के पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकारों की प्रदर्शनी लगायी जाएगी. प्रत्येक दिन कला विषयों पर विमर्श-गोष्ठी भी आयोजित की जाएगी. प्रत्येक दिन कुछ विशिष्ट कलाकारों को सम्मानित भी किया जाएगा.‘नुक्कड़ के रंग’ के नुक्कड़ नाटक में पटना के प्रमुख कॉलेज के विद्यार्थी नाटक प्रस्तुत करेंगे. रंगमंच और कला से जुड़े विशिष्ट कलाकार को सम्मानित किया जाएगा.प्रत्येक दिन ‘काव्यकथा’ कार्यक्रम होगा, जयप्रकाश के संयोजन में प्रतिदिन देश के चर्चित कवि और कथाकार अपनी कविता या कहानी सुनाएँगे.सरिता मिश्रा के संयोजन में प्रत्येक दिन ‘स्कूल उत्सव’ कार्यक्रम होगा. इसके अंतर्गत पटना के अनेक प्रमुख स्कूल के बच्चे गीत-संगीत-नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे.प्रशांत रंजन के संयोजन में पुस्तक मेला का सर्वाधिक लोकप्रिय कार्यक्रम ‘जनसंवाद होगा. इसमें विविध विषयों के नामचीन विद्वान् शामिल होंगे. रेखा भारती मिश्रा के संयोजन में ‘कोचिंग मास्टर’ और ‘ज्ञान रोजगार’ कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. इसमें राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान और कोचिंग संस्थान शामिल होंगे.देश के अनेक गणमान्य से बात हो रही है. प्रमुख रूप से चर्चित पत्रकार हर्ष वर्धन त्रिपाठी, चर्चित पत्रकार लेखक अनंत विजय, कथाकार पूनम सिंह, डॉ विनय कुमार, किरण घई, चर्चित समीक्षक जय प्रकाश पांडेय, डॉ अरुण भगत, अजीत आजाद, शिवेंद्र मौर्य, कवि मदन कश्यप, पत्रकार निवेदिता झा, महिमा सिंह, डॉ अशोक कुमार ज्योति, भगवती प्रसाद द्विवेदी, संजय, संजीव सिन्हा, संजय कुंदन, पंकज चौधरी, वैशाली सेता, अरुण नारायण, असफर, बिम्मी सिंह, संजीव मुकेश, सहित अनेक लेखक-पत्रकार शामिल होंगे.साथ ही चर्चित कवि सर्वश्री अनिल विभाकर, चंदन सिंह, विनय सौरव, सर्वेश तिवारी, मुसाफिर बैठा, कुमार मुकुल, अरविन्द श्रीवास्तव, राजेश कमल, निखिल आनंद, नताशा, अंचित, उपांशु, बालमुकुन्द, गणेश चौधरी, मैत्री शरण, शहंशाह आलम, राजकिशोर राजन, राकेश रंजन, ज्योति स्पर्श, वीणा अमृत, चन्द्रबिन्द, समीर परिमल, गुंजन, संजय कुमार कुंदन, अरविन्द पासवान, खुर्शीद अकबर, खुर्शीद आलम, प्रेम किरण, नशीम अख्तर, नीलांशु रंजन, श्वेता गजल, आराधना प्रसाद, मुनीब मुजफ्फरपुरी, कुमार पंकजेश, शाहिद अख्तर, अमलेंदु अस्थाना, अरुण शीतांश, सुमिता कुमारी, नरेन्द्र कुमार, प्रत्युष मिश्रा, मुकेश प्रत्युष, रमेश ऋतंभर, अरविन्द कुमार सिंह, अखौरी, ज्योति रीता, कृष्ण समिद्ध, प्रशांत विपल्ल्वी, रविकांत चंदन आदि शामिल होंगे.कथाकारों में सर्वश्री पूनम सिंह, भावना शेखर, प्रभात प्रणीत, रीता सिंह, कमलेश, नीलिमा सिंह, उषा ओझा, ध्रुव कुमार, किरण सिंह आदि शामिल होंगे. इस बार सीआरडी पटना पुस्तक मेला में 200 स्टॉल होंगे. इनमें प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, ज्ञानपीठ, उपकार प्रकाशन, हिन्द युग्म, प्रकाशन संस्थान, दिनकर पुस्तकालय, सम्यक प्रकाशन, ओसवाल बुक्स एंड लर्निंग, ओसवाल प्रिंटर्स, एन.सी.पी.यू.एल., रेखता फाउंनडेशन, इमारते शरिया, साहित्य अकादमी, एडुटेरिया, इनविनसिवल, एमटीजी बुक्स आदि प्रकाशक भाग लेंगे.पटना से अंकिता सिंह की रिपोर्ट-
नई दिल्ली : कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को दिल्ली में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पुरानी राजनीतिक यादें ताजा हुईं. मुलाकात के दौरान सोनिया गांधी ने लालू यादव के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ रहने की कामना की.इस मुलाकात की तस्वीरें खुद लालू प्रसाद यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा कीं. तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा कि सोनिया गांधी उनके आवास पहुंची और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की. इस दौरान यूपीए सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई.लालू यादव ने लिखा कि यूपीए सरकार के दौरान युवाओं, किसानों, जवानों और आम लोगों के हित में कई पारदर्शी एवं जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की गई थी. उन्होंने मनरेगा, शिक्षा का अधिकार (RTE)और सूचना का अधिकार (RTI) जैसे कानूनों का विशेष रूप से उल्लेख किया. लालू ने कहा कि इन कानूनों ने देशवासियों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान बिहार को मिले आर्थिक सहयोग का भी जिक्र किया. लालू यादव के मुताबिक, उस समय बिहार के विकास के लिए एक लाख 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि दी गई थी.वहीं, इस मुलाकात को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि सोनिया गांधी और लालू प्रसाद यादव के बीच पुराने और अच्छे संबंध रहे हैं. दोनों नेताओं ने कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी एक-दूसरे का साथ दिया है. उन्होंने बताया कि काफी समय बाद दोनों की मुलाकात हुई और सोनिया गांधी लालू यादव का हालचाल जानने पहुंची थी.इस मुलाकात को बिहार और राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार की सियासत में विधान परिषद के दो सदस्यों की सदस्यता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए बंशीधर बृजवासी और डॉ. राहुल राज के खिलाफ जन सुराज ने मोर्चा खोल दिया है. इसी सिलसिले में जन सुराज के नेताओं ने बिहार विधान परिषद के सभापति से मुलाकात कर दोनों सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई है.मुलाकात के दौरान जन सुराज के प्रतिनिधियों ने सभापति के सामने अपना पक्ष रखा और पूरे मामले में संवैधानिक प्रावधानों का हवाला दिया. जन सुराज की ओर से सवाल उठाया गया कि जब दोनों नेता विधान परिषद का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़कर निर्वाचित हुए थे, तो इसके बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता कैसे ग्रहण कर ली?जन सुराज के नेताओं का कहना है कि इस पूरे मामले को दलबदल से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के तहत देखा जाना चाहिए. पार्टी ने सभापति से आग्रह किया कि दोनों विधान परिषद सदस्यों के भाजपा में शामिल होने की परिस्थितियों और इसकी संवैधानिक वैधता की जांच की जाए.इस मामले ने बिहार की राजनीतिक गतिविधियों के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. खास बात यह है कि बंशीधर बृजवासी और राहुल राज ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतकर विधान परिषद में जगह बनाई थी. बाद में भाजपा में शामिल होने के उनके फैसले पर अब सवाल उठ रहे हैं.फिलहाल सभापति के समक्ष जन सुराज ने अपना पक्ष रख दिया है. अब सबकी निगाहें सभापति के फैसले और इस मामले में होने वाली आगे की संवैधानिक एवं कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं.पटना से अंकित की रिपोर्ट-
पटना : बिहार में रेल मार्ग के जरिए वन्यजीवों की तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन में तलाशी के दौरान राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) ने 36 कछुए बरामद किए हैं. इनमें पांच कछुए मृत पाए गए. तस्करों ने कछुओं को थैले में भरकर ट्रेन की सामान्य बोगी में शौचालय के पास छिपा रखा था. पुलिस की कार्रवाई के दौरान संदिग्ध तस्कर मौके से फरार हो गए.जानकारी के अनुसार, नेऊरा स्टेशन के पास ट्रेन की जांच कर रही जीआरपी टीम को एक लावारिस थैले पर संदेह हुआ. तलाशी लेने पर उसके अंदर बड़ी संख्या में कछुए मिले. ट्रेन के दानापुर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद सभी कछुओं को जीआरपी कार्यालय लाया गया. इसके बाद वन विभाग को पूरे मामले की सूचना दी गई.वन विभाग के स्पेशल पीपी रामाकांत तिवारी के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी सामने आया है कि इन कछुओं को उत्तर प्रदेश के अमेठी-सुल्तानपुर क्षेत्र से पकड़कर बंगाल के रास्ते चीन भेजने की तैयारी थी. वहां इनका इस्तेमाल कथित तौर पर औषधीय उत्पादों के निर्माण और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किए जाने की जानकारी मिली है.बरामद कछुओं का कुल वजन लगभग 20 से 25 किलोग्राम बताया गया है. वन्यजीवों की तस्करी कानूनन अपराध है. इस मामले में वन विभाग और जीआरपी आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटे हैं.सभी जीवित कछुओं को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.वहीं, जीआरपी फरार तस्करों की पहचान करने और इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और रेल मार्ग का इस्तेमाल कब से किया जा रहा था.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
भागलपुर : भारतीय जनता पार्टी की ओर से लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ के नारे के साथ सोमवार को भागलपुर के लाजपत पार्क में पदयात्रा कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहुंचे. उनके साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंत्री दीपक कुमार, संजय सरावगी, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन, भागलपुर के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा, खगड़िया सांसद राजेश वर्मा समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे.कार्यक्रम के दौरान मंच से सभी नेताओं ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी और विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिस तरह से दिल्ली में राहुल गांधी ने अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.एसआईआर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब विपक्ष ने कोई आवाज नहीं उठाई, लेकिन चुनाव में हार के बाद चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए जाने लगे. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहा है.सभा को संबोधित करने के बाद लाजपत पार्क से भाजपा की पदयात्रा निकाली गई. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने के नारे लगाए.हालांकि, इस कार्यक्रम के बीच एक बड़ा सवाल भी सामने आता है कि जब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं, तो आम जनता आखिर किसकी बात पर भरोसा करे और लोकतंत्र की इस सियासी खींचतान में जनता के असल मुद्दों की चर्चा कहां है?भागलपुर से सुशील की रिपोर्ट-
पटना : मोकामा के विधायक अनंत सिंह इन दिनों राजनीतिक गतिविधियों के बजाय अपनी छोटी बेटी शिवांगी सिंह की शाही शादी को लेकर चर्चा में हैं. शिवांगी सिंह की शादी आगामी 25 नवंबर 2026 को होने वाली है. शादी की तैयारियां अनंत सिंह के पैतृक गांव लदमां में जोर-शोर से चल रही है. बताया जा रहा है कि इस भव्य आयोजन के लिए करीब 10 बीघा जमीन पर तैयारियां की जा रही है.शादी की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विशाल टेंट-पंडाल लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से कारीगरों की टीम पहुंची है. ग्रामीणों के मुताबिक, शादी में विशेष तरह का टेंट तैयार किया जा रहा है. इसकी सजावट और निर्माण को लेकर कई दिनों से काम चल रहा है. पूरे गांव में शादी को लेकर उत्साह का माहौल है.मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शिवांगी के होने वाले पति का नाम ऋषिकेश कुमार है. ऋषिकेश ने अमेरिका से एमबीए की पढ़ाई की है और पिछले करीब 11 वर्षों से अमेरिका में रह रहे हैं. हालांकि, उनका परिवार बिहार के पटना जिले के बिहटा स्थित घोड़ाटाप गांव का रहने वाला है. उनके पिता रणविजय सिंह सीआरपीएफ में कमांडेंट हैं. फिलहाल परिवार बिहटा के कृष्णानगर में रहता है.शादी समारोह में घुड़दौड़ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की भी चर्चा है. बताया जा रहा है कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में मेहमान शामिल हो सकते हैं. हालांकि, मेहमानों की संख्या और आयोजन से जुड़ी कई जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.शादी के बाद सरेंडर करेंगे अनंत सिंहबेटी की शादी के बाद अनंत सिंह के सामने कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी. चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक उन्हें एक दिसंबर 2026 तक आत्मसमर्पण करना है. ऐसे में 25 नवंबर की शादी के बाद उनके सरेंडर की संभावना जताई जा रही है. फिलहाल लदमां गांव में शादी की तैयारियां चर्चा का विषय बनी हुई है. पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. दो निर्दलीय मोर्चे के बीजेपी के साथ हाथ मिलाने की खबरों के बीच एनडीए के भीतर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई है. इसी घटनाक्रम के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने मुलाकात की. इस मुलाकात को बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.नीतीश कुमार के आवास पर हुई इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. हालांकि, मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.वहीं, दूसरी ओर सोमवार को जेडीयू के दो नेताओं अभिषेक झा और आनंद पुष्कर की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस अचानक स्थगित कर दी गई. दोनों नेताओं की ओर से प्रेस वार्ता बुलाई गई थी, लेकिन ऐन मौके पर इसे टाल दिया गया. इस घटनाक्रम ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है.सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और संजय झा के बीच बातचीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित करने का फैसला लिया गया. हालांकि, प्रेस वार्ता स्थगित करने के पीछे की पूरी वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.एक तरफ नीतीश कुमार से जेडीयू के शीर्ष नेताओं की मुलाकात और दूसरी तरफ पार्टी के दो नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस का स्थगित होना, इन दोनों घटनाओं को बिहार के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है.फिलहाल सबकी निगाहें जेडीयू और बीजेपी के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी है. आने वाले दिनों में इन घटनाक्रमों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
भागलपुर : बिहार के भागलपुर में सोमवार को भाजपा की ओर से 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ करीब तीन किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली जाएगी. इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल होंगे. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका भागलपुर का पहला आधिकारिक दौरा होगा. उनके आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है. पदयात्रा में बिहार के डिप्टी सीएम विजय चौधरी समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता भी शामिल होंगे. इनमें बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल, संजय सिंह, दीपक प्रकाश, पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन, अश्विनी चौबे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे.भागलपुर से सुशील की रिपोर्ट-
Patna : पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में शनिवार को कुल 84 एजेंडों पर मुहर लगी. बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, छठ घाटों की तैयारी, जलापूर्ति और विकास योजनाओं को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए.बैठक में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और साफ-सफाई के लिए एजेंसी चयन की रूपरेखा पर चर्चा हुई. साथ ही चार वर्षों तक एजेंसी के माध्यम से काम कराने की स्वीकृति प्रदान की गई. इस व्यवस्था से पटना नगर निगम को हर साल 24 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होने का अनुमान है. इससे शहर में कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.दीवाली और छठ पर्व को देखते हुए विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. इसके तहत प्रत्येक वार्ड में अतिरिक्त 10 मैनपावर रखने की स्वीकृति दी गई है. जरूरत के अनुसार अतिरिक्त भारी और बड़े वाहनों की भी व्यवस्था की जाएगी.वहीं, पंच शिव मंदिर स्थित तालाब का जीर्णोद्धार कराया जाएगा. इसके अलावा विभिन्न वार्डों में नाली, गली और जलापूर्ति से जुड़ी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई.छठ पर्व को लेकर व्रतियों की सुविधा और घाटों पर विशेष व्यवस्था पर भी चर्चा हुई. नगर निगम के सभी अंचलों के अंतर्गत आने वाले 103 घाटों का निरीक्षण शुरू कर दिया गया है. इसके साथ ही निगम क्षेत्र के आर्टिफिशियल तालाबों के सौंदर्यीकरण को लेकर भी रूपरेखा तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया.इसके अलावा पटना साहिब स्थित तख्त श्रीहरिमंदिर जी में आयोजित होने वाले प्रकाश पर्व की तैयारियों पर भी चर्चा हुई. प्रकाश पर्व के दौरान गली-मोहल्लों में बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर नगर निगम की ओर से किए जाने वाले इंतजामों पर विचार किया गया.बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ आगामी त्योहारों और विकास कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया.पटना से अंकिता सिंह की रिपोर्ट--
पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित 'राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह' में शामिल हुए. साझी विरासत अभियान द्वारा सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक भारत के शिल्पकार, राष्ट्रीय एकता एवं अखंड भारत के महान प्रतीक भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 151वीं जयंती के अवसर पर मैं उनके चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं. सरदार पटेल देश के सबसे मजबूत गृह मंत्रियों में से एक थे. उन्होंने 567 रियासतों का भारत में विलय कर देश की एकता और अखंडता को मजबूत किया. कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया. यदि सरदार पटेल नहीं होते तो आज भारत का स्वरूप इतना विशाल और एकीकृत नहीं होता. मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि बिहार में सबसे ऊँची मूर्ति लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की स्थापित की जाएगी.मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वर्ष 2047 तक विकसित एवं आर्थिक रूप से सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरदार पटेल के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को विकसित बनाने के लिए अपने 20 वर्षों के कार्यकाल में काफी काम किया है, उनसे हमें बिहार के विकास को आगे बढ़ाने की सीख मिली है. हम उनके विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा उनके सपनों को पूरा करने में लगे हुए हैं.मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था और उस समय पाटलिपुत्र आर्थिक एवं सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध था. विदेशी आक्रांताओं ने भारत की समृद्धि को नुकसान पहुंचाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'मेक इन इंडिया' अभियान के माध्यम से सोने का शेर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो पूरी दनिया में अपनी ताकत का एहसास कराएगा. लोकतंत्र में जनता मालिक है और जनता के आशीर्वाद से ही देश एवं राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है.मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में जनता के आशीर्वाद से बिहार में एन०डी०ए० की सरकार बनने के बाद राज्य का परिदृश्य बदला. गांव-गांव तक सड़क, बिजली, पेयजल सहित बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गईं. पिछले 20 वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए व्यापक कार्य हुए हैं. हमारा लक्ष्य वर्ष 2030 तक बिहार में एक करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराना है. इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है.मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी पढ़ाई और बेहतर नौकरी के लिए बिहार के युवा देश-दुनिया में कहीं भी जाएं, लेकिन मजबूरी में किसी को रोजगार एवं जीविकोपार्जन के लिए बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े. इसके लिए राज्य में उद्योगों का जाल बिछाया जा रहा है. औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं. सोलर प्लांट, थर्मल प्लांट और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी में युवाओं की बड़ी भागीदारी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है. नवंबर 2030 तक एक करोड़ परिवारों को उद्योग जगत से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जो राज्य अपनी कमजोरी को ताकत में बदलता है, वही आगे बढ़ता है.मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया था और 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया था. उन्होंने अपने संकल्प को पूरा करके दिखाया. हम लोग भी संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ अपने लक्ष्यों को पूरा करने में विश्वास रखते हैं. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं. आने वाले चार वर्षों में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को देश की सबसे अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में शामिल करने का लक्ष्य है. राज्य के जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों से मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था समाप्त करने की दिशा में काम किया गया है. यदि कोई डॉक्टर बिना उचित कारण के मरीज को रेफर करता है तो उसे इसका कारण बताना होगा. जिला अस्पतालों में 52 प्रकार के ऑपरेशन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है.मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल एकता के प्रतीक, भारत के निर्माता और महान महापुरुषों में से एक थे, उन्होंने देश को जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया. बिहार में अब तक स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं में सरदार वल्लभभाई पटेल जी की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने समारोह के आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी.कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने भी संबोधित किया.इस अवसर पर समारोह के आयोजक मंडल द्वारा मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर तथा पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया.कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ० प्रमोद कुमार, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, विधायक उपेंद्र प्रसाद, विधायक अश्वमेघ देवी, विधायक रत्नेश कुमार, विधायक अरुण माझी, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, बिहार राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण मेहता सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, आयोजक मंडल के सदस्य एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे.पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट-
पटना : बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं को बदलती तकनीकी एवं रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से सात निश्चय-3 के निश्चय-1 'दोगुना रोजगार-दोगुना आय के अंतर्गत कुशल युवा कार्यक्रम (डिजिटल मित्र) के संचालन की स्वीकृति प्रदान की है.इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के 1,609 प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है. कार्यक्रम का क्रियान्वयन पूर्व से कुशल युवा कार्यक्रम का संचालन कर रहे संचालकों के माध्यम से ही किया जायेगा. इस संबंध में पूर्व से संचालन कर रहे संचालकों से दिनांक-06.10.2026 तक आवेदन आमंत्रित किये गये थे, जिसके विरूद्ध 680 केन्द्र संचालकों द्वारा आवेदन समर्पित किया गया है.प्राप्त आवेदनों के अनुसार केन्द्र संचालकों से समझौता ज्ञापन की प्रक्रिया दिनांक-29.10.2026 से दिनांक-05.11.2026 तक बिहार कौशल विकास मिशन कार्यालय, नियोजन भवन, इनकम टैक्स गोलम्बर, बिहार, पटना में निर्धारित किया गया है.इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण की अवधि कुल 270 घंटे की होगी, जिसके पाठ्यक्रम में इम्पलॉयवलिटि स्किल (व्यवहार कौशल, अंग्रेजी एवं रोजगार तत्परता) एवं ऑन जॉब ट्रेनिंग भी शामिल है. जिसमें 15 से 28 वर्ष (विशेष वर्गो के लिये आयु सीमा में छूट सहित) के युवाओं को समान रूप से डिजिटल एवं कंप्यूटर कौशल सीखने और अपनी दक्षता विकसित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा. इसका मूल उद्देश्य राज्य के युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाना है साथ ही यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के युवाओं के बीच डिजिटल कौशल की पहुंच को अधिक व्यापक एवं समावेशी बनाने का माध्यम होगा. यह कार्यक्रम पूरे राज्य में चलाया जा रहा है.यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा (NSQF) के अनुरूप एवं भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है जिससे युवाओं की कार्यकुशलता एवं रोजगारपरकता में वृद्धि होगी. साथ ही कौशल एवं रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकेंगे. पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट-
पटना : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अब उत्तर प्रदेश में भी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने एलान किया है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेगी. पार्टी की कोशिश होगी कि एनडीए के घटक दल के रूप में चुनाव लड़ा जाए.निशांत कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी के कार्यकर्ता लंबे समय से बैठक और संगठन विस्तार की मांग कर रहे थे. इसी सिलसिले में वह रविवार को उत्तर प्रदेश जाएंगे. वहां पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और संगठन की मजबूती को लेकर बैठक करेंगे.उन्होंने कहा कि JDU बिहार में मजबूत स्थिति में है. इसके अलावा पूर्वोत्तर सहित देश के कई राज्यों में भी पार्टी का संगठन रहा है. दूसरे राज्यों में पार्टी के मंत्री और विधायक भी रहे हैं. अब उत्तर प्रदेश में भी संगठन का विस्तार करना और राजनीतिक रूप से आगे बढ़ना उनकी प्राथमिकता है.सूत्रों के मुताबिक, JDU उत्तर प्रदेश की करीब 60 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. खासतौर पर बिहार से सटे पूर्वांचल के इलाकों पर पार्टी की नजर है. इन क्षेत्रों में कुर्मी और कोइरी मतदाताओं की अच्छी मौजूदगी को भी पार्टी अपनी रणनीति का हिस्सा बना सकती है.गौरतलब है कि पिछले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में JDU को निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था. पार्टी का कोई भी उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा पाया था.वहीं, बिहार में हाल ही में संपन्न आठ MLC सीटों के चुनाव परिणाम पर निशांत कुमार ने कहा कि जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि जिन सीटों पर पार्टी को हार मिली है, वहां समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाएगा. पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--
पटना : अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में बिहार राज्य कबड्डी संघ तथा बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की संयुक्त मेजबानी में खेल विभाग,बिहार सरकार के सहयोग से राजधानी पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में 1 से 4 नवंबर तक आयोजित होने वाली 52वीं जूनियर राष्ट्रीय बालक कबड्डी चैंपियनशिप की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 1 नवंबर को दोपहर तीन बजे प्रतियोगिता का उद्घाटन करेंगे. इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर की 29 टीमें हिस्सा लेंगी. मुकाबले दो कोर्ट पर आयोजित किए जाएंगे.प्रतियोगिता को लेकर शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवींद्रन शंकरण, बिहार राज्य कबड्डी संघ के चेयरमैन सह आयोजन सचिव कुमार विजय सिंह और अध्यक्ष अपूर्वा सुकांत ने आयोजन की तैयारियों की जानकारी दी.उद्घाटन समारोह में बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिहार की उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी. बिहार राज्य कबड्डी संघ के मुख्य संरक्षक अंजनी कुमार सिंह समारोह की अध्यक्षता करेंगे. खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद, अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव जितेंद्र पी ठाकुर और बिहार ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अजय कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी. प्रतियोगिता के दौरान अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ के महासचिव तेजस्वी गहलौत, अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष विभोर विनीत जैन, कोषाध्यक्ष रामाकांत सिंह, प्रो कबड्डी लीग के सीईओ अनुपम कुमार सहित विभिन्न राज्य कबड्डी संघों के पदाधिकारियों के भी पहुंचने की संभावना है.प्रो कबड्डी लीग की फ्रेंचाइजी के स्काउट करेंगे खिलाड़ियों की प्रतिभा का आकलनइस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा अवसर होगा. टूर्नामेंट के दौरान प्रो कबड्डी लीग की विभिन्न फ्रेंचाइजी टीमों के स्काउट, प्रशिक्षक और टीम प्रबंधन से जुड़े सदस्य भी पटना पहुंचेंगे. वे मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे और अपनी-अपनी टीमों के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेंगे.इसके साथ ही प्रतियोगिता के दौरान जूनियर भारतीय कबड्डी टीम के संभावित खिलाड़ियों का भी चयन किया जाएगा. इसके लिए अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से तीन सदस्यीय समिति पटना भेजी जा रही है. इस समिति में भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व प्रशिक्षक ई भास्करन,अर्जुन अवार्डी मनजीत चिल्लर और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रिशांत देवारिकर होंगे. इस तरह प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के पास राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर होगा.रिया कुमारी, बलवान सिंह और अर्जुन देशवाल भी होंगे शामिलप्रतियोगिता में कबड्डी जगत की कई जानी-पहचानी हस्तियों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी. कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली भारतीय महिला टीम की सदस्य रिया कुमारी भी यहां पहुंचेंगी.द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित बलवान सिंह, जो 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक रहे हैं, भी प्रतियोगिता में शामिल होंगे. भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य अर्जुन देशवाल और बिहार के प्रो कबड्डी खिलाड़ी संदीप कुमार की मौजूदगी भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएगी.तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी अनुभवी अधिकारियों कोप्रतियोगिता के तकनीकी संचालन के लिए अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया ने जगदीश्वर यादव को तकनीकी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय कबड्डी रेफरी राणा रंजीत सिंह को कंपीटिशन मैनेजर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रतियोगिता के सुचारु संचालन के लिए 50 तकनीकी अधिकारियों की तैनाती की गई है.खिलाड़ियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्थादेश के विभिन्न राज्यों से आने वाले खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था पाटलिपुत्र खेल परिसर के छात्रावास और होटलों में की गई है. तकनीकी अधिकारियों, फेडरेशन तथा राज्य कबड्डी संघों के पदाधिकारियों के लिए होटलों में आवास की व्यवस्था की गई है. खिलाड़ियों के भोजन का प्रबंध खेल परिसर में ही किया गया है. इस प्रतियोगिता में 464 खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों, 50 तकनीकी पदाधिकारियों समेत लगभग 615 प्रतिभागी इसमें शिरकत करेंगे. राजगीर में लगा बिहार टीम का प्रशिक्षण शिविरमेजबान बिहार टीम की तैयारी के लिए राजगीर में एक महीने का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित इस शिविर में खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, खेल कौशल, तकनीक और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया.बिहार टीम की घोषणाप्रतियोगिता में मेजबान बिहार की ओर से खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है:रवि कुमार (बेगूसराय) — कप्तानदीपक कुमार (बक्सर)अंशु कुमार (पटना)शुभम कुमार (सारण)आदित्य कुमार सिंह (सारण)आदर्श कुमार (बेगूसराय)पीयूष राज (रोहतास)केशव कुमार (समस्तीपुर)रितेश कुमार (पटना)अभिनव कुमार सिंह (अररिया)संदीप यादव (बक्सर)रवि रंजन कुमार (बक्सर)रितिक कुमार (पटना)अमन राज (भोजपुर)कोच: रमेश कुमार यादव (बिहार राज्य खेल प्राधिकरण)सहायक कोच: आनंद कुमार सिंह (भोजपुर)पटना से नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट-
भागलपुर : नगर निगम की सामान्य बोर्ड समिति की बैठक में उस वक्त गहमागहमी का माहौल बन गया, जब मेयर और उपमेयर के अधिकारों को लेकर कुछ पार्षदों ने आपत्तिजनक बातें कह दी. नाराज मेयर और उपमेयर बैठक का बहिष्कार कर अपने चेंबर में चले गए. हालांकि, कुछ पार्षदों ने शहर के विकास और जनहित के मुद्दों का हवाला देते हुए दोनों को मनाया और दोबारा बैठक में शामिल होने का आग्रह किया. दरअसल, नगर निगम सभागार में आयोजित इस बैठक में शहर के विकास, स्वच्छता प्रबंधन, जनहित की योजनाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी. लेकिन अधिकारों को लेकर शुरू हुई बहस ने बैठक का माहौल गर्म कर दिया. नाराज होकर मेयर और उपमेयर बैठक छोड़कर चले गए. बाद में पार्षदों के समझाने पर दोनों वापस लौटे और बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई. इसके बाद शहर के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.वहीं, पूरे मामले पर मेयर और उपमेयर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कुछ पार्षदों ने उनके अधिकारों को लेकर अनुचित बातें कहीं, जिससे आहत होकर वे बैठक से बाहर चले गए थे. हालांकि, शहर के विकास को प्राथमिकता देते हुए पार्षदों के आग्रह पर वे दोबारा बैठक में शामिल हुए. कुल मिलाकर, नगर निगम की इस बैठक में जहां शहर के विकास को लेकर अहम फैसले लिए गए, वहीं जनप्रतिनिधियों के बीच अधिकारों की खींचतान भी चर्चा का विषय बनी रही.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट-
मधुबनी : भारत-नेपाल सीमा पर सब्जियों के व्यापार को लेकर शनिवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया. नेपाल सरकार की ओर से भारतीय सब्जियों के व्यावसायिक आयात पर रोक लगाए जाने से मधुबनी के सीमावर्ती किसानों में भारी नाराजगी है. विरोध में किसानों ने जयनगर थाना क्षेत्र के बेतौंहा गांव स्थित माड़र बॉर्डर कस्टम चेक पोस्ट पर मुख्य सड़क जाम कर दिया. इसके साथ ही हथलेटवा बॉर्डर को भी बंद करा दिया गया. सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ विरोध दोपहर 2 बजे तक जारी रहा.इस दौरान भारत और नेपाल के बीच पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई. सैकड़ों लोग सीमा के दोनों ओर फंसे रहे. स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई.20-25 वर्षों से नेपाल में बेच रहे सब्जियांप्रदर्शन कर रहे किसानों कुशेश्वर सिंह, उमेश सिंह, सुकृत सिंह, भोला सिंह, सुरेश यादव सहित अन्य ने बताया कि वे पिछले 20-25 वर्षों से परवल, भिंडी, बैंगन, टमाटर और हरी सब्जियां नेपाल के माड़र, लहान और सिरहा बाजार में बेचते आ रहे हैं. ये बाजार भारतीय सीमा से महज एक-दो किलोमीटर दूर हैं. शनिवार को जब किसान साइकिल और टेंपो से सब्जियां लेकर पहुंचे तो नेपाल सशस्त्र पुलिस ने उन्हें रोक दिया. किसानों का कहना है कि इससे उनकी सैकड़ों क्विंटल सब्जियों के खराब होने का खतरा पैदा हो गया है.20 किलो तक सब्जी ले जाने की छूटनेपाल एपीएफ के डीएसपी पादम खाड़क ने बताया कि व्यावसायिक मात्रा में सब्जियों के आयात पर रोक वरीय अधिकारियों के आदेश पर लगाई गई है. नेपाली किसानों के हित में यह फैसला लिया गया है. हालांकि व्यक्तिगत उपयोग के लिए 10 से 20 किलो तक सब्जियां ले जाने की अनुमति है.एसएसबी और नेपाल एपीएफ के अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर जाम समाप्त कराया. किसानों ने रोक पर पुनर्विचार की मांग की है.संजय कुमार की रिपोर्ट--
पटना : बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ी तैयारी कर रही है. सोनपुर (सारण) और अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज, भागलपुर) में प्रस्तावित दो ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अत्याधुनिक विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है. इन दोनों एयरपोर्ट पर बड़े विमानों की मरम्मत, रखरखाव और ओवरहॉलिंग (एमआरओ) की सुविधा विकसित की जाएगी. इसके साथ ही यहां पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे.बिहार सरकार इसके लिए विशेष एविएशन विजन एंड पॉलिसी तैयार कर रही है. राज्य के सिविल विमानन विभाग के सचिव डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे की ओर से इस संबंध में संकल्प पत्र जारी किया गया है. सरकार का उद्देश्य बिहार को विमानन क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है.इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने गुरुग्राम की कंसल्टेंसी एजेंसी केपीएमजी इंडिया सर्विसेज एलएलपी को परामर्शी के रूप में नियुक्त किया है. एजेंसी को नीति और व्यापक एविएशन रोडमैप तैयार करने के लिए करीब 86.17 लाख रुपये और लागू टैक्स का भुगतान किया जाएगा. यह रोडमैप बिहार की भौगोलिक स्थिति, व्यावसायिक संभावनाओं और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार होगा.क्षेत्रीय एयरपोर्ट भी होंगे विकसितयोजना के तहत मुजफ्फरपुर के पताही, वीरपुर, वाल्मीकिनगर और सहरसा एयरपोर्ट को भी विकसित करने की तैयारी है. इन हवाई अड्डों के रनवे और बुनियादी सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा, ताकि छोटे वाणिज्यिक विमानों का परिचालन शुरू हो सके.सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. साथ ही बिहार के विभिन्न जिलों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--
पटना : बड़ी खबर राजधानी पटना से है जहां जमीन विवाद को लेकर दबंगई और रंगदारी का मामले में पुलिस ने पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के बाबा चौक से 4 युवकों को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवक राजीव नगर, दीघा और पाटलिपुत्र इलाके में सक्रिय भू-माफियाओं के लिए काम करते थे.गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम सिंह, विवेक कुमार, अर्पित सिंह और अनिल कुमार उर्फ गोलू के रूप में हुई है. इनमें अनिल की बाबा चौक पर दुकान भी है. पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से रिवॉल्वर, लोडेड पिस्टल मैगजीन, एयर गन, 31 जिंदा कारतूस, 70 खाली खोखे, पिस्टल का कवर, चार मोबाइल और भारतीय थल सेना का पहचान पत्र एव फर्जी i card भी बरामद किया है.मामले की शुरुआत राजीव नगर रोड नंबर 18 स्थित चार कट्ठे के एक प्लॉट के विवाद से हुई थी. आरोप है कि दीवार तोड़ने को लेकर हुए विवाद में शिवम और विवेक ने पिस्टल लहराकर पंकज शर्मा के घर पर दहशत फैलाई थी. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वहीं, आरती कुमारी ने आरोप लगाया था कि दोनों युवकों ने उनके घर पहुंचकर पिस्टल का भय दिखाते हुए पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी.पूछताछ में कई भू-माफियाओं के नाम सामने आए हैं. इसके साथ ही एक पत्रकार का नाम भी पुलिस जांच में आया है. आरोप है कि वह 33 प्रतिशत कमीशन लेकर पुलिस और प्रशासन को मैनेज करने का काम करता था. इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है. वहीं, अर्पित पर प्रेस और सेना के फर्जी पहचान पत्र के इस्तेमाल का भी आरोप है.सेंट्रल एसपी चंद्र प्रकाश ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है.पटना से विवेक कुमार रॉय की रिपोर्ट-
पटना : बड़ी खबर बिहार के सुपौल से है जहां जिले के जीवछपुर स्थित उत्क्रमित बालक मध्य विद्यालय में कक्षा के दौरान सोते पाए जाने के कारण विशिष्ट शिक्षक अजीत कुमार को निलंबित कर दिया गया है. सुपौल जिले के जीवछपुर स्थित उत्क्रमित बालक मध्य विद्यालय में कक्षा के दौरान सोते हुए पाए गए विशिष्ट शिक्षक अजीत कुमार को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मामले की जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया था. इसके बाद सुपौल के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले की जांच कराई जिसमें आरोप सही निकले. निलंबित शिक्षक के विरुद्ध आरोप पत्र अलग से जारी किया जाएगा.जांच में पाया गया कि विशिष्ट शिक्षक क्लास रूम के अंदर कुर्सी पर पैर रखकर सो रहे थे. इस दौरान वे जींस पैंट भी पहने हुए थे. बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनका सोना शैक्षणिक व्यवस्था के प्रति लापरवाही है.जांच रिपोर्ट के अनुसार शिक्षक का आचरण छात्रों के हितों के विरुद्ध और सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन था. इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए अनुशासनिक प्राधिकार ने निलंबन का निर्णय लिया. यह कार्रवाई बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक (संशोधित) नियमावली, 2024 के प्रावधानों के तहत की गई है.प्रीतम कुमार की रिपोर्ट-
पटना : मोकामा के विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. शीर्ष अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है. इस घटनाक्रम के बाद मोकामा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इसी बीच अनंत सिंह के बेटे अभिषेक सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है.अभिषेक सिंह ने सोशल मीडिया पर न्याय के तराजू की तस्वीर साझा करते हुए एक पोस्ट लिखी. इसमें उन्होंने कहा, 'सत्ता के साथ रहिए तो सम्मान, सवाल उठाइए तो कानून का ज्ञान.' उनकी इस टिप्पणी को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, उन्होंने अपनी पोस्ट में किसी नेता या राजनीतिक दल का नाम लेकर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया है.सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया आदेश?दुलारचंद यादव हत्याकांड में 30 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया. अदालत ने बिहार पुलिस को मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने को भी कहा. यह सुनवाई पटना हाईकोर्ट से अनंत सिंह को मिली जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर हुई थी. जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासनइससे पहले जनता दल यूनाइटेड ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था. विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ गतिविधियों को इस कार्रवाई की वजह बताया गया था.इसके बाद अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति सम्मान जताते हुए कहा था कि यदि पार्टी की कमान उनके हाथों में होती तो शायद उन्हें निष्कासित नहीं किया जाता.अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश और बेटे अभिषेक सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मोकामा की राजनीतिक गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-