
गुरुवार, 17 सितंबर 2026
Liveपटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को राजधानी पटना स्थित लोकसेवक आवास में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा अर्चना की. लोकसेवक आवास में जय बाबा विश्वकर्मा के जयकारों से पूजन हुआ. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसेवक आवास में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लिया. विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष पूजा की. उन्होंने पूजन-अर्चन के दौरान बिहार की सुख-शांति की कामना की. मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए समृद्धि और प्रगति की कामना की. बिहार के विकास और कल्याण के लिए प्रार्थना की गई. लोकसेवक आवास में धार्मिक वातावरण में कार्यक्रम संपन्न हुआ. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेशवासियों को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं. पूरे बिहार में श्रद्धा और उत्साह के साथ विश्वकर्मा पूजा पर्व मनाया जा रहा है. पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार के सहरसा जिले में पत्रकार के साथ सहरसा सदर अस्पताल के डॉक्टर एसके आजाद और उनके गुंडों के द्वारा किए गए मारपीट मामले को लेकर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन संघ बिहार और युवा पत्रकार संघ के सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात किया और दोषी डॉक्टर पर शीघ्र कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन दिया.स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत इस मामले पर अब तक हुई कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन को तलब किया और बहुत जल्द इस मामले में दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई किए जाने को लेकर आश्वासन भी दिया. स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के दौरान श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव मुकुंद कुमार सिंह और युवा पत्रकार संघ के अध्यक्ष कुंदन कुमार ने निशांत कुमार से कहा कि जिस तरीके से सहरसा सदर अस्पताल में डॉक्टर एस के आजाद का वर्चस्व और खौफ है, इससे जनता के साथ-साथ पत्रकारों में भी आक्रोश है. डॉक्टर के द्वारा जिस वक्त पत्रकार के साथ मारपीट किया जा रहा था, उसी वक्त अस्पताल के एक कमरे में सिगरेट और शराब की वीडियो भी वायरल हुई थी. इससे यह साबित होता है कि डॉक्टर कहीं शराब के नशे में तो नहीं थे. इससे पहले भी सहरसा में डॉक्टर एस के आजाद के द्वारा इलाज में लापरवाही को लेकर मौत हुई थी और उस मामले में भी धरना प्रदर्शन से लेकर कैंडल मार्च तक हुआ था लेकिन कार्रवाई क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं इसकी भी जांच की जाए. साथ ही अविलंब डॉक्टर एस के आजाद के सभी गतिविधियों की जांच कर उन्हें सहरसा जिले से हटाया जाए. क्योंकि उन पर यह आरोप है कि वह निजी अस्पताल भी चलाते हैं और अस्पताल के मरीजों को प्रलोभन देकर अपने निजी अस्पताल में भेज कर पैसा कमाते हैं. उनके इस रवैया से वहां के आम जनता में भी काफी आक्रोश है और पत्रकार पर हमले के बाद कभी भी पब्लिक का मूवमेंट उन पर टूट सकता है जिससे सरकार और विभाग दोनों की छवि खराब होगी.वहीं उनके साथ दिख रही हॉस्पिटल मैनेजर शिल्पी कुमारी जिन पर 2019 में शैक्षणिक योग्यता को लेकर आरोप लगे थे. वह कैसे सहरसा अस्पताल में मैनेजर के पद पर काबिज है, इसकी भी जांच किया जाए.पूरे मामले को गंभीरता से सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अविलंब उच्च पदाधिकारी से इस मामले में हुई अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है और बहुत जल्द कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात के दौरान बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के उपाध्यक्ष आफताब आलम सिद्दीकी, पटना जिला महासचिव प्रेम कुमार, संजय कुमार उर्फ गोलू, युवा पत्रकार संघ के अध्यक्ष कुंदन कुमार के साथ साथ नीरज उपाध्याय,शुभेंदु रमन, पंकज कुमार, कृपा शंकर , शिव कुमार अविनाश कुमार सिंह, सचिन तिवारी, अक्षय किशोर, ओम प्रकाश भी मौजूद थे. इसके अलावे कई मीडिया हाउस के सदस्य भी उपस्थित रहे.
पटना : बिहार दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के बीच एक और बड़ा सवाल सामने आया है. आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU को परीक्षा केंद्रों के वीडियो फुटेज की जांच के दौरान कुछ ऐसे दृश्य मिले हैं, जिनमें वीक्षक परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह फुटेज पूर्णिया या गया के परीक्षा केंद्र का है. हालांकि, केवल वीडियो में मोबाइल दिखाई देने से परीक्षा केंद्र पर लगे जैमर के काम नहीं करने की पुष्टि नहीं होती है. EOU अब इस पूरे मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों का मिलान कर रही है.जांच के दौरान मोबाइल इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद अब परीक्षा केंद्रों पर जैमर की स्थिति और उसकी प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित केंद्र पर जैमर सही तरीके से काम कर रहा था या नहीं और परीक्षा के दौरान मोबाइल इस्तेमाल की अनुमति किस परिस्थिति में हुई.EOU दारोगा भर्ती परीक्षा से जुड़ी शिकायतों और साक्ष्यों को लेकर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग यानी BPSSC को अब तक पांच पत्र भेज चुकी है. तीन सितंबर को एक, आठ सितंबर को दो और 15 सितंबर को दो पत्र भेजे गए. इन पत्रों के माध्यम से आयोग से कार्रवाई का विवरण, संबंधित जानकारी और वीडियो फुटेज मांगे गए हैं.पूर्णिया और गया से जुड़े मामलों में आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए फुटेज की जांच भी SIT कर रही है. बुधवार को EOU के ADG अमित कुमार जैन और DIG मानवजीत सिंह ढिल्लो ने SIT के अधिकारियों के साथ जांच की समीक्षा की.अब सभी साक्ष्यों और आयोग के जवाबों को जोड़कर समेकित रिपोर्ट तैयार की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी और गड़बड़ी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने करीब 10 हजार करोड़ रुपये की जरूरत का प्रारंभिक आकलन किया है. केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे के दौरान राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने बाढ़ से हुई क्षति की प्रारंभिक रिपोर्ट उनके सामने रखी. हालांकि पानी पूरी तरह उतरने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा और 15 अक्टूबर के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार होने की बात कही गई है. ऐसे में नुकसान का आंकड़ा बढ़ने की संभावना भी जताई गई है.लोक सेवक आवास में हुई बैठक में जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, आपदा प्रबंधन, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभागों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी दी. शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग पानी उतरने के बाद अपनी विस्तृत क्षति रिपोर्ट तैयार करेंगे.राज्य सरकार की ओर से सभी जिलों में टीमें भेजकर स्थानीय स्तर पर नुकसान का आकलन कराया जाएगा. इसके आधार पर केंद्र सरकार को विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बाढ़ का संकट खत्म होने और पानी कम होने के बाद केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम बिहार भेजी जा सकती है.जल संसाधन विभाग ने भागलपुर के राघोपुर में मार्जिनल बांध के नए सिरे से निर्माण की जानकारी दी है. वाल्मीकिनगर बराज के समीप कमजोर बांध की मरम्मत और पुनपुन नदी के बांधों को मानसून से पहले मजबूत करने की भी तैयारी है.कृषि विभाग के अनुसार करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचने का प्रारंभिक आकलन है. धान, मक्का, सब्जी और केले की फसल प्रभावित हुई है. नुकसान के आकलन के बाद किसानों को इनपुट अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू होगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को ‘न्यू इंडिया का आर्किटेक्ट’ बताते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित किया है.मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर बिहारवासियों को भी शुभकामनाएं दीं. इस मौके पर उन्होंने राज्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की जानकारी दी. मुख्यमंत्री के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है.इसके तहत ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से बिहार के सभी प्रखंडों और विधानसभा क्षेत्रों में ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में आम लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई की जाएगी.मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मार्च 2027 तक ‘कायाकल्प अभियान’ भी चलाएगी. इसके तहत विकास कार्यों को गति देने, स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता तथा उनकी पहुंच को प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और सफल जीवन की कामना करते हुए लोगों से ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील भी की. उन्होंने विकसित भारत और समृद्ध बिहार के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया. इस अभियान के जरिए सेवा, विकास और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही गई है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--
गयाजी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर शहर के चाँदचौरा दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना एवं हवन किया गया, साथ ही उनकी दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए विशेष प्रार्थना की गई.भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय प्रभारी डॉ. मनीष पंकज मिश्रा के नेतृत्व में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ पूजापाठ संपन्न हुआ. इस अवसर पर उपस्थित भाजपा के नेता एवं कार्यकर्ताओं ने मां दुर्गा से प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना करते हुए देश की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए भी प्रार्थना की.इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का सर्वोच्च ध्येय बनाया है. उनका सार्वजनिक जीवन निरंतर सेवा, परिश्रम और राष्ट्र के विकास के संकल्प से जुड़ा रहा है. मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर शासन के प्रमुख के रूप में अपनी यात्रा प्रारंभ की थी. आज पूरे विश्व में पीएम मोदी की बदौलत भारत देश का डंका बज रहा है. डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया है, वह आज करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का विषय है. ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकास, नवाचार, बुनियादी ढांचे, कृषि, महिला सशक्तिकरण और युवा शक्ति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था और इस वर्ष उनका 76वां जन्मदिन मनाया जा रहा है. इस पावन अवसर पर गया की पुण्य एवं आध्यात्मिक धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं. मां दुर्गा से प्रार्थना है कि उन्हें दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं असीम ऊर्जा प्रदान करें तथा वे इसी प्रकार देश की सेवा करते हुए भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते रहें.पूजापाठ एवं हवन करने वालों में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद, अधिवक्ता संतोष ठाकुर, वार्ड पार्षद सारिका वर्मा, अर्पणा मिश्रा, गुंजा सिंह, संजू देवी, आशा देवी, सोनम कुमारी, शर्मिला देवी, राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, सुनील बंबईया, रामप्रवेश सिंह, संजय यादव, गोलू ठाकुर, कुंदन सिंह, महेश यादव, बबलू गुप्ता, मंटू कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित हुए. गयाजी से प्रदीप कुमार सिंह की रिपोर्ट-
दिल्ली : बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना से पटना-थावे इंटरसिटी के परिचालन समय में बदलाव और यात्रा अवधि घटाने का आग्रह किया है. दिल्ली प्रवास के दौरान बुधवार को मिथिलेश तिवारी ने रेल भवन में सोमन्ना से मुलाकात की. उन्होंने इस ट्रेन का परिचालन पटना जंक्शन से सुबह 5 बजे और थावे जंक्शन से शाम 7 बजे सुनिश्चित करने की मांग की. अभी यह ट्रेन पटना से दोपहर 12.10 बजे खुलती है और शाम 7 बजे थावे पहुंचती है. वापसी में रात 8.05 बजे थावे से खुल कर तड़के 3.20 बजे पटना पहुंचती है. तिवारी ने बताया कि प्रतिकूल समय और यात्रा अवधि ज्यादा होने से यात्रियों को भी काफी परेशानी होती है. दोनों मंत्रियों के बीच गोपालगंज में रेल सुविधाओं के विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर भी विमर्श हुआ. तिवारी ने गोपालगंज से दिल्ली सहित प्रमुख महानगरों के लिए नई रेल सेवाएं शुरू करने का आग्रह किया. उन्होंने गोरखपुर-गोपालगंज-मशरख होते हुए पटना के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग भी रखी. इसके अलावा ताप्ती-गंगा एक्सप्रेस का सिधवलिया स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने, अमृत भारत योजना के तहत बैकुंठपुर और सिधवलिया रेलवे स्टेशनों का विकास, दिघवा दुबौली में आरओबी व आरयूबी निर्माण के कार्य में तेजी लाने का भी अनुरोध किया. शिक्षा मंत्री ने गोपालगंज के सिधवलिया रेलवे स्टेशन पर नवनिर्मित रैक प्वाइंट के उद्घाटन के लिए रेल राज्य मंत्री को आमंत्रित किया. सोमन्ना ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया. शिक्षा मंत्री तिवारी ने कहा कि गोपालगंज और बैकुंठपुर की जनता की रेल सुविधाओं से जुड़ी अपेक्षाओं को पूरा कराने के लिए मैं निरंतर प्रयासरत हूं. क्षेत्र के विकास, व्यापार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी बहुत जरूरी है. क्षेत्रवासियों को सुगम और बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है.
पटना : ग्रामीण विकास और सूचना एवं जन-संपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने वीबी-जी राम जी कार्यक्रम को लेकर कहा कि इससे राज्य के आर्थिक विकास को गति मिलेगी. इसकी मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से आर्थिक विकास की नई राह प्रशस्त होगी. साथ ही रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि अधिकारी चरणबद्ध तरीके से योजना बनाएं और समय-सीमा में इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें. ताकि निर्धारित समय में योजना पूरा नहीं होने पर जुर्माने का भी प्रावधान है. इसमें शामिल नए प्रावधानों के तहत अब अकुशल कामगारों को 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा. विभागीय मंत्री श्रवण कुमार पुराने सचिवालय परिसर स्थित अधिवेशन भवन में वीबी-जी राम जी योजना को लेकर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस कार्यक्रम में राज्य के सभी उप विकास आयुक्त, निदेशक राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम और वीबी-जी राम जी के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समेत अन्य मौजूद थे. इन सभी पदाधिकारियों को 1 जुलाई से नए कलेवर के साथ शुरू हुई इस रोजगार सृजन योजना के क्रियान्वयन से संबंधित तकनीकी जानकारी दी गई. उन्होंने इस योजना के तहत विशेषतौर से ग्रामीण इलाकों में मौसम आधारित कार्यों, पार्कों के निर्माण, किसानों के लिए हाट एवं विपणन केंद्रों, कच्ची ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलिया, युवाओं के लिए खेल मैदान, आंगनबाड़ी केंद्र एवं पशु, मुर्गी, बकरी एवं सूअर शेड का निर्माण कराने पर विशेष जोर दिया. मंत्री ने कहा कि जीविका दीदियों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए पंचायत, प्रखंड, जिला और राष्ट्रीय स्तर पर हाट और बाजार का निर्धारण किया जाएगा. उन्होंने ग्रामीण निर्धन बच्चों के लिए लाइब्रेरी भवनों के निर्माण पर बल दिया. साथ ही बायोगैस संयोजनों में आ रही शिथिलता को दूर करने और निजी भागीदारी को बढ़ावा देकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए.भूमिहीनों को 15 से 30 दिन में जमीन मुहैया कराने का निर्देशप्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर मंत्री ने निर्देश दिया कि इसके तहत आवास की पात्रता रखने वाले भूमिहीन 11 हजार लाभार्थियों को 15-30 दिनों में जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय. ऐसे लाभार्थियों के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना के तहत एक लाख रुपये जमीन खरीदने का वित्तीय सहयोग दिया जाएगा, ताकि गरीबों के आवास का सपना पूरा हो सके. उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से अब तक बिहार को केंद्र सरकार से करीब 49 लाख 16 हजार आवासों का लक्ष्य मिला है. इसमें करीब 43 लाख आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं, जबकि 6 लाख आवासों को पूर्ण करने का प्रयास जारी है. आवास सर्वेक्षण की विसंगति की समीक्षा करने के लिए मंत्री ने कहामंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पीएम आवास के लिए कराए गए सर्वेक्षण में कुल 1 करोड़ 4 लाख 90 हजार से अधिक नाम सामने आए हैं, जबकि वास्तविक पात्र लगभग 62 से 63 लाख हैं. उन्होंने अधिकारियों से इस विसंगति की गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए. उन्होंने बताया कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां 1 जनवरी 1996 से पहले बने जर्जर मकानों के पुनरोद्धार के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की शुरुआत की. इस योजना के तहत गरीबों के अपूर्ण आवास को बनवाने में सहायता राशि दी गई. साथ ही 1 अप्रैल 2010 से पूर्व के अपूर्ण मकानों को पूरा करने के लिए 50 हजार रुपये सहायता राशि देने की योजना बनाई गई. आज दूसरे कई राज्य बिहार के इस मॉडल को आगे बढ़कर अपना रहे हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए बिहार को 11 लाख 18 हजार 937 नए आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है. इसके लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में विभाग ने तेजी से काम शुरू किया है. उन्होंने बताया कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत राज्य में करीब 44 लाख शौचालय बनाए गए हैं, इनमें 10,428 सामुदायिक शौचालय हैं. इस कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास, वीबी-जी रामजी के आयुक्त अंजनी कुमार, जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्या सिंह, जल-जीवन-हरियाली के निदेशक सुमित कुमार, विशेष सचिव भानु प्रकाश, संयुक्त सचिव राकेश गुप्ता, संयुक्त सचिव रवि कुमार, बीआरडीएस के मुख्य परिचालन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह, मंत्री के आप्त सचिव सुनील कुमार आदि मुख्य रूप से उपस्थिति रहे.
पटना : बिहार के छोटे जिलों से निकली खेल प्रतिभा अब अंतरराष्ट्रीय मैट पर अपनी पहचान बनाने को तैयार है. छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुए एसजीएफआई अंडर-18 ताइक्वांडो चयन ट्रायल-2026 में बिहार के दो खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम में जगह बनाई है. शेखपुरा जिले के हिमांशु कुमार और गोपालगंज जिले के विशाल कुमार अब दिसंबर में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में भारत की जर्सी में उतरेंगे. दोनों खिलाड़ी 3 से 8 दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाले आईएसएफ जिम्नासियाड-2026 में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.दो जिले, दो वजन वर्ग और एक बड़ा सपनाबीते 14 और 15 सितंबर को रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय चयन ट्रायल में हिमांशु कुमार ने अंडर-51 किलोग्राम वर्ग, जबकि विशाल कुमार ने अंडर-68 किलोग्राम वर्ग में अपनी जगह पक्की की. राष्ट्रीय स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच दोनों का चयन बिहार के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि ये खिलाड़ी राज्य के अलग-अलग जिलों से निकलकर अब दुनिया के बड़े स्कूली खेल मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं.बिहार की प्रतिभा को मिल रहा बड़ा मंचबिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविन्द्रण शंकरण ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि आईएसएफ जिम्नासियाड दुनिया भर के स्कूली खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय खेल मंच है. बिहार के दो अलग-अलग जिलों के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया के जरिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुना जाना राज्य में उभरती खेल प्रतिभाओं की क्षमता को दर्शाता है.छोटे शहरों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानहिमांशु और विशाल की कहानी सिर्फ दो खिलाड़ियों के चयन की कहानी नहीं है, बल्कि बिहार के जिलों में तैयार हो रही नई खेल प्रतिभा की तस्वीर भी है. अब तक बड़े खेल केंद्रों तक सीमित समझी जाने वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर की संभावनाएं राज्य के छोटे शहरों और जिलों के खिलाड़ियों तक भी पहुंच रही हैं. इन दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी, जो अपने जिले के मैदान और स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र से खेल की शुरुआत कर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना देखते हैं.कोचिंग और मार्गदर्शन ने संवारा हुनरदोनों खिलाड़ियों की इस सफलता में उनके निरंतर अभ्यास के साथ कोच विवेक प्रकाश और मैनेजर खुशबू कुमारी के मार्गदर्शन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. राष्ट्रीय चयन ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन कर भारतीय टीम का हिस्सा बनने के बाद अब दोनों खिलाड़ियों का अगला लक्ष्य ब्राजील में होने वाली प्रतियोगिता में देश के लिए दमदार प्रदर्शन करना है.
दरभंगा : बिहार के दरभंगा में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को लेकर सरकारी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई है. प्रभारी मंत्री कुमार शैलेंद्र की अध्यक्षता में अंबेडकर सभागार में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर समेत जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे.अभियान के तहत विद्यालयों में चित्रांकन व भाषण प्रतियोगिता, आंगनबाड़ी केंद्रों पर दीप प्रज्वलन और जीविका दीदियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. जिला स्तर का मुख्य कार्यक्रम पोलो मैदान में आयोजित होगा. दरभंगा से गिरीश कुमार की रिपोर्ट--
लखीसराय : बिहार के लखीसराय समेत कई जिलों में बाढ़ का कहर जारी है. इसी बीच बुधवार को पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित बड़हिया प्रखंड के कई इलाकों का दौरा किया. सांसद ने एजनीघाट, भानपुरा, पाली, जानपुर और कोठवा समेत कई गांवों में पहुंचकर हजारों बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान ग्रामीणों ने बाढ़ के कारण घरों में पानी घुसने, फसल बर्बाद होने, पशुओं के चारे की समस्या और राहत सामग्री की कमी से सांसद को अवगत कराया. पप्पू यादव ने बाढ़ से पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद भी की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया. उन्होंने बाढ़ की स्थिति का जायजा लेते हुए प्रभावित लोगों के बीच राहत और सहायता पहुंचाने की बात कही. सांसद के पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुटे रहे. बाढ़ पीड़ितों ने तत्काल राहत और प्रशासन से पर्याप्त व्यवस्था की मांग की. लखीसराय जिला से आत्मानंद सिंह की रिपोर्ट
Patna : पटना हाइकोर्ट ने बिहार स्वास्थ्य विभाग को करारा झटका देते हुए दो सरकारी चिकित्सा अधिकारियों (मेडिकल ऑफिसर्स) के सेवा से बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गवाहों से पूछताछ किए बिना और केवल कागजी पत्राचार के आधार पर एकतरफा कार्रवाई करना कानून की नजर में बिल्कुल भी टिकाऊ नहीं है. डॉ. ठाकुर अशोक कुमार प्रसाद और डॉ. मो. इशरत हुसैन की रिट याचिकाओं पर सभी सम्बन्धित पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस कुमार मनीष की एकल पीठ ने निर्णय सुनाया. कोर्ट ने कहा कि बिहार सेवा संहिता के नियम 76 के तहत बिना उचित विभागीय जांच के लंबे समय से अनधिकृत अनुपस्थिति के नाम पर बर्खास्तगी अवैध है.हाईकोर्ट ने विभाग के दोनों बर्खास्तगी ज्ञापनों (मेमो नंबर 166(9) दिनांक 09.02.2017 और मेमो नंबर1145(9) दिनांक 31.10.2016) को पूरी तरह से रद्द करते हुए दोनों डॉक्टरों की तत्काल बहाली का आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की इन गंभीर गलतियों को पकड़ा.कोर्ट ने पाया कि विभाग ने आरोपों को साबित करने के लिए किसी भी मौखिक गवाह का परीक्षण नहीं कराया, जो कि बिहार सी.सी.ए. नियमावली रुल के नियम 17(14) का सीधा उल्लंघन है. बिना तामील के एकतरफा कार्रवाई की गयी. डाक विभाग की रिपोर्ट से स्पष्ट था कि कारण बताओ नोटिस डॉक्टरों को मिले ही नहीं थे. डाक टिप्पणी थी कि सीवान में रहते हैं. इसके बावजूद विभाग ने बिना समन दिए एकतरफा जांच रिपोर्ट बना दी. डॉक्टरों को सजा देने से पहले विभागीय जांच की रिपोर्ट तक नहीं सौंपी गई, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है. बीपीएससी की सलाह को भी नजरअंदाज किया गया. डॉ. प्रसाद के मामले में बिहार लोक सेवा आयोग ने बर्खास्तगी की सजा पर असहमति जताई थी, लेकिन विभाग ने मनमाने ढंग से उसे रद्द कर दिया. कोर्ट के मुख्य निर्देश देते हुए इनकी सेवा में बहाली का आदेश दिया. दोनों डॉक्टरों को उनके पद पर 3 महीने के भीतर पुनः बहाल किया जाए. बर्खास्तगी के दौरान के वेतन और सेवा अवधि के निर्धारण का निर्णय सक्षम प्राधिकारी कानून के अनुसार लेंगे. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार चाहे, तो नियमों का सख्ती से पालन करते हुए और डॉक्टरों को सुनवाई का पूरा अवसर देकर नए सिरे से कार्रवाई शुरू कर सकती है.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
भागलपुर : बिहार में गंगा, कोसी और गंडक समेत कई नदियों के उफान के बीच बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. इसी बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. दोनों नेताओं ने हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ और कटाव की स्थिति देखी. इसके बाद राहत शिविरों का निरीक्षण कर प्रभावित लोगों से बातचीत की. इस दौरान बाढ़ को लेकर दोनों नेताओं ने कहा कि बाढ़ आती-जाती रहती है. लेकिन सरकार का प्रयास है कि आपदा के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों और किसानों के साथ खड़ी है. फसल और मकानों को हुए नुकसान का आकलन कर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. राहत शिविर में शिवराज सिंह चौहान ने भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था का जायजा लिया.भागलपुर से संवाददाता रवि आर्यन की रिपोर्ट-
पटना : बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है. राज्य के 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया है, हजारों परिवार विस्थापित हैं और बड़े पैमाने पर फसलें बर्बाद हुई हैं. इसके बावजूद बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त राहत और बचाव उपलब्ध कराने में सरकार की गंभीर उदासीनता सामने आ रही है.बाढ़ की भयावह स्थिति और सरकारी राहत कार्यों में कमी के सवाल पर बुधवार को भाकपा माले ने प्रेस वार्ता की. प्रेस वार्ता को आरा के भाकपा माले सांसद सुदामा प्रसाद, पूर्व विधायक गोपाल रविदास तथा भागलपुर जोन प्रभारी मुकेश मुक्त ने संबोधित किया.भाकपा माले सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि बिहार में बाढ़ प्रभावित आबादी लगातार बढ़ रही है. 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं. सरकारी स्तर पर प्रभावित लोगों की संख्या के आंकड़े लगातार जारी किए जा रहे हैं, लेकिन बाढ़ से हुई मौतों का समुचित और पारदर्शी आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है. भाकपा माले ने अपने स्तर पर भोजपुर, भागलपुर और पटना ग्रामीण के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौतों के आंकड़े जुटाए हैं, जो स्थिति की गंभीरता को सामने रखते हैं.उन्होंने बताया कि भोजपुर जिले में अब तक 24 लोगों की बाढ़ के कारण मौत होने की जानकारी मिली है. यह संख्या और अधिक हो सकती है. वहीं भागलपुर जिले में अब तक 10 लोगों की मौत की जानकारी भाकपा माले ने जुटाई है. पुनपुन प्रखंड में भी बाढ़ के कारण अब तक 10 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है.भाकपा माले नेताओं ने कहा कि 12 सितंबर को भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 114 पंचायतों के 456 गांव बाढ़ से पूरी तरह या आंशिक रूप से प्रभावित थे. करीब 2 लाख 10 हजार परिवारों के लगभग 9 लाख 15 हजार लोग सीधे बाढ़ की चपेट में थे. हजारों घरों में पानी घुस गया है या पानी दरवाजे तक पहुंच चुका है. सैकड़ों एकड़ में लगी मक्का, धान और सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई है.नेताओं ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को तत्काल भोजन, पीने का पानी, दवा, पशुचारा, नाव और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की जरूरत है. लेकिन अनेक इलाकों में राहत कार्य जरूरत के अनुपात में नहीं पहुंच रहा है. जहां राहत कार्य चल भी रहे हैं, वहां राहत सामग्री के वितरण में अनियमितता और लूट की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. बाढ़ जैसी गंभीर आपदा के समय सरकार और प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाना चाहिए, लेकिन जमीनी स्तर पर बड़ी आबादी अब भी मदद का इंतजार कर रही है.भाकपा माले ने कहा कि बाढ़ से हुई सभी मौतों का जिला एवं प्रखंडवार आधिकारिक आंकड़ा तत्काल सार्वजनिक किया जाए, मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और बाढ़ प्रभावित हर परिवार तक पर्याप्त राहत सामग्री पहुंचाई जाए. किसानों की बर्बाद फसल का तत्काल सर्वे कर मुआवजा दिया जाए. जिन परिवारों के घर बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए.पार्टी ने मांग की कि राहत वितरण में किसी भी तरह की अनियमितता और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए तथा पंचायत स्तर पर राहत वितरण की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. बाढ़ उतरने के बाद बीमारी और महामारी की आशंका को देखते हुए प्रभावित इलाकों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं.भाकपा माले ने कहा कि बिहार सरकार बाढ़ की भयावहता को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखे, बल्कि जमीन पर राहत और बचाव कार्यों को तेज करे. बाढ़ पीड़ितों को उनके हाल पर छोड़ना स्वीकार नहीं किया जाएगा.17-19 सितंबर को पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शनबाढ़ पीड़ितों की तत्काल मदद, राहत कार्यों में तेजी, बाढ़ से हुई मौतों के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने, मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने, फसल एवं मकान क्षति का उचित मुआवजा देने तथा राहत कार्यों में जारी कथित लूट और अनियमितता पर रोक लगाने की मांग को लेकर भाकपा माले 18 और 19 सितंबर को पूरे बिहार में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगा.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना : बिहार में अब खिलाड़ियों को गंभीर चोट लगने पर इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी. एलएनजेपी हड्डी अस्पताल में बच्चे, बूढ़े, दिव्यांग के अलवा खेल के दौरान चोटिल हुए खिलाड़ियों के लिए खास व्यवस्था किया गया है. एलएनजेपी हड्डी अस्पताल में स्पोर्ट्स इंजरी के इलाज के लिए नया सेंटर बनकर तैयार हो गया है. जिससे खिलाड़ियों को गंभीर चोट लगने पर भी हर तरह का मुमकिन इलाज उपलब्ध रहेगा. एलएनजेपी के निदेशक डॉ. राकेश चौधरी ने कहा कि अस्पताल के नये भवन में अत्याधुनिक तकनीक से लैस खिलाड़ियों के लिए इंजरी सेंटर का निर्माण किया जा रहा है. जिससे अक्टूबर महीने में शुरू करने की योजना बनायी जा रही है. इस सेंटर पर खिलाड़ियों के इलाज के साथ अन्य कई तरह की सुविधा दी जायेगी. इलाज के साथ स्पेशल फिजियोथेरेपी,साईकोलॉजिस्ट,ट्रेनर व डाइटीशियन की मिलेगी सुविधा निदेशक डॉ. राकेश चौधरी ने कहा कि एलएनजेपी हड्डी अस्पताल में निर्मित स्पोर्ट्स सेंटर पर खिलाड़ियों को इलाज के अलावा स्पेशल फिजियो,साईकोलॉजिस्ट,ट्रेनर व डाइटीशियन व अन्य कई सुविधा दी जायेगी. साथ ही खेल के दौरान एंकल में चोट लगने पर खास दूरबीन तकनीक से उपचार किया जायेगा. निदेशक डॉ. चौधरी ने यह भी बताया कि खिलाड़ियों के चोटिल कंधे व घुटने के इलाज के लिए हाईटेक ऑर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी की व्यवस्था की जा रही है. जिसके लिए नयी मशीनें व अन्य संसाधन भी उपलब्ध रहेंगे.खिलाड़ियों ने कहा मुख्यमंत्री के राज में हर क्षेत्र के युवाओं का हो रहा कल्याण 1- मैच में अभ्यास के दौरान अक्सर चोटें लगती रहती है. कई बार तो खिलाड़ियों को कंधे, घुटने व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट लग जाती थी. जिसके उपचार के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता था. एलएनजेपी हड्डी अस्पताल में स्पोर्ट्स इंजरी के लिए सेंटर बनने से हम खिलाड़ियों को बेहद लाभ मिलेगा- मनोज कुमार, खिलाड़ी 2- कबड्डी खेलने के दौरान बायां घुटना बुरी तरह से चोटिल हो गया. एलएनजेपी हड्डी अस्पताल में खिलाड़ियों के इलाज के लिए इंजरी सेंटर का निर्माण पूरा हो गया है. इससे इंज्युरी के दौरान अपने शहर में ही रहकर किफाईती इलाज करवाने का मौका प्राप्त होगा. राज्य के यशस्वी मुख्यमंत्री के राज में हर क्षेत्र के युवा का खास ख्याल रखा जा रहा है. अब बिहार का युवा पढ़ाई, कला के साथ स्पोर्ट्स में भी बुलंदियों को हासिल करेगा- आदित्य राज, खिलाड़ी
पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को दिघवारा एवं मनेर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया तथा वैशाली के तेरसिया एवं सरायपुर गांव का स्थलीय निरीक्षण किया.प्रभावित ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा जलभराव, फसल एवं मकानों को हुए नुकसान का मौके पर जायजा लिया.राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों को 7 हजार रूपये की अंतरिम अनुदान राशि जारी की गई है. क्षति का सटीक आकलन पूरा होने के बाद किसानों एवं प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम द्वारा बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने केंद्रीय टीम भेजने के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई एवं स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को पटना जिला के मनेर और सारण जिला के दिघवारा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. इसके पश्चात वो वैशाली जिला पहुंचे. यहां पर वे राघोपुर प्रखंड की तेरसिया पंचायत के तेरसिया एवं सरायपुर गांव में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया तथा फसल क्षति का जायजा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री दोनों बोट से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. पानी में डूबे गांव और फसल क्षति का जायजा लिया. इसके पश्चात वे लोग ट्रैक्टर पर सवार होकर तेरसिया और सरायपुर गांव के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया. वहां मौजूद लोगों से बातचीत की और उनसे आवेदन पत्रप्राप्त किया. इस दौरान लोगों ने अपनी आप बीती सुनाई. लोगों ने अपनी समस्याएं बताते हुए सड़क ऊंची करने और नयी सड़क बनाने की मांग की. साथ ही बाढ़ से क्षति हुई फसल के मुआवजे की भी मांग की. मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री ने सभी लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और मौके पर ही उसके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस इलाके में सबसे बड़ी बाढ़ आयी है. इस बार वर्ष 2016 से ज्यादा एक फीट पानी आया था. हमलोगों ने देखा है कि यहां केले और मक्के की फसल पानी में डूबने के कारण खराब हो गयी है. पूरे बिहार में करीब 50 लाख लोगों को बाढ़ के कारण अपने घर छोड़ने पड़े. बाढ़ से फसल और मकान का नुकसान हुआ है. इस इलाके में पशुओं का भी नुकसान हुआ है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनता को राहत देने के काम में जुटी हुई है. राज्य सरकार ने अभी प्रति परिवार 7 हजार रुपये की राशि तत्काल सहायता के रुप में देना शुरु किया है. बाढ़ की महाविनाश की स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री के निर्देश पर केंद्र सरकार की तरफ से मैं भी आया हूं. आज मुख्यमंत्री के साथ अलग-अलग जिलों में बाढ़ की स्थिति का जायजा ले रहे हैं. गांव की हालत को देख रहे हैं. जनता से भी बातचीत कर उनकी परेशानी को समझ रहे हैं. खेतों में जाकर फसल के नुकसान का आकलन कर रहे हैं. भारत सरकार की कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने आयी हुई है. केंद्र सरकार की तरफ से बिहार की जनता जनार्दन को आश्वस्त करता हूं कि इस संकट से निकालने में राज्य सरकार के साथ हमलोग खड़े रहेंगे, बिहार की हरसभंव सहायता हमलोग करेंगे. एक और केंद्रीय दल आयेगा जो क्षति का आकलन करेगा. अभी राज्य सरकार अपने संसाधन से बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रही है. सड़क, फसल और मकानों का नुकसान हुआ है. नुकसान को देखते हुए केंद्र सरकार भी हर संभव सहायता करेगी.निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों को 7 हजार रूपये की अंतरिम अनुदान राशि जारी की गई है. नुकसान का विस्तृत एवं सटीक आकलन पूरा होने के बाद किसानों एवं अन्य प्रभावितों को नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम बिहार पहुंची है और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर रही है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फसल और सड़क की स्थिति का अवलोकन किया है. वे लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना कर रहे हैं. मुंगेर और भागलपुर का भी दौरा किया जाएगा. इसके अलावा, समीक्षा बैठक कर बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कार्यों की स्थिति पर चर्चा की जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता शुरू कर दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय टीम बिहार भेजी गई है. शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का आकलन कर रही है. आने वाले दिनों में अन्य टीमें भी बिहार आएंगी और नुकसान की पूरी समीक्षा करेंगी. इसके बाद बिहार को केंद्र सरकार की ओर से जो भी सहयोग संभव होगा, वह उपलब्ध कराया जाएगा.मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं केंद्रीय टीम का धन्यवाद किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र देकर छोटे बच्चे विशाल कुमार को सम्मानित किया. विशाल कुमार ने बाढ़ में अपने गांव के 4 लोगों की जान बचाई थी.निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कम्युनिटी किचन, स्वास्थ्य सुविधाएं, परिवहन के लिए नाव का परिचालन और अन्य जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है.निरीक्षण के दौरान विधायक अवधेश सिंह, पूर्व विधायक सतीश कुमार, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चंद्रशेखर सिंह, जिलाधिकारी वर्षा सिंह, पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा सहित अन्य वरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
मुंगेर : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को मुंगेर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे. दोनों नेताओं ने शीतलपुर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और राहत शिविरों का निरीक्षण किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और मुंगेर-भागलपुर सड़क परियोजना को लेकर भी बड़ी जानकारी दी.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवागढ़ी और शीतलपुर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की. राहत शिविरों में पहुंचकर भोजन, दवा और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी ली.केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहत शिविर में बच्चों के लिए चल रहे अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया. उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानी. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार की टीम बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर रही है और राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है. राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों का जायजा लिया गया है. क्षति का आकलन पूरा होने के बाद केंद्र सरकार की ओर से बिहार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है. वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में करीब साढ़े आठ लाख परिवारों को सात हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है. सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने का काम जारी है. मुख्यमंत्री ने मुंगेर के लोगों के लिए सड़क परियोजना को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बरसात खत्म होने के बाद मुंगेर से भागलपुर के बीच करीब 82 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का काम शुरू किया जाएगा. मुख्यमंत्री के मुताबिक, परियोजना का उद्देश्य आवागमन बेहतर करने के साथ बाढ़ के दौरान सड़क संपर्क को भी मजबूत करना है.मुंगेर से अमृतेश सिन्हा की रिपोर्ट-
समस्तीपुर : बड़ी खबर समस्तीपुर से है जहां जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में बुधवार को दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई. हादसे में दोनों बाइकसवार की अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई. घटना से परिजनों में मातम पसरा हुआ है. बताया जा रहा है कि मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में बुधवार को दो मोटरसाइकिल की सीधी टक्कर हो गई जिससे दोनों मोटरसाइकिल सवार गंभीर रुप से घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही मुसरीघरारी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेजा. लेकिन अस्पताल ले जाने के दौरान ही रास्ते में दोनों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान राजेश कुमार (19), निवासी मुसरीघरारी, और रामचंद्र राम, निवासी सरायरंजन थाना क्षेत्र के रूप में हुई है. घटना के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है. पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
पटना : स्वास्थ्य सेवाओं में रोगी सुरक्षा, गुणवत्ता एवं मरीजों के विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से पटना में 17–18 सितंबर 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम का आयोजन रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल द्वारा CAHO, AHPI एवं CII Bihar के सहयोग से किया जा रहा है. कार्यक्रम का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी करेंगे.कार्यक्रम में देशभर से प्रमुख हेल्थकेयर सीईओ, चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधन विशेषज्ञ, रोगी-सुरक्षा एवं गुणवत्ता विशेषज्ञ तथा नीति-निर्माता शामिल होंगे और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित एवं मरीज-केंद्रित बनाने पर विचार-विमर्श करेंगे.डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक, रुबन ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा कि रोगी सुरक्षा केवल अस्पताल या तकनीक से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह मरीज और उसके परिवार के विश्वास से सीधे जुड़ा हुआ है.उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी केवल सही उपचार देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि मरीज की पूरी उपचार यात्रा सुरक्षित हो. इसके लिए बेहतर सिस्टम, टीमवर्क, स्पष्ट संवाद, सुरक्षित दवा-प्रयोग, संक्रमण नियंत्रण और घटनाओं से सीखने की संस्कृति आवश्यक है.”कार्यक्रम में Medication Safety, Diagnostic Safety, Surgical Safety, Human Factors, Patient & Family Engagement तथा Data, Digital Technology और Artificial Intelligence के माध्यम से सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी.कार्यक्रम में दोषारोपण के बजाय घटनाओं और Near Miss से सीखने तथा स्वास्थ्य व्यवस्था में निरंतर सुधार की संस्कृति को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा.डॉ. सिंह ने कहा कि रोगी सुरक्षा में स्थायी सुधार के लिए चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन, विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं का सामूहिक प्रयास आवश्यक है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पटना में होने वाली यह राष्ट्रीय पहल व्यावहारिक एवं मापनीय सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.साझा संदेशहर मरीज सुरक्षित उपचार का हकदार है.सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा पूरे स्वास्थ्य तंत्र की साझा जिम्मेदारी है.कार्यक्रम विवरणआयोजक: रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल, पटनासहयोग: CAHO | AHPI | CII Biharदिनांक: 17–18 सितंबर 2026स्थान: होटल मौर्या, पटना