पटना: बिहार दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के बीच एक और बड़ा सवाल सामने आया है. आर्थिक अपराध इकाई यानीEOUको परीक्षा केंद्रों के वीडियो फुटेज की जांच के दौरान कुछ ऐसे दृश्य मिले हैं,जिनमें वीक्षक परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह फुटेज पूर्णिया या गया के परीक्षा केंद्र का है. हालांकि,केवल वीडियो में मोबाइल दिखाई देने से परीक्षा केंद्र पर लगे जैमर के काम नहीं करने की पुष्टि नहीं होती है.EOUअब इस पूरे मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों का मिलान कर रही है.
जांच के दौरान मोबाइल इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद अब परीक्षा केंद्रों पर जैमर की स्थिति और उसकी प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित केंद्र पर जैमर सही तरीके से काम कर रहा था या नहीं और परीक्षा के दौरान मोबाइल इस्तेमाल की अनुमति किस परिस्थिति में हुई.
EOUदारोगा भर्ती परीक्षा से जुड़ी शिकायतों और साक्ष्यों को लेकर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग यानीBPSSCको अब तक पांच पत्र भेज चुकी है. तीन सितंबर को एक,आठ सितंबर को दो और 15 सितंबर को दो पत्र भेजे गए. इन पत्रों के माध्यम से आयोग से कार्रवाई का विवरण,संबंधित जानकारी और वीडियो फुटेज मांगे गए हैं.
पूर्णिया और गया से जुड़े मामलों में आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए फुटेज की जांच भीSITकर रही है. बुधवार कोEOUकेADGअमित कुमार जैन औरDIGमानवजीत सिंह ढिल्लो नेSITके अधिकारियों के साथ जांच की समीक्षा की.
अब सभी साक्ष्यों और आयोग के जवाबों को जोड़कर समेकित रिपोर्ट तैयार की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी और गड़बड़ी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
