

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026
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रांची: राजधानी रांची में दिल्ली के कथित वाहन चोर गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कांके थाना क्षेत्र के सुहाना सिटी में दिल्ली पुलिस और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर चोरी की दो थार और चार मोटरसाइकिल बरामद की हैं। हालांकि,कार्रवाई के दौरान गिरोह का मुख्य आरोपी समीर अंसारी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।GPSकी मदद से रांची पहुंची दिल्ली पुलिसजानकारी के अनुसार,दिल्ली पुलिस चोरी हुए वाहनों की तलाश मेंGPSलोकेशन के आधार पर रांची के कांके स्थित सुहाना सिटी पहुंची थी। इसके बाद स्थानीय कांके थाना पुलिस के सहयोग से इलाके में संयुक्त छापेमारी की गई।पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी समीर अंसारी घर के पिछले दरवाजे से भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश में आसपास के इलाके और धान के खेतों में छानबीन की,लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।फर्जी पहचान पत्र से वाहन किराये पर लेने का आरोपप्रारंभिक जांच में आरोप है कि गिरोह के सदस्य फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर ट्रैवल एजेंसियों से वाहन किराये पर लेते थे। इसके बाद वाहनों की नंबर प्लेट बदलकर उनकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की जाती थी।पुलिस को आशंका है कि चोरी किए गए वाहनों को आगे बेचने या कबाड़ में खपाने की योजना हो सकती थी। हालांकि,इस संबंध में विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी पुलिससंयुक्त छापेमारी के दौरान छह वाहन बरामद किए गए हैं,जिनमें दो थार और चार मोटरसाइकिल शामिल हैं। मुख्य आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है।फिलहाल पुलिस बरामद वाहनों के दस्तावेजों और गिरोह के कथित नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ वाहन चोरी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।रांची से नैयर की रिपोर्ट
रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की एक वायरल तस्वीर को लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। तस्वीर में रामलीला के कलाकार भगवान हनुमान की वेशभूषा में रघुवर दास के पैर छूते नजर आ रहे हैं। इसी तस्वीर को लेकर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की है।सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साधा निशानास्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रघुवर दास पर अहंकार का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, "झारखंड की जनता की एक गलती ने आपको मुख्यमंत्री क्या बना दिया,आप तो खुद को भगवान राम ही समझ बैठे! इतना अहंकार भी ठीक नहीं है। आखिर इसी घमंड ने आपको झारखंड की सत्ता से बाहर कर दिया।"मंत्री की इस टिप्पणी के बाद वायरल तस्वीर और उस पर की गई राजनीतिक प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बन गई है।भगवान हनुमान के अपमान को लेकर जताई नाराजगीइरफान अंसारी ने अपनी पोस्ट में भगवान राम के प्रति सम्मान और श्रद्धा का उल्लेख करते हुए लिखा कि भगवान राम का नाम आदर के साथ लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद को भगवान राम के समान समझने लगते हैं।उन्होंने लिखा, "हम लोग भगवान राम का नाम सम्मान और श्रद्धा के साथ लेते हैं,लेकिन कुछ रावण किस्म के लोग खुद को ही राम समझ बैठते हैं। मैं,डॉ. इरफान अंसारी,भगवान राम का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकता।"रघुवर दास से माफी की मांग,आंदोलन की चेतावनीस्वास्थ्य मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से इस मामले में तत्काल माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ,तो इस मुद्दे पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।अंसारी ने अपनी पोस्ट में सत्ता के अहंकार और आस्था के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सत्ता का अहंकार किसी व्यक्ति को इतना अंधा नहीं बना देना चाहिए कि वह आस्था और मर्यादा के बीच का अंतर भूल जाए।वायरल तस्वीर पर बढ़ी राजनीतिक चर्चारघुवर दास की वायरल तस्वीर को लेकर इरफान अंसारी की टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। फिलहाल,तस्वीर के पूरे संदर्भ और इस पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की प्रतिक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस मामले में उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आने पर विवाद के विभिन्न पहलुओं पर और जानकारी मिल सकेगी।रांची से करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट
24अक्टूबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के उद्घाटन सत्र में होंगे शामिल,राजधानी में लगाए गए पार्टी के झंडे-बैनररांची: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन23अक्टूबर को तीन दिवसीय झारखंड दौरे पर रांची पहुंचेंगे। अपने दौरे के दौरान वे24अक्टूबर को आयोजित भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर प्रदेश भाजपा ने स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। उनके स्वागत के लिए राजधानी रांची को भाजपा के झंडों,बैनरों और पताकाओं से सजाया गया है।प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने तैयारियों की समीक्षा कीराष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे और स्वागत की तैयारियों को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रदेश कार्यालय में पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।पार्टी की ओर से राजधानी के विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत की व्यवस्था की गई है। उनके स्वागत में झारखंड की पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा की भी तैयारी की गई है।शाम सात बजे रांची पहुंचेंगे नितिन नवीनभाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पावन धरती झारखंड में यह दूसरा आगमन होगा। उनके स्वागत को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह है।उन्होंने बताया कि नितिन नवीन23अक्टूबर को शाम सात बजे रांची हवाई अड्डे पहुंचेंगे। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से उनका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद राजधानी के विभिन्न स्थानों पर भी कार्यकर्ता उनके स्वागत की तैयारी में जुटे हैं।प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में करेंगे मार्गदर्शनअपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष24अक्टूबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। इस दौरान वे पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर मार्गदर्शन देंगे।राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे को प्रदेश भाजपा संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी की ओर से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब कार्यकर्ताओं को उनके रांची आगमन और प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का इंतजार है।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
रांची:झारखंड के विभिन्न सरकारी विभागों,जिला एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। दुर्गा पूजा आर्थिक तंगी में गुजारने के बाद अब कर्मचारियों को दीपावली से पहले बकाया वेतन मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में झारखंड राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर अक्टूबर2026तक के लंबित वेतन का भुगतान दीपावली से पहले सुनिश्चित कराने की मांग की है।अनुबंध प्रक्रिया में देरी से बढ़ी परेशानीझारखंड राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ के अनुसार, JAP-ITद्वारा सूचीबद्ध एजेंसियों के साथ पूर्ववर्ती अनुबंध जुलाई2026में समाप्त हो गया था। इसके बाद अनुबंध विस्तार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। वहीं,झारखंड मैनपावर प्रोक्योरमेंट मैनुअल, 2025के तहत नई संविदा को अंतिम रूप दिए जाने की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है।इस प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी का असर उन कर्मचारियों पर पड़ रहा है,जो सरकारी कार्यालयों में लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि काम नियमित रूप से लिया जा रहा है,लेकिन वेतन भुगतान नहीं होने से उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है।घरेलू खर्च और बच्चों की पढ़ाई पर असरआउटसोर्स कर्मचारी सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर संचालन,डेटा एंट्री,सरकारी अभिलेखों के रखरखाव,पत्राचार और अन्य कार्यालयी कार्यों की जिम्मेदारी संभालते हैं। सीमित मानदेय पर परिवार का भरण-पोषण करने वाले इन कर्मचारियों के लिए लगातार तीन माह तक वेतन नहीं मिलना बड़ी परेशानी बन गया है।वेतन के अभाव में घरेलू खर्च,बच्चों की पढ़ाई,दवाइयों और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। त्योहारों के मौसम में आर्थिक तंगी ने कर्मचारियों की चिंता और बढ़ा दी है।संघ ने उठाए वेतन भुगतान में देरी पर सवालझारखंड राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने सवाल उठाया है कि जब कर्मचारियों से लगातार काम लिया जा रहा है,तो उनके पारिश्रमिक के समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। संघ का कहना है कि अनुबंध विस्तार या नई संविदा की प्रक्रिया में होने वाली देरी का बोझ कर्मचारियों और उनके परिवारों पर डालना उचित नहीं है।संघ ने सरकार से मांग की है कि अक्टूबर2026तक के बकाया वेतन का भुगतान दीपावली से पहले कराया जाए। इसके साथ हीJAP-ITऔर संबंधित एजेंसियों के बीच अनुबंध विस्तार अथवा नई संविदा की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए,ताकि भविष्य में वेतन भुगतान बाधित न हो।भविष्य में वेतन बाधित नहीं होने की व्यवस्था बनाने की मांगसंघ ने यह भी मांग की है कि एजेंसी बदलने या अनुबंध समाप्त होने की स्थिति में कर्मचारियों का वेतन न रुके,इसके लिए स्थायी और समयबद्ध व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही,वेतन भुगतान में देरी के कारणों की समीक्षा कर संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।संघ ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समय पर वेतन भुगतान का आदेश दिया जाए,जिससे हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।संघ का कहना है कि कर्मचारी किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने काम के बदले निर्धारित पारिश्रमिक चाहते हैं। अनुबंध संबंधी प्रक्रिया में देरी हो सकती है, लेकिन कर्मचारियों के परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी जरूरतें इंतजार नहीं कर सकतीं। ऐसे में दीपावली से पहले बकाया वेतन का भुगतान कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट
रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC)में अध्यक्ष और सदस्यों के खाली पदों को लेकर राज्य में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)को उम्मीद है कि दीपावली से पहले आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति हो जाएगी। वहीं,भारतीय जनता पार्टी (BJP)ने नियुक्तियों में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। इस पूरे विवाद के बीच सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया पर टिकी हैं।JPSCनियुक्ति परJMMको दीपावली से पहले फैसले की उम्मीदJPSCमें अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली होने का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। इस मामले परJMMका कहना है कि पिछले कुछ समय के दौरान पार्टी और सरकार को कई चुनौतियों और संकटों का सामना करना पड़ा है,जिसका असर सरकारी कामकाज पर भी पड़ा। हालांकि,पार्टी को उम्मीद है कि दीपावली से पहले आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो सकती है।JMMके इस बयान के बाद अब सबकी नजरें सरकार के अगले कदम पर हैं। यदि नियुक्तियों को लेकर जल्द फैसला होता है,तो आयोग के कामकाज और आगामी प्रक्रियाओं को गति मिलने की उम्मीद की जा सकती है।BJPका सवाल- नियुक्ति के लिए दीपावली तक इंतजार क्यों?JMMके दावे परBJPने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा का सवाल है कि जब आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली हैं,तो नियुक्तियों के लिए दीपावली तक इंतजार क्यों किया जा रहा है?पार्टी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब संवैधानिक संस्थाओं में नियुक्तियां भी मुहूर्त देखकर होंगी?BJPने राज्य सरकार के रोजगार संबंधी चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरी देने के वादे अब तक पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर पाए हैं। पार्टी ने25लाख और10लाख नौकरियों से जुड़े चुनावी वादों का हवाला देते हुए सरकार की रोजगार नीति पर सवाल उठाए।स्थानीय युवाओं के हितों को लेकर भीBJPने उठाए सवालभाजपा ने आरोप लगाया किJPSCमें पिछले तीन महीने से अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली हैं और सरकार नियुक्तियों को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। पार्टी ने आदिवासी और मूलवासी युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने की आशंका भी जताई है।इसके साथ हीBJPने मांग की है कि आयोग में होने वाली नियुक्तियों और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं में झारखंड के स्थानीय युवाओं के हितों का ध्यान रखा जाए। पार्टी ने नियुक्तियों में बाहरी लोगों को प्राथमिकता दिए जाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि,इन आरोपों पर सरकार का पक्ष और नियुक्ति प्रक्रिया की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।JPSCमें खाली पदों का युवाओं पर क्या पड़ेगा असर?JPSCमें अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली रहने को लेकर सबसे बड़ी चिंता उन अभ्यर्थियों की है,जो राज्य की विभिन्न सरकारी सेवाओं में नियुक्ति की तैयारी कर रहे हैं। आयोग में नेतृत्व और सदस्यों की कमी से प्रशासनिक कामकाज,भर्ती प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों और अन्य कार्यों पर क्या असर पड़ रहा है,यह आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।रांची के करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट
रांची: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के झारखंड दौरे को लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी जहां इस दौरे को संगठन मजबूत करने,कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करने के लिहाज से अहम बता रही है,वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)ने इसके राजनीतिक महत्व पर सवाल उठाए हैं। दोनों दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर सियासी वार-पलटवार का दौर जारी है।JMMने दौरे के राजनीतिक प्रभाव पर उठाए सवालझारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का राज्य दौरा एक सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया है। पार्टी के मुताबिक,किसी राष्ट्रीय नेता के दौरे से राज्य की राजनीतिक तस्वीर में अपने आप बदलाव नहीं होता।JMMने नितिन नवीन के व्यक्तिगत जनाधार और नेतृत्व की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं।JMMनेताओं का दावा है कि झारखंड की जनता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर भरोसा करती है। पार्टी विधानसभा चुनाव के नतीजों को भी अपने जनसमर्थन के आधार के रूप में पेश कर रही है।JMMका कहना है कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेताओं के दौरे से राज्य में राजनीतिक चुनौती अपने आप आसान नहीं हो जाएगी।BJPका पलटवार,संगठन मजबूत करने पर जोरJMMके सवालों पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि दूसरे राज्यों में भी कभी पार्टी की मजबूती को लेकर सवाल उठाए जाते थे,लेकिन आज पूर्वोत्तर समेत देश के कई हिस्सों में बीजेपी की सरकारें हैं।बीजेपी के अनुसार,नितिन नवीन के झारखंड दौरे के दौरान संगठन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा,कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। पार्टी इस दौरे को संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के अवसर के रूप में देख रही है।हेमंत सोरेन सरकार परBJPने साधा निशानाबीजेपी के मुख्य प्रवक्ता ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि राज्य सरकार जनता को गुमराह कर रही है। बीजेपी का दावा है कि जनता के बीच सरकार को लेकर नाराजगी है और संगठन को मजबूत करके पार्टी आने वाले समय में अपनी राजनीतिक स्थिति बेहतर करने की कोशिश करेगी।हालांकि,सरकार के खिलाफ नाराजगी को लेकर बीजेपी के दावे औरJMMकी ओर से जताए जा रहे जनसमर्थन के दावे राजनीतिक दलों के अपने-अपने पक्ष हैं। इन दावों के वास्तविक प्रभाव को समझने के लिए अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और जनता से जुड़े मुद्दों पर भी गौर करना होगा।क्या झारखंड में बदलेंगे सियासी समीकरण?नितिन नवीन के दौरे को लेकर दोनों दलों के अलग-अलग रुख ने झारखंड की राजनीति में संगठनात्मक ताकत और जनसमर्थन की बहस को फिर से चर्चा में ला दिया है। बीजेपी इस दौरे के जरिए संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी पर जोर दे रही है,जबकिJMMअपने जनाधार और हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर भरोसा जता रहा है।अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि इस दौरे के बाद बीजेपी की संगठनात्मक गतिविधियों में क्या बदलाव देखने को मिलते हैं और राज्य के राजनीतिक मुद्दों पर दोनों दलों की रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।फिलहाल,नितिन नवीन के झारखंड दौरे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। लेकिन इसका वास्तविक राजनीतिक असर कितना होगा,यह आने वाले समय में संगठनात्मक गतिविधियों,राजनीतिक घटनाक्रम और जनता से जुड़े मुद्दों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।रांची से करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट
रांची:देश की वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी उपलब्धियों, सरकारी योजनाओं और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से गुरुवार यानी 22 अक्टूबर को रांची में 3 दिवसीय स्वर्णिम भारत एक्सपो 2026 की शुरुआत हुई. रांची क्लब में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी का राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और सांसद आदित्य साहू ने उद्घाटन किया. कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विधायक सीपी सिंह, मेयर रोशनी खलखो एवं उपमेयर भी मौजूद रहे.एक्सपो का उद्देश्य केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, सार्वजनिक संस्थानों की उपलब्धियों, वैज्ञानिक नवाचारों और देश की विकास संबंधी पहल की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना है. विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के दृष्टिकोण से प्रेरित इस आयोजन में सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, वैज्ञानिक संस्थानों और विकास संगठनों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा. तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी स्वर्णिम भारत एक्सपो 2026 का आयोजन 22 से 24 अक्टूबर तक रांची क्लब में किया गया है. प्रदर्शनी का उद्घाटन गुरुवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया. कार्यक्रम में सांसद आदित्य प्रसाद साहू, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, मेयर रोशनी खलखो, विधायक सीपी सिंह एवं उप महापौर भी शामिल रहे. परिचित फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस एक्स्पो की परिकल्पना एवं पहल आदित्य साहू ने की है. इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं संस्थागत उपलब्धियां एवं राष्ट्र की विकास प्राथमिकताओं के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना है.रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट-
रांची: राजधानी रांची के कांके रोड स्थित श्री दुर्गा पूजा समिति, गोंदा टाउन के प्रांगण में मां दुर्गा की विदाई से पूर्व सिंदूर खेला की पारंपरिक रस्म श्रद्धा और उल्लास के साथ निभाई गई। इस अवसर पर सैकड़ों सुहागिन महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और अपने सुहाग की दीर्घायु की कामना की।सिंदूर खेला में उमड़ा महिलाओं का उत्साहमां दुर्गा की विदाई से पहले आयोजित इस पारंपरिक अनुष्ठान में महिलाओं ने मां के चरणों में सिंदूर अर्पित किया। इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की कामना की।पूजा परिसर में महिलाओं की बड़ी उपस्थिति से भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से अपने परिवार पर सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।आस्था,प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक है सिंदूर खेलासिंदूर खेला की परंपरा मां दुर्गा की विदाई से जुड़ी एक महत्वपूर्ण धार्मिक रस्म है। इस अवसर पर महिलाएं मां को सिंदूर अर्पित कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करती हैं और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर आपसी प्रेम, सौहार्द और मंगलकामना का संदेश देती हैं।इस आयोजन में आशा देवी, मधु, सीमा बेरा, संपा मीणा, सुनीता तिर्की, प्रियंका, रेणुका गोराई, नेहा, अनीता और रूबी सहित सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया।अगले वर्ष फिर आने की कामना के साथ मां को विदाईमां दुर्गा की विदाई के समय महिलाओं के चेहरे पर श्रद्धा के साथ भावुकता भी दिखाई दी। सुहागिन महिलाओं ने मां को सिंदूर अर्पित कर नम आंखों से विदाई दी और अगले वर्ष फिर से आगमन की प्रार्थना की।कांके रोड स्थित गोंदा टाउन के दुर्गा पूजा पंडाल में आयोजित सिंदूर खेला ने धार्मिक आस्था, पारंपरिक संस्कृति और महिलाओं के आपसी स्नेह की सुंदर झलक प्रस्तुत की।रांची से नैयर की रिपोर्ट
रांची:झारखंड की राजधानी रांची में वन विभाग और पुलिस की टीम ने दुर्लभ रेड सैंड बोआ सांप का रेस्क्यू किया है। इस कार्रवाई के बाद सांप की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय अवैध वन्यजीव बाजार में इसकी कथित कीमत को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले में सांप की वास्तविक कीमत या किसी तस्करी नेटवर्क से संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि अभी आवश्यक है।रेड सैंड बोआ अपने विशिष्ट रंग और बनावट के कारण पहचाना जाता है। वन्यजीव तस्करी से जुड़ी चर्चाओं में इस प्रजाति का नाम पहले भी सामने आता रहा है।रेड सैंड बोआ को लेकर क्यों होती है चर्चा?रेड सैंड बोआ एक गैर-विषैला सांप है, जो मुख्य रूप से जमीन के भीतर या उसके आसपास रहता है। इसका शरीर अपेक्षाकृत मोटा और पूंछ कुंद होती है, जिसके कारण इसका अगला और पिछला हिस्सा देखने में कुछ हद तक समान लग सकता है।इस प्रजाति को लेकर अवैध वन्यजीव व्यापार में ऊंची कीमत मिलने के कई दावे प्रचलित हैं। कुछ रिपोर्टों में इसकी कथित कीमत एक करोड़ रुपये से लेकर25 करोड़ रुपये तक बताई जाती है। हालांकि, इन आंकड़ों की विश्वसनीय स्वतंत्र पुष्टि नहीं है। इसलिए इन्हें सांप की वास्तविक बाजार कीमत मानना उचित नहीं होगा।अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़ाव की पुष्टि जरूरीरेड सैंड बोआ के संबंध में विभिन्न देशों में अवैध वन्यजीव व्यापार और पारंपरिक मान्यताओं से जुड़ी चर्चाएं सामने आती रही हैं। लेकिन किसी विशेष सांप के रेस्क्यू को अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जोड़ने के लिए ठोस साक्ष्य जरूरी हैं।रांची में हुई इस कार्रवाई के मामले में भी यह स्पष्ट होना बाकी है कि सांप कहां से मिला, उसे किस परिस्थिति में रखा गया था और क्या इसके पीछे किसी व्यक्ति या संगठित गिरोह की भूमिका थी।वन विभाग की जांच से सामने आएगी पूरी जानकारीरेस्क्यू के बाद मामले में वन विभाग और पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के जरिए सांप की बरामदगी की परिस्थितियों, संभावित संलिप्त व्यक्तियों और वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।दुर्लभ वन्यजीवों का अवैध कारोबार जैव विविधता और प्राकृतिक पारिस्थितिकी के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे मामलों में समय पर रेस्क्यू, वैज्ञानिक पहचान और कानूनी कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं।महत्वपूर्ण: रेड सैंड बोआ की करोड़ों रुपये की कीमत संबंधी दावे अपुष्ट हैं। रांची में हुई इस बरामदगी को किसी अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जोड़ने की पुष्टि भी आधिकारिक जानकारी के बिना नहीं की जा सकती।रांची से नैयर की रिपोर्ट
रांची: विजयादशमी के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर पूरे झारखंड में तैयारियां तेज हो गई हैं। विसर्जन के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से विभिन्न जलाशयों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। राजधानी रांची के बड़ा तालाब में भीNDRF की टीम तैनात की गई है, ताकि प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।अधिकारियों ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजाबड़ा तालाब में विसर्जन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए रांची के एसडीएम कुमार रजत, एडीएम औरNDRF के डीसी विनय कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान जलाशय में प्रतिमा विसर्जन के दौरान होने वाली संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक इंतजामों की समीक्षा की गई।NDRF के डीसी विनय कुमार ने बोट पर सवार होकर पूरे जलाशय का निरीक्षण भी किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया, ताकि विसर्जन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने में परेशानी न हो।बड़ा तालाब में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़रांची के बड़ा तालाब में शहर के विभिन्न इलाकों से श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पहुंचते हैं। विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन औरNDRF की टीम सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है। जलाशय में किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल बचाव कार्य शुरू करने के उद्देश्य से टीम की तैनाती की गई है।सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी जोरNDRF के डीसी विनय कुमार ने बताया कि विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।प्रशासन का उद्देश्य है कि मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और बचाव दलों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने पर जोर दिया जा रहा है।सुरक्षित विसर्जन के लिए प्रशासन अलर्टदुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन की ओर से किए जा रहे इंतजामों का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना, जलाशय में सुरक्षा बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।बड़ा तालाब में NDRF की तैनाती और अधिकारियों के निरीक्षण से विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थितJAP-1 परेड मैदान में बुधवार को पुलिस संस्मरण दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश और राज्य के उन वीर पुलिसकर्मियों को याद किया गया, जिन्होंने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। कार्यक्रम में राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा भी शामिल हुईं। सभी ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया।शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को किया गया यादपुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर शहीद पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उन पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त करना था, जिन्होंने देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।इस दौरान पुलिस बल के अधिकारियों और जवानों ने शहीदों के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।पुलिस की नौकरी चुनौतीपूर्ण,फिर भी पीछे नहीं हटते जवान: डीजीपीकार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि देशभर में पुलिस संस्मरण दिवस उन शहीदों की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने अपने कर्तव्य के दौरान बलिदान दिया। इस दिन शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया जाता है।डीजीपी ने कहा कि पुलिस की नौकरी बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण होती है। इसके बावजूद लोग पुलिस सेवा में आते हैं और पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इस सेवा में कई बार अपना समय, सामर्थ्य और यहां तक कि अपने प्राणों का बलिदान भी देना पड़ता है, लेकिन पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते।उन्होंने कहा कि पुलिस संस्मरण दिवस उन वीर जवानों के बलिदान को याद करने और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर है, जिन्होंने जनता की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।शहीदों का बलिदान हमेशा रहेगा यादपुलिस संस्मरण दिवस के माध्यम से देश और राज्य के शहीद पुलिसकर्मियों के साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया गया। यह दिवस पुलिस बल के जवानों को उनके कर्तव्य और जिम्मेदारियों की याद दिलाने के साथ-साथ शहीदों के बलिदान को हमेशा स्मरण रखने का संदेश भी देता है।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
रांची: बुंडू के पीपीके कॉलेज में एनसीसी यूनिट बंद किए जाने के मामले को लेकरJLKMके उपाध्यक्ष और छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा.इस मौके पर देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि पीपीके कॉलेज में पिछले41वर्षों से एनसीसी यूनिट संचालित हो रही थी,जिससे हजारों छात्रों को लाभ मिला है. एनसीसी से छात्रों में अनुशासन,आत्मविश्वास और प्रशिक्षण के साथ-साथ शिक्षा और सरकारी नौकरियों में भी अवसर मिलते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण इस वर्ष से एनसीसी यूनिट को बंद कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि बुंडू,तमाड़,सोनाहातू,सिल्ली और राहे क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान और मजदूर परिवार अपने बच्चों को बाहर महंगे प्रशिक्षण के लिए नहीं भेज सकते. ऐसे में एनसीसी यूनिट बंद होने से ग्रामीण छात्रों के अवसर प्रभावित होंगे. उन्होंने राज्यपाल से एनसीसी यूनिट बंद किए जाने के कारणों की समीक्षा कर इसे दोबारा बहाल करने और नियमित रूप से संचालित कराने की मांग की.राज्यपाल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभाग और विश्वविद्यालय से बात करने का आश्वासन दिया है.देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र,अभिभावक और शिक्षाविदों के साथ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा.रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट-
रांचीः राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में दशहरा के अवसर पर भव्य रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर रावण के पुतले का दहन किया। रावण दहन देखने के लिए मैदान में भारी संख्या में लोग जुटे। पूरे आयोजन के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, भाजपा विधायक सीपी सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान तीनों पुतलों का दहन किया गया। भाजपा विधायक सीपी सिंह ने मेघनाथ के पुतले का दहन किया, जबकि रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कुंभकर्ण के पुतले को आग के हवाले किया। वहीं, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रावण के पुतले का दहन किया।सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजामरावण दहन कार्यक्रम को देखने के लिए मोरहाबादी मैदान में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। लोगों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन सतर्क रहा।दशहरा के इस आयोजन के साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। रावण दहन के दौरान मैदान में उपस्थित लोगों ने उत्साह के साथ पर्व मनाया और विजयादशमी की खुशियां साझा कीं।रांची से राहुल कुमार री रिपोर्ट
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विजयादशमी के पावन अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विजयादशमी को असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक बताया।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में लिखा कि विजयादशमी का त्योहार हमें याद दिलाता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न लगे, अंततः जीत सत्य की ही होती है।अन्याय और भेदभाव के खिलाफ खड़े होने का आह्वानमुख्यमंत्री ने अपने संदेश में राज्यवासियों से अन्याय, भेदभाव और हर तरह की बुराई के खिलाफ खड़े होने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने पर भी जोर दिया।हेमंत सोरेन ने अपने पोस्ट के अंत में सभी राज्यवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।सत्य और सद्भाव का संदेशविजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री के संदेश में भी सत्य, न्याय, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने का आह्वान किया गया है।
रांची: राजधानी रांची में विजयादशमी के अवसर पर मोरहाबादी मैदान में भव्य रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस बार कार्यक्रम में70 फीट ऊंचे रावण, 65 फीट के कुंभकर्ण और60 फीट के मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा। इसके साथ ही दो मंजिला सोने की लंका, भव्य आकाशीय एवं जमीनी आतिशबाजी और राम दरबार की जीवंत झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र होगी।शाम5बजे होगा रावण दहनकार्यक्रम को लेकर मोरहाबादी मैदान में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन समिति के मुताबिक, शाम5 बजे रावण दहन किया जाएगा। इस मौके पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार भी मौजूद रहेंगे। विजयादशमी के इस भव्य आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।सोने की लंका और आतिशबाजी होगी खासइस बार आयोजन में दो मंजिला सोने की लंका विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। वहीं, आकाशीय और जमीनी आतिशबाजी के जरिए विजयादशमी के उत्सव को भव्य रूप दिया जाएगा। राम दरबार की जीवंत झांकी के माध्यम से भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा।सुरक्षा के पुख्ता इंतजामकार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पूरे आयोजन स्थल पर ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की तैनाती भी की जाएगी।मोरहाबादी मैदान में होने वाला यह आयोजन रांची के प्रमुख दशहरा उत्सवों में शामिल है। भव्य पुतलों, आकर्षक झांकियों और आतिशबाजी के बीच लोग विजयादशमी का पर्व मनाएंगे।रांची से करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट
रांची:विजयादशमी को लेकर राजधानी रांची में उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर रांची स्थितJAP-1परिसर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जा रही है। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अस्त्र-शस्त्र पूजन के साथ नौ कन्याओं की पूजा की जा रही है।अस्त्र-शस्त्र पूजन के जरिए शक्ति,साहस,अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया जा रहा है। वहीं,कन्या पूजन के माध्यम से नारी शक्ति के सम्मान और कन्याओं में मां दुर्गा के स्वरूप की आराधना की जा रही है।क्या हैJAP-1में अस्त्र-शस्त्र पूजन और कन्या पूजन की परंपरा?विजयादशमी पर अस्त्र-शस्त्र पूजन की परंपरा शक्ति,शौर्य और धर्म की रक्षा के संकल्प से जुड़ी मानी जाती है। वहीं,नौ कन्याओं का पूजन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। इन परंपराओं के माध्यम से समाज को साहस,सेवा,सम्मान और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया जाता है।JAP-1में निभाई जा रही इन परंपराओं के पीछे की धार्मिक मान्यताएं,सांस्कृतिक महत्व और श्रद्धालुओं की आस्था को समझने के लिए हमारी सहयोगी करिश्मा सिन्हा ने श्रद्धालुओं से बातचीत की।रांची से करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट
बुंडू/रांचीःझारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दशम फॉल में डूबे बिहार के युवक का शव सोमवार शाम बरामद कर लिया गया। स्थानीय गोताखोरों ने करीब24घंटे तक चले खोज अभियान के बाद शाम में युवक का शव पानी से बाहर निकाला। घटना के बाद मृतक के परिजनों में मातम पसरा है।दुर्गा पूजा घूमने रांची आया था युवकजानकारी के अनुसार,बिहार के दानापुर से एक युवक दुर्गा पूजा देखने रांची आया था। रविवार शाम वह अपने ममेरे भाई के साथ दशम फॉल पहुंचा। दोनों फॉल के ऊपरी हिस्से में जंगल की तरफ फोटो शूट करने के लिए गए थे।बताया जा रहा है कि ममेरा भाई फोटो खींचने में व्यस्त था। इसी दौरान जब उसने पलटकर देखा,तो युवक वहां से गायब था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसके बाद वह दशम फॉल में तैनात पर्यटक मित्रों के पास पहुंचा और घटना की जानकारी दी।रातभर चली खोजबीन,सोमवार को मिला शवघटना की सूचना मिलते ही दशम फॉल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की तलाश शुरू कर दी। रविवार रात तक खोज अभियान चलाया गया,लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला।सोमवार सुबह से स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोबारा खोजबीन शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद शाम में युवक का शव बरामद किया गया।मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारीखोज अभियान के दौरान बुंडू एसडीपीओ,दशम फॉल थाना प्रभारी और बुंडू के अंचल अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। मृतक के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे हुए थे।युवक की मौत की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दुर्गा पूजा के दौरान घूमने आए युवक के साथ हुए इस हादसे से इलाके में शोक का माहौल है।पर्यटकों से अपील: दशम फॉल जैसे जलप्रपातों में घूमने के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। फॉल के ऊपरी हिस्से,फिसलन भरे पत्थरों और गहरे पानी के आसपास सावधानी बरतें तथा जोखिम वाले स्थानों पर फोटो शूट करने से बचें।बुंडू से जितेन सार की रिपोर्ट
रांचीः विजयादशमी को लेकर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में दशहरा उत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। पंजाबी हिंदू बिरादरी दशहरा कमेटी की ओर से रावण दहन कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। मैदान में श्रमिकों और हाइड्रा की मदद से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों को खड़ा किया जा रहा है। रावण का पुतला 80 फीट, कुंभकर्ण का पुतला 75 फीट और मेधनाथ का पुतला 70 फीट का रहेगा।राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार करेंगे रावण दहनविजयादशमी के अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार रिमोट के माध्यम से रावण के पुतले का दहन करेंगे। इस आयोजन को लेकर कमेटी की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मैदान परिसर में24 फीट ऊंची डबल डेकर सोने की लंका भी तैयार की गई है, जो दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी।आतिशबाजी और लाइटिंग से जगमगाएगा मैदानइस बार दशहरा उत्सव में दर्शकों के मनोरंजन के लिए खास आतिशबाजी शो आयोजित किया जाएगा। दशहरा कमेटी के अध्यक्ष सौरभ खन्ना ने बताया कि कार्यक्रम को आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।कोलकाता से आए कारीगरों के अनुसार, इस बार रिमोट के जरिए आकाशीय आतिशबाजी की जाएगी। रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान जगमगाने की उम्मीद है। इसके अलावा रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों में विशेष लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है।भव्य दशहरा उत्सव को लेकर उत्साहमोरहाबादी मैदान में पुतलों को खड़ा करने से लेकर मंच और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम जारी है। आयोजकों का प्रयास है कि विजयादशमी के अवसर पर लोगों को भव्य रावण दहन और आकर्षक आतिशबाजी का अनुभव मिले।रांची में दशहरा उत्सव के दौरान मोरहाबादी मैदान में हर साल बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। इस बार विशाल पुतलों, डबल डेकर सोने की लंका और आकाशीय आतिशबाजी के साथ आयोजन को खास बनाने की तैयारी है।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
रांची: कोलकाता में हुए हादसे के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय ने दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस मुख्यालय की ओर से राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को पूजा पंडालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।भीड़ नियंत्रण से लेकर फायर सेफ्टी तक होगी निगरानीजारी निर्देशों के तहत पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा और बिजली से जुड़े सुरक्षा मानकों की विशेष निगरानी की जाएगी। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रहे और किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद हों।CCTVकैमरों से रखी जाएगी नजरपूजा पंडालों और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया है। इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।त्योहार को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्टदुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने और सभी जरूरी इंतजामों की समीक्षा करने को कहा गया है।पुलिस मुख्यालय के इन निर्देशों का उद्देश्य पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना, आग और बिजली से जुड़े संभावित खतरों को कम करना तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अब सभी जिलों में सुरक्षा तैयारियों और निर्देशों के पालन पर विशेष नजर रहेगी।रांची से नैयर की रिपोर्ट