DELHI NEWS : 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं से पंचायतों की वित्तीय क्षमता और ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति - मंत्री दीपक प्रकाश
दिल्ली :16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर विचार-विमर्श के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में पंचायती राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण एवं ग्रामीण स्थानीय निकायों से जुड़े विषयों पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई. इसकी अध्यक्षता केंद्रीय पंचायती राज तथा मत्स्यपालन,पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने की. इस मौके पर केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल मौजूद रहे.
पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त किया जाएगा: मंत्री
कार्यशाला में मौजूद रहे पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने,संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई है. यह अनुभव और सुझाव बिहार में पंचायती राज व्यवस्था को और मजबूत बनाने में उपयोगी सिद्ध होंगे.
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को विकास,पारदर्शिता और जनभागीदारी का सशक्त केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के आलोक में प्राप्त संसाधनों का प्रभावी,पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित कर पंचायतों,पंचायत समितियों और जिला परिषदों को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा. इससे ग्रामीण आधारभूत संरचना,जनसेवाओं की उपलब्धता तथा स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी.
अनुदानों का उपयोग पारदर्शी तरीके से हो
मंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण भारत की विकास यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है. पंचायतों को वित्तीय रूप से सक्षम और प्रशासनिक रूप से सुदृढ़ बनाकर ही गांवों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन,आमजन की भागीदारी और सुशासन की भावना को और मजबूत किया जा सकता है. सरकार का प्रयास है कि वित्त आयोग से प्राप्त अनुदानों का उपयोग समयबद्ध,पारदर्शी और जनहितकारी तरीके से हो,ताकि इसका प्रत्यक्ष लाभ राज्य के प्रत्येक गांव और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे.
ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा
कार्यशाला में16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं,ग्रामीण स्थानीय निकायों को प्राप्त होने वाले अनुदानों के प्रभावी उपयोग,वित्तीय पारदर्शिता,संसाधनों के बेहतर प्रबंधन,पंचायती राज संस्थाओं की संस्थागत क्षमता,समयबद्ध व्यय,अनुपालन आवश्यकताओं तथा ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई. साथ ही पंचायतों की वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने,स्वयं का स्रोत राजस्व को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण स्थानीय निकायों को विकास और सुशासन का प्रभावी माध्यम बनाने पर विशेष बल दिया गया.
कार्यशाला को विकसित भारत @2047 की कल्पना के अनुरूप पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त, उत्तरदायी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. आयोजित कार्यशाला में पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार तथा अपर सचिव डॉ. आदित्य प्रकाश सहित विभिन्न राज्यों के पंचायती राज विभागों के माननीय मंत्रीगण, वरिष्ठ पदाधिकारीगण तथा पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे.





