BIHAR NEWS : पटना हाईकोर्ट में फ्रेंड्स कॉलोनी में गृह निर्माण करवा रही भू स्वामिनी ने राजीव नगर थाना प्रभारी के विरुद्ध किया मामला दायर
Patna : पटना हाईकोर्ट में पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र के फ्रेंड्स कॉलोनी में गृह निर्माण करवा रही भूखंड स्वामिनी अलका कुमारी ने राजीव नगर थाना प्रभारी के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए मामला दायर किया है. इस मामले में बिहार पुलिस के पुलिस महानिदेशक पटना,आरक्षी महानिरीक्षक,वरीय आरक्षी अधीक्षक एवं एसडीपीओ2लॉ एंड ऑर्डर पटना को भी पक्षकार बनाया गया है.
इस मामले की जानकारी देते हुए पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता ओमप्रकाश ने बताया कि राजीव नगर के फ्रेंड्स कॉलोनी में अलका राय नाम की शिक्षिका ने भूखंड की खरीद की है. समस्त वैध कागजात- दस्तावेज होते हुए भी पहले,तो राजीवनगर थाना के प्रभारी ओंकार नाथ राय के द्वारा जबरन उनके गृह निर्माण के कार्य को रोका गया.
जब इस मामले को लेकर जांच के लिए गृह मंत्री,भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री तथा वरीय अधिकारियों से गुहार लगाई,तो फर्जी तथ्यों का सहारा लेते हुए थाना प्रभारी के द्वारा अलका राय के पति,जो मधुबनी के पंडोल में प्रखंड विकास पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित हैं,मनोज कुमार राय के खिलाफ धारा126की कार्रवाई प्रतिवेदन कर दी गई.
अलका राय के भूखंड में,जबकि सिविल न्यायालय के द्वारा अस्थाई निषेधाज्ञा देने की आवेदन को रद्द कर दिया गया था. इस तथ्य को जानते हुए भी राजीव नगर पुलिस ने उक्त भूखंड पर धारा163की कार्रवाई के लिए अनुमंडल पदाधिकारी के कोर्ट में प्रतिवेदन अग्रसरित किया,जो कि एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है.
उन्होंने बताया कि कुछ भूमि माफिया अलका राय के जमीन को हड़पना चाहते हैं.इसलिए जिस जमीन को1993में प्रथम भूखंड स्वामी के द्वारा बिक्री की गई. उसके पुत्र द्वारा अब इस जमीन पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से विवाद उत्पन्न किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि इस संबंध में लगातार पटना पुलिस के वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर जांच की मांग की गई. लेकिन अभी तक राजीव नगर थाना के इस गैर कानूनी कृत्य के खिलाफ वरीय अधिकारियों ने किसी प्रकार का कदम नहीं उठाया. इसलिए उन्होंने अलका राय की तरफ से पटना हाईकोर्ट में पूरे मामले की जांच तथा न्याय की गुहार लगाई है.
उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण में राजीवनगर थाना प्रभारी की भूमिका किसी भूमि हथियाने की तरह प्रतीत होती है. उन्होंने कहा कि जमीन के सारे वैध कागजात होने के बावजूद पुलिस पहले तो अनाधिकृत रूप में जमीन पर काम रोकती है. जब इस मामले की जांच के लिए थाना में ऊपर से आवेदन आता है,तो महज खानापूर्ति में दूसरे पक्ष,जिसके आवेदन को कोर्ट ने खारिज कर दिया,उस केस का नंबर बदलते हुए फर्जीवाड़ा करते हुए आवेदन लेकर उक्त जमीन पर163की कार्रवाई के माध्यम से जमीन को विवादित करने के प्रयास किया जाता है.
उन्होंने कहा कि इस मामले में कोर्ट में शीघ्र सुनवाई होगी. इसके बाद राजधानी पटना में किस प्रकार भूखंड हड़पने के लिए हथकंडों का प्रयोग किया जा रहा है,इस पर खुलासा हो सकेगा.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-





