BIHAR NEWS : यातनाएं सहन के बाद भी बाबू देवशरण सिंह अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लगातार उठाते रहे आवाज - मंत्री श्रवण कुमार
पटना : महान स्वतंत्रता सेनानी और बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति बाबू देवशरण सिंह की 126वीं जयंती सोमवार को विधानसभा परिसर में मनाई गई.

इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री और जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर सेनानी देव शरण बाबू की जयंती पर हृदय से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.
उन्होंने कहा कि आज के दिन एक महान व्यक्तित्व को याद करने का दिन नहीं है,बल्कि उस संघर्ष,त्याग,साहस और राष्ट्रभक्ति को नमन करने का दिन है,जिसके बदौलत हमारा देश स्वतंत्र हुआ.बावू देवशरण सिंह ने जेल में यातनाएं सहने के बाद भी लगातार अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहे.
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि देव शरण बाबू का जीवन भारत की स्वतंत्रता की उस गौरवशाली गाथा का हिस्सा है,जिसमें हजारों,लाखों देश भक्तों ने अपने सुख,परिवार और व्यक्तिगत जीवन की चिंता किए बिना मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया.
उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चलाए गए असहयोग आंदोलन तथा भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई.अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण उन्हें जेल की यातनाएं सहनी पड़ी.अंग्रेजों ने उन्हें वर्फ की सीली पर लिटाकर अमानवीय यातनाएं दी,लेकिन देवशरण बाबू ने हार नहीं मानी.उन्होंने अपने शरीर की पीड़ा से उपर भारत की स्वतंत्रता के लक्ष्य को रखा था.
उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के लिए देव शरण बाबू का जीवन विशेष रूप से प्रेरणादायी है.आज हमारे सामने स्वतंत्रता आंदोलन जैसी परिस्थितियां नहीं है,लेकिन देश और समाज के माने नई चुनौतियां अवश्य है.
इस मौके पर विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपसभापति डॉ.रामवचन राय, बिहार विधान सभा में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी, जदयू प्रेदश अध्यक्ष उमेश प्रसाद कुशवाहा, विधायक रौशन कुमार सभी विधायक और विधान परिषद के सभी सदस्य उपस्थित थे.





