BIHAR NEWS : परिवहन से होटल तक बिहार की रफ्तार तेज,जीएसवीए में देश में पहला स्थान

Edited By:  |
bihar news bihar news

पटना : बिहार में परिवहन,भंडारण,संचार एवं प्रसारण के साथ ही होटल,रेस्तरां समेत ऐसे अन्य व्यापार क्षेत्रों का तेजी से विकास हो रहा है.इसका परिणाम सकल राज्य मूल्यवर्धन (जीएसवीए) के आंकड़ों में परिलक्ष्ति हो रहे हैं.बिहार का जीएसवीए वर्ष 2024-25 में देश के शीर्ष 7 राज्यों में पहले स्थान पर पहुंच गया है.इस क्षेत्र में बिहार की आर्थिक विकास की दर 9.68 फीसदी आंकी गई है.वहीं,7.40 फीसदी अंक के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे और 7.31 फीसदी अंकों के साथ पश्चिम बंगाल तीसरे स्थान पर है.यह जानकारी गुरुवार को दोगुना रोजगार,दोगुनी आय विषय पर आयोजित वित्त विभाग की महत्वपूर्ण बैठक में अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की उपनिदेशक रश्मि ने दी.यह बैठक एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट (आद्री) के सभागार में सात निश्चय-3 के तहत विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी नीति के तहत आगामी पांच वर्षों में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने की रणनीतियों के मूल्यांकन के क्रम में आयोजित की गई है.

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष पूर्व मुख्य सचिव नवीन कुमार ने की.इस मौके पर प्रस्तुति देते हुए उपनिदेशक रश्मि ने कहा कि बिहार में जीएसवीए का उत्कृष्ट प्रदर्शन राज्य में बेहतर परिवहन और संचार संसाधनों के विकास के कारण संभव हो सका है. यह उत्पादन और वितरण के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के अनुमान की विधि,पड़ोसी राज्यों के साथ बिहार की अर्थव्यवस्था का तुलनात्मक रूप-रेखा और 2001-02 से 2024-25 के बीच प्रति व्यक्ति आय से जुड़े सभी विवरण पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से प्रस्तुत किए.

इसमें उपनिदेशक ने सकल राज्य मूल्यवर्धन में व्यापार,मरम्मत,होटल और रेस्तरां क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान से भी समिति के सदस्यों को रूबरू कराया. उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में बिहार ने 14.55 फीसदी अंकों के साथ टॉप सात राज्यों में दूसरा स्थान हासिल किया है. 17.12 फीसदी अंकों के साथ पश्चिम बंगाल इंडेक्स में पहले स्थान पर है. उन्होंने सकल राज्य मूल्यवर्धन में तृतीयक क्षेत्र के रूप में बिहार के योगदान,प्रति व्यक्ति आय को मौजूदा और स्थिर कीमतों से तुलना करके बैठक में शामिल सदस्यों को अवगत कराया. समिति के सदस्य प्रो. टीसीए अनंत,प्रो. संकेत महापात्रा ने विभाग को सुझाव दिया कि हाल के वर्षों में उद्यानिकी,वानिकी और कृषि के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है. इसलिए भविष्य में अर्थव्यवस्था की मजबूती से संबंधित कोई भी योजना तैयार की जाएं तो उसमें उपरोक्त विभागों के उत्पाद,आमदनी और बाजार की स्थिति को भी रखा जाय.

बैठक में राज्य में कारोबार स्थापित करने के लिए आवश्यक स्वीकृतियां, अनुमानित समय, व्यापार को प्रभावित करने वाले कारक और राज्य हाल के वर्षों में बेरोजगारी के दर में आई गिरावट आदि विषयों से उपस्थिति समिति सदस्य, विभागीय पदाधिकारियों को अवगत कराया गया. इस अवसर पर वित्त विभाग के विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल और दूसरे पदाधिकारियों की प्रमुख उपस्थिति रही.