BIHAR NEWS : मुख्य सचिव ने की भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन एवं सुरक्षा संबंधी विषयों पर उच्च स्तरीय बैठक
पटना : बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा से जुड़े महत्वपूर्ण सुरक्षा, प्रशासनिक और आर्थिक विषयों पर एक विस्तृत उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा, नो-मेन्स लैंड (No Man's Land) एवं सीमावर्ती क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने, गायब सीमा पिलर (Missing Border Pillars) के पुनर्गठन, एसएसबी (SSB) चौकियों के सुदृढ़ीकरण तथा सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध वित्तीय एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच जैसे अति-संवेदनशील मुद्दों पर बिंदुवार समीक्षा की गई और दिशा निर्देश जारी किए गए.
बिहार राज्य में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की कुल लंबाई 735 किलोमीटर है. इस सीमा पर बिहार के 7 प्रशासनिक जिले—पश्चिम चम्पारण (बेतिया),पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी),सीतामढ़ी,मधुबनी,सुपौल,अररिया एवं किशनगंज सहित 1 पुलिस जिला-बगहा अवस्थित हैं.
सीमा की सुरक्षा के लिए बिहार पुलिस के 70 पुलिस थाने तथा सीमा सशस्त्र बल (SSB)की 194 सीमा चौकियां (BOPs)तैनात हैं. सीमा प्रबंधन के समन्वय के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेतृत्व में भारत-नेपाल संयुक्त कार्यदल की बैठक एवं गृह सचिव स्तरीय वार्ता नियमित रूप से की जाती है.
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के 0-15 किलोमीटर क्षेत्र और नो-मेन्स लैंड में अतिक्रमण संबंधी रिपोर्टों का स्वतंत्र सत्यापन कर सभी अतिक्रमणों को तत्काल हटाया जाए तथा भविष्य में किसी भी नए अतिक्रमण को पनपने न दिया जाए. बैठक में जिलों द्वारा नो-मेन्स लैंड में चिह्नित एवं हटाए गए अतिक्रमणों की प्रगति रिपोर्ट (18.05.2026 / 17.06.2026 तक) प्रस्तुत की गई:
1. पश्चिम चम्पारण:चिह्नित 272 अतिक्रमणों में से सभी हटा दिए गए हैं (शेष: 0).
2. पूर्वी चम्पारण:चिन्हित 231 में से 229 हटाए गए (शेष: 02).
3. सीतामढ़ी:चिह्नित 139 में से 133 हटाए गए (शेष: 06).
4. मधुबनी:चिह्नित 245 में से सभी 245 हटाए गए (शेष: 0).
5. सुपौल:चिह्नित 101 में से 100 हटाए गए (शेष: 01).
6. अररिया:चिह्नित 336 में से सभी हटाए गए (शेष: 0).
7. किशनगंज: चिह्नित 35 में से 34 हटाए गए (शेष: 01) .
राज्य में नो-मेन्स लैंड में कुल 1359 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे,जिनमें से 1349 को हटा दिया गया है और अब मात्र 10 अतिक्रमण शेष बचे हैं,जिन्हें जल्द हटाने का निर्देश दिया गया है.
सीमा से 15 किमी के दायरे में सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण की समीक्षा के दौरान निम्नलिखित आंकड़े सामने आए-
कुल स्थिति: कुल 996 चिह्नित अतिक्रमण मामलों में से अब तक 879 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं,जबकि 117 अतिक्रमण फिलहाल शेष हैं.
लापता (Missing)और क्षतिग्रस्त (Damaged)सीमा स्तंभों की मरम्मत और रखरखाव के लिए गठित'फील्ड सर्वे टीम' (FST)की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई.
भारत-नेपाल सीमा पर कुल 5343 पिलर अवस्थित हैं. 18 मई 2026 की स्थिति के अनुसार,इनमें से 3771 पिलर अच्छी स्थिति में हैं,317 क्षतिग्रस्त हैं,1155 लापता (Missing)श्रेणी में हैं तथा 100 पिलरों का निर्माण किया जाना अभी शेष है.
पश्चिम चम्पारण के वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव अभ्यारण्य के भीतर स्थापित एसएसबी की 29 सीमा चौकियों (BOPs)में बुनियादी ढांचा विकास हेतु वन भूमि हस्तांतरण (Forest Clearance)की समीक्षा की गई.
पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुसार,इन 29BOPsमें से 17 कोर जोन में तथा शेष बफर जोन में स्थित हैं. सशस्त्र सीमा बल के क्षेत्रीय पदाधिकारी तथा जिला वन्य पदाधिकारी माह में दो बार अनिवार्य रूप से नियमित बैठक करेंगे. निर्माण कार्य केवल स्वीकृत फॉरेस्ट क्लीयरेंस क्षेत्र के भीतर ही होगा तथा एसएसबी द्वारा वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में नियमित गश्त सुनिश्चित की जाएगी.
सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और एसएसबी (SSB)द्वारा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गहन जांच की जा रही है.सुपौल,अररिया,मधुबनी,किशनगंज,सीतामढ़ी,पश्चिम चम्पारण और पूर्वी चम्पारण जिलों में एसएसबी एवं जिला प्रशासन द्वारा तैयार सूचियों के आधार पर सैकड़ों प्रतिष्ठानों की जांच की गई. जांच के दौरान सीतामढ़ी में जिला प्रशासन की सूची के 159 में से 28 संस्थान संदिग्ध पाए गए. किशनगंज में 21,पश्चिम चम्पारण में 09,मधुबनी व सुपौल में 06-06 और अररिया व पूर्वी चम्पारण में 05-05 प्रतिष्ठान संदिग्ध पाए गए हैं,जिन पर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है.
अररिया जिले में जांच के दौरान कई संस्थाओं और व्यावसायिक फर्मों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और संदिग्ध विदेशी निवेश के मामले सामने आए हैं,जिन्हें आयकर निदेशक (अन्वेषण),बिहार को जांच हेतु कहा गया है.
बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे समय सेCTR, STR, CCRऔरFNVजैसी महत्वपूर्ण रिपोर्ट वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND)और आरबीआई को भेजें. सभी ग्राहकों काC-KYCसत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए. प्रायः'म्यूल अकाउंट्स'के संचालन में बैंक कर्मियों की संलिप्तता सामने आती है,जिसे देखते हुए आरबीआई के निर्देशानुसार सीमावर्ती जिलों के सभी बैंक कर्मियों का पुलिस सत्यापन (Verification)कराने का निर्देश दिया गया है. वित्त विभाग,बिहार सरकार द्वारा सीमा पर स्थित सभी 1292 बैंक शाखाओं में नकली नोट छांटने वाली मशीनें (Counterfeit Money Detector)स्थापित करने का निर्देश दिया गया है,जिनमें से अब तक 1259 शाखाओं में ये मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं.
वित्त विभाग और निबंधन कार्यालयों द्वारा 10 लाख या उससे अधिक मूल्य के अचल संपत्तियों के निबंधन मेंPANकार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है. 2 लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन की रिपोर्ट हर माह आयकर विभाग को भेजी जा रही है. सभी 36 जिला अवर निबंधन कार्यालयों (SROs)द्वारा प्रत्येक वर्ष 30 लाख या उससे अधिक मूल्य के विक्रय दस्तावेजों का वित्तीय लेनदेन विवरण (SFT)फॉर्म 61(1) में आयकर विभाग को दाखिल किया जा रहा है.
साइबर फ्रॉड और वित्तीय हेराफेरी के लिए इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध म्यूल खातों के खिलाफ सीमावर्ती जिलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है. अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा उपलब्ध कराए गए खातों में से बेतिया में 78 खाते फ्रीज किए गए तथा 05 प्राथमिकी दर्ज की गईं. बगहा में आर्थिक अपराध इकाई (EOU)द्वारा चिह्नित 18 म्यूल खातों के सत्यापन के क्रम में 04 कांड दर्ज कर 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. अन्य सीमावर्ती जिलों में भी कुल 33 कांड दर्ज कर 148 खातों को फ्रीज किया गया है. अपराधियों द्वारा भारतीय नागरिकों को ऑनलाइन ट्रेडिंग,निवेश पर भारी मुनाफे और नौकरी का झांसा देकर ठगी की जा रही थी.
मुख्य सचिव ने बैठक के अंत में सभी जिलाधिकारियों,पुलिस अधीक्षकों और सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि राष्ट्र विरोधी और असामाजिक तत्वों के मंसूबों को समय रहते नाकाम किया जा सके.
पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट--





