बिहार में गैरहाजिर अफसरों पर सख्ती : विधानमंडल समितियों की बैठकों में नहीं रह सकेंगे गायब,मुख्य सचिव के कड़े निर्देश जारी
पटना:बिहार सरकार ने विधानमंडल की विभिन्न समितियों की बैठकों में अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, सचिवों, प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे विधानमंडल समितियों की बैठकों में अनिवार्य रूप से शामिल हों और इसकी हर हाल में अनुपालना सुनिश्चित करें।
हाल के दिनों मेंकई विभागीय अधिकारियों की रहीअनुपस्थिति
सरकार के इस कदम के पीछे हाल के दिनों में विधानसभा और विधान परिषद की समितियों की बैठकों में कई विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति को प्रमुख कारण माना जा रहा है। बैठकों में विभागीय प्रधानों के नहीं पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों द्वारा नाराजगी भी जताई गई थी। इसके बाद मुख्य सचिव ने प्रशासनिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाते हुए नई व्यवस्था लागू की है।
किसी अपरिहार्य कारण से शामिल नहीं होने पर सूचना देना अनिवार्य
निर्देश में कहा गया है कि यदि किसी अपरिहार्य कारण से कोई विभागीय प्रमुख बैठक में शामिल नहीं हो सकता है, तो उसे पहले से इसकी सूचना देनी होगी. साथ ही अपने स्थान पर ऐसे सक्षम अधिकारी को भेजना होगा, जिसे विभागीय कार्यों और मामलों की पूरी जानकारी हो, ताकि समिति के समक्ष आवश्यक जवाब और जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
लंबित मामलों को शीघ्र निपटारा करने का निर्देश
मुख्य सचिव ने यह भी कहा है कि विधानमंडल की विभिन्न समितियों के पास लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए। विशेष रूप से लोक लेखा समिति (पीएसी) से जुड़े मामलों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। महालेखाकार की रिपोर्टों पर कार्रवाई में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को लंबित मामलों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया है।





