JDU विधायक अमरेन्द्र की बढ़ी मुश्किलें : 16 एकड़ जमीन कब्जा मामले में अब CID करेगी जांच
गोपालगंज:बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. जेडीयू विधायक अमरेन्द्र उर्फ पप्पू पांडेय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. 16 एकड़ जमीन कब्जे और धमकी के गंभीर आरोपों वाले मामले की जांच अब सीआईडी करेगी. बिहार सरकार ने केस को अपराध अनुसंधान विभाग को सौंप दिया है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. मामला जिले के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र का है.

16 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश का आरोप
आरोप है कि बेलवा गांव में करीब 16 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश की गई. इस मामले में विधायक पप्पू पांडेय, उनके बड़े भाई सतीश पांडेय समेत सात लोगों को नामजद किया गया है. शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई. एफआईआर में भूमि कब्जा, दबाव बनाने और संगठित अपराध से जुड़ी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.
बिहार सरकार नेसीआईडी को दिया जांच का जिम्मा
इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए एमपी-एमएलए कोर्ट में अर्जी भी दाखिल की गई थी. राज्यसभा सांसद और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा इस केस की पैरवी कर रहे थे. अब बिहार सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीआईडी को सौंप दी है. इसके साथ ही केस डायरी और सभी संबंधित दस्तावेज सीआईडी को ट्रांसफर किए जा रहे हैं.माना जा रहा है कि सीआईडी जांच के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं.
पप्पू पांडेय से जुड़े केस में सीआईडी की एंट्री से सियासत तेज
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मोकामा के चर्चित मामलों के बाद अब पप्पू पांडेय से जुड़े केस में सीआईडी की एंट्री ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. हालांकि, विधायक को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल चुकी है, लेकिन अब सबकी नजर सीआईडी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है. क्या सीआईडी जांच में नए तथ्य सामने आएंगे? क्या विधायक की मुश्किलें और बढ़ेंगी या उन्हें राहत मिलेगी? फिलहाल इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिलेगा.





