Hindi News / हेमंत सोरेन ने असम के आदिवासियों की बदहाली का उठाया मुद्दा,राष्ट्रीय स्तर पर...

असम चुनाव : हेमंत सोरेन ने असम के आदिवासियों की बदहाली का उठाया मुद्दा,राष्ट्रीय स्तर पर दिया अन्याय करार

Edited By:  |
assam chunaw assam chunaw

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्रीहेमंत सोरेनने एक्स हैंडल पर पोस्ट के जरिएअसमके आदिवासी समाज की बदहाली पर कड़ा प्रहार किया है. असम विधानसभा के चुनावी रण में जुटे सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा है कि असम की धरती पर आदिवासियों के हक को दबा दिया गया है. हेमंत सोरेन के इस बयान से सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है.

चाय बागानों केआदिवासी समाज के हक का उठाया मुद्दा

हेमंत सोरेन ने असम के चाय बागानों में पीढ़ियों से रह रहेआदिवासी समाजका मुद्दा उठाया है. कहा कि उन्हें आज तक एसटी का संवैधानिक दर्जा नहीं मिला है. सीएम ने इसे सामान्य चूक नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अन्याय करार दिया है. कहा कि यह एक ऐसा अन्याय है जिसे इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अंग्रेज़ों ने उनके घरों से दूर लाकर इस मिट्टी से बांध दिया, जिन्होंने अपने खून-पसीने से असम की अर्थव्यवस्था खड़ी की, उन्हीं को आज तक अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं मिला.

आजादी के दशकों बाद भी नहीं मिला दर्जा

सीएमने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आजादी के बाद भी दशकों तक सरकारें बदलती रहीं, नेतृत्व बदलता रहा, लेकिन इस समाज का दर्द किसी ने नहीं बदला.एनडीए सरकारपर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने बड़े-बड़े वादे किए उन्होंने भी इस मुद्दे को प्राथमिकता नहीं दी. सत्ता में बैठी पार्टी ने भी इसे अपने घोषणापत्र में जगह नहीं दी.

जब तक न्याय अधूरा तब तक लोकतंत्र अधूरा

मुख्यमंत्रीहेमंत सोरेनने स्पष्ट कहा कि जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है.यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है.असमकेआदिवासी समाजको अब और इंतज़ार नहीं कराया जाएगा. उन्हें उनका संवैधानिक अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए.