Bihar News : बिहार सरकार है तैयार, कोचिंग संचालकों की मनमानी पर लगेगा सेंसर ! नई नीति हो रही तैयार, क्या कोचिंग माफिया पर होगा वार ?
पटना।राजधानी के मुसल्लहपुर हाट जहां हर दिन हजारों छात्र, दर्जनो कोचिंग संस्थानों में, भविष्य संवारने के सपने संजोए पहुंचते हैं। हर छात्र का अपना संघर्ष होता है, जिसका कोचिंग संस्थान के सहयोग से सामना करते हुए इतनी कोशिश जरूर होती है कि भले सबसे आगे नहीं निकल पाएं पर कम कम किसी नियुक्ती प्रक्रिया के मेरिट लिस्ट में जगह बना लें।
अलग स्तर पर कोचिंग संस्थानों का संघर्ष
छात्रों के संघर्ष जहां खत्म होते हैं और सपने जहां पूरे होते हैं, वहां से कोचिंग संस्थानों के संचालक सपने संजोने लगते हैं। एक अलग स्तर पर उनके संघर्ष की शुरूआत होती है। संघर्ष सबसे ज्यादा रिजल्ट देने की, सपना सबसे सफल कोचिंग संस्थान होने का ताकि अगले बैच में सबसे ज्यादा स्टूडेंट उनके यहां एडमिशन कराएं। कोचिंग संस्थानों के इस संपने और संघर्ष के कारण मुसल्लहपुर हाट हॉट जोन बन चुका है। संघर्ष साजिश तक पहुंच चुका है। रिजल्ट रार की वजह बन चुका है। मेरिट लिस्ट को बड़ा दिखाने के चक्कर में बम चलने लगे हैं।
क्या सरकार को पड़ता है फर्क !
कभी जिन सड़कों पर छात्रों की बचकानी हरकतों के कारण हाथापाई दिखती थी वहां अब कोचिंग संचालकों के बीच सपनों के बाजार में, शिक्षा की दुकान पर, प्रचार की चकाचौंध में, छात्र जो उनके लिए ग्राहक मात्र हैं उन्हें लुभा कर अपने काउंटर तक ले आएँ दूसरे के नाम पर किचड़ उछालें और अपना नाम चमकाएं, बैंक बैलेंस बढ़ाएं और इस चक्कर में दो चार बम चल ही जांए, दो चार सिर फट ही जाएं, कुछ हड़्डियां टूट ही जाएं तो किसे फर्क पड़ता है। ऐसा भले कोचिंग संचालक सोचते रहे हों लेकिन फर्क पड़ता है। सरकार को फर्क पड़ता है।
कोचिंग माफिया पर होगा वार
छात्र हित को लेकर सचेत शिक्षा मंत्री को फर्क पड़ता है और अब कोचिंग संचालकों को भी जल्दी फर्क का पता चलेगा जब सरकार उनकी मनमानी पर सेंसर लगाएगी। कोचिंग संस्थानों को लेकर नियमन लाएगी और निगरानी में रखेगी। जिसकी शुरूआत पहले भी जारी हो चुके एक आदेश को फिर से जारी कर कोचिंग संचालकों को सचेत होने का इशारा कर दिया गया है। राजधानी में प्रशासन ने कोचिंग संचालको को स्कूल टाइम में कोचिंग खोलने पर रोक लगाने का निर्देष जारी कर दिया है। ये भी साफ किया गया है कि गर्मी की छुट्टियों के बाद इस आदेश के अनुपान को कड़ी निगरानी के माध्यम से मॉनिटर किया जाएगा और उलंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में सवाल तो बनता है कि नई नीति कबतक होगी तैयार और क्या सच में अब कोचिंग माफिया पर होगा वार ?
पटना से दीपक शर्मा की रिपोर्ट





