निरसा में रैगिंग-मारपीट का मामला : नवोदय विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल,स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग
धनबाद: निरसा स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय एक बार फिर विवादों में है. विद्यालय में लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद अब चाइल्ड वेलफेयर कमेटी यानी CWC ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है. अप्रैल 2026 में स्कूल की चाहरदीवारी फांदकर बाहर घूमने निकले 10 छात्रों में से एक छात्र की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी. उस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे रहे. अब हाल ही में 10वीं के एक छात्र की चार छात्रों द्वारा बेरहमी से पिटाई और कथित रैगिंग का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर विद्यालय की कार्यप्रणाली कटघरे में है.
स्कूल प्रबंधन की लापरवाही आई सामने
अभिभावकों का आरोप है कि दोनों ही मामलों में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है, लेकिन कार्रवाई बच्चों पर की जा रही है। छात्र की मौत के मामले में विद्यालय प्रशासन ने चारदीवारी फांदकर बाहर जाने वाले 10 छात्रों का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी कर दिया, जबकि अभिभावकों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी थी। उनका आरोप है कि अपनी गलती छिपाने के लिए बच्चों को दंडित किया जा रहा है।
10वीं के छात्र के साथ हुई थी मारपीट
इधर, हाल ही में 10वीं के छात्र के साथ हुई मारपीट की घटना ने भी स्कूल के अनुशासन और छात्र सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।
छोटे बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर ध्यान देने की जरूरत
CWC का कहना है कि केवल दोष तय करना ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि विद्यालय में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। समिति ने बच्चों की नियमित काउंसिलिंग कराने और स्कूल में बाल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। अब सभी की नजर CWC की जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
ढुल्लू महतो नेस्कूल प्रबंधन की व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
वहीं, धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि बार-बार स्कूल में घटनाएं हो रही है। स्कूल प्रबंधन की व्यवस्था ठीक नहीं है। स्कूल प्रबंधन पर हर हाल में कार्रवाई होनी चाहिए। केंद्र व राज्य शिक्षा के लिये पैसे खर्च करती है। बच्चों के भविष्य को सवारने के लिये ना कि बच्चों के भविष्य को डुबाने के लिये। छात्र की पिटाई मामला से पहले भी घटनाएं हो चुकी है।





