झारखंड विधानसभा की महिला कर्मी की मौत : सेंटाविटा अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप,गुस्साए कर्मियों ने जताया विरोध
रांची:राजधानी के सेंटेविटा अस्पताल के डॉक्टर और प्रबंधन पर इलाज के दौरान घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. इलाज के दौरान झारखंड विधानसभा की एक महिला कर्मचारी की जान चली गई. महिला के परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप में कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. वहीं, दूसरी तरफ मंगलवार को झारखण्ड विधानसभा में सचिवालय सहायक पद पर कार्यरत महिला कर्मी अंजना तिवारी की मौत से गुस्साए विधानसभा कर्मियों ने पार्थिव शरीर को विधानसभा परिसर में रख कर विरोध जताया. विधानसभा परिसर में दो मिनट का मौन रखकर अंजना तिवारी को श्रद्धांजलि दी गई. कई विधायकों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी.
ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि एक दिन पहले अंजना को गॉल ब्लाडर में स्टोन की शिकायत पर मेन रोड स्थित सेंटेविटा अस्पताल में एडमिट कराया गया था. ऑपरेशन के दरम्यान लापरवाही बरती गई, मरीज के शरीर से अत्यधिक मात्रा में खून बहने से जान चली गई. जिसके बाद परिवार के लोगों ने लिखित आवेदन कोतवाली थाने में दिया ताकि इंसाफ मिल सके.
परिजनों ने की इंसाफ की मांग
वहीं, अंजना की सास का कहना है बेटा पहले ही गुजर गया है अब बहु का भी इस तरह से देहांत हो गया है. अब उनकी सिर्फ एक बेटी है कह कर इंसाफ की मांग कर रही. आवेदन देने के बाद बॉडी पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.





