चाईबासा में आफत की बारिश से अस्त-व्यस्त : कच्चा मकान ढहने से बाल-बाल बचे लोग,राहत कार्य में जुटे प्रशासनिक पदाधिकारी
चाईबासा:बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण पश्चिमी सिंहभूम के जिला मुख्यालय में सोमवार से जारी मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है. अनवरत वर्षा से शहर के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है,जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.
बारिश के कारण शहर के गांधीटोला,टुंगरी राजस्थान भवन और गुरुद्वारा रोड जैसे निचले इलाकों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है. गांधीटोला में घुटने भर जलजमाव है और दर्जनों घरों के कमरों व आंगनों में पानी घुस गया है. वहीं, ऊपर टुंगरी में नाली का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है,जिससे पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ गई है.

बारिश का पानी पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के परिसर, जुबली पार्क, कोल्हान डीआईजी आवास के मुख्य गेट और जिला मत्स्य कार्यालय तक पहुंच गया है. जुबली तालाब का जलस्तर बढ़ने से ओवरफ्लो की स्थिति पैदा हो गई है,जबकि महुलसाई का प्रसिद्ध शिवलिंग भी जलमग्न हो चुका है. सड़कों पर खड़ी दर्जनों मोटरसाइकिलें और कारें पानी में डूब गई हैं.

जेएमपी चौक के पास अमला टोला में भारी बारिश की वजह से मिट्टी का एक जर्जर मकान अचानक ढह गया। हादसे के वक्त घर में मौजूद एक ही परिवार के 4 सदस्य मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों की तत्परता से त्वरित राहत कार्य चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.
घटना की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह एसडीओ संजय कुमार, अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार, नगर परिषद उपाध्यक्ष विकास कुमार शर्मा और नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी संतोषनी मुर्मू मौके पर पहुंची.
बेघर हुए पीड़ित परिवार को पास की धर्मशाला में स्थानांतरित कर उनके भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बनाए हुए है. अधिकारियों ने निचले इलाकों और जर्जर मकानों में रहने वाले नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.
चाईबासा से राजीव सिंह की रिपोर्ट





