BIHAR NEWS : पटना HC ने शिक्षकों की सहमति के बिना कॉलेजों में प्रतिनियुक्ति के मामले को लेकर जेपीयू, छपरा से किया जवाब तलब
Patna: पटना हाईकोर्ट ने शिक्षकों की सहमति के बिना नवसृजित सरकारी डिग्री कॉलेजों में प्रतिनियुक्ति किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू),छपरा से जवाब तलब किया है. जस्टिस रितेश कुमार की एकलपीठ ने कहा कि बिना सहमति प्रतिनियुक्ति किया जाना प्रथम दृष्टया न्यायालयों द्वारा स्थापित विधिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं दिखता.
कोर्ट ने प्रतिवादी संख्या-8 को तीन सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि शिक्षकों को उनकी सहमति के बिना किस आधार पर प्रतिनियुक्त किया गया. मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त,2026 को होगी.
याचिकाकर्ता डॉ. कमाल अहमद,जो गंगा सिंह कॉलेज,छपरा में हिंदी के सहायक प्राध्यापक हैं,ने 27 मई और 6 जून 2026 के प्रतिनियुक्ति आदेशों को चुनौती दी है.
उनका कहना है कि पहले उन्हें गोपालगंज के पंचदेवरी और बाद में सीवान के अंदर स्थित नवसृजित डिग्री कॉलेज भेज दिया गया,जबकि उनकी सहमति नहीं ली गई. उन्होंने अपनी पसंद के तीन कॉलेजों में पदस्थापन का अनुरोध भी किया था,लेकिन उस पर विचार नहीं किया गया.
सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय ने राज्यपाल सचिवालय के 14 जून 2026 के उस पत्र का हवाला दिया,जिसमें 211 नवसृजित डिग्री कॉलेजों में सत्र शुरू होने तक स्थानांतरण अथवा पदस्थापन परिवर्तन संबंधी किसी भी आवेदन पर विचार नहीं करने का निर्देश दिया गया है.
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि संबंधित अधिकारी यह बताएं कि यह निर्देश बिना सहमति प्रतिनियुक्ति के स्थापित कानूनी सिद्धांतों के अनुरूप कैसे है.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-





