BIHAR NEWS : समाज कल्याण विभाग के सचिव द्वारा LSE में बिहार का प्रतिनिधित्व; ADRI–LSE नीति प्रतिवेदन का हुआ विमोचन
पटना : Bihar Public Policy Days 2026 के प्रथम दिवस पर London School of Economics and Political Science (LSE) में “Public Management in Bihar: Evidence from a Survey of More than 1,700 Public Sector Employees” शीर्षक से एक महत्वपूर्ण नीति प्रतिवेदन का विमोचन किया गया. इस दो दिवसीय कार्यशाला में वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने बिहार के सुशासन एवं विकास की दिशा में विभिन्न आयामों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया.
यह प्रतिवेदनAsian Development Research Institute (ADRI),पटना एवंLSEके बीच“State Effectiveness, Bureaucratic Management Practices, and Citizen-State Interaction in India”परियोजना के अंतर्गत किए गए संयुक्त शोध का परिणाम है,जिसेInternational Science Partnership Fundका समर्थन प्राप्त है. इस अध्ययन के सह-लेखकDan Berliner, Martin HausतथाAshmita Guptaहैं.
दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच बिहार के सभी 38 जिलों में किए गए व्यापक प्रत्यक्ष सर्वेक्षण के आधार पर तैयार इस अध्ययन में 1,767 लोक सेवकों—जिला,प्रखंड एवं फ्रंटलाइन स्तर—के विचारों को शामिल किया गया है. साथ ही विद्यालयों,स्वास्थ्य उपकेंद्रों,आंगनवाड़ी केंद्रों एवं प्रशासनिक कार्यालयों के संस्थागत आकलन भी किए गए. यह प्रतिवेदन बिहार में प्रशासनिक प्रबंधन प्रक्रियाओं का अब तक का एक व्यापक एवं साक्ष्य-आधारित मूल्यांकन प्रस्तुत करता है.
अध्ययन में विशेष रूप से यह रेखांकित किया गया है कि राज्य का लोक सेवा तंत्र,विशेषकर फ्रंटलाइन कर्मी,अत्यंत प्रतिबद्ध एवं आंतरिक रूप से प्रेरित है. साथ ही,कार्यालयों एवं सेवा प्रदायगी केंद्रों में आधारभूत संरचना की कमी,प्रबंधकीय पदों के वितरण में कुछ संरचनात्मक प्रवृत्तियाँ,फ्रंटलाइन स्तर पर सीमित विवेकाधिकार तथा नियम-आधारित प्रशासन की धारणा जैसी चुनौतियों की भी पहचान की गई है. दैनिक प्रशासन एवं सेवा समन्वय में प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष बल दिया गया.
यह समाज कल्याण विभाग,बिहार सरकार के लिए गर्व एवं महत्वपूर्ण अवसर रहा,जब सचिव,समाज कल्याण विभाग,बन्दना प्रेयषी ने इस दो दिवसीय कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता करते हुए बिहार की विकास यात्रा,प्रशासनिक सुधारों एवं राज्य क्षमता सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर अपने विचार साझा किए.
अपने संबोधन में बन्दना प्रेयषी ने साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण एवं संस्थागत सुधारों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बिहार का विकास पथ जमीनी प्रशासन को सशक्त करने,फ्रंटलाइन कर्मियों को सक्षम बनाने तथा कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुँचाने पर आधारित है. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रबंधकीय प्रशिक्षण में निवेश,अवसंरचना सुदृढ़ीकरण,अधिकारों के स्पष्ट प्रत्यायोजन तथा जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए पदस्थापन में स्थिरता प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक है.
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग ज्ञान-विनिमय एवं नीति नवाचार के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं,और समाज कल्याण विभाग शोध निष्कर्षों को व्यावहारिक सुधारों में रूपांतरित करने के लिए प्रतिबद्ध है,ताकि नागरिक–राज्य विश्वास को और सुदृढ़ किया जा सके.
इस अवसर पर राहुल कुमार,प्रबंध निदेशक, North Bihar Power Distribution Company Limitedकी सहभागिता ने अकादमिक शोध एवं प्रशासनिक नेतृत्व के मध्य संवाद को और मजबूत किया.
Bihar Public Policy Days 2026 के आगामी सत्रों में शोध प्रभाव, सुशासन नवाचार तथा शैक्षणिक संस्थानों एवं सरकारी विभागों के बीच भावी सहयोग पर केंद्रित विचार-विमर्श जारी रहेगा. LSE के अनेक विद्वानों द्वारा अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए गए, जिससे बिहार के विकासात्मक प्राथमिकताओं एवं संस्थागत सुदृढ़ीकरण पर सार्थक संवाद संभव हुआ.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट--





