BIHAR NEWS : जानिए, मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुए बिहार के इन होनहारों की सफलता की कहानी
पटना : लखीसराय की रहने वाली अनामिका ने वर्ष 2024 में मैट्रिक परीक्षा में तीसरा रैंक हासिल किया था. वहीं, वर्ष 2026 में साइंस विषय से बारहवीं की परीक्षा में उन्हें छठा रैंक मिला. अपने अनुभव साझा करते हुए अनामिका बताती हैं कि, “मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें सम्मानित करने के साथ पुरस्कार राशि और लैपटॉप खरीदने के लिए अतिरिक्त राशि भी प्रदान की. हम जैसे साधारण परिवार की लड़कियों के लिए यह बहुत जरूरी है.
आज के समय में लैपटॉप से ऑनलाइन पढ़ाई का काफी महत्व है. मुख्यमंत्री से मिले इस सम्मान से हमारा मनोबल बढ़ा है और आगे भी बेहतर करने की प्रेरणा मिली है. हमें प्रोत्साहित करने और हमारा उत्साह बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार. हाल के दिनों में मुख्यमंत्री की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल भी शुरू की गई है.”
मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान करना सरकार की एक महत्वपूर्ण और आवश्यक जिम्मेदारी है. ऐसे प्रयासों से युवाओं का मनोबल बढ़ता है और समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार होता है. इसी सोच के साथ अनामिका की तरह ही वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 168 मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार,9 सितंबर को सम्मानित किया. सम्मान समारोह का आयोजन 9 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे पटना के नेक संवाद में किया गया. समारोह के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्राओं के साथ बैठकर लंच किया और उनसे बातचीत भी की.
इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है. प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 2 लाख रुपये,द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 1.5 लाख रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई. इसके अलावा,इंटरमीडिएट परीक्षा में चतुर्थ और पंचम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 30-30 हजार रुपये दिए गए. वहीं,मैट्रिक परीक्षा में चतुर्थ से दशम स्थान तक आने वाले विद्यार्थियों को 20-20 हजार रुपये की पुरस्कार राशि मिली.
मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से एक और महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है. सभी पुरस्कृत विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए अतिरिक्त 51 हजार रुपये दिए जाएंगे. यानी टॉप करने वाले विद्यार्थियों को निर्धारित पुरस्कार राशि के अलावा लैपटॉप खरीदने के लिए भी अलग से आर्थिक सहायता दी जा रही है. यह पहल मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान देने के साथ-साथ उन्हें आगे की पढ़ाई में डिजिटल संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है.
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि,”आज का दिन काफी महत्वपूर्ण है. परीक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान परिणाम आने के तुरंत बाद होना चाहिए. इसलिए अब तय किया गया है कि इंटरमीडिएट और मैट्रिक का रिजल्ट आने के एक महीने के भीतर सम्मान समारोह आयोजित किया जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद सबसे पहले नालंदा आए और नालंदा यूनिवर्सिटी गए. बिहार में पहले करीब 30% बच्चे स्कूल और कॉलेज से बाहर हो जाते थे,लेकिन धीरे-धीरे उन्हें शिक्षा से जोड़ा गया. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस दिशा में काम किया. बिहार लगातार बदल रहा है और राज्य में 7 लाख से अधिक शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं.”
जानिए टॉपर छात्रों की कहानी
दरभंगा के रहने वाले सत्यम कुमार ने साइंस विषय से बारहवीं की परीक्षा में चौथा रैंक हासिल किया है. वह माध्यमिक विद्यालय सनापुर से बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी नेशनल फायर सर्विस कॉलेज,नागपुर से बीएड कर रहे हैं. सत्यम कहते हैं, “इतनी कम उम्र में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होना अपने आप में गर्व की बात है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हम छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर नए प्रयास कर रहे हैं. वे छात्रों के हित मेंAI,शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में लगातार काम कर रहे हैं. हमें सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया है. हम छात्रों के हित में किए जा रहे इन प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का बहुत-बहुत आभार.”
लाखों छात्रों की तरह समस्तीपुर के रहने वाले आदित्य प्रकाश सुमन ने भी अपने परिवार का नाम रोशन करने का सपना देखा था. अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने मैट्रिक वार्षिक परीक्षा में प्रथम रैंक हासिल कर इस सपने को पूरा किया. आदित्य प्रकाश सुमन बताते हैं, “बिहार सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में संचालित योजनाओं का लाभ मुझे मिला है. इन्हीं योजनाओं की मदद से मुझे यह सफलता हासिल करने में काफी सहयोग मिला. भविष्य की पढ़ाई के लिए भी बिहार सरकार ने हम विद्यार्थियों के लिए रास्ता काफी सुगम किया है. आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से हम छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए सहायता राशि प्रदान की गई. यह हम विद्यार्थियों के लिए बेहद प्रोत्साहन कारी है. इस सम्मान और प्रोत्साहन के लिए मुख्यमंत्री का हृदय से धन्यवाद.”
श्री गणपति चकनी प्लस टू उच्च विद्यालय हठीलपुर की लक्ष्मी कुमारी बताती है कि,"आज का जो यह सम्मान है, मेरे सपनों को बढ़ाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. जिसे हम बयां नहीं कर सकते, क्योंकि मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रोत्साहित किया है बच्चों को, जिसके लिए मैं अभी से ही खुश हूं और उनकी बातों को सुनकर इनफेक्ट मैं बहुत प्रभावित हुई हूं. मुख्यमंत्री ने लाइव क्लासेस और भी बहुत सारे कदम उठाए हैं. इसे देखने के बाद मुझे लग रहा है कि बिहार विकास कर रहा है. और ऐसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी , जिन्होंने इतना सब कर दिया इतने कम समय में, बहुत ही मुझे प्राउड महसूस हो रहा है कि ऐसे व्यक्ति बिहार के मुख्यमंत्री बन रहे हैं.”





