BIHAR NEWS : संस्कृत शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी, डेढ़ लाख विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य
दरभंगा : आधुनिक शिक्षा के बढ़ते प्रभाव और सरकारी स्तर पर अपेक्षित सहयोग की कमी के बीच संस्कृत शिक्षा को नई दिशा देने की कवायद तेज हो गई है. बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड अब संस्कृत शिक्षा के विस्तार के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए कई नई पहल करने की तैयारी में है.
दरभंगा पहुंचे बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा ने कहा कि आने वाले दिनों में संस्कृत शिक्षा से डेढ़ लाख विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी.
दरअसल,दरभंगा जिला संस्कृत प्राथमिक सह माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से आयोजित विशेष कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के वेतन,पेंशन और संस्कृत विद्यालयों के आधारभूत ढांचे में सुधार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 35 शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया.
इस अवसर पर मृत्युंजय झा ने कहा कि बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड प्रदेश में संस्कृत शिक्षा की तस्वीर बदलने के लिए लगातार काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि नियोजित और नियमित शिक्षकों के वेतन तथा पेंशन से जुड़े मामलों को राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया है.
उन्होंने बोर्ड की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि मात्र 27 दिनों के भीतर 87 प्रतिशत परीक्षा परिणाम जारी करना बोर्ड की बड़ी उपलब्धि है. विद्यार्थियों को एक और मौका देने के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा की शुरुआत भी की गई है.
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि संस्कृत शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक सरकारी वेबसाइटbsseb.bihar.gov.inशुरू की गई है. आने वाले समय में इस वेबसाइट के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी,जिससे संस्कृत शिक्षा को तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि करीब 27 वर्षों बाद संस्कृत पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम में कर्मकांड,ज्योतिष और आयुर्वेद जैसे व्यावहारिक विषयों को शामिल किया गया है,ताकि संस्कृत शिक्षा को वर्तमान समय की जरूरतों से जोड़ा जा सके. मृत्युंजय झा ने बताया कि प्रदेश के 50 संस्कृत विद्यालयों को मॉडल 10+2 स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना है. इसके लिए केंद्र सरकार से प्रत्येक विद्यालय के लिए दो करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर बजट का प्रस्ताव भी भेजा गया है.
बोर्ड की इन पहलों से संस्कृत शिक्षा से जुड़े शिक्षाविदों और शिक्षकों में उत्साह देखने को मिल रहा है. कार्यक्रम में संस्कृत शिक्षा बोर्ड के सदस्य अरूण झा,शिक्षाविद डॉ. अनिल कुमार ईश्वर,प्रो. विजय मिश्रा,प्रो. भवेश्वर सिंह,सी.ए. आदित्य झा,दरभंगा जिला संस्कृत शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमित कुमार दुबे,सचिव समीर कुमार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे.





