बिहार में शराब तस्करों का नया खेल : खाद की बोरियों में छिपाकर लाई जा रही थी शराब की खेप जब्त,2 गिरफ्तार
बिहार में शराब तस्करों ने अब तस्करी का नया फॉर्मूला खोज निकाला है. किसानों के खेतों तक पहुंचने वाली नैनो यूरिया की बोरियों के बीच अंग्रेजी शराब छिपाकर पटना लाई जा रही थी,लेकिन पालीगंज पुलिस की सतर्कता ने इस बड़े खेल का पर्दाफाश कर दिया. 863 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ दो तस्कर को गिरफ्तार कर लिया और अब पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है.
बिहार में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए शराब तस्कर लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं. कभी फल-सब्जियों की आड़,कभी दूध के टैंकर,कभी दवाइयों के कार्टन,तो अब नैनो यूरिया खाद की बोरियों के बीच शराब छिपाकर तस्करी की जा रही है.पालीगंज पुलिस ने इसी तरह की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए 863 लीटर अंग्रेजी शराब की खेप जब्त की गई है.
गुप्त सूचना के आधार पर अरवल मोड़ के पास संदिग्ध स्थिति में खड़े एक कंटेनर ट्रक की तलाशी ली गई. ट्रक में ऊपर नैनो यूरिया खाद की बोरियां लदी थीं,जबकि उनके बीच करीब 50 कार्टन में 863 लीटर अंग्रेजी शराब छिपाकर रखी गई थी. पुलिस को देखते ही दो तस्कर भागने लगे,लेकिन जवानों ने पीछा कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी उस्मान पासा और दानिश आलम के रूप में हुई है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शराब की यह खेप चंडीगढ़ से पटना लाई जा रही थी.पुलिस ने कंटेनर ट्रक को भी जब्त कर लिया है.
शराबबंदी के बाद बिहार में तस्कर लगातार नए तरीके अपना रहे हैं. अब किसानों के लिए उपयोग होने वाले खाद और नैनो यूरिया जैसी कृषि सामग्री की आड़ लेकर शराब की तस्करी की जा रही है,ताकि पुलिस और जांच एजेंसियों को आसानी से चकमा दिया जा सके.इससे यह भी संकेत मिलता है कि तस्कर अब ऐसे सामान का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन पर सामान्यतः कम संदेह होता है.
एसडीपीओ-1 राजीव चन्द्र सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई कर शराब बरामद की गई है. दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है.साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस खेप का रिसीवर कौन था और तस्करी नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका है.





