BIG BREAKING : सारंडा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़,मिसिर बेसरा दस्ते के साथ एनकाउंटर जारी
चाईबासा:पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में बुधवार को पुलिस और नक्सलियों में जबरदस्त मुठभेड़ हुई है. एक करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा दस्ते के साथ पिछले एक घण्टे से मुठभेड़ जारी है. एनकाउंटर में कई नक्सलियों के हताहत होने की भी सूचना है. पूरा इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा. अभी भी रुक-रुक कर फायरिंग जारी है. दोनों ओर से हुई फायरिंग में कई नक्सलियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
जिला पुलिस के जवान बड़ी संख्या में तैनात
इलाके में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस के जवान बड़ी संख्या में तैनात हैं. सारंडा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से नक्सलियों के खिलाफ लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इसी क्रम में बुधवार को सुरक्षाबलों की टीम जंगल में सर्चिंग के लिए निकली थी. इस दौरान जंगल के अंदर कैंप बदल रहे नक्सलियों से उनका सामना हो गया. जैसे ही नक्सलियों ने सुरक्षाबलों की टीम को देखा अचानक फायरिंग शुरू कर दी. सुरक्षाबलों ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की.
आत्मसमर्पण को लेकर हलचल तेज
पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में नक्सल गतिविधियों को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. लंबे समय से सक्रिय रेड कॉरिडोर में अब आत्मसमर्पण को लेकर हलचल तेज हो गई है. सुरक्षाबलों की लगातार घेराबंदी, अभियान और संगठन के भीतर बढ़ते दबाव के कारण नक्सली कैडरों में खलबली मची हुई है. खबर है कि संगठन का बड़ा चेहरा और एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा भी सरेंडर पर विचार कर रहा है. महज 45-50 नक्सली ही इस इलाके में बचे है.
सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव से कमजोर पड़ता संगठन
पिछले दो वर्षों से सुरक्षा एजेंसियां सारंडा में लगातार ऑपरेशन चला रही हैं. हाल के महीनों में कई मुठभेड़ों और बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बाद नक्सलियों की गतिविधियां लगभग थम गई हैं. तीन महीने से जंगल में उनकी आवाजाही भी कम हो गई है. लगातार दबाव के कारण नक्सली अब रनिंग कैंप के जरिए ठिकाना बदलने को मजबूर हैं.





