बाढ़ का कहर तेज : कुशेश्वरस्थान पूर्वी व घनश्यामपुर के कई गांव जलमग्न, स्कूलों में घुसा पानी, प्रशासन ने राहत का किया दावा
दरभंगा: नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और कोसी बैराज से छोड़े गए पानी का असर अब दरभंगा जिले में भयावह रूप लेने लगा है. कुशेश्वरस्थान पूर्वी और घनश्यामपुर प्रखंड में कोसी एवं कमला बलान नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. हालात ऐसे हैं कि कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है और लोगों की जिंदगी नाव के सहारे चल रही है.
बाढ़ का पानी इटहर,उसरी,उजुआ सिमरटोका,तिलकेश्वर पंचायत समेत कई निचले इलाकों में फैल गया है. गांवों में सड़कें जलमग्न होने के कारण आवागमन ठप हो गया है. ग्रामीण रोजमर्रा के जरूरी कामों,इलाज,बाजार और स्कूल जाने के लिए नाव पर निर्भर हैं.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन के लिए निचले इलाके में रहने वाले को खाली कराने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन का दावा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी नाव,राहत शिविर,सामुदायिक रसोई और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.
हालांकि,राहत व्यवस्था के बीच ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. लोगों का कहना है कि सरकारी नाव से आवागमन के दौरान तेल के नाम पर प्रति व्यक्ति10रुपये वसूले जा रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी सुविधा होने के बावजूद उनसे पैसे लिए जा रहे हैं,जिससे राहत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.





