‘सेलेक्टेड मुख्यमंत्री’ कहकर तेजस्वी का तंज : बधाई में छिपा सियासी हमला, नई सरकार पर उठाए कई गंभीर सवाल
पटना: राजधानीपटना से सियासी बयानबाजी के बीच एक दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया है. बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बधाई दी है,लेकिन इस बधाई में सियासी तंज भी साफ नजर आया. तेजस्वी यादव ने उन्हें“सेलेक्टेड मुख्यमंत्री”कहकर संबोधित किया,जिससे बिहार की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है.
तेजस्वी यादव ने अपने संदेश में एक ओर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दीं,वहीं दूसरी ओर सरकार की कार्यशैली और फैसलों पर सवाल भी खड़े किए. उन्होंने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि यह चयन जनता की बजाय“ऊपर से तय”लगता है. इसके साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य के संबंधों पर भी टिप्पणी करते हुए‘बाहरी निर्देशों’का मुद्दा उठाया.
उन्होंने बिहार के अहम मुद्दों—जैसे शिक्षा,स्वास्थ्य,कानून-व्यवस्था,रोजगार,निवेश और पलायन—का जिक्र करते हुए नई सरकार को घेरा. तेजस्वी ने कहा कि नए मुख्यमंत्री को इन‘कड़वे सच’से रूबरू होना होगा और राज्य के विकास के लिए ठोस कदम उठाने होंगे. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सिर्फ नेतृत्व बदलने से हालात नहीं बदलेंगे,जब तक नीतियों में बदलाव नहीं होता.
इससे पहले भी तेजस्वी यादव सत्ता परिवर्तन को लेकर कटाक्ष कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि अब बिहार की सरकार“गुजरात से चलेगी”और फैसले कुछ चुनिंदा लोग ही करेंगे. उनके इस बयान को भाजपा और जेडीयू के नेतृत्व वाली नई सरकार पर सीधा हमला माना जा रहा है.
वहीं,सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल है. इसे राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. करीब दो दशकों बाद बिहार में सत्ता का नेतृत्व भाजपा के हाथ में आया है,जिसे पार्टी ऐतिहासिक उपलब्धि मान रही है.
अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव के इस बयान पर सत्ताधारी दल की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है. फिलहाल,बधाई के साथ दिए गए इस तंज ने बिहार की सियासत को और गरमा दिया है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





