Hindi News / समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा एवं जागरूकता पहुंचाने का काम अत्यंत सराहनीय-राज्यपाल

रांची में राष्ट्रीय सम्मेलन : समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा एवं जागरूकता पहुंचाने का काम अत्यंत सराहनीय-राज्यपाल

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रांची:फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल्स सोसाइटी (FTS YUVA) द्वारा शुक्रवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार शामिल हुए. राज्यपाल ने FTS YUVA NATIONAL MEET–2026 “अभिज्ञ 3.0” को संबोधित किया.“भारत को हम भारत कैसे बनाएं”विषय पर सम्मेलन आयोजित किया गया था.

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवारअपने संबोधन में कहा कि हमारे युवा देश के वर्तमान और भविष्य दोनों है.राज्यपाल ने कहा कि फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल्स सोसाइटी के वर्षों की यात्रा सेवा, समर्पण और सामाजिक परिवर्तन का प्रेरक उदाहरण है. यह केवल एक संगठन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के उत्थान और सशक्तिकरण का एक व्यापक जन-आंदोलन है, जिसने शिक्षा, संस्कृति और आत्मगौरव के माध्यम से लाखों जीवन को नई दिशा दी है.

उन्होंने कहा कि ‘एकल’की अवधारणा के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा एवं जागरूकता पहुंचाने का जो कार्य किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय है. यह पहल केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संस्कारित, आत्मविश्वासी और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.

राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि“भारतवासी” होने का अर्थ है अपनी संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं पर गर्व करना और समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ना. उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे.

राज्यपाल ने आगे कहा कि देश“विकसित भारत @ 2047”के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, जो केवल आर्थिक विकास का लक्ष्य नहीं, बल्कि समावेशी, संतुलित और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प है. इस लक्ष्य की प्राप्ति में जनजातीय समाज की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है. जब हमारे गांव और वनवासी क्षेत्र सशक्त होंगे तभी भारत का समग्र विकास संभव होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास”की भावना के साथ जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं.

राज्यपाल ने कहा कि“भारत को हम भारत कैसे बनाएं”इसका उत्तर केवल नीतियों में नहीं, बल्कि हमारी सोच, आचरण और संस्कारों में निहित है. जब सब अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का प्रयास करेंगे, तभी सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा को साकार कर सकेंगे. उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें, समाज के लिए सोचें और राष्ट्रहित में कार्य करें. उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का सकारात्मक प्रयास समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकता है.