झारखंड विधानसभा : मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित,सदन में सीएम का विपक्ष पर बड़ा हमला
रांची:झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही मंगलवार को जेपीएससी मुद्दे पर हंगामें के कारण निर्धारित अवधि से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के कारण सदन सुचारू रूप से नहीं हो सका,जिसके बाद स्पीकर ने सत्र की कार्यवाही खत्म करने की घोषणा की. पहली बार कोई सत्र अपनी अवधि पूरा नहीं कर पाया. झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र लगातार हंगामा की भेंट चढ़ा.पांच दिवसीय यह सत्र चौथे दिन ही समाप्त हो गया.
सत्र के चौथे दिन मंगलवार की दूसरी पाली में विधानसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई विपक्ष के विधायक आसन के सामने जोरदार हंगामा करने लगे. वे सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगे. जेपीएससी परीक्षा की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर मुखर विपक्ष के विधायकों ने आसन के सामने जमकर नारेबाजी की.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सदन को संबोधित करते हुए अपनी बात रखे. हेमन्त सोरेन ने विपक्ष पर सियासत का आरोप लगाया है. सीएम ने विपक्ष पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि नोटों के बंडल से लोकतंत्र को खरीदने की कोशिश की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा सभी के घरों पर छापा मारा जाए.सीएम ने कहा इन्होंने मंदिरों को भी नहीं छोड़ा.
JPSC और दूसरी परीक्षाओं को लेकर सीएम ने कहा कि सरकार TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं की जांच कराने के लिए तैयार है और जांच चल भी रही है. उन्होंने TDPL को लेकर आरोप लगाया कि यह लखनऊ की कंपनी है और यूपी-बिहार के लोगों के साथ मिलकर झारखंड के युवाओं को ठगने का काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले भगवा वस्त्र और अब छात्रों का चोला ओढ़कर लोगों को गुमराह करने का काम कर रहा है. उन्होंने विपक्ष पर छात्रों को भड़काने और राज्य के विकास में बाधा डालने का भी आरोप लगाया.
वहीं, सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आसन के सामने पहुंच गए. हंगामे के बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक,2026 सदन के पटल पर रखा,जिसे हंगामे के बीच विधानसभा से स्वीकृति मिल गई.





