लखीसराय : फोरलेन निर्माण से पहले लगभग 50 आशियाना टूटने के कगार पर,ग्रामीणों ने दी आत्महत्या की चेतावनी
लखीसराय:डीप्टी सीएम विजय सिन्हा के गढ़से बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां मोकामा से मुंगेर फोर लेन सड़क निर्माण कार्य से पहले ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण के प्रस्तावित नक्शे में उनके बसे हुए घरों के जमीन को कृषि भूमि बताया जा रहा है. जिससे अब सैकड़ों लोग बेघर होने की कगार पर पहुंच गए हैं. जबकि, इस जमीन पर पिछले कई वर्षों से लगभग 50 आशियाना बने हुए है.
मोकामा से मुंगेर फोरलेन निर्माण ने बढ़ायी चिंता
बताया जा रहा है कि सदर प्रखंड के दामोदरपुर पंचायत के जोगिया टोला में मोकामा से मुंगेर फोर लेन सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर पिछले कई वर्षों से लगभग 50 घर बने हुए हैं, जहां 500 से अधिक लोग रहते हैं, उसे सड़क निर्माण के नक्शे में कृषि भूमि दिखाया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर सड़क उत्तर दिशा की खाली जमीन से बनाई जाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उनके घरों को तोड़कर सड़क निर्माण करना गरीब और हरिजन समाज के लोगों को बेघर कर देगा.
प्रधानमंत्री से लेकरडीएम तक को कराया अवगत
ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री, उपमुख्यमंत्री, बिहार सरकार के मंत्रियों और डीएम को लिखित आवेदन देकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है. पीड़ितों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी और उनके आशियाना को तोड़ा गया तो वे सामूहिक आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे. वहीं, बुजुर्ग महिलाओं का कहना है कि चुनाव के समय सभी जातियों के नाम पर वोट मांगा जाता है, लेकिन आज उन्हीं गरीब परिवारों के घर उजाड़ने की नौबत आ गई है.
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बिना पुनर्वास के घर तोड़ना उचित नहीं है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि सड़क निर्माण से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जाए.





