JHARKHAND NEWS : JPSC-JSSC विवाद: असम के मुख्यमंत्री ने की युवाओं की मांग का समर्थन, कहा— लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर
झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्र और युवा इन दिनों सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन कर रहे हैं। नीट पेपर लीक के विरोध में हाल ही में नई दिल्ली में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बाद से इन आंदोलनकारियों का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है।लेकिन इस पूरे मामले पर अब झारखंड की सियासत गरमा गई है। राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन को लेकर एक बड़ा विरोधाभास सामने आया है। जिन राजनीतिक दलों ने दिल्ली में कांग्रेस के आंदोलन को खुलकर हवा दी थी, वे रांची में हो रहे इस स्थानीय छात्र आंदोलन से दूरी बनाए हुए हैं। हालांकि, मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी शुरू से ही इस आंदोलन के समर्थन में मजबूती से खड़ी है।झारखंड के इन छात्र-युवाओं के आंदोलन को असम के मुख्यमंत्री और झारखंड चुनाव में भाजपा के सह-प्रभारी रहे हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा नैतिक समर्थन मिला है।
आपको बता दें कि भले ही झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन हिमंत बिस्वा सरमा लगातार राज्य की राजनीति में सक्रिय रुचि ले रहे हैं। छात्रों के समर्थन में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट साझा किया है।असम के मुख्यमंत्री ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आगे लिखा कि यदि झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार ने समय रहते छात्रों की शिकायतों पर संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की होती, तो आज हालात यहां तक नहीं पहुंचते। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्भाग्य से अनियमितताओं और पेपर लीक के मामले लगातार बढ़ते गए, जिससे आज लाखों युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है।





