
गुरुवार, 08 अक्टूबर 2026
Liveझारखंड के गढ़वा के भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात बच्चे को लेकर विवाद सामने आया है। प्रसव के कुछ घंटे बाद प्रसूता अपने नवजात बच्चे के साथ अस्पताल से चली गई। परिजनों ने नवजात की खरीद-फरोख्त की आशंका जताई है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। करीब 20 घंटे बाद पुलिस ने महिला और बच्चे को बरामद कर लिया। अस्पताल के प्रसव रजिस्टर में प्रसूता का नाम दर्ज नहीं होने के मामले में एक एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।भवनाथपुर सीएचसी में प्रसव के कुछ घंटे बाद नवजात बच्चे के साथ प्रसूता के अस्पताल से चले जाने का मामला सामने आया। घटना के बाद नवजात की कथित खरीद-फरोख्त की आशंका जताई गई, जिससे अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, बुका गांव निवासी संजय पासवान अपनी पत्नी कंचन देवी को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर करीब तीन बजे भवनाथपुर सीएचसी लेकर पहुंचे थे। बताया गया कि एएनएम गुलाब खलखो और सीमा कुमारी ने महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। शाम करीब 5:30 बजे कंचन देवी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद उसे लेने के लिए तीन-चार लोग अस्पताल पहुंचे थे। सहिया उषा देवी ने भी ऐसे लोगों के अस्पताल पहुंचने की बात कही है। रात करीब नौ बजे एएनएम की ड्यूटी बदलने के बाद भाइलेट एक्का और अंजू किसपोटा ने कार्यभार संभाला। इसी दौरान नवजात को लेने पहुंचे लोगों और सहिया के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई। इसके बाद सहिया अपने घर चली गई। बताया गया कि रात करीब 11 बजे प्रसूता अपने नवजात बच्चे को लेकर अस्पताल से चली गई। इसके बाद महिला और बच्चे का पता नहीं चल सका। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और अस्पताल प्रबंधन ने तलाश शुरू की। करीब 20 घंटे बाद पुलिस ने महिला और बच्चे को बरामद कर लिया। ड्यूटी पर तैनात एएनएम अंजू किसपोटा और भाइलेट एक्का ने बताया कि प्रसव रजिस्टर में महिला का नाम दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं थी। वहीं, सूत्रों के हवाले से नवजात को चपरी पंचायत क्षेत्र में किसी निःसंतान दंपति को दिए जाने की चर्चा भी सामने आई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में प्रसव रजिस्टर में प्रसूता का नाम दर्ज नहीं होने को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है। इससे पहले भी कंचन देवी पर एक बच्चे को बेचने का आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है, हालांकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। गढ़वा के सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कनेडी ने नवजात की खरीद-फरोख्त के आरोप से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है और बच्चे को लेकर कहीं चली गई थी। वहीं, प्रसव रजिस्टर में कथित छेड़छाड़ के मामले में एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे T20 मैच के लिए भारत और वेस्टइंडीज की टीम रांची पहुंच गई है हवाई अड्डे पर क्रिकेट प्रेमियों और झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी ने टीम की अगवानी की .हवाई अड्डे से बस में बैठकर दोनों टीम रेडिसन ब्लू होटल के लिए निकल गई हवाई अड्डे पर स्वागत के लिए पहुंचे झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संजय पांडे ने बताया कि कल पहले हाफ में वेस्टइंडीज प्रैक्टिस करेगी जबकि भारतीय टीम की प्रैक्टिस का समय दूसरे हाफ़ में होगा उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर को ऐतिहासिक दिन होगा और लगभग 50 हजार दर्शक भारत और वेस्टइंडीज का मैच देख सकेंगे 11 महीना से इस मैच का इंतजार था.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता, रूपी सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उन्हें रांची के हिलव्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी देखरेख में जुटी हुई है।मुख्य बिंदु हिलव्यू अस्पताल में भर्ती: रूपी सोरेन के हृदय में कुछ गड़बड़ी पाई गई है, जिसके चलते उनका इलाज जारी है।जीवन रक्षक प्रणाली: डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।मुख्यमंत्री का अस्पताल दौरा: सीएम हेमंत सोरेन ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से मां के स्वास्थ्य की जानकारी ली।कार्यक्रम और कैबिनेट बैठक रद्द: माता की खराब तबीयत के कारण मुख्यमंत्री ने अपने सभी कार्यक्रम और 7 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक स्थगित कर दी है।झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन की सेहत को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। रूपी सोरेन लंबे समय से अस्वस्थ चल रही हैं, और हाल ही में उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें हिलव्यू हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों की जांच में उनके हृदय (Heart) में कुछ गड़बड़ी पाई गई है। फिलहाल, उन्हें डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है और जीवन रक्षक उपकरणों की मदद से उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों की एक विशेष टीम उनके इलाज में जुटी हुई है।अपनी मां की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को तुरंत हिलव्यू हॉस्पिटल पहुँचे। वहाँ उन्होंने डॉक्टरों से मिलकर रूपी सोरेन के स्वास्थ्य और चल रहे उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि वे उनकी सेहत की हरसंभव और निरंतर मॉनिटरिंग करें।[राजनीतिक व प्रशासनिक प्रभाव] मां की अचानक गंभीर तबीयत और अस्पताल में उनकी मौजूदगी के कारण, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।सिर्फ इतना ही नहीं, रूपी सोरेन की अस्वस्थता को देखते हुए 7 अक्टूबर की शाम को होने वाली राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक भी स्थगित कर दी गई है।
आजसू पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो ने हाल के दिनों में पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में जाने वाले नेताओं पर इशारों-इशारों में निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्वार्थ की पूर्ति नहीं होने पर पार्टी छोड़कर चले जाते हैं। ऐसी बातों से आजसू पार्टी विचलित होने वाली नहीं है, क्योंकि पार्टी को शून्य से खड़ा किया गया है।दरअसल, बोकारो जिला आजसू पार्टी की ओर से बारी-कोऑपरेटिव में मिलन समारोह का आयोजन किया गया था। इस दौरान विभिन्न दलों को छोड़कर बड़ी संख्या में युवाओं ने आजसू पार्टी का दामन थामा।मिलन समारोह के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि जिस संघर्ष के साथ पार्टी को बनाया गया और जिस ऊंचाई तक पार्टी पहुंची है, उस ऊंचाई को कोई छू नहीं सकता। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक राजनीति में लोग विधायक और सांसद बनने के लिए आते-जाते रहते हैं और यह सभी राजनीतिक दलों में होता है।सुदेश महतो ने युवाओं से राजनीति में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में युवाओं की भूमिका बेहद अहम है।वहीं, आजसू छोड़कर भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं से जुड़े सवाल पर सुदेश महतो ने कहा कि जब यह बात सामने आएगी, तब उसका जवाब भी दिया जाएगा।
घाघरा थाना क्षेत्र के देवाकी चौक के समीप बुधवार को अज्ञात सवारी पिकअप वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार तेंदार गांव निवासी बंदी मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया।मिली जानकारी के अनुसार, बंदी मुंडा किसी काम से देवाकी गांव आया हुआ था। इसके बाद वह मोटरसाइकिल से एक अन्य व्यक्ति के साथ देवाकी मुख्य पथ पर निकल रहा था। इसी दौरान मुख्य सड़क पर आ रहे अज्ञात पिकअप वाहन ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में बंदी मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे व्यक्ति को चोट नहीं आई।घटना के बाद पिकअप चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है और फरार वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मेदिनीनगर के शिवाजी मैदान में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को ‘विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में पलामू सांसद विष्णु दयाल राम, भाजपा के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, आशीष भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग, युवा और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।इस दौरान सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुना। पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रसेवा, जनसेवा और सुशासन के प्रति समर्पण देश के लिए प्रेरणादायी रहा है। वहीं प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से पूरा होने वाला राष्ट्रीय संकल्प है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही और सभी ने विकसित भारत 2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
पटना नगर निगम ने संपत्ति कर के दायरे से बाहर रहने वाले संपत्ति मालिकों को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। निगम ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर 2026 तक संपत्ति का कर निर्धारण नहीं कराने वालों पर जनवरी 2027 से 100 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बकाया संपत्ति कर पर अक्टूबर 2026 से 1.5 प्रतिशत मासिक पेनाल्टी भी लागू कर दी गई है।नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी अंचलों को 31 दिसंबर तक वार्डवार विशेष कर निर्धारण शिविर लगाने का निर्देश दिया है। इन शिविरों में नया कर निर्धारण, कर पुनर्निर्धारण, कर संबंधी संशोधन और बकाया कर का भुगतान कराया जा सकेगा। खास बात यह है कि नागरिक अपने नजदीकी किसी भी शिविर में पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।पहले चरण में पाटलिपुत्र और नूतन राजधानी अंचल में विशेष शिविर लगाए गए हैं। शुरुआती दो दिनों में 60 से अधिक संपत्तियों का नया कर निर्धारण हुआ। 16 संपत्तियों में कर संशोधन और छह में पुनर्निर्धारण किया गया। शिविरों के माध्यम से 211 संपत्तियों से करीब 14 लाख रुपये संपत्ति कर की वसूली भी हुई।नगर निगम के डोर-टू-डोर सर्वेक्षण में बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां सामने आई हैं, जो अब तक संपत्ति कर के दायरे में नहीं थीं। निगम इन्हें कर व्यवस्था में शामिल करने की प्रक्रिया तेज कर रहा है। निगम के मुताबिक, समय सीमा के भीतर कर निर्धारण नहीं कराने पर बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें कुर्की-जब्ती, बैंक खाता फ्रीज करने, संपत्ति बिक्री और गिरफ्तारी वारंट जैसी कार्रवाई का प्रविधान है। निगम ने संपत्ति मालिकों से अंतिम समय का इंतजार नहीं करने की अपील की है। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने अरवल निवासी विशाल सिंह उर्फ नीरज सिंह को शादी, दहेज और प्रताड़ना के गंभीर आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। ये मामला मंदिर में गुपचुप शादी का बताया गया। पीड़िता रश्मि सिंह उर्फ पायल सिंह का दावा था कि विशाल के साथ उसके अफेयर के बाद दोनों ने 27 अप्रैल ,2005 को सोनपुर के प्रसिद्ध हरिहर नाथ मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। शादी के बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे, लेकिन पीड़िता का आरोप था कि विशाल और उसके परिवार ने 5 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर उस पर जुल्म ढाने शुरू कर दिए। शिकायत के मुताबिक, पीड़िता जब गर्भवती हुई, तो उसका जबरन गर्भपात करवा कर उसे मायके में छोड़ दिया गया।इसके बाद मामला लहेरियासराय थाने (दरभंगा) पहुंचा।निचली अदालत (स्पेशल कोर्ट, पटना) ने विशाल को दोषी ठहराते हुए 5 साल की सजा और जुर्माना सुनाया था।ये मामला पटना हाइकोर्ट में जस्टिस प्रभात कुमार सिंह के एकल पीठ समक्ष आया।अधिवक्ता सुमीत कुमार सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि मंदिर का कोई रिकॉर्ड नहीं था। उन्होनें खुलासा कि मंदिर समिति 2006 में बनी थी, जबकि शादी 2005 की बताई जा रही थी। मंदिर के पास शादी का कोई लिखित सबूत या रसीद नहीं थी। इस मामलें की जांच करने वाले पुलिस अफसर को कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिए प्रस्तुत ही नहीं किया गया।हाईकोर्ट में मुख्य गवाह में मुकर गया।हाईकोर्ट ने माना कि बिना किसी ठोस दस्तावेजी सबूत और स्वतंत्र गवाहों के सिर्फ बयानों के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती। संदेह का लाभ देते हुए विशाल सिंह को निचली अदालत द्वारा दी गई सजा से मुक्त करते हुए पटना हाईकोर्ट ने पति को बरी कर दिया।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित 72वीं BPSC PT परीक्षा अब इस तारीख को आयोजित नहीं होगी। परीक्षा को आगे बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, नई परीक्षा तिथि को लेकर आयोग की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।72वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा पहले 26 जुलाई 2026 को आयोजित होनी थी। आयोग ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए जुलाई में परीक्षा स्थगित कर दी थी। इसके बाद अगस्त में जारी संशोधित परीक्षा कैलेंडर में 25 अक्टूबर को परीक्षा की संभावित तारीख निर्धारित की गई थी।अब 25 अक्टूबर की तारीख पर भी परीक्षा नहीं होने की सूचना सामने आने के बाद अभ्यर्थियों को नई तारीख का इंतजार करना होगा। सूत्रों के अनुसार, अपरिहार्य कारणों की वजह से परीक्षा को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हालांकि, जब तक BPSC की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक नई तारीख को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जाएगी।बताया जा रहा है कि आयोग अगले सप्ताह परीक्षा की नई तारीख और संशोधित कार्यक्रम से संबंधित आधिकारिक सूचना जारी कर सकता है। इसके बाद एडमिट कार्ड जारी करने की तारीख और परीक्षा से जुड़े अन्य निर्देश भी स्पष्ट होंगे।अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे 25 अक्टूबर को अंतिम परीक्षा तारीख न मानें और तैयारी जारी रखें। परीक्षा की नई तारीख और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के लिए अभ्यर्थी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली अधिसूचना को ही अंतिम और विश्वसनीय मानें। पटना से संंजय कुमार की रिपोर्ट
दुर्गा पूजा के दौरान राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और पूजा पंडालों में होने वाली गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए विशेष सुरक्षा प्लान तैयार किया है। एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने सभी थानेदारों को सतर्क रहने और नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।पूजा के दौरान पटना पुलिस के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बल की सात कंपनियां तैनात रहेंगी। करीब 450 अर्धसैनिक बल के जवान भी शहर में सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। राजधानी में करीब 1600 छोटे-बड़े पूजा पंडाल बनाए जाते हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में पंडालों के आसपास, मुख्य सड़कों, प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग स्थलों तथा संपर्क गलियों में लगातार पुलिस गश्त की जाएगी।भीड़भाड़ और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भीड़ के बीच सक्रिय रहेंगे और जेबकतरों, मोबाइल चोरों तथा झपटमारों पर नजर रखेंगे। पुलिस की नजर खास तौर पर संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी।पटना में पहले से करीब 1600 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसके अलावा करीब 900 बड़े पूजा पंडालों के संचालकों को पंडाल और आसपास पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने और प्रवेश-निकास पर वालंटियर तैनात करने को भी कहा गया है।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले पंडाल संचालकों पर कार्रवाई की जा सकती है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में भी पुलिस को सहायता मिलेगी। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को रांची में DC कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की.भूत की पोशाक पहनकर पहुंचे प्रदर्शनकारीप्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता भूत की पोशाक पहनकर भी पहुंचे. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे जीवित हैं, लेकिन उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है. इसी के विरोध में उन्होंने अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया.ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकाकांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी फूंका. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण बड़ी संख्या में लोगों के नाम प्रभावित हुए हैं. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची की पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है.कांके विधायक ने उठाई इस्तीफे की मांगकांके विधायक सुरेश कुमार बैठा ने कहा कि अगर आज चुनाव आयोग के खिलाफ इस्तीफे की मांग नहीं की गई, तो आने वाले समय में लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े होंगे. उन्होंने मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की. DC कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया.
झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट कौंसिल(JEPC) धुर्वा , रांची में झारखंड महिला विकास समिति द्वारा पीड़ित सुरक्षा योजना ( Victim Protection Plan) पर एक राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का हुआ आयोजन कार्यक्रम में jwds के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर किरण कुमारी पासी ,wcd के सचिव वंदना सेजवालकर आईजी cid अजय लिंडा के अलावे कई संस्थाओ के प्रतिनिधि हुए है सामिलWcd सचिव ने कहा झारखण्ड को मानव तस्करी मुक्त बनाने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा मानव तस्करी विक्टिम के रेस्क्यू के बाद उसे कैसे मदद मिले इसपर भी कार्यशाला में चर्चा हुईIg cid अजय लिंडा ने कहा सबसे बड़ी चीज है जो विक्टिम होते है उनके लिए जो प्लान बनाते हैं उसकी भावनाओ के अनुरूप कार्य हो गाव में जो प्रतिनिधि रहते है सभी जानते है कौन कहा जा रहे वहां से सूचना एकत्र किया जा सकता है वही jwds के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर किरण कुमारी पासी ने कहा स्टेट लेवल एक्शन प्लान बना रहे हैं ट्रैफिकिंग के बहुत सारे कारक है गरीबी उसमें से एक सबसे बड़ा कारण है
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में पंजाबी हिन्दू बिरादरी, (दशहरा कमेटी-2026) राँची एवं श्री दूर्गा पूजा एवं रावण दहन समिति, अरगोड़ा के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी 20 अक्टूबर को मोरहाबादी मैदान एवं अरगोड़ा मंडा मैदान में आयोजित "रावण दहन" कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सपरिवार सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पंजाबी हिन्दू बिरादरी, (दशहरा कमेटी-2026) राँची एवं श्री दूर्गा पूजा एवं रावण दहन समिति, अरगोड़ा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों से "रावण दहन" कार्यक्रम के तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली तथा कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में पंजाबी हिन्दू बिरादरी, (दशहरा कमेटी-2026) राँची के अध्यक्ष श्री कुणाल अजमानी सहित श्री राजेश मेहरा, श्री सौरभ खन्ना, श्री सुनील कालरा, श्री हैप्पी फिंगर, श्री राहुल माकन, श्री राकेश गिरधर, श्री रणदीप आनंद तथा श्री दूर्गा पूजा एवं रावण दहन समिति, अरगोड़ा के अध्यक्ष श्री प्रकाश साहू सहित श्री जय प्रसाद साहू, श्री वीरेंद्र प्रसाद साहू, श्री मुनेश्वर साहू, श्री सुभाष प्रसाद साहू, श्री युवराज साहू, श्री सुमित साहू सहित अन्य उपस्थित रहे
किसी विकसित राज्य या राष्ट्र की राह गांवों की समृद्धि और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से होकर गुजरती है। जब तक जमीन से जुड़े बुनियादी बदलाव नहीं आते, तब तक समग्र विकास का सपना पूरा नहीं हो सकता। इसी सोच के साथ बिहार सरकार ग्रामीण युवाओं और छात्रों के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कर रही है। इनमें ग्राम पंचायतों में ‘पंचायत ज्ञान केंद्र’ या डिजिटल पुस्तकालय खोलने जैसी योजनाएं शामिल हैं।ग्रामीण छात्रों के लिए पुस्तकालय इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां उन्हें बिना किसी आर्थिक खर्च के पढ़ाई के लिए जरूरी किताबें, शांत वातावरण और अध्ययन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर महंगी पाठ्यपुस्तकों, पत्र-पत्रिकाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी अध्ययन सामग्री का अभाव होता है। ऐसे में पुस्तकालय इन जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बिहार सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और पठन-पाठन का माहौल उपलब्ध कराने के लिए हर पंचायत में ‘पंचायत ज्ञान केंद्र’ (पुस्तकालय) खोले जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों में स्थापित पंचायत ज्ञान केंद्र एवं पुस्तकालय अब ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई, ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं। इनके माध्यम से गांव के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में शहरों जैसी अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों और अध्ययन सामग्री का लाभ उठाकर ग्रामीण क्षेत्र के होनहार विद्यार्थी अपने सपनों को नई दिशा दे रहे हैं और सफलता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।कटिहार जिले के मनिहारी प्रखंड अंतर्गत दिलारपुर पंचायत में भी ऐसा ही पुस्तकालय संचालित है। यहां ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं शांत वातावरण में बैठकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इस पहल से उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिल रहा है, जो घर की व्यस्तता या सीमित सुविधाओं के कारण ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाते थे। पुस्तकालय में विभिन्न विषयों की पुस्तकें और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिल रहा है और वे अपनी तैयारी को अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ा पा रहे हैं।पंचायत स्तर पर विकसित हो रहे ये ज्ञान केंद्र ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए केवल पुस्तकालय नहीं, बल्कि पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर बन रहे हैं। गांव में ही अध्ययन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से ग्रामीण युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।सुनिए विद्यार्थियों ने क्या कहा ममता कुमारी ने कहा कि यहां का पुस्तकालय बहुत अच्छा है। मैं प्रतिदिन अपने घर से यहां पढ़ने आती हूं। घर पर घरेलू कामों की वजह से पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल नहीं मिल पाता है, लेकिन यहां आकर बिना किसी बाधा के जितनी देर चाहें, पढ़ाई कर सकते हैं। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। अगर इसी तरह की सुविधाएं मिलती रहीं, तो एक दिन सफलता जरूर मिलेगी।”मनीष कुमार का कहना है कि “बिहार सरकार की इस पहल से हम ग्रामीण बच्चों को पुस्तकालय में पढ़ाई की बहुत अच्छी सुविधा मिल रही है। घर पर जिस तरह पढ़ाई नहीं हो पाती थी, वह यहां आसानी से हो जाती है। मैं रेलवे की तैयारी कर रहा हूं और पिछले छह महीने से यहां लगातार पढ़ाई कर रहा हूं। इससे मुझे काफी मदद मिली और मैंने सीबीटी (CBT) परीक्षा भी क्वालीफाई कर ली है।वहीं सोनू कुमार कहते है कि “हमारे यहां जो ज्ञान केंद्र (पुस्तकालय) खुला है, वह घर की तुलना में पढ़ाई के लिए बहुत ही अनुकूल है। यहां हमें शांत वातावरण के साथ पर्याप्त संख्या में किताबें भी मिलती हैं। इससे हम नियमित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं।”
पटना मेट्रो ने अपने परिचालन का एक वर्ष पूरा कर लिया है। छह अक्टूबर 2025 को आईएसबीटी से भूतनाथ के बीच पहली मेट्रो सेवा शुरू हुई थी। एक साल के सफर में पटना मेट्रो का नेटवर्क अब आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक पहुंच चुका है। इस दौरान 3,37,885 यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया है।परिचालन के पहले वर्ष में पटना मेट्रो ने चरणबद्ध तरीके से अपने नेटवर्क का विस्तार किया। शुरुआत में आईएसबीटी से भूतनाथ तक सेवा उपलब्ध थी। इसके बाद इसे मलाही पकड़ी तक विस्तारित किया गया। इससे पटना के बड़े हिस्से को सार्वजनिक परिवहन की इस आधुनिक सुविधा से जुड़ने का मौका मिला।मेट्रो के एक वर्ष पूरे होने पर यात्रियों की संख्या 3.37 लाख के पार पहुंच गई है। मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों के भरोसे और सहयोग के लिए आभार जताया है। प्रशासन का कहना है कि पहले सफर से अब तक यात्रियों का साथ इस यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण ताकत रहा है।अब पटना मेट्रो के नेटवर्क में एक और स्टेशन जुड़ने की तैयारी है। खेमनीचक स्टेशन को आम यात्रियों के लिए शुरू करने की दिशा में काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि दिसंबर 2026 तक खेमनीचक स्टेशन से भी यात्रियों को मेट्रो सेवा मिलने लगेगी।पटना मेट्रो के विस्तार के साथ शहर में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा और मजबूत होने की उम्मीद है। आने वाले समय में नेटवर्क के और विस्तार से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है।
पटना के नौबतपुर में पुलिस ने एक गेस्ट हाउस में चल रहे कथित देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। बिहटा-सरमेरा पथ स्थित शांति गेस्ट हाउस में मंगलवार दोपहर गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आठ युवतियों समेत कुल 16 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें गेस्ट हाउस संचालक समेत आठ पुरुष शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, हिरासत में ली गई युवतियों में तीन नाबालिग भी हैं।पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि शांति गेस्ट हाउस की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के सत्यापन के बाद नौबतपुर थाने की पुलिस ने विशेष टीम गठित कर गेस्ट हाउस में छापेमारी की। पुलिस टीम ने अलग-अलग कमरों से युवक-युवतियों को संदिग्ध परिस्थितियों में हिरासत में लिया और सभी को थाने लाकर पूछताछ शुरू की।प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि गेस्ट हाउस संचालक कथित तौर पर बाहर से युवतियों को बुलाता था और ग्राहकों से संपर्क कर उन्हें कमरे उपलब्ध कराता था। इसके बदले ग्राहकों से मोटी रकम वसूले जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुछ आपत्तिजनक सामान, मोबाइल फोन और नकदी बरामद किए जाने की जानकारी दी है। थानाध्यक्ष नंदन कुमार सिंह के मुताबिक, हिरासत में ली गई युवतियां अलग-अलग गांवों की रहने वाली हैं।फुलवारीशरीफ-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी उमेश्वर चौधरी की निगरानी में हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गेस्ट हाउस में यह गतिविधि कब से चल रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।अगर चाहें तो इसे मैं 20 शब्दों के ज्यादा दमदार हेडर + 8 लाइन बिग ब्रेकिंग में भी बदल सकता हूं। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से 24वीं किस्त जारी करने की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में किसानों को किसी भी वायरल मैसेज या तारीख के दावे पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी, जिसमें 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी गई थी।24वीं किस्त का लाभ लेने के लिए किसानों का e-KYC पूरा होना जरूरी है। इसके साथ बैंक खाता आधार से लिंक और DBT के लिए सक्रिय होना चाहिए। भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन भी योजना के तहत महत्वपूर्ण है। आधार, बैंक खाते या जमीन के रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर भुगतान अटक सकता है।किसान अपनी स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प चुनना होगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा दर्ज कर OTP वेरिफिकेशन करना होगा। स्क्रीन पर पात्रता, e-KYC और भुगतान से जुड़ी जानकारी दिखाई देगी। उपलब्ध होने पर भुगतान की तारीख और UTR नंबर भी देखा जा सकता है।किसानों को सलाह है कि अगली किस्त से पहले सभी जरूरी रिकॉर्ड और e-KYC की स्थिति जरूर जांच लें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को पटना के मिलर हाईस्कूल मैदान में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, प्रदेश महामंत्री संगठन भीखू भाई समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन कार्यक्रम स्थल पर बड़ी स्क्रीन के जरिए कार्यकर्ताओं ने सुना। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से लेकर सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने तक की यात्रा का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि जनता ने लगातार विश्वास जताकर उन्हें सेवा का अवसर दिया। प्रधानमंत्री ने जनता-जनार्दन को अपने लिए ईश्वर का रूप बताते हुए कहा कि देशवासियों का विश्वास और भाजपा कार्यकर्ताओं का परिश्रम उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।पीएम मोदी ने अपने 25 वर्षों के अनुभव को देश की पूंजी बताते हुए कहा कि सीखने की ललक आज भी उनके जीवन का हिस्सा है। उन्होंने खुद को आज भी विद्यार्थी बताते हुए हर दिन कुछ नया सीखने की बात कही।प्रधानमंत्री ने जीत, हार और आलोचना से सीखने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि हर संकट ने धैर्य की परीक्षा ली, जबकि सफलता ने बड़ी जिम्मेदारी और बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने का साहस दिया।उन्होंने ‘सबका प्रयास’ के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी पर जोर दिया पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से रांची-पटना मुख्य मार्ग पर सड़क सुरक्षा और मार्ग सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य तेज कर दिए गए हैं। परियोजना क्रियान्वयन इकाई (PIU) रांची द्वारा वाहन चालकों को बेहतर दृश्यता और स्पष्ट मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए रोड स्टड्स लगाने के साथ एज लाइन मार्किंग और कर्ब पेंटिंग का कार्य कराया जा रहा है।NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी संतोष कुमार आर्य ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए लगातार आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। रोड स्टड्स, एज लाइन मार्किंग और कर्ब पेंटिंग से सड़क की दृश्यता, सुरक्षा और समग्र स्वरूप में सुधार होगा।PIU रांची के परियोजना निदेशक अमित रौशन ने कहा कि इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य रात और कम दृश्यता वाली परिस्थितियों में वाहन चालकों को बेहतर मार्गदर्शन देना और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की अपील की।रोड स्टड्स से रात के समय सड़क की दिशा और सीमाओं को पहचानने में मदद मिलेगी। वहीं, एज लाइन मार्किंग से सड़क की सीमाएं अधिक स्पष्ट होंगी। कर्ब पेंटिंग से मार्ग की दृश्यता और सौंदर्यीकरण में भी सुधार होगा।NHAI का कहना है कि सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए ऐसे कार्य लगातार जारी रहेंगे।