JHARKHAND NEWS : रांची में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “एडवांस्ड कम्प्यूटिंग एंड एप्लीकेशन्स (ICACA-2026)” का आयोजन 6–7 मार्च को
रांची : विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने तथा “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में “चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस - एडवांस्ड कम्प्यूटिंग एंड एप्लीकेशन्स (ICACA-2026)” इसका थीम है - सस्टेनेबल इंटेलीजेंट कंप्यूटिंग का आयोजन 6–7 मार्च 2026 को रांची में किया जा रहा है. इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कंप्यूटर विज्ञान और तकीनीकी विभाग, राम टहल चौधरी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (RTCIT), रांची द्वारा किया जा रहा है. यह सम्मेलन झारखण्ड यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी (JUT) तथा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन इनजीनीर्स, (IETE), रांची चैप्टर के सहयोग से आयोजित हो रहा है तथा इसे झारखण्ड कौंसिल ऑन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन (JCSTI), झारखंड सरकार का समर्थन प्राप्त है.
सम्मेलन का उद्घाटन सत्र 6 मार्च 2026 को JUT ऑडिटोरियम, नामकुम, रांची में आयोजित किया जाएगा. उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ होंगे. इस अवसर पर IETE, नई दिल्ली के अध्यक्ष सुनील विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. उद्घाटन समारोह में झारखण्ड यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी के कुलपति प्रो. (डॉ.) डी. के. सिंह, सम्मेलन अध्यक्ष, रायगंज विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) जे. के. मंडल, RTCIT के अध्यक्ष, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रो. (डॉ.) रंजीत कुमार सिंह, IETE, नई दिल्ली के चेयरमैन डॉ. शिव कुमार तथा मलेशिया के मल्टीमीडिया विश्वविद्यालय के डॉ. सी. नवा सहित कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद और वैज्ञानिक उपस्थित रहेंगे.
सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों द्वारा कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सस्टेनेबल कम्युनिकेशन, सिग्नल प्रोसेसिंग, मल्टीमीडिया, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल फोरेंसिक जैसे समकालीन विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे. सम्मेलन के दौरान कई मुख्य वक्ता व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मल्टीमीडिया यूनिवर्सिटी, मलेशिया के प्रो. एन. सी. अर्जुमन, प्रोफेसर गौतम तांती, एड्मस यूनिवर्सिटी, कोलकाता, डॉ हेमंत सोनी, प्रोडक्ट लीडर, टेलीकॉम मीडिया टेक्नोलॉजी, USA तथा मकाउट, कोलकाता के प्रो. देबासिस डे प्रमुख वक्ता होंगे.
सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर चार समानांतर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे,जिनमें प्रमुख रूप से–
सत्र1:सस्टेनेबल कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस
सत्र2:सस्टेनेबल कम्युनिकेशन एंड कम्प्यूटिंग
सत्र3:सिक्योरिटी एंड डिजिटल फोरेंसिक
सत्र4:सिग्नल प्रोसेसिंग एंड मल्टीमीडिया
जैसे विषय शामिल हैं. इन तकनीकी सत्रों में देश-विदेश के शोधार्थी,वैज्ञानिक,शिक्षाविद और उद्योग विशेषज्ञ अपने नवीन शोध-परिणाम प्रस्तुत करेंगे तथा नई तकनीकों पर विचार-विमर्श करेंगे. चयनित पेपर का प्रकाशन प्रतिष्ठित पब्लिकेशन स्प्रिंगर में प्रकाशित होगा.
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी और कम्प्यूटिंग के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध और नवाचारों को साझा करना, उद्योग-शिक्षा जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा देना तथा युवाओं और शोधार्थियों को वैश्विक स्तर पर शोध के अवसर प्रदान करना है. यह सम्मेलन भारत के “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण के अनुरूप विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित विकास को गति देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा.
इस अवसर पर वक्ताओं ने विशेष रूप से कहा कि इस कांफ्रेंस में भारत आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष तकनीक, रक्षा अनुसंधान, डिजिटल अर्थव्यवस्था और नवाचार के क्षेत्र हो रहे शोध और नवाचार पर पेपर प्रस्तुत किये जायेंगे. किस प्रकार से ISRO, DRDO और अन्य भारतीय वैज्ञानिक संस्थानों की उपलब्धियाँ देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, इस पर भी प्रकाश डाले जायेंगे. ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत की वैज्ञानिक क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने और शोध सहयोग को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं.
सम्मेलन का समापन समारोह 7 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसके मुख्य अतिथि झारखण्ड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) सारंग मेढेकर होंगे. कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत उत्कृष्ट शोध-पत्रों को सम्मानित भी किया जाएगा. आयोजन समिति के अनुसार इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी कई शोधकर्ता, शिक्षाविद और उद्योग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं. इससे झारखंड को वैश्विक शैक्षणिक और तकनीकी मंच पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है.
सम्मेलन के संयोजकों डॉ. अजय कुमार,उपाध्यक्ष, IETEएवं विभागाध्यक्ष (CSE)संयोजक,डॉ. विजय कुमार सिंह,सचिव, IETEरांची चैप्टर तथा डॉ. एन हरिबाबू,प्राचार्य, RTCITरांची ने बताया कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से न केवल शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा,बल्कि विद्यार्थियों और युवा वैज्ञानिकों को नवीन तकनीकों और वैश्विक शोध प्रवृत्तियों को समझने का अवसर भी मिलेगा. इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस को सफल बनाने के लिए कई कमेटियों का गठन किया गया है.





