JHARKHAND NEWS : सुजीत सिन्हा एनकाउंटर पर उठे गंभीर सवाल: शरीर से मिलीं 2 गोलियां, परिजनों का दावा- पहले से थी जान की साजिश
झारखंड के साहिबगंज जेल से धनबाद जेल शिफ्ट किए जा रहे कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों ने इस एनकाउंटर को एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए इसकी न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।रविवार की रात, राजमहल और बरहरवा एसडीपीओ के संरक्षण में सुजीत सिन्हा को साहिबगंज से धनबाद जेल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान जामताड़ा के सुपायडीह के पास कैदी वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुलिस के मुताबिक, इसी मौके का फायदा उठाकर सुजीत सिन्हा ने एक जवान की राइफल छीनी और फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।घटना के बाद सोमवार तड़के रांची से आई एफएसएल (FSL) की तीन सदस्यीय टीम ने सुपायडीह पहुंचकर घटनास्थल से गोलियों के खोखे, खून के नमूने और क्राइम सीन की मैपिंग जैसे अहम तकनीकी साक्ष्य जुटाए।
वहीं, मजिस्ट्रेट सीओ अविश्वर मुर्मू की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के बीच, तीन डॉक्टरों के पैनल—डॉ. दुर्गेश झा, डॉ. मिकी माझी और डॉ. विशाल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान सुजीत के शरीर पर गोली लगने के निशान मिले और दो गोलियां बरामद की गईं। विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी।दूसरी ओर, मृतक गैंगस्टर की सास उषा देवी ने पुलिस के दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं-"जो व्यक्ति जेल से बाहर आना ही नहीं चाहता था, वह भागने की कोशिश क्यों करेगा? उसे पहले से जान का खतरा था और उसने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी।परिजनों ने घटनास्थल की तस्वीरों पर भी सवाल उठाए हैं—उनका कहना है कि पहले शव सड़क पर दिखा, जबकि बाद की तस्वीरों में वह जंगल के भीतर मिला और मौत के बाद भी उसके हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो परिवार की महिलाएं आत्मदाह करने पर मजबूर होंगी।





