JHARKHAND NEWS : बीसीसीएल में कोयला उत्पादन की रफ्तार सुस्त, लक्ष्य से काफी पीछे रहने पर मुख्यालय चिंतित
मानसून ने अभी पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन कोल इंडिया की सहायक कंपनी BCCL (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) के पसीने छूटने लगे हैं। चालू वित्तीय वर्ष में BCCL की कोयला उत्पादन और डिस्पैच करने की रफ्तार बेहद चिंताजनक बनी हुई है।हालिया आंकड़ों के मुताबिक, 18 जुलाई रविवार तक कंपनी का कुल कोयला उत्पादन 40 मिलियन टन के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 8.05 मिलियन टन ही हो सका है—यानी तय लक्ष्य का महज 37 प्रतिशत!इस लगातार कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए धनबाद स्थित 'कोयला भवन' यानी बीसीसीएल मुख्यालय पूरी तरह से एक्शन में आ गया है।
उत्पादन और डिस्पैच की अब रोजाना समीक्षा हो रही है, और साफ कह दिया गया है कि जहाँ सुधार नहीं दिखा, वहाँ अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।हालाँकि, कुछ क्षेत्रों से उम्मीद की किरण भी दिखी है। गोविंदपुर (86.27%), वेस्टर्न झरिया (82.48%) और लोदना (82.41%) ने बेहतर प्रदर्शन किया है।अगर जुलाई महीने की बात करें, तो 1.80 मिलियन टन के मासिक लक्ष्य के मुकाबले 1.49 मिलियन टन कोयले का उत्पादन रिकॉर्ड किया गया है।समस्या सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं है, डिस्पैच और रैक लोडिंग की स्थिति भी सुस्त पड़ी हुई है।कुल डिस्पैच: 45 मिलियन टन के वार्षिक लक्ष्य के जवाब में अब तक सिर्फ 9.35 मिलियन टन कोयला ही भेजा जा सका है।
रैक लोडिंग: रोजाना 21 रैक लोड करने के लक्ष्य के मुकाबले औसतन केवल 15 रैक ही लोड हो पा रहे हैं।
आगे मानसून की बारिश में यह संकट और बढ़ सकता है। अब देखना यह होगा कि बीसीसीएल प्रबंधन इस सुस्ती को दूर करने के लिए क्या कड़े कदम उठाता है।





