JHARKHAND NEWS : झारखंड आंदोलनकारियों ने भरा हुंकार, खनिज हमारा कानून तुम्हारा नहीं चलेगा
रांची : झारखंड आंदोलनकारी अधिकार मंच केंद्रीय समिति की वृहद मंथन बैठक गुरुवार को विधायक क्लब पुराना विधानसभा सभागार रांची में सम्पन्न हुआ. झारखंड आंदोलनकारीयों ने साफ लहजे में कहा खान खनिज संशोधन बिल झारखंड के लिए घातक है. केंद्र सरकार झारखंड के साथ सौतेलापन व्यवहार बंद करें वरना आंदोलनकारी चुप नहीं बैठेंगे.
अलग राज्य आंदोलन के तर्ज पर एक फिर आर्थिक नाकेबंदी के लिए बाध्य होगें जिसका खामियाजा केंद्र को भुगतना पड़ेगा. आंदोलनकारियों ने एक स्वर में हुंकार भरते हुए कहा झारखंड के साथ गद्दारी हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. खनिज हमारा कानून तुम्हारा नहीं चलेगा.
वक्ताओं ने आगे कहा कि कंपनी रूल्स और महाजनी प्रथा के खिलाफ झारखंड का इतिहास संघर्ष का रहा है और आज भी कॉरपोरेट कंपनियों से कमीशनखोरी के लिए झारखंड विरोधी,आदिवासी विरोधी कानून झारखंड पर थोपा गया तो झारखंड में एक बार फिर उलगुलान के नगाड़े बजेंगे. आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार से पूछा कि जब जेल जाने वाले आंदोलनकारियों को सरकार पेंशन दे रही है तो बेल वालों को क्यों नहीं. सरकार आंदोलनकारियों से न्याय करे,वैसे आंदोलनकारी जो जेल नहीं गए हैं लेकिन आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं वैसे सभी आंदोलनकारियों को पेंशन राशि के साथ सम्मानित करें. सिर्फ कार्ड जारी करने से नहीं चलेगा. लगभग सभी झारखंड आंदोलनकारी बूढ़े और बीमार हैं उन्हें भगवान भरोसे छोड़ देना गलत है. गुरुजी मेडिकल कार्ड जारी कर सभी आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुविधा मिले. क्षैतिज आरक्षण के बजाय आंदोलनकारियों के आश्रितों को सीधी नियुक्ति की गारंटी करे सरकार तभी आंदोलनकारियों के साथ न्याय होगा. वृहद मंथन बैठक में रांची, खूंटी, बोकारो रामगढ़,हजारीबाग, लातेहार,लोहरदगा,पलामू,दुमका, देवघर से सैंकड़ों की संख्या में आंदोलनकारी शामिल हुए. मंथन बैठक की शुरुआत झारखंड के चर्चित आंदोलनकारी दामु बनरा समेत दर्जनों आंदोलनकारियों और नेपाल त्रासदी के मृतकों को एक मिनट का मौन श्रद्धांजलि देकर हुई.
बृहद मंथन बैठक की अध्यक्षता पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने किया जिसमें सोहराई किस्कू,प्रवीण मेहता,अनिल मनोहर,बदरी सिंह,सुनीता मिंज ने किया जबकि संचालन संयुक्त रूप से स्टीफन किंडो और सुबोध लकड़ा ने किया.
मंच द्वारा आयोजित बृहद मंथन बैठक को झारखंड आंदोलनकारी भुवनेश्वर केवट, जितेंद्र कुशवाहा ललित महतो, रमेश साहू, सीताराम उरांव, अली हुसैन अंसारी, दिनेश राम,अशोक गुप्ता, भुनेश्वर दास, जावेद इस्लाम, विजय सिंह विन्सेंट सांगा, राजेंद्र ठाकुर, अनिता मिंज सुनीता मिंज, रसका टुडू , मारकुस केरकेट्टा आदि वक्ताओं ने संबोधित किया. बृहद मंथन बैठक में जिला स्तर की कमिटियों को मजबूत करते हुए अक्टूबर में केंद्रीय महाधिवेशन और 15 नवंबर के बाद खान खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ जोरदार आंदोलन करने का निर्णय लिया गया.





