साइबर ठगों का पर्दाफाश : नवादा पुलिस ने 8 ठगों को किया गिरफ्तार,लोन देने के नाम पर ठगी करने का आरोप
नवादा: जिला के वारिसलीगंज पुलिस ने साइबर ठगी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है. शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में सघन छापेमारी अभियान चलाकर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया गया है. पुलिस अधीक्षक के निर्देश में टीम गठित कर पुलिस ने कोचगांव पंचायत की झौर गांव स्थित बगीचा में छापेमारी की गई. इस दौरान ठगी कर रहे तीन युवकों समेत तीन विधि विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया. सभी के पास से मोबाइल एवं डेटा सीट जब्त किया गया. जबकि, पैंगरी गांव स्थित गोलका आम के पेड़ के पास छापेमारी कर दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार ठगों के पास से डेटा सीट एवं मोबाइल बरामद किया गया. सभी आरोपित संगठित गिरोह बनाकरविभिन्न फाइनेंस कंपनियों के नाम पर सुलभ ऋण दिलवाने के बहाने ठगी के कार्य को रोजगार की तरह बना लिया.
गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी
शुक्रवार को थाना परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में पकरीबरावां एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस, स्वाट टीम और वज्र टीम ने संयुक्त कार्रवाई की।झौर गांव के पश्चिम स्थित बगीचे से महेंद्र मांझी का पुत्र प्रेमन कुमार, राजेंद्र मांझी का पुत्र विनोद मांझी, इंदल मांझी का पुत्र विश्वकर्मा मांझी तथा तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया।
पैंगरी में फाइनेंस कंपनियों के नाम पर कर रहे थे ठगी
इसके बाद थाना क्षेत्र के पैंगरी गांव स्थित सरकारी समरसेबल के पास से जयनंदन राम का पुत्र प्रेमचंद राम और अशोक गरांय का पुत्र प्रशांत कुमार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार दोनों बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस सहित अन्य कंपनियों के नाम पर लोगों से साइबर ठगी कर रहे थे।
सादे कपड़ों में पहुंची थी पुलिस,कई आरोपी भाग निकले
एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी ठगी में व्यस्त थे और सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मियों की मौजूदगी का उन्हें आभास नहीं हुआ, जिससे उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया। हालांकि, कार्रवाई के दौरान कई अन्य साइबर अपराधी भागने में सफल रहे. उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
एसपी के निर्देश पर गठित थी विशेष टीम
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर उनके नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था।टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।गिरफ्तार सभी आरोपियों ने पूछताछ में साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।बरामद मोबाइल और दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि ठगी के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।प्रेसवार्ता के दौरान थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे है।





