चाईबासा नो इंट्री मामला : राज्यपाल से आंदोलन समिति ने की मुलाकात,संतोष गंगवार ने की पहल
चाईबासा:लोकभवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से कोल्हान के आंदोलन समिति के प्रतिनिधियों ने नो इंट्री मामले को लेकर शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान समिति के प्रतिनिधियों ने चाईबासा क्षेत्र में नो इंट्री की व्यवस्था को लागू करने की मांग की. मुलाकात के दौरान समिति के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, ग्रामीणों की समस्याओं और नो इंट्री आंदोलन के औचित्य के बारे में विस्तार से अवगत कराया. ग्रामीणों के न्यायपूर्ण अधिकारों की रक्षा के लिए केस वापस करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.
राज्यपालने समिति की मांगों को गंभीरता से लिया
इस दौरान राज्यपाल ने समिति की मांगों को गंभीरता से लिया और सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री से इस मामले में मुलाकात कर शीघ्र मिलने का आदेश दिया. राज्यपाल ने मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के उपायुक्त चंदन कुमार से फोन पर वर्तमान परिस्थिति की जानकारी ली और शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया.
ग्रामीणों की मांगों पर बनी सहमति
चाईबासा विधायक सह परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ से भी फोन बातचीत करने की कोशिश की. राज्यपाल से मिलने के बाद संयोजक रमेश बालमुचू ने जानकारी दी है कि राज्यपाल की सकारात्मक प्रतिक्रिया से समिति में आशा बंधी है. कोल्हान क्षेत्र के ग्रामीणों के लंबे समय से लंबित न्यायपूर्ण मांगों पर शीघ्र ध्यान दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री आवास तक होगी पैदल न्याय यात्रा
आगामी 26 अप्रैल से 1 मई तक चाईबासा से रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास तक पैदल न्याय यात्रा होगी. जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होंगे. नो इंट्री आंदोलन समिति कोल्हान पूरे कोल्हान क्षेत्र के आदिवासी-ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है.
जानिए क्या है मामला
कोल्हान के चाईबासा शहर का बाईपास एमडीआर 177 में सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए नो एंट्री लगाने की मांग को लेकर 27 सितंबर 2025 को मंत्री दीपक बिरुवा को मांग पत्र दिया जाना था. जिसमें हजारों लोग तम्बो चौक चाईबासा में लोग जुटे थे. जिसके बाद आंदोलनकारी और पुलिस के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी. जिसके बाद मंत्री के आवास के पास अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और पुलिस पर पथराव करने के आरोप में 16 लोगों को जेल भेजा गया था. जबकि, 73 नामजद और 500 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुफस्सिल थाना में 28 सितंबर को मामला दर्ज किया गया था.





