BIT मेसरा का स्थापना दिवस : 259 उत्कृष्ट शोध पत्र प्रस्तुत,राज्यपाल बोले-संस्थान ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान दिया
रांची:बीआईटी मेसरा का 72वां स्थापना दिवस समारोह बुधवार को भव्य रूप से मनाया गया. कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.समारोह में बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना, टेगा इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष व 1964 बैच के प्रतिष्ठित पूर्ववर्ती छात्र मदन मोहन मोहंका और आईआईटी भुवनेश्वर के निदेशक प्रो. श्रीपद कर्मलकर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
इस मौके पर 259 उत्कृष्ट शोध पत्र प्रस्तुत किए गए. इसमें देशभर के शिक्षाविद हिस्सा लिए हैं. इस बार मुख्य आकर्षण क्रॉस डिसीप्लिनरी का सहयोग रहा. जिसके तहत खगोलीय अवधारणाओं का उपयोग कर के जैविक नेत्र कोशिका के इलाज जैसी अभूतपुर तकनीकी का विस्तार से चर्चा की गई.
राज्यपाल ने संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान का स्थापना दिवस केवल उसकी स्थापना का स्मरण नहीं, बल्कि उसकी गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों का भी उत्सव होता है. उन्होंने कहा कि बीआईटी मेसरा देश के अग्रणी तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में अपना विशिष्ट स्थान रखता है. सात दशकों से अधिक की अपनी गौरवशाली यात्रा में इस संस्थान ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि यहां के पूर्ववर्ती छात्र-छात्राएं देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, उद्योगों, अनुसंधान संगठनों एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों में महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहा है. देश की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर बढ़ा रहे हैं.
आज विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), रोबोटिक्स, क्वांटम कम्प्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, हरित ऊर्जा तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है. ऐसे समय में तकनीकी संस्थानों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं रह सकती,बल्कि उन्हें नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप, उद्यमिता और समाज की चुनौतियों के समाधान विकसित करने के लिए सशक्त केंद्र के रूप में कार्य करना होगा.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने शिक्षा को अधिक बहुविषयक, नवाचार-आधारित एवं कौशलोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं. उन्होंने ये भी कहा कि बीआईटी मेसरा इस नीति की भावना के अनुरूप अनुसंधान,उद्योग-अकादमिक सहयोग और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के नए आयाम स्थापित करेगा.





