BIHAR NEWS : शिक्षकों के ऐच्छिक स्थानांतरण की उलटी गिनती, जुलाई में होंगे तबादले
पटना: बिहार में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के ऐच्छिक स्थानांतरण (तबादले) की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और पदों का आकलन पूरा कर लिया है. इसके बाद जल्द ही स्थानांतरण पोर्टल सक्रिय किया जाएगा,जिसके माध्यम से इच्छुक शिक्षक तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे.
जानकारी के अनुसार विभाग ने लगभग 5.88 लाख शिक्षकों के रेशनलाइजेशन (पुनर्संतुलन) की प्रक्रिया पूरी कर ली है. राज्य के करीब 76 हजार सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की वास्तविक आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन किया गया है. इसी आधार पर जुलाई महीने में बड़े पैमाने पर शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी. आवेदन प्राप्त होने के बाद अधिकतम दो सप्ताह के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है.
शिक्षा विभाग का मानना है कि अब तक रेशनलाइजेशन नहीं होने के कारण कई विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या आवश्यकता से अधिक थी,जबकि कई स्कूल शिक्षक संकट से जूझ रहे थे. कहीं एक ही विषय के कई शिक्षक तैनात थे,तो कहीं छात्रों को पढ़ाने के लिए आवश्यक विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं थे. इससे शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी.
विभागीय स्तर पर यह भी पाया गया कि विद्यालयों की वास्तविक जरूरतों का सही आकलन करना कठिन हो रहा था. उदाहरण के तौर पर किसी विद्यालय में 20 शिक्षकों की आवश्यकता होने के बावजूद 18 शिक्षक पदस्थापित थे,लेकिन उनमें अधिकांश एक ही विषय के होने से अन्य विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी.
हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल ने शिक्षकों की तबादला नीति को मंजूरी दी है. इसके बाद अब शिक्षकों के ऐच्छिक स्थानांतरण का रास्ता साफ हो गया है. शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलित वितरण होगा और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





