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BIHAR NEWS : रेबीज रोकथाम की दिशा में पटना नगर निगम का बड़ा अभियान, 6 माह में करीब 7 हजार आवारा कुत्तों का टीकाकरण

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Patna : पटना नगर निगम द्वारा चलाया जा रहा आवारा कुत्तों के टीकाकरण एवं नसबंदी का अभियान राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. विगत छह महीनों में निगम द्वारा विशेष अभियान चलाकर 7,333 आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण का कार्य पूरा किया गया है.

राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत किसी भी क्षेत्र में कम से कम 70 प्रतिशत कुत्तों का टीकाकरण आवश्यक माना गया है,ताकि रेबीज संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके. इसी उद्देश्य से पटना नगर निगम द्वारा सभी वार्डों में लगातार कार्रवाई की जा रही है.

कंट्रोल रूम को प्राप्त शिकायतों का हो रहा त्वरित निष्पादन

आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायतों के लिए पटना नगर निगम ने विभिन्न माध्यम उपलब्ध कराए हैं. नागरिक कंट्रोल रूम नंबर 0621-2200634 और 9264447449,टोल-फ्री हेल्पलाइन 155304 तथा वॉट्सऐप नंबर 9472223909 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

पटना नगर निगम द्वारा प्राप्त शिकायतों के निष्पादन के साथ-साथ सभी वार्डों में स्वयं भी टीकाकरण से वंचित कुत्तों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है. विभिन्न माध्यमों से अब तक कुल 366 शिकायतें प्राप्त हुई हैं,जिनका निष्पादन सुनिश्चित किया गया है.

आवारा कुत्तों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए बनेंगे विशेष डॉग फीडिंग जोन

सड़क किनारे फैली गंदगी और खुले में पड़े खाद्य पदार्थ शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ाने का एक बड़ा कारण हैं. कुत्ते इन्हीं स्थानों पर भोजन तलाशते हैं और वहीं अपना भरण-पोषण करते हैं. इसके अलावा,कई पशु प्रेमी भी सड़कों और गलियों में कुत्तों को बिस्किट तथा अन्य खाद्य सामग्री खिलाते हैं. इससे एक ओर जहां कुत्तों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है,वहीं दूसरी ओर वे लगातार एक ही स्थान पर जमा होने लगते हैं,जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है और आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी रहती है.

इसी समस्या के समाधान के लिए पटना नगर निगम द्वारा प्रत्येक वार्ड में लगभग 10×10 फीट क्षेत्रफल वाले स्थानों की पहचान की गई है,जिन्हें विशेष डॉग फीडिंग जोन के रूप में विकसित किया जाएगा. इन निर्धारित स्थानों पर लोग कुत्तों को भोजन उपलब्ध करा सकते हैं ताकि शहर में स्वच्छता बनी रहे,आवारा कुत्तों की अनियंत्रित आवाजाही कम हो और नागरिकों तथा पशुओं,दोनों के हितों की रक्षा हो सके.

रामचक बैरिया में डॉग शेल्टर निर्माण का प्रस्ताव

पटना नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरकारी अस्पतालों,पुलिस स्टेशनों,न्यायालय परिसरों,कार्यालयों और अन्य सरकारी परिसरों से आवारा कुत्तों की देखभाल,पुनर्वास और विस्थापन के लिए एक बड़े डॉग शेल्टर के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस कार्य के लिए निगम द्वारा रामचक बैरिया में लगभग 1.29 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है,जहां एक साथ लगभग 2,000 कुत्तों को रखा जा सकेगा. इस संबंध में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शहरी विकास एवं आवास विभाग,बिहार को प्रस्ताव भेजा गया है.

आवारा कुत्तों पर नियंत्रण अभियान में नागरिकों की भूमिका अहम

पशु प्रेमियों और कुत्ता विरोधियों के बीच मतभेद के कारण पटना नगर निगम को कई बार अभियान के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई अवसरों पर कुछ लोग कुत्तों को पकड़ने का विरोध करते हैं,जबकि दूसरी ओर उपचार के बाद उन्हीं कुत्तों को उनके मूल क्षेत्र में वापस छोड़े जाने पर भी आपत्ति जताई जाती है.

नगर निगम स्पष्ट करना चाहता है कि पकड़े गए प्रत्येक कुत्ते को अधिकतम एक सप्ताह के लिए रामचक बैरिया स्थित डॉग हॉस्पिटल में रखा जाता है,जहां उसकी नसबंदी,एंटी-रेबीज टीकाकरण,डी-वॉर्मिंग और अन्य आवश्यक उपचार किए जाते हैं. उपचार पूरा होने के बाद नियमों के अनुसार कुत्तों को उसी क्षेत्र में वापस छोड़ा जाता है,जहां से उन्हें पकड़ा गया था.

पटना नगर निगम सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे इस अभियान में सहयोग करें. जनहित और पशु कल्याण दोनों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की जा रही है. नागरिकों के सहयोग से ही शहर को रेबीज मुक्त बनाने,कुत्ता काटने की घटनाओं को कम करने और आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाने में सफलता मिलेगी.

पटना से अंकिता की रिपोर्ट--