BIHAR NEWS : बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य, उपस्थिति के आधार पर मिलेगा वेतन, जारी हुआ सख्त आदेश
पटना: बिहार सरकार ने सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों और अधिकारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक सभी सरकारी कर्मी बायोमैट्रिक प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करें. सरकार ने स्पष्ट किया है कि कार्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही बढ़ाने के लिए अब बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का सख्ती से पालन कराया जाएगा.
जारी निर्देश के अनुसार, पंचायत सरकार भवनों में स्थापित बायोमैट्रिक मशीनों पर पंचायत स्तर के सभी विभागों के कर्मचारी अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे. वहीं प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तरीय कार्यालयों में कार्यरत सभी अधिकारी और कर्मचारी भी प्रतिदिन बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करेंगे. जिन कार्यालयों में बायोमैट्रिक मशीन खराब है या अब तक स्थापित नहीं की गई है, वहां तत्काल मशीन को दुरुस्त कराने अथवा नई मशीन स्थापित करने का निर्देश दिया गया है.
सरकार ने यह भी कहा है कि कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति का नियमित एवं औचक निरीक्षण किया जाएगा. निर्धारित समय से देरी से आने वाले कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. विलंब से आने की स्थिति में उनके अवकाश खाते से छुट्टी समायोजित की जाएगी और यदि अवकाश उपलब्ध नहीं होगा तो वेतन से कटौती की जाएगी.
निर्देश में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक माह के अंतिम कार्य दिवस पर सभी कार्यालय प्रधान बायोमैट्रिक उपस्थिति का प्रिंट आउट उपलब्ध कराएंगे. जिला स्तर पर एक नोडल पदाधिकारी नामित किया जाएगा,जो सभी कार्यालयों से उपस्थिति रिपोर्ट प्राप्त कर जिलाधिकारी को सौंपेगा.
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन बायोमैट्रिक उपस्थिति के आधार पर निर्गत किया जाएगा. कोषागार पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे उपस्थिति रिकॉर्ड के आधार पर ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करें. सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और कार्य संस्कृति सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-





