Hindi News / मुख्य सचिव की बैठक में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और जमाखोरी रोकने के...

बिहार में संकट प्रबंधन को लेकर सख्ती : मुख्य सचिव की बैठक में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और जमाखोरी रोकने के निर्देश

Edited By:  |
bihar mai sankat prabandhan ko lekar sakhti bihar mai sankat prabandhan ko lekar sakhti

पटना: बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के तहत सोमवार को राज्य में संकट प्रबंधन को लेकर बड़ी पहल की गई. मुख्य सचिवPratyay Amritकी अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG)की पहली उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई,जिसमें राज्य में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति,जमाखोरी पर सख्ती और प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई.

करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में विकास आयुक्त,गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव,पुलिस महानिदेशक सहित कृषि,स्वास्थ्य,नगर विकास,खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण,श्रम संसाधन,ऊर्जा,परिवहन और आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. वहीं सभी जिलों के डीएम,एसपी और प्रमंडलीय आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े.

बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग कोCMGका नोडल विभाग बनाया गया है. मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि अब यह बैठक हर सोमवार को नियमित रूप से आयोजित की जाएगी,ताकि हालात पर लगातार निगरानी रखी जा सके.

पीएनजी (PNG)कनेक्शन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में 3.68 लाख घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य है,जिसमें से करीब 2.30 लाख घर तैयार हैं. हालांकि 14 जिलों में कार्य की प्रगति शून्य रहने पर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित जिलाधिकारियों को तत्काल कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया.

एलपीजी और ईंधन आपूर्ति को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए. पश्चिम चंपारण,भोजपुर,गया,दरभंगा,नालंदा,रोहतास,मुजफ्फरपुर,सारण,वैशाली,बेगूसराय,भागलपुर,पूर्वी चंपारण,जहानाबाद और जमुई में बैकलॉग पाए जाने पर उसे तुरंत खत्म करने को कहा गया. साथ ही एसपी को पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया,ताकि डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता बनी रहे.

मुख्य सचिव ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए. सीमावर्ती जिलों को विशेष सतर्क रहने को कहा गया है.

प्रवासी श्रमिकों को लेकर भी अहम फैसले लिए गए. श्रम संसाधन विभाग को निर्देश दिया गया कि जल्द से जल्द एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए,जिससे बाहर से लौट रहे श्रमिकों को सरकारी सहायता की जानकारी मिल सके. साथ ही जिलों को प्रवासी मजदूरों का डेटाबेस तैयार करने को कहा गया.

बैठक में जनसंचार पर भी विशेष जोर दिया गया. सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे रोजाना दोपहर 3 बजे प्रेस वार्ता करें,ताकि जनता तक सही जानकारी पहुंचे और अफवाहों पर रोक लगे. सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी खबरों का समय पर खंडन करने को भी कहा गया.

इसके अलावा,प्रभारी सचिवों और प्रमंडलीय आयुक्तों को अगले दो दिनों में जिलों का फील्ड विजिट कर एलपीजी स्टॉक,नियंत्रण कक्ष और प्रवासी श्रमिकों की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है.

यह बैठक साफ संकेत देती है कि राज्य सरकार संकट की स्थिति में किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है और हर स्तर पर सख्ती के साथ व्यवस्था को दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--