बिहार बजट 2026-27 : बजट में किस विभाग को मिला सबसे अधिक राशि, पढ़िये खबर में

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पटना : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राज्य सरकार ने बजट पेश कर दिया है. सदन में दूसरी पाली की कार्यवाही के दौरान वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. यह बजट पिछले वित्त वर्ष के बजट 3.16 लाख करोड़ से करीब 10 % ज्यादा है.

नीतीश सरकार ने इस बार विकास और मानव संसाधन पर अधिक खर्च करने का संकेत दिया है. इस बार सबसे अधिक पैसा शिक्षा और उच्च शिक्षा को दिया गया है जबकि ग्रामीण विकास,स्वास्थ्य,गृह, ऊर्जा और सड़क निर्माण भी सरकार के प्रमुख एजेंडे में रहे. बजट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है सरकार बुनियादी जरुरतों के साथ-साथ भविष्य की तैयारी पर भी ध्यान दे रही है.

बिहार सरकार ने शिक्षा के लिए 68 हजार 216 करोड़ 95 लाख रुपये का प्रावधान किया है. इस राशिका उपयोग स्कूलों के बुनियादी ढ़ांचे,शिक्षकों की व्यवस्था,डिजिटल शिक्षा और विश्वविद्यालयों में गुणवत्ता सुधार के लिए किया जाएगा.

बिहार बजट (2026-27) से जुड़े प्रमुख बिंदु

बिहार की डबल इंजन सरकार ने मंगलवार को सदन में वित्त वर्ष- 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है. जो पिछले वित्त वर्ष (2024-25) के बजट 3.16 लाख करोड़ से करीब 10 % ज्यादा है.

यह आंकड़ा वर्ष 2005 की तुलना में 11 गुना अधिक है.

वित्त मंत्री जी ने सदन में भी कहा- ज्ञान,ईमान,विज्ञान,अरमान और सम्मान से हमारा बिहार आने वाले दिनों में विकसित भारत का चालक बनेगा.

14 .9 % की अनुमानित विकास दर के साथ हमारा राज्य देश का सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में शामिल है.

“ज्ञान” को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है.

नए विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्थापना के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास और छात्रवृत्ति योजनाओं को विस्तार दिया गया है.

शिक्षा व्यवस्था को रोजगारोन्मुखी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया है.

“ईमान”के संकल्प को लेकर सरकार ने पारदर्शिता और सुशासन को प्राथमिकता दी है.

भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया गया.

निश्चित रूप से इन प्रयासों के कारण आम लोगों का हमारी डबल इंजन सरकार पर भरोसा बढ़ा है.

“विज्ञान”के तहत तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है.

विज्ञान शिक्षा, आईटी सेक्टर, स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थानों को प्रोत्साहन देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं.

स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में भी वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने का प्रयास किया गया है.

“अरमान” यानी युवाओं और समाज के सपनों को साकार करने के लिए रोजगार सृजन, कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं पर सरकार ने ध्यान केंद्रित किया है.

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है.

“सम्मान”के संकल्प के तहत महिला सशक्तिकरण,सामाजिक न्याय और कमजोर वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता दी गई है.

महिलाओं के लिए आरक्षण, सहायता योजनाएं और सुरक्षा से जुड़े कदमों के जरिये को सरकार बहुआयामी प्रयास कर रही है.

आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार का यह पंच-संकल्प बिहार को प्रगति, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता की ओर ले जाने का सराहनीय काम कर रहा है.

आने वाले वर्षों में इन संकल्पों के जरिए बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा.

बजट के हाईलाइट्स

बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य है.

94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाने का लक्ष्य है.

चौथे कृषि रोड मैप(2023-28) को बढ़ावा दिया जाएगा.

5 नए एक्सप्रेस-वे, गरीबों के लिए आवास.

आम लोगों से जुड़ी बड़ी घोषणाएं

PMCHमें पहले चरण में 1100 बेड तैयार.

पूर्णियां, बेतिया, समस्तीपुर, मधेपुरा और सारण के बाद 10 अन्य जिलों में चिकित्सा महाविद्यालय बनाए जाएंगे.

हर पंचायत में मॉडल स्कूल बनेंगे.

स्किल डेवलपमेंट के लिए हब एंड स्पोक मॉडल के तहत हर कमिश्नरी में मेगा स्किल सेंटर बनेंगे.

समृद्ध उद्योग सशक्त बिहार के तहत बंद चीनी मिलों को चालू किया जाएगा.

डिफेंस कॉरिडोर,सेमीकंडटर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी, फिन टेक सिटी बनेगा.

साल 2026–27 में विभिन्न विभागों के लिए बजटीय आबंटन --

- शिक्षा एवं उच्च शिक्षा:- 68,216.95 करोड़ रुपये .

- ग्रामीण विकास:-23,701.18 करोड़ रुपये .

- स्वास्थ्य:- 21,270.40 करोड़ रुपए .

- गृह विभाग (पुलिस–प्रशासन):- 20,132.87 करोड़ रुपए .

- ऊर्जा विभाग: 18,737.06 करोड़ रुपए .

- सड़क निर्माण (ग्रामीण + शहरी): 18,716.97 करोड़ रुपए .

- कल्याणकारी विभाग- 13,202.38 करोड़ रुपए .

- अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए विशेष प्रावधान- अनुसूचित जाति (SC):-19,603.02 करोड़ रुपए .

- अनुसूचित जनजाति (ST):- 1,648.42 करोड़ रुपए .