स्वच्छता में बिहार आगे : पूर्वी भारत का बना सबसे स्वच्छ राज्य,जीविका दीदियों ने बढ़ाया मान
पटना:केंद्र सरकार की “स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025” रिपोर्ट में बिहार को पूर्वी भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है. यह उपलब्धि ग्रामीण विकास विभाग के तहत चलाए जा रहे लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान और जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम मानी जा रही है. राज्य के गांवों में स्वच्छता को लेकर बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाए गए,जिसका असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है.
स्वच्छता दूत के रूप में काम कर रहीं जीविका दीदी
रिपोर्ट के अनुसार, बिहार ने शौचालय निर्माण, उसके नियमित उपयोग, घर-घर कचरा संग्रहण और कचरे के वैज्ञानिक निपटान के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है. स्वच्छता दूत के रूप में काम कर रहीं जीविका दीदियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया और योजनाओं को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाई है.
पूर्वी भारत के राज्यों में बिहार पहले स्थान पर रहा, जबकि ओडिशा दूसरे, झारखंड तीसरे और पश्चिम बंगाल चौथे स्थान पर रहा. राज्य में वार्ड स्तर पर तैनात करीब 1.30 लाख स्वच्छता कर्मियों और आठ हजार से अधिक स्वच्छता पर्यवेक्षकों ने भी सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दिया है.
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025 के तहत रिपोर्ट जारी
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025 के तहत देशभर के 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 744 जिलों और 20 हजार से अधिक गांवों का सर्वेक्षण किया गया. बिहार में अब तक 1.50 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत शौचालय और 9,431 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया जा चुका है.
स्वच्छता को जन आंदोलन बनाकरबिहार ने कीउपलब्धि हासिल
इसके अलावा राज्य में 7,221 अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयां, 171 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयां और गोबरधन योजना के तहत 38 बायोगैस इकाइयां स्थापित की गई हैं. सरकार का दावा है कि स्वच्छता को जन आंदोलन बनाकर बिहार ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है.





