रांची : सीवरेज-ड्रेनेज योजना अधर में लटका,कार्य पूरा करने के लिए 89 करोड़ की जरूरत
रांची:राजधानी में सीवरेज-ड्रेनेज योजना (फेज-1) पर कार्य अधर में लटका हुआ है. दरअसल,शेष कार्यों को पूरा करने के लिए 89 करोड़ की आवश्यकता है.रांची नगर निगम की ओर से कई माह पूर्व प्राक्कलित राशि का आंकलन कर नगर विकास विभाग से अतिरिक्त राशि की मांग की गई है. हालांकि, बार-बार पत्राचार करने के बाद विभाग की ओर से रांची नगर निगम को संबंधित राशि न तो उपलब्ध कराई जा रही है और ना ही कोई जवाब दिया जा रहा है.राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण सीवरेज-ड्रेनेज योजना का काम कर रही कंपनी एलसी इंफ्रा (LC INFRA) ने भी काम बंद कर दिया है.
NHAIपर सीवर लाइन बिछाने का काम फंड के अभाव में रूका
वहीं, दूसरी ओर पिस्का मोड़ से आगे एनएचएआई (NHAI) की सड़क पर भी अब तक सीवर लाइन बिछाने का काम फंड के अभाव में पूरा नहीं हुआ है. एनएचएआई की ओर से इस कार्य के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) देने से पूर्व सड़क व नालियों के क्षतिग्रस्त हिस्से के लिए आंकलन किए गए राशि की मांग की जा रही है.
रांची नगर निगम से पत्र के माध्यम से संबंधित राशि की मांग की गई है,लेकिन विभागीय स्तर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया. रांची नगर निगम के अधिकारी भी सीवरेज-ड्रेनेज योजना के अधूरे कार्य को पूरा करने के नाम पर चुप्पी साधे हुए है.
फेज-2, 3 और 4 का सीवरेज योजना भी अधर में पड़ा
बता दें कि राजधानी में सीवरेज-ड्रेनेज योजना के तहत फेज-1 में 9 वार्डों में सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था. हालांकि,अब तक 85 प्रतिशत कार्य ही पूरा किया जा सका है.वहीं,राजधानी के शेष 44 वार्डों में बचे सीवर लाइन बिछाने का काम जुडको के माध्यम से कराया जाएगा. फेज-2, 3 और 4 के तहत इन 44 वार्डों में 3,210 करोड़ की लागत से सीवर नेटवर्क तैयार किए जाएंगे. जुडको की ओर से इस कार्य के लिए डीपीआर तैयार कर नगर विकास विभाग को भेज दिया गया है.विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद ही जुडको की ओर से इस कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी.





