महिला आरक्षण पर JMM हमलावर : जनगणना और परिसीमन पर बीजेपी की मंशा साफ नहीं-सुप्रियो भट्टाचार्य
रांची:जेएमएम ने संसद के विशेष सत्र चलाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि आज तीन विधेयक पेश किया गया है. हमारे संवैधानिक व्यवस्था में पहला नजीर होगा जो 106वां संशोधन विधेयक पेश किया गया है. उन्होंने कहा कि जब 2024 में महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया गया था,परिसीमन और जनगणना के तहत इस विधेयक को पेश किया जाना चाहिए था.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि 2011 की जनगणना और वर्तमान में देश में कई तरह के बदलाव हुए है. हमारे देश की जनसंख्या, भौगोलिक बनावट में भी बदलाव हुआ है. उन्होंने कहा कि इन 15 साल में प्रधानमंत्री बोल रहे थे 33% के साथ किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होंगे. परिसीमन के पीछे केंद्र की मंशा साफ नहीं है.
जेएमएम ने कहा कि पंचायत में आरक्षण व्यवस्था तो राजीव गांधी के समय में हुआ था. उस वक्त बीजेपी द्वारा विरोध किया गया था. अकेले बंगाल में 75 लाख महिलाओं के नाम SIR के तहत काट दिया गया. महिलाओं के साथ कोई न्याय हुआ है.
उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि राज्यों के साथ कोई संपर्क नहीं किया गया है. यहां तक राजनीतिक दलों के साथ कोई बातचीत नहीं हुई 33% आरक्षण में अगले पंद्रह वर्षों के लिए ही होगी. आज गृह मंत्री ने कहा देश में जनगणना का काम शुरू हो चुका है, जब जनगणना शुरू हो चुका है तो परिसीमन का आधार 2011 क्यों.





